{
  "type": "article",
  "title": "वनप्लस ने छोड़ा अमेरिका और यूरोप का बाजार, अब पुराने यूजर्स के फोन का क्या होगा",
  "summary": "वनप्लस अब अमेरिका और यूरोप के लिए नए फोन नहीं बनाएगी, लेकिन कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट, सिक्योरिटी पैच और वारंटी सपोर्ट मिलता रहेगा, हालांकि एंड्रॉयड 17 आते ही ऑक्सीजनओएस की जगह कलरओएस ले लेगा।",
  "content": "वनप्लस ने अपने ग्राहकों को औपचारिक तौर पर बता दिया है कि वह अब अमेरिका और यूरोप के लिए नए स्मार्टफोन नहीं बनाएगी, यानी करीब एक दशक की मेहनत के बाद कंपनी इन दोनों मुश्किल बाजारों से पूरी तरह बाहर हो गई है। जिन लोगों के पास पहले से वनप्लस का फोन है, उनके मन में अब सीधा सवाल है कि जब कंपनी ही उनके इलाके से हट रही है, तो उनके हाथ में मौजूद फोन का आगे क्या होगा।\n\nदशक भर की मेहनत के बाद पीछे हटी कंपनी\nवनप्लस ने अपनी पहचान टेक के शौकीन लोगों के बीच इस वजह से बनाई थी कि वह फ्लैगशिप जैसा हार्डवेयर, तेज परफॉर्मेंस और साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर, ऐपल और सैमसंग के मुकाबले काफी कम कीमत पर देती थी, भले ही उसका बाजार हिस्सा कभी बहुत बड़ा नहीं रहा। लेकिन बीते कुछ सालों में कंपनी धीरे-धीरे अपने उसी शौकिया अंदाज से हटकर मुख्यधारा के फ्लैगशिप सेगमेंट में उतर आई, वह भी फ्लैगशिप जैसी ही ऊंची कीमतों पर। इस बदलाव के बावजूद अमेरिकी स्मार्टफोन बाजार की तस्वीर वैसी ही बनी रही, जैसी वनप्लस के आने से पहले थी, यानी यहां आज भी सबसे ज्यादा दबदबा ऐपल और सैमसंग का ही है। इस फासले को पाटने के बजाय वनप्लस ने अब मैदान ही छोड़ दिया है, जिससे बाजार में मुकाबला पहले से एक कंपनी और कम हो गया है।\n\nपुराने वनप्लस यूजर्स के लिए क्या बदलेगा\nवनप्लस का कहना है कि वह अपने मौजूदा यूजर्स को बीच मंझधार में नहीं छोड़ रही। कंपनी ने अपने आधिकारिक &quot;नोटिस ऑफ बिजनेस एडजस्टमेंट&quot; में साफ किया है कि पुराने फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच मिलते रहेंगे, और जब तक फोन वारंटी के दायरे में है, तब तक आफ्टर-सेल्स सपोर्ट भी जारी रहेगा। सीधे शब्दों में कहें तो फिलहाल यूजर्स को कोई फर्क महसूस नहीं होना चाहिए, फोन को सिक्योरिटी खामियों से बचाने वाले पैच मिलते रहेंगे और वारंटी के दौरान खराबी आने पर वनप्लस उसकी मरम्मत भी करेगी। यानी कम से कम अभी के लिए अमेरिका में वनप्लस फोन इस्तेमाल करने का अनुभव पहले जैसा ही बना रहेगा।\n\nएंड्रॉयड 17 के साथ ऑक्सीजनओएस की जगह लेगा कलरओएस\nअसली बड़ा बदलाव तब आएगा जब वनप्लस के फोन में एंड्रॉयड 17 आएगा। कंपनी अपने ऑक्सीजनओएस को आगे अपडेट करने के बजाय, पात्र फोन को अपनी पैरेंट कंपनी ओप्पो के ऑपरेटिंग सिस्टम कलरओएस पर शिफ्ट करेगी। यह बदलाव तुरंत नहीं, बल्कि तब होगा जब कलरओएस का एंड्रॉयड 17 आधारित वर्जन, यानी कलरओएस 17, आ जाएगा। जिन &quot;लीगेसी मॉडल&quot; फोन में कलरओएस 17 सपोर्ट नहीं करेगा, वे ऑक्सीजनओएस पर ही बने रहेंगे, हालांकि उन्हें सिर्फ जरूरी सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस मिलेगा, नए फीचर अपडेट नहीं।\n\nकलरओएस और ऑक्सीजनओएस दिखने और इस्तेमाल के तरीके में पहले से ही काफी मिलते-जुलते हैं, दोनों का इंटरफेस और ज्यादातर फीचर एक जैसे ही हैं, हालांकि कलरओएस के साथ आने वाले ऐप्स अलग-अलग इलाकों में अलग होते हैं, और कुछ जगहों पर तो इसे ब्लोटवेयर तक कहा गया है। चूंकि कलरओएस पहले कभी अमेरिका में बिकने वाले किसी फोन में नहीं आया, इसलिए यह अभी साफ नहीं है कि अमेरिकी वनप्लस यूजर्स के लिए यह असल में कैसा दिखेगा, और क्या इसके साथ ऐसे ऐप्स या सर्विसेज भी जुड़ जाएंगी जो अभी फोन में मौजूद नहीं हैं। जो यूजर्स पुराने सॉफ्टवेयर से ही जुड़े रहना चाहते हैं, उनके लिए राहत की बात यह है कि वनप्लस ने कहा है कि यूजर्स कलरओएस अपडेट को पूरी तरह ठुकरा भी सकते हैं, और जो लोग अपडेट कर लेने के बाद इसे पसंद नहीं करेंगे, वे वापस ऑक्सीजनओएस पर भी लौट सकेंगे।\n\nपहले से सीमित बाजार में और घटे विकल्प\nवनप्लस का अमेरिका और यूरोप से बाहर निकलना सिर्फ उसके मौजूदा यूजर्स को ही प्रभावित नहीं करता। इससे उस स्मार्टफोन बाजार में एक और विकल्प कम हो जाता है, जहां पहले से ही ऐपल और सैमसंग के अलावा गिनी-चुनी कंपनियां ही मौजूद थीं। वनप्लस के हटने के बाद अमेरिकी बाजार में एंड्रॉयड फोन बनाने वाली असल में सिर्फ गूगल और मोटोरोला जैसी कंपनियां ही बचती हैं, और यह कहना मुश्किल है कि घटी हुई इस प्रतिस्पर्धा का असर आगे चलकर उनकी रणनीति पर कैसा पड़ेगा। वनप्लस की योजना से जुड़े कई सवाल अभी भी बिना जवाब के हैं, खासकर यह कि अमेरिकी फोन में कलरओएस को लागू करने का तरीका आखिर होगा क्या, इसलिए यूजर्स को आगे कंपनी की ओर से आने वाली जानकारी पर नजर बनाए रखनी होगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर सबसे ज्यादा उन लोगों के काम की है जिनके पास पहले से वनप्लस का फोन है, या जो आगे कोई नया एंड्रॉयड फोन खरीदने की सोच रहे हैं।\n\n• अगर आपके पास वनप्लस फोन है: फिलहाल सॉफ्टवेयर अपडेट, सिक्योरिटी पैच और वारंटी रिपेयर पहले की तरह मिलते रहेंगे, लेकिन आगे चलकर आपको कलरओएस पर जाने या पुराने ऑक्सीजनओएस पर बिना नए फीचर के रुके रहने के बीच चुनाव करना पड़ सकता है।\n• अगर आप नया एंड्रॉयड फोन खरीदने वाले हैं: अमेरिका में ऐपल और सैमसंग के मुकाबले असली विकल्प अब और कम रह गए हैं, मुख्य रूप से सिर्फ गूगल और मोटोरोला ही बचे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वनप्लस अमेरिका और यूरोप में नए फोन बनाना क्यों बंद कर रही है?\nकंपनी ने अपने आधिकारिक नोटिस ऑफ बिजनेस एडजस्टमेंट में सिर्फ यह बताया है कि वह अब इन बाजारों के लिए नए फोन नहीं बनाएगी, इसकी खास वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई है।\n\n2. क्या मौजूदा वनप्लस फोन के सॉफ्टवेयर अपडेट बंद हो जाएंगे?\nनहीं, कंपनी ने पुष्टि की है कि मौजूदा डिवाइसेज को सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच मिलते रहेंगे।\n\n3. वारंटी वाली सर्विस का क्या होगा?\nजब तक फोन वारंटी के दायरे में है, तब तक वनप्लस आफ्टर-सेल्स सपोर्ट देती रहेगी।\n\n4. ऑक्सीजनओएस की जगह अब क्या आएगा?\nएंड्रॉयड 17 आने पर पात्र फोन को कलरओएस पर शिफ्ट किया जाएगा, जो वनप्लस की पैरेंट कंपनी ओप्पो का ऑपरेटिंग सिस्टम है।\n\n5. क्या यूजर्स कलरओएस अपडेट लेने से मना कर सकते हैं?\nहां, वनप्लस ने कहा है कि यूजर्स अपडेट को ठुकरा सकते हैं, और जो अपडेट कर लेने के बाद पसंद नहीं करेंगे, वे वापस ऑक्सीजनओएस पर भी लौट सकेंगे।\n\n6. जिन फोन में कलरओएस 17 सपोर्ट नहीं होगा, उनका क्या होगा?\nऐसे लीगेसी मॉडल ऑक्सीजनओएस पर ही बने रहेंगे और उन्हें सिर्फ जरूरी सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस मिलेगा, नए फीचर अपडेट नहीं मिलेंगे।\n\n7. वनप्लस के हटने से अमेरिकी बाजार पर क्या असर पड़ेगा?\nअब अमेरिका में एंड्रॉयड फोन बनाने वाली प्रमुख कंपनियां असल में सिर्फ गूगल और मोटोरोला रह जाती हैं, जिससे ऐपल और सैमसंग के सामने मुकाबला और कम हो गया है।",
  "url": "https://trendkia.com/technology/oneplus-ne-chhora-us-aura-europe-ka-bajara-aba-purane-yujarsa-ke-phona-ka-kya-hoga-8608",
  "category": "तकनीक",
  "publishedAt": "2026-07-18",
  "tags": [
    "वनप्लस",
    "ऑक्सीजनओएस",
    "कलरओएस",
    "एंड्रॉयड 17",
    "स्मार्टफोन बाजार",
    "ओप्पो",
    "अमेरिका",
    "यूरोप"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}