ईथेरियम लेयर-2 नेटवर्क बेस दो घंटे ठप रहने के बाद दोबारा बहाल, ब्लॉक प्रोडक्शन में आई थी गड़बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस की मदद से बना ईथेरियम लेयर-2 नेटवर्क बेस गुरुवार को ब्लॉक प्रोडक्शन में दिक्कत के चलते दो घंटे से ज्यादा ठप रहा, हालांकि टीम ने यूजर्स के फंड सुरक्षित रहने का भरोसा दिया और बाद में नेटवर्क सामान्य हो गया। क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस की देखरेख में तैयार हुआ ईथेरियम लेयर-2 नेटवर्क बेस गुरुवार को दो घंटे से ज्यादा वक्त तक ठप पड़ गया। वजह बनी ब्लॉक प्रोडक्शन में आई एक तकनीकी खराबी, जिसने पूरे नेटवर्क की रफ्तार रोक दी। यह दिक्कत गुरुवार को ET समय के मुताबिक करीब दोपहर के वक्त सामने आई। खास बात यह रही कि यह गड़बड़ी ऐसे समय पर हुई, जब नेटवर्क पर एक तय अपग्रेड होने में बस कुछ ही घंटे बाकी थे। टीम ने दिया फंड सुरक्षित रहने का भरोसा दोपहर करीब 12:20 बजे (ET) नेटवर्क ने एक्स पर पोस्ट किया, "बेस मेननेट फिलहाल रोक दिया गया है और टीम ब्लॉक प्रोडक्शन की समस्या पर काम कर रही है। सभी फंड सुरक्षित हैं, और समाधान होते ही हम यहां अपडेट देंगे।" दोपहर करीब 1:00 बजे (ET) तक टीम ने दिक्कत की पहचान कर ली, लेकिन उसे तुरंत ठीक नहीं किया जा सका। थोड़ी देर बाद नेटवर्क की ओर से बताया गया कि ब्लॉक फिर से बनने लगे हैं और जैसे-जैसे ऐप्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर के बेस नोड्स दोबारा चालू होकर सिंक हो रहे हैं, वे वापस ऑनलाइन आ रहे हैं। नोड रीस्टार्ट शुरू होते ही हर ऐप और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर की रिकवरी तेजी से होने की बात कही गई। असल वजह: एक गलत ब्लॉक नेटवर्क ने अपने स्टेटस पेज पर लिखा, "हम लगातार डिबगिंग कर रहे हैं और हमने एक कंसेंसस समस्या को अलग कर लिया है, जिसकी वजह से एक अमान्य ब्लॉक सीक्वेंस हो गया था। इसी वजह से नए ब्लॉक बनना रुक गए।" करीब एक घंटे बाद नए ब्लॉक्स की सीक्वेंसिंग सामान्य रूप से सिंक होने लगी, हालांकि नेटवर्क तब भी इस गड़बड़ी की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटा था। 90 दिन में पहली बड़ी रुकावट स्टेटस पेज के मुताबिक, गुरुवार की यह रुकावट पिछले 90 दिनों में नेटवर्क के मेननेट पर ब्लॉक प्रोडक्शन और डिपॉजिट से जुड़ी पहली दिक्कत है। इससे पहले मई में नेटवर्क पर करीब 30 घंटे तक विदड्रॉल में देरी की समस्या आई थी। इस मामले में कॉइनबेस की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। बेरिल हार्डफोर्क अभी जारी नेटवर्क पर इस समय बेरिल हार्डफोर्क अपग्रेड चल रहा है। इस अपग्रेड के तहत स्टेबलकॉइन और टोकनाइज्ड रियल-वर्ल्ड एसेट्स (RWAs) के लिए एक नया टोकन स्टैंडर्ड लागू किया जाएगा, साथ ही विदड्रॉल में होने वाली देरी को भी कम किया जाएगा। ब्लॉकचेन आउटेज: दूसरे नेटवर्क भी रहे हैं शिकार ब्लॉकचेन नेटवर्क का इस तरह ठप होना आम बात नहीं है, लेकिन समय-समय पर कई नेटवर्क इसका सामना करते रहे हैं और इसका असर नेटवर्क की गतिविधियों पर पड़ता है। इसी साल लेयर-1 नेटवर्क सुई को अपने मेननेट पर गैस और वैलिडेटर से जुड़ी खामियों के चलते लगातार तीन दिन तक आउटेज झेलना पड़ा था। बड़े लेयर-1 नेटवर्क सोलाना का भी बड़े आउटेज का इतिहास रहा है, हालांकि फरवरी 2024 के बाद उसने मेननेट पर कोई दिक्कत सामने आने की बात नहीं कही है। इसका आप पर असर • बेस यूजर्स के लिए: आउटेज के दौरान ट्रांजैक्शन और ऐप्स कुछ घंटे रुके रहे, लेकिन टीम के मुताबिक सभी फंड सुरक्षित रहे और बाद में नेटवर्क सामान्य हो गया। • निवेशकों के लिए: मई में करीब 30 घंटे की विदड्रॉल देरी के बाद यह ताजा रुकावट है, इसलिए फंड निकालते या भेजते वक्त नेटवर्क का स्टेटस जांच लेना समझदारी है। सवाल-जवाब 1. बेस नेटवर्क कितनी देर तक ठप रहा? गुरुवार को बेस नेटवर्क दो घंटे से ज्यादा वक्त तक ठप रहा। 2. आउटेज की असल वजह क्या थी? एक कंसेंसस समस्या के चलते एक अमान्य ब्लॉक सीक्वेंस हो गया था, जिससे नए ब्लॉक बनना रुक गए। 3. क्या यूजर्स के फंड सुरक्षित रहे? हां, नेटवर्क ने कहा कि सभी फंड सुरक्षित हैं। 4. बेस नेटवर्क किसकी मदद से बना है? बेस एक ईथेरियम लेयर-2 नेटवर्क है, जिसे क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस की देखरेख में तैयार किया गया है। 5. बेरिल हार्डफोर्क अपग्रेड से क्या बदलेगा? इससे स्टेबलकॉइन और टोकनाइज्ड रियल-वर्ल्ड एसेट्स के लिए नया टोकन स्टैंडर्ड लागू होगा और विदड्रॉल में देरी कम होगी। 6. इससे पहले नेटवर्क पर क्या दिक्कत आई थी? मई में नेटवर्क पर करीब 30 घंटे तक विदड्रॉल में देरी की समस्या आई थी। https://trendkia.com/technology/ethereum-leyara-2-netavarka-base-do-ghnte-thapa-rahane-ke-bada-dobara-bahala-bloka-prodakshana-men-ai-thi-garabari-3047 TrendKia — Har trend, sabse pehle.