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  "type": "article",
  "title": "यूरोप में भयानक जंगलों की आग से निपटने के लिए एआई और आधुनिक तकनीकों का लिया जा रहा सहारा",
  "summary": "स्पेन और फ्रांस में 7,41,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली भीषण दावानल के बीच, वैज्ञानिक और प्रशासन आग पर काबू पाने के लिए बायोडिग्रेडेबल तरल पदार्थों, सेंसर नेटवर्क और एआई आधारित पूर्वानुमान प्रणालियों का सहारा ले रहे हैं।",
  "content": "दक्षिण यूरोप में भीषण जंगलों की आग यानी दावानल ने तबाही मचा रखी है, जिसके चलते पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। स्पेन और फ्रांस में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहां अब तक 7,41,000 एकड़ से अधिक जमीन आग की चपेट में आ चुकी है। यूरोपीय वन अग्नि सूचना प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, इस तबाही की वजह से सैकड़ों-हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। स्पेन में इस साल औसत से दोगुना इलाका जलकर खाक हो चुका है, जबकि फ्रांस में जंगलों की आग का मौसम सामान्य से छह गुना अधिक विनाशकारी साबित हुआ है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है और आविला, लियोन, टोलेडो तथा मैड्रिड जैसे प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को तैनात कर दिया गया है।\n\nअग्नि शमन के लिए बायोडिग्रेडेबल तरल का उपयोग\nआग की इस भयानक चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक कई इनोवेटिव तकनीकों का परीक्षण और इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें से एक मुख्य नवप्रवर्तन 100 प्रतिशत जैविक पदार्थों से बना जल-आधारित बायोडिग्रेडेबल तरल है। पर्यावरण के अनुकूल यह तरल पदार्थ आग बुझाने में साधारण पानी की तुलना में 40 गुना अधिक प्रभावी है और यह 6 से 10 गुना तेजी से काम करता है। इसे बचाव के उपाय के रूप में भी जंगलों की वनस्पतियों पर छिड़का जा सकता है। छिड़काव के बाद यह एक इंसुलेटिंग परत बना लेता है, जो गर्मी और ऑक्सीजन को रोकती है। इसके कारण 100 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान होने पर भी पेड़-पौधों में आग नहीं लगती।\n\nड्रोन और एआई से शुरुआती चेतावनी प्रणाली\nएक बार जब दावानल विकराल रूप ले लेता है, तो उस पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रेडीफायर नाम की एक शुरुआती चेतावनी प्रणाली विकसित की गई है। कॉर्डोबा विश्वविद्यालय, ऑटोमेटिस्मॉस आईटीईए और सोमनम टेक्नोलॉजीज के सहयोग से तैयार की गई यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंसर और स्वायत्त ड्रोन का संयोजन करती है। जब आग महज कुछ एकड़ के क्षेत्र में फैली होती है, तभी यह प्रणाली उसका पता लगा लेती है। इसका मुख्य उद्देश्य रिस्पॉन्स टाइम को कम करना और शुरुआती चरण में ही आग को बुझाने में मदद करना है।\n\nस्मार्ट सेंसर नेटवर्क से वास्तविक समय की निगरानी\nसुरक्षा के मोर्चे पर सेनफॉरफायर प्रोजेक्ट भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह एक यूरोपीय परियोजना है, जिसमें स्पैनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल, एक्सट्रेमादुरा विश्वविद्यालय और कई स्पैनिश कंपनियां शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत जंगलों में कम लागत वाले स्मार्ट सेंसर का एक वायरलेस नेटवर्क लगाया जाता है। ये उपकरण वास्तविक समय में दहन से निकलने वाली गैसों, पर्यावरणीय बदलावों और मौसम की स्थिति को मापते हैं। जैसे ही आग लगने के शुरुआती लक्षण दिखते हैं, यह नेटवर्क तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।\n\nसंसाधनों के प्रबंधन के लिए एआई मॉडल\nस्पेन के विज्ञान और नवप्रवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित एक अन्य परियोजना में शोधकर्ताओं ने एआई आधारित प्रेडिक्टिव मॉडल विकसित किया है। न्यूरल नेटवर्क पर काम करने वाली यह तकनीक उपग्रह से मिलने वाली तस्वीरों और वायुमंडलीय आंकड़ों का विश्लेषण करती है। इससे यह पहले ही अनुमान लगा लेती है कि आग किस दिशा में और कितनी दूर तक फैलेगी, उस पर काबू पाने में कितना समय लगेगा और जमीनी व हवाई स्तर पर कितने कर्मियों व संसाधनों की आवश्यकता होगी।\n\nजनता की सुरक्षा और लाइव मैपिंग प्लेटफॉर्म\nतकनीक का उपयोग केवल आग बुझाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए भी डिजिटल टूल्स का सहारा लिया जा रहा है। स्पेन सरकार के पास सिविल प्रोटेक्शन ऐप है, जिसके माध्यम से आपातकालीन जानकारी और अलर्ट मानचित्र उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त गूगल मैप्स में एक विशेष लेयर जोड़ी गई है, जो सक्रिय दावानल की सीमाओं और आपातकालीन चेतावनियों को दर्शाती है। इसके अलावा इंसेंडियोस एस्पानिया प्लेटफॉर्म उपग्रह डेटा का उपयोग करके देश भर में लगी आग की वास्तविक समय में जानकारी देता है, जिससे नागरिक समय रहते सुरक्षित निर्णय ले सकें।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत के संदर्भ में: वैश्विक स्तर पर जंगलों की बढ़ती आग जलवायु संकट से निपटने और पर्यावरण निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।\n• जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए: वास्तविक समय की मैपिंग, एआई पूर्वानुमान और आपातकालीन अलर्ट ऐप दावानल प्रबंधन एवं सुरक्षित निकासी के लिए प्रभावी मॉडल प्रदान करते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूरोप के किन क्षेत्रों में जंगलों की आग ने सबसे अधिक तबाही मचाई है?\nस्पेन और फ्रांस में भीषण दावानल फैला हुआ है, जहां आविला, लियोन, टोलेडो और मैड्रिड जैसे स्पैनिश क्षेत्रों में आपात स्थिति घोषित की गई है।\n\n2. इस दावानल से अब तक कितना क्षेत्र प्रभावित हुआ है?\nस्पेन और फ्रांस में मिलाकर 7,41,000 एकड़ से अधिक भूमि जल चुकी है, जिससे सैकड़ों-हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।\n\n3. आग बुझाने वाला नया बायोडिग्रेडेबल तरल कैसे काम करता है?\nयह 100% जैविक जल-आधारित फॉर्मूला है जो पानी से 40 गुना अधिक प्रभावी है और 100 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर पौधों पर सुरक्षात्मक परत बनाता है।\n\n4. प्रेडीफायर प्रणाली क्या है और यह आग का पता कैसे लगाती है?\nप्रेडीफायर एक शुरुआती चेतावनी प्रणाली है जो एआई, सेंसर और स्वायत्त ड्रोन का उपयोग करके महज कुछ एकड़ में फैली आग का भी पता लगा लेती है।\n\n5. आग के दौरान नागरिक सुरक्षा के लिए किन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया जा रहा है?\nनागरिक सिविल प्रोटेक्शन ऐप, गूगल मैप्स के आपातकालीन लेयर और इंसेंडियोस एस्पानिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आग की लाइव स्थिति देख सकते हैं।",
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  "category": "तकनीक",
  "publishedAt": "2026-07-27",
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    "स्पेन आग",
    "फ्रांस आग",
    "फायरफाइटिंग तकनीक",
    "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस",
    "पर्यावरण सुरक्षा"
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