# गूगल सर्च के एआई ओवरव्यूज में जुड़े सीधे वेब लिंक, पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को मिलेगा नया स्पेस

> गूगल सर्च के एआई मोड और एआई ओवरव्यूज में अब जवाबों के साथ सीधे क्लिक करने योग्य वेबसाइट लिंक और आधिकारिक सोर्स की जानकारी दिखेगी, जिससे मूल प्लेटफॉर्म तक पहुंचना आसान होगा।

**Type:** article · **Category:** तकनीक · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/technology/google-search-ke-ai-overviews-men-jure-sidhe-veba-linka-pablisharsa-aura-krietarsa-ko-milega-naya-spesa-49120 · **Language:** Hindi
**Tags:** गूगल सर्च, एआई ओवरव्यूज, एआई मोड, गूगल अपडेट, वेब ट्रैफिक, डिजिटल पब्लिशर्स

गूगल ने अपने सर्च इंजन के एआई ओवरव्यूज और एआई मोड में उपयोगकर्ताओं की सुविधा और सोर्स की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कई अहम बदलाव शुरू किए हैं। जब भी कोई व्यक्ति इंटरनेट पर किसी सवाल का उत्तर ढूंढता है, तो अब उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किए गए संक्षिप्त विवरण के साथ ही उन वेब पेजों के सीधे लिंक भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां से वह जानकारी जुटाई गई है। इस कदम का उद्देश्य लोगों को केवल संक्षिप्त उत्तर तक सीमित रखने के बजाय मूल स्रोतों को खंगालने और तथ्यों की पुष्टि करने का सीधा अवसर देना है। इसके साथ ही सर्च परिणामों में आधिकारिक पोर्टलों को प्राथमिकता देने और किसी विशिष्ट वेबसाइट को स्रोत चुनने के तकनीकी कारणों को स्पष्ट करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

## एआई जवाबों के भीतर सीधे मिलेंगे क्लिक करने योग्य लिंक
सर्च में किए गए नए सुधारों के तहत एआई ओवरव्यूज और एआई मोड दोनों में ही उत्तर के मुख्य पाठ के बीच वेबसाइटों के लिंक शामिल किए जा रहे हैं। पहले कई मामलों में उपयोगकर्ताओं को किसी तथ्य की विस्तृत पृष्ठभूमि जानने के लिए अलग से कीवर्ड सर्च करना पड़ता था या वेब पेजों की सूची देखने के लिए काफी नीचे तक स्क्रॉल करना पड़ता था। अब सीधे टेक्स्ट में एम्बेड किए गए इन वेब लिंकों पर टैप करके पाठक सीधे उस प्रकाशक के डिजिटल पेज पर पहुंच सकते हैं, जिसने वह जानकारी प्रकाशित की है। इससे पाठकों का समय बचेगा और वे यह जान सकेंगे कि जनरेट किए गए उत्तर का वास्तविक आधार कौन सी वेबसाइट है।

## आधिकारिक वेबसाइटों के लिए नया सेक्शन और सोर्स चुनने की वजह
गूगल एआई मोड में उत्तर के सबसे ऊपरी हिस्से पर आधिकारिक वेबसाइटों के लिए एक अलग और समर्पित सेक्शन प्रदर्शित करने का प्रायोगिक परीक्षण भी कर रहा है। यह नया सेक्शन उपयोगकर्ताओं को सीधे किसी विषय से जुड़े प्राथमिक स्रोतों तक पहुंचाने का काम करेगा। इतना ही नहीं, इस फीचर के जरिए यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि सिस्टम ने किसी विशेष वेबसाइट को सोर्स के रूप में क्यों चुना है। साथ ही पाठकों को यह पूर्व-संकेत भी दिया जाएगा कि उस विशेष लिंक पर क्लिक करने से उन्हें किस प्रकार की अतिरिक्त या विस्तृत सामग्री पढ़ने को मिल सकती है, जिससे गैर-जरूरी क्लिक से बचा जा सके।

## डाइव डीपर विकल्प और प्रमुख कैरोसेल का विस्तार
सर्च नतीजों में यूजर्स को किसी विषय की तह तक जाने में मदद करने के लिए एक नया 'डाइव डीपर' सेक्शन भी जोड़ा गया है। इस अनुभाग में संबंधित स्रोतों और अन्य सहायक वेबसाइटों के लिंक व्यवस्थित रूप से दिए जा रहे हैं, ताकि जो लोग केवल बुनियादी सारांश से संतुष्ट नहीं हैं, वे पूरे विषय को गहराई से समझ सकें। इसके समानांतर, गूगल एआई ओवरव्यूज और एआई मोड के बड़े तथा प्रमुख कैरोसेल को अब कई अन्य वैश्विक क्षेत्रों और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी पहुंचा रहा है। इसके अलावा प्रणाली इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि उपयोगकर्ताओं के पसंदीदा और भरोसेमंद स्रोतों से आने वाली सामग्री को सर्च नतीजों में अधिक प्रमुखता से दिखाया जाए।

## क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के नाम अब वीडियो नतीजों में बनेंगे क्लिकेबल
मल्टीमीडिया सामग्री को ध्यान में रखते हुए एआई मोड के वीडियो परिणामों में एक और व्यावहारिक बदलाव किया गया है। अब वीडियो परिणामों में सामग्री तैयार करने वाले क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के नाम सीधे क्लिक करने योग्य होंगे। जब कोई उपयोगकर्ता क्रिएटर के नाम पर क्लिक करेगा, तो उसे उस चैनल, निर्माता या संस्था के बारे में विस्तृत विवरण और उनके अन्य काम देखने का मौका मिलेगा। इस व्यवस्था से मूल सामग्री निर्माताओं को उनकी पहचान और डिजिटल विजिबिलिटी का सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

## वेबसाइट पब्लिशर्स के ट्रैफिक पर असर और भविष्य की चिंताएं
गूगल का दावा है कि ये तमाम सुधार उपयोगकर्ताओं को सर्च नतीजों में एक ही जगह एआई समरी, प्रासंगिक वेबसाइटों के लिंक और गहन अध्ययन के विकल्प उपलब्ध कराएंगे। इसके बावजूद डिजिटल पब्लिशर्स के बीच अपने वेब ट्रैफिक को लेकर चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों और प्रकाशकों का मानना रहा है कि जब सर्च पेज पर ही एआई द्वारा संपूर्ण उत्तर तैयार करके दे दिया जाता है, तो एक बड़ा पाठक वर्ग मुख्य वेबसाइट पर जाने की आवश्यकता महसूस नहीं करता। ऐसे में नए लिंक और डाइव डीपर जैसे विकल्प जोड़े जाने के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह व्यवस्था वास्तव में वेबसाइटों पर आने वाले ट्रैफिक के नुकसान की भरपाई कर पाएगी।

## इसका आप पर असर
सर्च परिणामों में सीधे लिंक जुड़ने से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए सूचनाओं के मूल स्रोतों की सत्यता परखना अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।

- **पाठकों के लिए:** अब एआई से मिलने वाले उत्तरों के साथ ही मूल वेबसाइटों के सीधे लिंक उपलब्ध रहेंगे। इससे किसी भी तथ्य की सत्यता जांचने के लिए अलग से नया सर्च क्वेरी टाइप करने या पेज स्क्रॉल करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- **रिसर्च और अध्ययन में:** 'डाइव डीपर' सेक्शन और आधिकारिक वेबसाइट टैग्स की सहायता से छात्र और शोधकर्ता केवल संक्षिप्त सारांश तक सीमित नहीं रहेंगे। वे संबंधित आधिकारिक पेजों पर जाकर सीधे प्राथमिक आंकड़ों और विस्तृत रिपोर्टों का अध्ययन कर सकेंगे।
- **डिजिटल पब्लिशर्स और ब्लॉगर्स के लिए:** एआई उत्तरों के बीच वेबसाइट लिंक और वीडियो क्रिएटर्स के नाम क्लिक करने योग्य बनाए गए हैं। हालांकि इसके बावजूद यह अनिश्चित है कि क्या इससे पब्लिशर्स की वेबसाइटों पर आने वाला कुल ट्रैफिक वास्तव में पहले की तरह बहाल हो पाएगा।
- **सुरक्षा और सत्यापन के स्तर पर:** आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देने और सोर्स चुनने के कारण बताने से गलत जानकारियों से बचाव होगा। यूजर्स यह पहले ही जान सकेंगे कि किसी लिंक पर क्लिक करने से उन्हें किस प्रकार की प्रामाणिक सामग्री देखने को मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
गूगल ने यह बदलाव मुख्य रूप से एआई द्वारा तैयार किए गए उत्तरों की सटीकता पर भरोसा बढ़ाने और वेबसाइट पब्लिशर्स के लगातार बढ़ते विरोध को संतुलित करने के लिए किया है।

- **स्रोत सत्यापन की मांग:** इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को कई बार एआई द्वारा दिए गए जवाबों के मूल संदर्भ और प्रामाणिकता की जांच करने में कठिनाई होती थी। टेक्स्ट के भीतर सीधे क्लिकेबल लिंक देने से किसी भी जानकारी के मूल आधार तक सेकंडों में पहुंचा जा सकता है।
- **वेबसाइट पब्लिशर्स की ट्रैफिक चिंताएं:** दुनिया भर के डिजिटल पब्लिशर्स लंबे समय से यह शिकायत कर रहे थे कि एआई ओवरव्यूज उनकी सामग्री का उपयोग कर पाठकों को अपनी ही स्क्रीन पर रोक लेता है, जिससे उनकी वेबसाइटों पर आने वाला ट्रैफिक घट रहा है।
- **प्राथमिक स्रोतों की प्रमुखता:** आधिकारिक जानकारी और सामान्य वेब पेजों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए कंपनी ने शीर्ष पर अलग सेक्शन और सोर्स चुनने की वजह बताने वाले फीचर्स का परीक्षण शुरू किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. गूगल सर्च के एआई ओवरव्यूज में नया क्या बदला है?
अब एआई ओवरव्यूज और एआई मोड के जवाबों के बीच ही मूल वेबसाइटों के क्लिक करने योग्य सीधे लिंक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

### 2. एआई मोड में आधिकारिक वेबसाइटों के लिए क्या खास परीक्षण चल रहा है?
गूगल उत्तर के सबसे ऊपर आधिकारिक वेबसाइटों के लिए एक अलग सेक्शन टेस्ट कर रहा है, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि उस वेबसाइट को स्रोत के तौर पर क्यों चुना गया।

### 3. डाइव डीपर सेक्शन का उपयोग क्या है?
इस सेक्शन में प्रासंगिक वेबसाइटों और संदर्भों के लिंक दिए गए हैं, ताकि पाठक एआई सारांश से आगे बढ़कर किसी विषय पर गहन जानकारी जुटा सकें।

### 4. वीडियो परिणामों में क्रिएटर्स के लिए क्या बदलाव किया गया है?
एआई मोड के वीडियो परिणामों में वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के नाम अब क्लिक करने योग्य होंगे, जिससे उनके बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकेगी।

### 5. क्या इन नए बदलावों से वेबसाइट पब्लिशर्स की सभी चिंताएं हल हो गई हैं?
नहीं, पब्लिशर्स की यह चिंता अब भी बनी हुई है कि सीधे जवाब मिल जाने से कई पाठक पूरी वेबसाइट नहीं खोलते, जिससे वेब ट्रैफिक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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