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  "type": "article",
  "title": "सफेद कपड़ों से 7.6 डिग्री अधिक ठंडा रहेगा यह नया पर्पल फैब्रिक, झेंगझोउ और एडिलेड यूनिवर्सिटी का बड़ा आविष्कार",
  "summary": "चीन और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने जेडआईएफ-67 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क और जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स मिलाकर एक नया पर्पल फैब्रिक विकसित किया है, जो कड़ी धूप में सफेद कॉटन की तुलना में 7.6 डिग्री फारेनहाइट अधिक ठंडा रहता है।",
  "content": "कड़कड़ाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी का मौसम आते ही लोग अमूमन अपनी अलमारी में रखे काले या गहरे रंग के कपड़ों को दूर हटाकर सफेद और हल्के सूती वस्त्र पहनना शुरू कर देते हैं। इस पारंपरिक पहनावे के पीछे का वैज्ञानिक आधार बेहद सरल और सर्वविदित है कि हल्के रंग सूरज से आने वाले प्रकाश और ऊष्मा को परावर्तित कर देते हैं, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता और गर्मी का अहसास कम होता है। हालाँकि, अब आधुनिक सामग्री विज्ञान ने कपड़ों के चुनाव से जुड़े इस सदियों पुराने नियम को पूरी तरह बदलने में कामयाबी हासिल कर ली है। चीन में स्थित झेंगझोउ यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित एडिलेड यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने मिलकर एक ऐसा अभिनव पर्पल फैब्रिक तैयार किया है जो गहरा और रंगीन होने के बावजूद भीषण धूप में पारंपरिक सफेद सूती कपड़े की तुलना में भी अधिक ठंडक प्रदान करता है। फैशन, नैनोटेक्नोलॉजी और थर्मोडायनामिक्स के इस बेजोड़ संगम ने कड़ाके की धूप में दिनभर पसीना बहाने वाले मजदूरों, निर्माण कर्मियों, डिलीवरी बॉयज़ और आम राहगीरों को गर्मी के प्रकोप से बचाने की एक नई उम्मीद जगाई है।\n\n \n\nमेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क और नैनोपार्टिकल्स का अनूठा मेल\n\nइस अद्भुत पर्पल कूलिंग फैब्रिक का विकास झेंगझोउ यूनिवर्सिटी और एडिलेड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के संयुक्त शोध का परिणाम है। इस बहुविषयक शोध टीम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा गहरा और दर्शनीय कपड़ा तैयार करना था जो न केवल दिखने में आकर्षक लगे, बल्कि भीषण गर्मी में शरीर को शीतलता प्रदान करने में भी सक्षम हो। इस कठिन वैज्ञानिक चुनौती से निपटने के लिए शोधकर्ताओं ने पर्पल जेडआईएफ-67 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क को जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स के साथ संश्लेषित करके एक नया नैनोकम्पोजिट फैब्रिक विकसित किया।\n\nइस खास कपड़े की दृश्य रंगत और उसकी थर्मल कूलिंग कार्यप्रणाली दोनों अलग-अलग वैज्ञानिक सिद्धांतों पर काम करती हैं। कपड़े के भीतर एकीकृत किया गया जेडआईएफ-67 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क सौर स्पेक्ट्रम में मौजूद हरी प्रकाश तरंगों को चुनिंदा रूप से अवशोषित करता है, जिससे कपड़े को उसकी विशिष्ट और गहरी पर्पल रंगत प्राप्त होती है। दूसरी ओर, इसमें मिलाए गए जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स सौर ऊर्जा और अवरक्त ऊष्मीय विकिरणों के विरुद्ध एक शक्तिशाली परावर्तक ढाल के रूप में कार्य करते हैं। ये नैनोपार्टिकल्स सूरज से आने वाली सीधी गर्मी को शरीर के संपर्क में आने से रोकते हैं और शरीर की आंतरिक ऊष्मा को भी तेजी से बाहर की ओर धकेलने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।\n\n \n\nप्रयोगशाला परीक्षण और तापमान के चौंकाने वाले आंकड़े\n\nवैज्ञानिकों ने अपने द्वारा विकसित इस नए मटेरियल की व्यावहारिक क्षमता और शीतलता का मूल्यांकन करने के लिए वास्तविक धूप के माहौल में कई कठोर परीक्षण आयोजित किए। इन परीक्षणों के दौरान इस अभिनव पर्पल फैब्रिक ने सौर विकिरण को रोकने और शरीर को शीतल बनाए रखने के मामले में असाधारण प्रदर्शन दर्ज किया। प्रयोगशाला उपकरणों द्वारा किए गए मापन से पता चला कि इस फैब्रिक ने सूरज से आने वाले कुल सौर विकिरण का लगभग 88 प्रतिशत (सटीक रूप से 87.6 प्रतिशत) हिस्सा सफलता से रिफ्लेक्ट कर दिया।\n\nतेज धूप और उच्च तापमान वाली बाहरी परिस्थितियों में यह नया फैब्रिक सामान्य पर्पल सूती कपड़े की तुलना में 11 डिग्री फारेनहाइट तक अधिक ठंडा दर्ज किया गया। सबसे महत्वपूर्ण और आश्चर्यजनक निष्कर्ष यह रहा कि यह नया कपड़ा भीषण धूप के बीच रखे गए पारंपरिक सफेद सूती कपड़े की तुलना में भी 7.6 डिग्री फारेनहाइट अधिक ठंडा बना रहा। इन नतीजों ने साबित कर दिया कि रंग गहरा होने के बावजूद यह फैब्रिक सफेद कॉटन से बेहतर कूलिंग परफॉरमेंस देने में सक्षम है।\n\n \n\nआउटडोर कर्मचारियों और औद्योगिक सुरक्षा के लिए वरदान\n\nवैश्विक जलवायु परिवर्तन के इस दौर में दुनिया भर के विभिन्न देशों में भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे खतरनाक मौसम में कड़ाके की धूप के नीचे घंटों काम करने वाले आउटडोर कर्मचारियों के लिए यह तकनीकी नवाचार एक जीवन रक्षक वरदान साबित हो सकता है। एडिलेड यूनिवर्सिटी के मैटेरियल्स इंजीनियर और इस शोधपत्र के सह-लेखक जुन मा ने इस उपलब्धि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। जुन मा के अनुसार, अतीत में लोगों को हमेशा कपड़ों के विजुअल लुक्स और उनकी कूलिंग कार्यक्षमता में से किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।\n\nजुन मा ने बताया कि उनकी इस शोध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सौंदर्यशास्त्र और प्रभावी थर्मल कूलिंग दोनों को एक ही फैब्रिक में एक साथ हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा कपड़ा तैयार कर सकते हैं जो देखने में पर्पल दिखाई देता है, परंतु साथ ही यह सूरज की अधिकांश ऊष्मीय ऊर्जा को रिफ्लेक्ट करता है और गर्मी को बहुत तेजी से बाहर की ओर उत्सर्जित करता है। शोध दल ने अपने इस महत्वपूर्ण अध्ययन के सभी निष्कर्षों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'स्मॉल' में प्रकाशित किया है।\n\n \n\nगहरे रंगों की ऑप्टिक्स और हवादार पहनावे का वैज्ञानिक महत्व\n\nपारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, गर्मी के मौसम में कूल रहने के लिए बिना रंगे या सफेद रंग के कपड़े ही सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं, जबकि गहरे और काले कपड़े धूप की गर्मी को सबसे ज्यादा सोखते हैं। यही ऊष्मीय नियम इमारतों, छतों और निर्माण सामग्री पर भी पूरी तरह लागू होता है। इस वैज्ञानिक शोध के लिए पर्पल रंग का चयन करना एक बेहद अनोखा निर्णय था, क्योंकि पर्पल रंग भले ही विजुअली गहरा दिखाई देता हो, लेकिन यह सोलर स्पेक्ट्रम के एक बड़े हिस्से को कवर करता है और हरे प्रकाश को बहुत मजबूती से एब्जॉर्ब करता है।\n\nहालाँकि, शरीर को ठंडा रखने में केवल कपड़े का रंग ही एकमात्र कारक नहीं होता, बल्कि कपड़े की सामग्री, बुनावट और उसकी फिटिंग भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कॉटन और लिनन जैसे ढीले कपड़े शरीर के चारों ओर प्राकृतिक रूप से हवा के प्रवाह को बनाए रखते हैं, जिससे पसीना तेजी से वाष्पीकृत होता है। इसका एक व्यावहारिक उदाहरण उत्तरी अफ्रीका के मरुस्थलीय क्षेत्रों में देखा जाता है, जहाँ निवासी ढीले काले वस्त्र पहनते हैं। ढीले कपड़ों की संरचना के कारण भीतर हवा का निरंतर संवहन होता रहता है, जबकि टाइट कपड़ों में पसीना न सूख पाने के कारण घुटन और अत्यधिक गर्मी महसूस होती है।\n\n \n\nइलेक्ट्रोस्पिनिंग तकनीक से लैब में फैब्रिक का निर्माण\n\nशोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में इस कूलिंग फैब्रिक को तैयार करने के लिए एक विशेष और अत्याधुनिक विनिर्माण प्रक्रिया का उपयोग किया। सबसे पहले उन्होंने पर्पल जेडआईएफ-67 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क को जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स के साथ एक सटीक घोल में मिश्रित किया। इसके पश्चात् इलेक्ट्रोस्पिनिंग तकनीक का उपयोग करके इस तरल मिश्रण से अत्यंत सूक्ष्म और निरंतर नैनोफाइबर तैयार किए गए, जिन्हें बाद में बुनकर अंतिम पर्पल कपड़ा बनाया गया।\n\nइसके व्यावहारिक प्रदर्शन की जांच करने के लिए वैज्ञानिकों ने इस कपड़े के 2 इंच के चौकोर टुकड़े काटे। चीन के झेंगझोउ शहर में एक तेज धूप वाले दिन इन नमूनों को खुले आसमान के नीचे सीधे सूर्य के प्रकाश में रखा गया। इसके साथ ही तुलनात्मक अध्ययन के लिए सामान्य सफेद सूती कपड़े और साधारण पर्पल सूती कपड़े के 2 इंच के नमूनों को भी ठीक उसी स्थान पर रखा गया था। पूरे दिन कड़क धूप में रहने के बाद भी इस नए फैब्रिक का तापमान सफेद सूती कपड़े से 7.6 डिग्री फारेनहाइट कम दर्ज किया गया और इसने 87.6 प्रतिशत सोलर रेडिएशन को सफलता से रिफ्लेक्ट किया, जिसने पूरी वैज्ञानिक टीम को चकित कर दिया।\n\n \n\nधुलाई, मजबूती और यूवी किरणों के विरुद्ध टिकाऊपन का परीक्षण\n\nइस नए कूलिंग फैब्रिक की व्यावहारिकता केवल इसकी ठंडक देने की क्षमता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक उपयोग के लिए इसकी मजबूती, लचीलापन और स्थायित्व भी उत्कृष्ट पाया गया है। यह मटेरियल बहुत ज्यादा फ्लेक्सिबल और खिंचाव-रोधी (स्ट्रेच-रेसिस्टेंट) है। इसकी विशेष सूक्ष्म बुनावट हवा को आसानी से आर-पार होने देती है, जिससे पसीना तुरंत सूख जाता है और कपड़ा त्वचा पर चिपकता नहीं है।\n\nकपड़े के व्यावहारिक स्थायित्व की जांच करने के लिए शोध टीम ने इसे 50 धुलाई चक्रों (वाश साइकिल्स) से गुजारकर टेस्ट किया। इतनी बार धोए जाने के बाद भी कपड़े का मूल पर्पल रंग और उसकी ठंडक देने वाली थर्मल प्रॉपर्टीज पूरी तरह अपरिवर्तित रहीं। इसके अलावा, कपड़े का यूवी एक्सीलरेटेड-एजिंग टेस्ट भी आयोजित किया गया, जो लगभग 108 दिनों की निरंतर कड़क धूप के संपर्क के बराबर होता है। इस कड़े स्थायित्व परीक्षण के बाद भी फैब्रिक की कार्यप्रणाली और कूलिंग दक्षता में कोई कमी नहीं आई, जो यह साबित करता है कि यह कपड़ा वाणिज्यिक उत्पादन और लंबे समय तक नियमित इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।\n\nइसका आप पर असर\nयह नया शोध भीषण गर्मी में बाहर काम करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा और सुविधा के नए स्तर ला सकता है।\n\n• भारत में: निर्माण स्थलों, कृषि क्षेत्रों और डिलीवरी सेवाओं में लगे करोड़ों आउटडोर कर्मचारियों को लू और हीटस्ट्रोक के खतरे से बचाया जा सकेगा।\n\n• वर्कवेर उद्योग में: सुरक्षात्मक कपड़ों और यूनिफॉर्म निर्माताओं के लिए बिना सफेद रंग पर निर्भर रहे ठंडे और टिकाऊ कपड़े बनाने के व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।\n\n• उपभोक्ताओं के लिए: गर्मियों में गहरे और रंगीन फैशन के कपड़े पहनने का विकल्प मिलेगा जो सफेद कपड़ों से भी अधिक ठंडक प्रदान करेंगे।\n\n• ऊर्जा बचत में: व्यक्तिगत कूलिंग गियर का उपयोग बढ़ने से गर्मियों में इनडोर एयर कंडीशनिंग पर निर्भरता कम की जा सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह नया पर्पल फैब्रिक सफेद सूती कपड़े से कितना अधिक ठंडा रहता है?\nकड़ी धूप में परीक्षण के दौरान यह पर्पल फैब्रिक सफेद कॉटन से 7.6 डिग्री फारेनहाइट और साधारण पर्पल कॉटन से 11 डिग्री फारेनहाइट अधिक ठंडा दर्ज किया गया।\n\n2. इस कपड़े को पर्पल रंग देने और ठंडा रखने में किन घटकों का इस्तेमाल हुआ है?\nइसमें जेडआईएफ-67 मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (जो हरी रोशनी अवशोषित कर पर्पल रंग देता है) और जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स (जो धूप को रिफ्लेक्ट करते हैं) का उपयोग किया गया है।\n\n3. क्या बार-बार धोने से इस कपड़े की ठंडक देने की क्षमता कम हो जाएगी?\nनहीं, प्रयोगशाला परीक्षण में 50 बार धोने और 108 दिनों की तेज धूप के बराबर यूवी टेस्ट के बाद भी इसके रंग और कूलिंग परफॉरमेंस में कोई कमी नहीं आई।\n\n4. इस फैब्रिक को विकसित करने में किन संस्थानों की भूमिका रही है?\nइस कूलिंग फैब्रिक को चीन की झेंगझोउ यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर विकसित किया है।",
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  "category": "तकनीक",
  "publishedAt": "2026-09-02",
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