# जीमेल, गूगल ड्राइव और फोटो यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू

> गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में संशोधन किया है, जिसके तहत जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज का डेटा अब विज्ञापनों और पर्सनलाइज्ड अनुभव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नया नियम 16 अक्टूबर को लागू हुआ है।

**Type:** article · **Category:** तकनीक · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/technology/google-updates-privacy-policy-allowing-gmail-drive-and-photos-data-for-ads-52959 · **Language:** Hindi
**Tags:** गूगल प्राइवेसी पॉलिसी, जीमेल डेटा, गूगल ड्राइव, गूगल फोटोज, एआई सर्च, विज्ञापन नीति

गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में एक अहम संशोधन किया है, जिससे करोड़ों यूजर्स के डेटा इस्तेमाल करने के तौर-तरीके बदल जाएंगे। इस बदलाव के दायरे में मुख्य रूप से जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज जैसी लोकप्रिय सेवाएं आती हैं। यदि यूजर इन ऐप्स का डेटा गूगल की अन्य सेवाओं के साथ साझा करने की अनुमति देते हैं, तो इस जानकारी का उपयोग टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है। इस नीतिगत बदलाव को 16 अक्टूबर को अंजाम दिया गया है।

## प्राइवेसी पॉलिसी में हुआ नया बदलाव
पुरानी व्यवस्था के तहत गूगल की नीतियों में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान था कि इन व्यक्तिगत सेवाओं के डेटा को विज्ञापनों को पर्सनलाइज करने के काम में नहीं लाया जाएगा। हालांकि, हाल ही में अपडेट की गई इस पॉलिसी में इस पुराने नियम के लिए एक नया अपवाद जोड़ दिया गया है। इसका सीधा प्रभाव उन लोगों पर पड़ने की पूरी संभावना है जो अपने जीमेल, गूगल ड्राइव या गूगल फोटोज अकाउंट को गूगल के पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर और आधुनिक एआई आधारित सर्च टूल्स के साथ लिंक करते हैं।

## एआई टूल्स और कनेक्टेड सर्विसेज का असर
गूगल का पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर मुख्य रूप से कनेक्टेड ऐप्स से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर उपयोगकर्ताओं को अधिक सटीक और व्यक्तिगत सुझाव देने के लिए तैयार किया गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि जीमेल या गूगल फोटोज तक पहुंच दे दी जाती है, तो गूगल सर्च और जेमिनी उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों, प्राथमिकताओं और आदतों के आधार पर अपने जवाब तैयार कर सकते हैं। नई पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार, इन सेवाओं के माध्यम से साझा किया जाने वाला डेटा अब सामग्री को बेहतर बनाने के साथ-साथ विज्ञापनों को भी पर्सनलाइज करने के काम आ सकता है। यह पूरी प्रक्रिया उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत सेटिंग्स और उनके द्वारा दी गई अनुमतियों पर निर्भर करती है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर यूजर का व्यक्तिगत डेटा स्वतः ही विज्ञापनों के लिए उपयोग होने लगेगा, बल्कि यह पूरी तरह से ऐप कनेक्शन और प्राइवेसी विकल्पों पर टिका है।

## विज्ञापनदाताओं और निजी डेटा की सुरक्षा
इस नीति परिवर्तन के बीच गूगल की तरफ से यह स्पष्टीकरण भी सामने आया है कि विज्ञापन देने वाली कंपनियों को उपयोगकर्ताओं के जीमेल, गूगल ड्राइव या गूगल फोटोज के डेटा तक कभी भी सीधा एक्सेस नहीं दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विज्ञापनदाताओं को उपयोगकर्ता का नाम, ईमेल एड्रेस या अन्य कोई भी व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी नहीं सौंपी जाती है। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि नस्ल, यौन रुझान, धर्म या स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील श्रेणियों के आधार पर किसी भी यूजर को विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

## प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच क्यों है जरूरी
यदि आप चाहते हैं कि आपके जीमेल, ड्राइव या फोटोज की संवेदनशील जानकारियां अन्य गूगल सेवाओं के साथ साझा न हों, तो आपको तुरंत अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स और कनेक्टेड ऐप्स की अनुमतियों की जांच करनी चाहिए। यह देखना बेहद आवश्यक है कि किन-किन थर्ड-पार्टी या गूगल सेवाओं को आपके डेटा का एक्सेस मिला हुआ है और क्या आपको वाकई उन अनुमतियों की जरूरत है। यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि कैसे एआई फीचर्स के जरिए बेहतर अनुभव देने और विज्ञापनों के व्यापार के बीच का दायरा अब आपस में जुड़ रहा है।

## इसका आप पर असर
यह बदलाव सीधे तौर पर आपके डिजिटल डेटा और विज्ञापनों के अनुभवों को प्रभावित करता है।

- **डेटा शेयरिंग:** यदि आपने अपने जीमेल या ड्राइव को एआई टूल्स से जोड़ा है, तो आपका डेटा विज्ञापनों को पर्सनलाइज करने में इस्तेमाल हो सकता है।
- **प्राइवेसी सेटिंग्स:** आपको अपनी गूगल अकाउंट की सेटिंग्स में जाकर यह जांचना होगा कि कौन से ऐप्स आपके डेटा का उपयोग कर रहे हैं।
- **विज्ञापन अनुभव:** व्यक्तिगत पहचान की जानकारी विज्ञापनों के लिए शेयर नहीं की जाएगी, लेकिन विज्ञापनों का दायरा बदल सकता है।
- **सेंसिटिव डेटा:** स्वास्थ्य या धर्म जैसी संवेदनशील श्रेणियों के आधार पर विज्ञापन दिखाने पर रोक जारी रहेगी।
- **नियंत्रण:** यूजर अपनी अनुमति वापस लेकर इस डेटा शेयरिंग को रोक सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
गूगल अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में यह बदलाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्च टूल्स को अधिक सक्षम बनाने के लिए कर रहा है।

- **एआई इंटीग्रेशन:** गूगल अपने पर्सनल इंटेलिजेंस और जेमिनी टूल्स को यूजर्स के पर्सनल डेटा से जोड़कर अधिक सटीक परिणाम देना चाहता है।
- **नया अपवाद:** कंपनी ने अपनी पुरानी नीतियों में संशोधन करके कनेक्टेड ऐप्स के लिए विज्ञापन उपयोग का एक नया अपवाद जोड़ा है।
- **डिजिटल इकोसिस्टम:** उन्नत एआई फीचर्स और विज्ञापन राजस्व को आपस में जोड़ने के लिए यह नीतिगत अपडेट लाया गया है।
- **16 अक्टूबर का बदलाव:** यह नया नियम 16 अक्टूबर से आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. गूगल ने प्राइवेसी पॉलिसी में क्या बदलाव किया है?
गूगल ने नई पॉलिसी जोड़ी है जिसके तहत जीमेल, ड्राइव और फोटोज का डेटा विज्ञापनों और पर्सनलाइज्ड अनुभव के लिए इस्तेमाल हो सकता है।

### 2. यह नया बदलाव कब लागू हुआ है?
गूगल की यह नई प्राइवेसी पॉलिसी 16 अक्टूबर को लागू की गई है।

### 3. क्या विज्ञापनदाताओं को मेरा सीधा डेटा मिलता है?
नहीं, गूगल विज्ञापन देने वाली कंपनियों को यूजर का सीधा डेटा या ईमेल एड्रेस नहीं देता है।

### 4. किन सेवाओं का डेटा विज्ञापन के लिए इस्तेमाल हो सकता है?
जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज का डेटा इस दायरे में आ सकता है।

### 5. क्या संवेदनशील डेटा के आधार पर विज्ञापन दिखाए जाएंगे?
नहीं, नस्ल, धर्म, यौन रुझान या स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील श्रेणियों के आधार पर विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।

### 6. यूजर इस डेटा शेयरिंग को कैसे रोक सकते हैं?
यूजर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स और कनेक्टेड ऐप्स की अनुमतियों की जांच करके इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

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