पीएम मोदी ने 76वें जन्मदिन पर सेमीकंडक्टर समिट को किया संबोधित, देश को ग्लोबल हब बनाने का प्लान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 76वें जन्मदिन पर नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया समिट को संबोधित किया और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में बड़ा रोडमैप पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 76वें जन्मदिन के अवसर पर नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में सेमीकॉन इंडिया 2026 समिट का उद्घाटन किया और उसे संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उपस्थित प्रतिनिधियों ने तालियों की गड़गड़ाहट और जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ उनका स्वागत किया। इस गर्मजोशी भरे माहौल पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर सभी का आभार जताया और बाद में सोशल मीडिया पर इस हल्के-फुल्के लम्हे का एक वीडियो साझा किया। सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्लोबल सप्लाई की शुरुआत इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान देश के तकनीकी भविष्य का रोडमैप रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल उपभोग करने वाला देश नहीं बल्कि चिप निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने देशवासियों को जानकारी दी कि घरेलू स्तर पर निर्मित चिप्स की आपूर्ति अब देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक होने लगी है। मोहाली और सूरत में स्थापित किए गए नए संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन पूरी तरह से आरंभ हो चुका है। वैश्विक शोधकर्ताओं और युवाओं के लिए बड़े अवसर कार्यक्रम के मंच से प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को भारत के उभरते हुए उन्नत तकनीक तंत्र से जुड़ने का खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल नीतियां और बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है जिससे वैश्विक निवेशकों को भी बड़े अवसर मिल रहे हैं। इसका आप पर असर इस सेमीकंडक्टर समिट और नई नीति का देश के तकनीकी और आर्थिक विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर का व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतें कम हो सकती हैं और देश का आयात पर निर्भरता घटेगी। • नई दिल्ली में: यशोभूमि जैसे केंद्रों में बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन से स्थानीय आतिथ्य सत्कार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। • युवाओं के लिए: एडवांस्ड टेक इकोसिस्टम के विस्तार से देश के इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। • आपूर्ति श्रृंखला में: मोहाली और सूरत के प्लांट्स से चिप्स की ग्लोबल सप्लाई शुरू होने से वैश्विक चिप संकट से निपटने में मदद मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के इस बड़े कदम के पीछे देश की आत्मनिर्भरता और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति है। वैश्विक स्तर पर चिप आपूर्ति श्रृंखला में बार-बार आने वाली बाधाओं के कारण भारत सरकार घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है। • आयात निर्भरता कम करना: देश को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर रहने से बचाने के लिए घरेलू प्लांट्स स्थापित किए गए हैं। • वैश्विक मांग पूरा करना: मोहाली और सूरत जैसी जगहों पर उत्पादन शुरू होने से देश न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है बल्कि वैश्विक बाजार में भी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। • तकनीकी उन्नति: देश में एडवांस्ड टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार शोधकर्ताओं और युवाओं को सीधे तौर पर जोड़ रही है। सवाल-जवाब 1. सेमीकॉन इंडिया 2026 समिट का आयोजन कहाँ किया गया था? इस समिट का आयोजन नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया था। 2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौन सा जन्मदिन मनाया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना 76वां जन्मदिन मनाया। 3. किन नए प्लांट्स में चिप्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है? मोहाली और सूरत के नए प्लांट्स में चिप्स का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। 4. समिट के दौरान पीएम मोदी ने क्या घोषणा की? उन्होंने ऐलान किया कि भारत में बनी चिप्स अब देश और विदेश के ग्राहकों तक पहुंचने लगी हैं। https://trendkia.com/technology/pm-modi-addresses-semicon-india-summit-on-76th-birthday-outlines-semiconductor-hub-roadmap-33021 TrendKia — Har trend, sabse pehle.