नया सिम कार्ड खरीदना हुआ सख्त, अब चेहरा और फिंगरप्रिंट देना जरूरी बढ़ते साइबर फ्रॉड और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सिम कार्ड जारी करने के नियमों में कड़े बदलाव किए हैं। अब नया कनेक्शन लेते समय लाइव बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य कर दी गई है। अगर आप नया मोबाइल कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं या अपने पुराने नंबर में कोई बदलाव कराना चाहते हैं, तो अब केवल पहचान पत्र की फोटोकॉपी से काम नहीं चलेगा। देश में टेलीकम्युनिकेशन यूजर आइडेंटिफ़िकेशन रूल्स, 2026 लागू हो चुके हैं, जिसके तहत सिम कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया गया है। सरकार का यह कदम लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों और फर्जी कॉल्स के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब किसी भी ग्राहक को मोबाइल सेवा से जुड़ने के लिए अपनी लाइव बायोमेट्रिक पहचान देनी होगी, जिसमें चेहरे की लाइव फोटो, उंगलियों के निशान या आंखों की पुतली यानी आइरिस स्कैन शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में आपराधिक तत्वों द्वारा दूसरों के पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग करके अवैध तरीके से मोबाइल नंबर जारी कराने के मामले तेजी से सामने आए हैं। इन फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करके आम लोगों से ऑनलाइन ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। इसी संगठित धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सिम एक्टिवेशन की प्रक्रिया में कड़ाई की है। नए प्रावधानों के लागू होने के बाद किसी भी व्यक्ति के लिए चोरी किए गए या जाली दस्तावेजों के सहारे मोबाइल कनेक्शन हासिल करना लगभग असंभव हो जाएगा। नंबर खरीदते वक्त ग्राहकों को बेहद सख्त सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध है, वे बायोमेट्रिक ई-केवाईसी के जरिए अपनी प्रक्रिया पूरी करेंगे और उन्हें फिंगरप्रिंट मशीन पर अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। वहीं जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है या जिनके उंगलियों के निशान चोट अथवा किसी शारीरिक अक्षमता के कारण स्कैन नहीं हो पाते हैं, उनके लिए डिजिटल-केवाईसी का विकल्प रखा गया है, जिसमें वैध दस्तावेजों के साथ चेहरे का लाइव स्कैन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ग्राहक को सत्यापन संबंधी अलर्ट भी प्राप्त हो सकता है। यह कड़ाई केवल नया कनेक्शन खरीदने तक ही सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि यदि कोई उपभोक्ता अपना पुराना नंबर अपग्रेड करवाता है, सिम कार्ड बदलवाता है या अपने रिकॉर्ड में नाम, लिंग अथवा जन्मतिथि जैसी जानकारी संशोधित करवाता है, तो उसे भी दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अब अपना चालू कनेक्शन किसी अन्य तीसरे पक्ष को आसानी से ट्रांसफर नहीं कर सकता है। नंबर को ट्रांसफर करने की अनुमति केवल किसी करीबी रिश्तेदार या कानूनी उत्तराधिकारी को ही दी जाएगी और इस प्रक्रिया के दौरान भी पूरी बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। यदि कोई सिम किसी कॉर्पोरेट संस्थान या व्यवसाय के नाम पर जारी किया जाता है, तो उस स्थिति में अधिकृत प्रतिनिधि के साथ-साथ उस नंबर का वास्तविक उपयोग करने वाले अंतिम उपभोक्ता की पहचान भी दर्ज की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने या फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत टेलीकॉम ऑपरेटरों को तुरंत पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसका कनेक्शन बिना किसी देरी के निलंबित या बंद कर दिया जाएगा। आम जनता की गोपनीयता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सिम बेचने वाले दुकानदारों या पॉइंट ऑफ सेल संचालकों को किसी भी ग्राहक का बायोमेट्रिक डेटा अपने पास स्टोर करने की सख्त मनाही है। इसके अलावा सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को आदेश दिए गए हैं कि वे आगामी तीन महीने के भीतर अपने तकनीकी सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित और उन्नत बना लें। इसका आप पर असर भारत में: नया सिम कार्ड खरीदने या पुराना नंबर बदलवाने वाले हर नागरिक को अब दुकान पर चेहरा, फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन जैसी लाइव बायोमेट्रिक पहचान देनी होगी। सवाल-जवाब 1. नया सिम लेने के लिए कौन से नए नियम लागू हुए हैं? अब नया सिम लेने या नंबर अपडेट कराने के लिए चेहरे का लाइव फोटो, फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन देना अनिवार्य कर दिया गया है। 2. क्या आधार न होने पर भी सिम मिल सकता है? जिनके पास आधार नहीं है या फिंगरप्रिंट स्कैन नहीं हो सकता, वे वैध दस्तावेजों के साथ डिजिटल-केवाईसी और चेहरे का लाइव स्कैन कराकर सिम ले सकते हैं। 3. क्या चालू सिम किसी और को ट्रांसफर किया जा सकता है? अपना चालू सिम किसी तीसरे व्यक्ति को यूं ही नहीं सौंपा जा सकता; ट्रांसफर की अनुमति केवल नजदीकी रिश्तेदार या कानूनी उत्तराधिकारी को ही मिलती है। 4. दुकानदार ग्राहकों का कौन सा डेटा स्टोर नहीं कर सकते? ग्राहकों की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए सिम बेचने वाले दुकानदारों को यूजर का कोई भी बायोमेट्रिक डेटा स्टोर करने की अनुमति नहीं है। https://trendkia.com/technology/naya-sim-card-kharidana-hua-sakhta-aba-chehara-aura-phingaraprinta-dena-jaruri-20117 TrendKia — Har trend, sabse pehle.