इंटरनेट डोमेन की दुनिया में 2026 से बड़ा बदलाव, नए टॉप लेवल एक्सटेंशन के लिए खुली वैश्विक खिड़की इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स ने 2012 के बाद पहली बार नए टॉप लेवल डोमेन आवेदनों की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे वैश्विक तकनीकी ढांचे और डिजिटल पहचान में व्यापक फेरबदल की तैयारी है। वर्ष 2012 के बाद पहली बार 2026 में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और संस्थाओं को अपनी पसंद के नए टॉप लेवल डोमेन यानी टीएलडी बनाने का अवसर मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर डोमेन नेम और आईपी एड्रेस की व्यवस्था संभालने वाली नियामक संस्था इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स यानी आईसीएएनएन इसके लिए आवेदन प्रक्रिया संचालित कर रही है। इंटरनेट के बुनियादी ढांचे के सुचारू संचालन के पीछे वे तकनीकी नियम काम करते हैं जिन पर दुनिया भर के विशेषज्ञ वर्षों तक विचार-विमर्श करते हैं। वर्ष 2022 में जब यूक्रेन ने रूस के डॉट आरयू जैसे टॉप लेवल डोमेन के ट्रैफिक को पूरी तरह रोकने की मांग की थी, तब आईसीएएनएन ने इसे अस्वीकार कर दिया था। संस्था का मूल सिद्धांत इंटरनेट की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना है, न कि ऑनलाइन सामग्री पर किसी तरह की सेंसरशिप लगाना। स्पेन के सेविले में आयोजित आईसीएएनएन सम्मेलन स्पेन के सेविले शहर में आईसीएएनएन की 86वीं प्रत्यक्ष बैठक आयोजित हुई। वर्ष 1999 में सिंगापुर में पहली बैठक के बाद से यह क्रम लगातार चल रहा है, जब इंटरनेट के मुख्य ढांचे को अमेरिकी सरकार के सीधे नियंत्रण से हटाकर एक स्वतंत्र प्रबंधन प्रणाली के तहत लाने की शुरुआत हुई थी। इस अंतरराष्ट्रीय जमावड़े में अमेरिकी वाणिज्य विभाग के कम से कम चार प्रतिनिधियों के साथ 100 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें गूगल और अमेज़न जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियां, गोडैडी और पोर्कबन जैसे डोमेन रजिस्ट्रार, विश्व बौद्धिक संपदा संगठन जैसी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां, गैर-लाभकारी संगठन, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में कानूनी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। यह बैठक वर्ष की तीन निर्धारित बैठकों में से दूसरी थी। इससे पहले मार्च में मुंबई में एक सप्ताह का सत्र आयोजित हुआ था, जबकि अगला पड़ाव अक्टूबर में बाली तय किया गया। इस बैठक का खास महत्व इसलिए रहा क्योंकि नए टीएलडी के लिए आवेदन खिड़की 12 अगस्त को बंद होने से पहले यह अंतिम आमने-सामने की चर्चा थी। वेरिसाइन का कारोबार और नए आवेदनों की होड़ डॉट कॉम डोमेन की रजिस्ट्री संभालने वाली कंपनी वेरिसाइन केवल इस डेटाबेस की देखरेख और वार्षिक नवीनीकरण शुल्क से हर साल डेढ़ अरब डॉलर का राजस्व कमाती है। कंपनी ने पिछले 28 वर्षों में 100 प्रतिशत अपटाइम दर्ज किया है। इस मजबूत व्यावसायिक मॉडल को देखते हुए वॉरेन बफेट ने वर्ष 2012 में वेरिसाइन में निवेश किया था, जब उसके शेयर की कीमत वर्तमान स्तर के लगभग आठवें हिस्से के बराबर थी। बड़े निगमों के अलावा कई स्वतंत्र संचालक और छोटी टीमें भी लाभ कमाने वाले टीएलडी का संचालन करती हैं। नए डोमेन हासिल करने की पूरी प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा काफी तीखी है। आईसीएएनएन एक दशक से अधिक समय की योजना के बाद यह दौर लेकर आया है, और एक बार किसी स्ट्रिंग का स्वामित्व किसी अन्य को मिल जाने के बाद वह दूसरों के लिए अनुपलब्ध हो जाती है। अगस्त में आवेदन खिड़की बंद होने पर 1,600 से अधिक आवेदन प्राप्त होने की घोषणा की गई, जबकि 7 अक्टूबर को रिवील डे पर सभी आवेदनों की सार्वजनिक सूची सामने आएगी। प्रतिस्पर्धा और जासूसी के डर से कई कंपनियां अपनी योजनाओं को पूरी तरह गोपनीय रखती हैं और डिजिटल माध्यमों के बजाय व्यक्तिगत मुलाकातों को प्राथमिकता देती हैं। सुपरनोवा 200 और उद्योग के नए समीकरण नोवा रजिस्ट्री, जिसका नाम बदलकर लिंक फ्रीडम ग्रुप यानी एलएफजी कर दिया गया है, के प्रतिनिधि लाइली ने पहले डॉट ट्रिपल एक्स विवाद के दौरान ध्यान आकर्षित किया था। उस दौर में लाइली ने एडल्ट फिल्म कलाकारों रॉन जेरेमी और स्टॉर्मी डेनियल्स को ब्रांड प्रवक्ता बनाया था, जिस पर विवाद भी हुआ था। बाद में जनवरी 2025 में लाइली ने लॉस एंजेलिस स्थित आईसीएएनएन मुख्यालय का दौरा किया ताकि 2026 में 200 नए टॉप लेवल डोमेन के लिए आवेदन करने की सुपरनोवा 200 योजना की घोषणा की जा सके। आईसीएएनएन इस कार्यक्रम की लागत निकालने के लिए प्रति स्ट्रिंग 2,27,000 डॉलर का आवेदन शुल्क लेता है। नोवा के लिए आवश्यक लगभग 3.6 करोड़ डॉलर की धनराशि 14 वर्ष की आयु से इस क्षेत्र में सक्रिय डोमेन निवेशक योनी बेलौसोव के व्यक्तिगत बैंक खाते से जुटाई गई। वर्तमान में केवल डॉट लिंक का संचालन करने वाली नोवा ने अगस्त में आईसीएएनएन की औपचारिक घोषणा से पहले ही 316 स्ट्रिंग्स के लिए आवेदन करने की जानकारी सार्वजनिक कर दी। विशिष्ट और समुदाय-आधारित डोमेन की पहल वर्ष 2012 के दौर में 1,200 से अधिक नए टीएलडी जोड़े गए थे, जिनमें से कई व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रहे। हालांकि, आधुनिक इंटरनेट पर डोमेन नाम व्यक्तिगत पहचान और ब्रांडिंग का माध्यम भी बनते जा रहे हैं, जैसा कि ब्लूस्की जैसे प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। नए दौर में कई अनूठे आवेदन सामने आए हैं। इनमें एआई एजेंट पहचान के नियमन के लिए डॉट एजेंट, मीम कॉइन और एनएफटी के लिए डी3 कंपनी के तहत डॉट डॉज और डॉट एप, डेटा संप्रभुता के लिए डॉट सेल्फ, फरी समुदाय के लिए डॉट फरी, पर्यावरण संरक्षण के नाम पर डॉट ट्री और कॉरपोरेट स्तर पर सेल्सफोर्स द्वारा डॉट सेल्सफोर्स के लिए आवेदन शामिल हैं। इसी तरह वैन डाले और थॉमस की अगुवाई में डॉट म्याऊ यानी डॉट एमईओडब्ल्यू के लिए पहल की गई है। यह परियोजना क्वीर समुदाय और बिल्ली प्रेमियों दोनों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके डोमेन की बिक्री से होने वाला मुनाफा क्वीर परियोजनाओं और समुदाय की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। सार्वजनिक आपत्तियों से बचने के लिए इसे सीधे तौर पर किसी संवेदनशील शब्द के बजाय सूक्ष्म संकेत के रूप में चुना गया है। वर्ष 2012 में सऊदी अरब ने डॉट गे पर नैतिक और धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई थी, लेकिन आईसीएएनएन के नियमों के अनुसार आपत्ति केवल स्ट्रिंग के शाब्दिक स्वरूप पर हो सकती है, संगठन के मूल्यों पर नहीं। डॉट म्याऊ टीम ने धन जुटाने के लिए किकस्टार्टर अभियान चलाया और आईसीएएनएन के आवेदक सहायता कार्यक्रम की वित्तीय सहायता के साथ आवेदन लागत लगभग 55,000 डॉलर तक सीमित रखी। इस क्राउडफंडिंग अभियान में 1,37,000 डॉलर जुटाए गए, जो मूल लक्ष्य का 150 प्रतिशत था। इसमें 32 डॉलर या उससे अधिक का योगदान देने वाले समर्थकों को पहले वर्ष के पंजीकरण का वाउचर दिया गया। इस अभियान में 40 देशों के लगभग 2,000 समर्थकों ने भाग लिया। बेल्जियम में पंजीकृत डॉट म्याऊ फाउंडेशन उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यूरोपीय संघ के जीडीपीआर नियमों के तहत न्यूनतम डेटा एकत्र करने की योजना बना रहा है। आईसीएएनएन की कार्यप्रणाली और बहु-हितधारक ढांचा वर्ष 2012 में केवल एक आवेदक को आवेदक सहायता कार्यक्रम के तहत वित्तीय मदद मिली थी, जबकि इस बार 56 आवेदक पात्र बने हैं, जिनमें ग्लोबल साउथ के कई प्रतिभागी शामिल हैं। यह पहल इंटरनेट के विखंडन को रोकने और एक एकीकृत वैश्विक नेटवर्क बनाए रखने के उद्देश्य से जुड़ी है। एडवर्ड स्नोडेन के खुलासों के बाद इंटरनेट शासन को अमेरिकी प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र करने की मांग तेज हुई थी। आईसीएएनएन की पहली बोर्ड अध्यक्ष एस्थर डायसन के अनुसार इसका उद्देश्य सत्ता के केंद्रीकरण को रोकना और इंटरनेट नियंत्रण को व्यापक रूप से वितरित रखना था। हालांकि, कैलिफोर्निया में गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होने के कारण 2019 में जब डॉट ओआरजी को 1.1 अरब डॉलर में एक प्राइवेट इक्विटी फर्म को बेचने का समझौता हुआ, तब कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के हस्तक्षेप के बाद आईसीएएनएन ने उस सौदे को खारिज कर दिया था। आईसीएएनएन के ढांचे में लगभग 450 कर्मचारियों वाला संगठन और वैश्विक स्तर पर बैठकों में भाग लेने वाला विशाल समुदाय शामिल है। यह संयुक्त राष्ट्र से अलग एक बहु-हितधारक मॉडल पर काम करता है, जहां सरकारों को कॉर्पोरेट, गैर-लाभकारी संस्थाओं और तकनीकी विशेषज्ञों के समान ही एक हितधारक माना जाता है। गाइडबुक के नियम और नीलामी की प्रक्रिया आईसीएएनएन की 439 पन्नों की आवेदक गाइडबुक में सख्त नियम तय किए गए हैं। दो अक्षरों वाले सभी एक्सटेंशन देशों के लिए आरक्षित हैं, जैसे कोलंबिया के लिए डॉट सीओ, मोंटेनेग्रो के लिए डॉट एमई और एंग्विला के लिए डॉट एआई। एंग्विला ने पिछले वर्ष अपने राष्ट्रीय राजस्व का लगभग आधा हिस्सा डोमेन बेचकर कमाया। तीन अक्षरों के देश कोड भी प्रतिबंधित हैं, जैसे इथियोपिया के लिए डॉट ईटीएच। इसके अलावा देवनागरी, अरबी, चीनी और सिरिलिक जैसी गैर-लैटिन लिपियों में अंतरराष्ट्रीयकृत डोमेन नाम यानी आईडीएन के आवेदन की अनुमति है। भौगोलिक टीएलडी जैसे डॉट एनवाईसी या डॉट पेरिस के लिए संबंधित नगर पालिका की मंजूरी अनिवार्य है, जबकि मौजूदा नामों से अत्यधिक मिलते-जुलते नाम और दूसरे ब्रांड के ट्रेडमार्क पूरी तरह वर्जित हैं। जब एक ही स्ट्रिंग के लिए एक से अधिक आवेदक होते हैं, तो समाधान के लिए नियम बनाए गए हैं। वर्ष 2012 में गूगल ने डॉट ऐप के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था, जबकि डॉट वेब के लिए 13.5 करोड़ डॉलर की रिकॉर्ड बोली लगी थी। कानूनी विवादों के कारण डॉट वेब एक दशक तक रुका रहा और अब जाकर पेश किया जा रहा है। पिछले दौर में आईसीएएनएन ने 16 नीलामियों से 24 करोड़ डॉलर जुटाए थे, जबकि निजी नीलामियों में लगभग 65 करोड़ डॉलर का लेन-देन हुआ था। नए नियमों के तहत 7 अक्टूबर को रिवील डे के बाद निजी समझौतों पर रोक लगा दी गई है, जिससे विवादों का निपटारा पारदर्शी तरीके से हो सके। इसका आप पर असर आईसीएएनएन द्वारा नए टॉप लेवल डोमेन जारी किए जाने से व्यवसायों, ब्रांडों और आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए ऑनलाइन पहचान और वेबसाइट निर्माण के विकल्प व्यापक रूप से बढ़ जाएंगे। • वेबसाइट खरीदारों के लिए: वर्ष 2026 से नए एक्सटेंशन उपलब्ध होने पर उपयोगकर्ताओं को मनपसंद छोटे और सटीक वेब पते मिल सकेंगे। इससे डॉट कॉम पर पहले से बुक हो चुके पसंदीदा नामों का बेहतर विकल्प मिलेगा। • ब्रांड और सुरक्षा: व्यवसायों को अपने ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के लिए नए एक्सटेंशन में नाम दर्ज करने होंगे। ऐसा न करने पर साइबर स्क्वैटिंग और फर्जी पहचान का जोखिम बढ़ सकता है। • डिजिटल पहचान: सोशल मीडिया और आधुनिक वेब प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत डोमेन को यूजरनेम और प्रोफाइल के रूप में इस्तेमाल करने का चलन तेजी से बढ़ेगा। इससे डिजिटल प्रोफाइल अधिक स्वतंत्र और सुरक्षित बन सकेगी। • लागत और नवीनीकरण: नए एक्सटेंशन की वार्षिक पंजीकरण फीस उनके संचालन मॉडल के आधार पर अलग-अलग होगी। उपयोगकर्ताओं को अपने पोर्टफोलियो के नवीनीकरण खर्च का प्रबंधन ध्यानपूर्वक करना होगा। ऐसा क्यों हुआ आईसीएएनएन ने वर्ष 2012 के पहले दौर के बाद एक दशक से अधिक समय तक नीतिगत और तकनीकी समीक्षा की, ताकि इंटरनेट के विस्तार और सुरक्षा को संतुलित रखा जा सके। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास और नए समुदायों की जरूरतों ने इस नए दौर की मांग को अनिवार्य बना दिया। • दशक भर की तैयारी: वर्ष 2012 के विस्तार के बाद नीतिगत कमियों, विवादों और तकनीकी सुरक्षा की समीक्षा में लंबा समय लगा। 439 पन्नों की नई गाइडबुक तैयार करने के बाद ही इस आवेदन खिड़की को खोला गया। • पहचान और पतों की मांग: इंटरनेट पर पारंपरिक डॉट कॉम जैसे डोमेन में नामों की भारी कमी हो चुकी है। नए उद्योगों, एआई और विशिष्ट ऑनलाइन समुदायों के लिए नए टीएलडी की आवश्यकता महसूस की गई। • ग्लोबल साउथ और समावेशिता: पिछले दौर में विकासशील देशों की भागीदारी नगण्य थी, जिसे सुधारने के लिए आवेदक सहायता कार्यक्रम के जरिए वित्तीय मदद दी गई है। इससे 56 नए आवेदकों को प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला। • विवादों का समाधान: पिछले दौर में डॉट वेब जैसी स्ट्रिंग्स को लेकर लंबे समय तक कानूनी मुकदमेबाजी चली थी। नए नियमों के जरिए निजी नीलामियों पर रोक लगाकर पारदर्शी निपटारे की व्यवस्था बनाई गई है। सवाल-जवाब 1. नए टॉप लेवल डोमेन के लिए आवेदन की समयसीमा कब समाप्त हुई? आईसीएएनएन के तहत नए टीएलडी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अगस्त निर्धारित की गई थी। 2. रिवील डे क्या है और यह कब आयोजित होगा? रिवील डे 7 अक्टूबर को है, जिस दिन आईसीएएनएन सभी 1,600 से अधिक आवेदनों और उनके द्वारा मांगी गई स्ट्रिंग्स की सार्वजनिक सूची जारी करेगा। 3. एक नए टॉप लेवल डोमेन के आवेदन के लिए आईसीएएनएन कितनी फीस लेता है? आईसीएएनएन कार्यक्रम के संचालन खर्च को पूरा करने के लिए प्रति स्ट्रिंग 2,27,000 डॉलर का आवेदन शुल्क लेता है। 4. डॉट म्याऊ परियोजना क्या है और इसके लिए धन कैसे जुटाया गया? डॉट म्याऊ एक समुदाय-संचालित डोमेन पहल है, जिसके लिए किकस्टार्टर क्राउडफंडिंग के जरिए 1,37,000 डॉलर जुटाए गए। 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