तीन महीने में खाली हो सकते हैं दुनिया भर के बैंक खाते, चीनी एआई मॉडल बने साइबर अपराधियों का हथियार ब्रिटेन के एआई सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीनी एआई मॉडल के सेफ्टी लॉक हटने से अगले तीन महीनों में बैंक खातों पर बड़े साइबर हमले हो सकते हैं। ब्रिटेन के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक गंभीर तकनीकी चेतावनी जारी की है, जिसके अनुसार आने वाले तीन महीनों के भीतर वैश्विक स्तर पर साइबर अपराधी एआई प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग करके आम जनता के बैंक खातों में बड़ी सेंध लगा सकते हैं। इस नए डिजिटल खतरे का मुख्य कारण चीन की अनुसंधान प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित किए गए वे नए एआई मॉडल हैं, जिनमें मौजूद सुरक्षा लॉक को आसानी से हटाया जा सकता है। इन खुले एआई सिस्टम के बाजार में आने से बैंकिंग सुरक्षा ढांचे को अभूतपूर्व चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वित्तीय संस्थानों के पास हमलों का जवाब देने के लिए केवल कुछ घंटों का समय बचा होगा। सुरक्षा घेरा तोड़ने में सक्षम हो रहे चीनी एआई मॉडल ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट (AISI) के अधिकारियों द्वारा किए गए विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि पश्चिमी देशों की एआई कंपनियों द्वारा तैयार किए गए अधिकांश सिस्टम में विशेष प्रकार के सेफ्टी गार्डरेल्स या सुरक्षा कवच लगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, जब कोई उपयोगकर्ता चैटजीपीटी जैसे पश्चिमी मॉडल से पासवर्ड तोड़ने या अवैध कार्य करने का कोड मांगता है, तो एआई तुरंत उस अनुरोध को अस्वीकार कर देता है और रिफ्यूजल मैसेज प्रदर्शित करता है। हालांकि, चीनी लैब्स ने हाल के दिनों में ऐसे ओपन और एडवांस्ड एआई मॉडल पेश किए हैं, जिनके सुरक्षा तंत्र को हैकर्स बिना किसी खास तकनीकी प्रयास के बंद या डिसेबल कर सकते हैं। ब्रिटिश सुरक्षा अधिकारियों का अनुमान है कि इस ढील के कारण रूस और नाइजीरिया जैसे देशों में सक्रिय साइबर अपराधी रातों-रात बिना गहन कोडिंग ज्ञान के भी अत्यधिक जटिल पासवर्ड तोड़ने में सक्षम हो जाएंगे। बैंकिंग क्षेत्र की विफलता और प्रतिक्रिया के सीमित घंटे वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा पर नजर रखने वाले संस्थान 'फाइनेंशियल स्टेबिलिटी इंस्टीट्यूट' की एक समीक्षा के अनुसार, वर्तमान बैंकिंग अवसंरचना इस प्रकार के उच्च तकनीक वाले एआई आधारित हमलों से मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। पारंपरिक साइबर हमलों के मामले में बैंकों के पास खामियों को पहचानने और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हफ्तों का समय होता था। लेकिन जब सेफ्टी लॉक से मुक्त एआई मॉडल किसी पासवर्ड प्रणाली या वित्तीय एन्क्रिप्शन पर एक साथ प्रहार करेंगे, तो बैंक प्रणालियों के पास हमले को रोकने और ग्राहकों की जमा पूंजी की रक्षा करने के लिए हफ्तों का नहीं, बल्कि महज चंद घंटों का सीमित समय ही उपलब्ध होगा। यह समय सीमा इतनी कम है कि अधिकांश पारंपरिक प्रणालियाँ समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाने में विफल हो सकती हैं। एंथ्रोपिक परीक्षण प्रतिबंध और जैविक हथियारों का जोखिम एआई तकनीक के खतरनाक हथियारों में बदलने की आशंका को तब और बल मिला जब अमेरिका की अग्रणी एआई शोध कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट को अपने सबसे उन्नत एआई मॉडल का परीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी प्रशासन और टेक कंपनियाँ अब एआई को एक व्यावसायिक उत्पाद के बजाय किसी राष्ट्रीय गुप्त रहस्य या रणनीतिक हथियार की तरह देखने लगे हैं। खुद एंथ्रोपिक ने यह खुलासा किया है कि चालू वर्ष के दौरान कुछ दुर्भावनापूर्ण उपयोगकर्ताओं ने उनके एआई मॉडल की मदद से बायो-वेपन यानी जैविक हथियार बनाने की सामग्री और प्रक्रिया तैयार करने का प्रयास किया था। हालांकि कंपनी ने इस प्रयास को वक्त रहते रोक दिया, लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया कि एआई नियंत्रण से बाहर होकर वैश्विक सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। डिजिटल वित्तीय सुरक्षा के लिए आगामी चुनौतियाँ जैसे ही एआई मॉडल्स के मूल सेफ्टी फीचर्स को बंद किया जाएगा, ये उपकरण अत्यधिक तीव्र गति से कार्य करने वाले स्वचालित हमले के तंत्र में परिवर्तित हो जाएंगे। हैकर्स को अब किसी जटिल कोडिंग प्रक्रिया में समय बिताने की आवश्यकता नहीं रहेगी, क्योंकि एआई सेकंडों में जटिल सुरक्षा पासवर्ड क्रैक कर सकेगा। नतीजतन, इसका सीधा प्रभाव न केवल आम लोगों के व्यक्तिगत वित्तीय डेटा और बैंक खातों की सुरक्षा पर पड़ेगा, बल्कि बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं के गुप्त डेटाबेस भी बड़े पैमाने पर चोरी होने के जोखिम के मुहाने पर खड़े हो जाएंगे। पश्चिमी नियामकों की चिंता यही है कि अनियंत्रित एआई मॉडल बहुत तेजी से वैश्विक साइबर अपराध का एक मुख्य जरिया बन रहे हैं। इसका आप पर असर यह समाचार बैंकिंग सुरक्षा और डिजिटल वित्तीय लेन-देन करने वाले हर इंटरनेट उपभोक्ता को सीधे प्रभावित करता है। • भारत भर में: ऑनलाइन बैंकिंग या यूपीआई का उपयोग करने वाले खाताधारकों को अपने वित्तीय पासवर्ड और बायोमेट्रिक सुरक्षा को तुरंत मजबूत करना होगा। बैंकों द्वारा एआई सुरक्षा अलर्ट जारी होने पर उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त प्रमाणीकरण चरणों का पालन करना अनिवार्य हो जाएगा। • उपयोगकर्ताओं के लिए सलाह: अपने मुख्य बैंक खातों में दो-चरणीय प्रमाणीकरण लागू करें और किसी भी अज्ञात लिंक या अनधिकृत ऐप पर क्लिक करने से बचें। आने वाले हफ्तों में वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए नियमित रूप से बैंक बैलेंस की निगरानी करते रहें। ऐसा क्यों हुआ चीनी प्रयोगशालाओं द्वारा बनाए गए नए एआई मॉडल में से अधिकांश सुरक्षा लॉक हटाकर जारी किए जा रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। • सेफ्टी फीचर्स को डिसेबल करना: पश्चिमी एआई सिस्टम की तुलना में चीनी मॉडल्स के आंतरिक कोड को संशोधित करके उनके सुरक्षा गार्डरेल्स को आसानी से निष्क्रिय किया जा सकता है। • हैकर्स तक आसान पहुँच: बिना सेफ्टी लॉक वाले एआई टूल्स के बाजार में आने से कम कोडिंग ज्ञान वाले साइबर अपराधी भी जटिल पासवर्ड क्रैक करने में सक्षम हो रहे हैं। • बैंकों की पुरानी सुरक्षा प्रणाली: पारंपरिक बैंकिंग सुरक्षा ढांचा कुछ घंटों में होने वाले उच्च गति एआई हमलों से तुरंत निपटने के लिए तैयार नहीं है। सवाल-जवाब 1. विशेषज्ञों के अनुसार बैंक खातों पर कब तक खतरा बढ़ सकता है? सुरक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि चीनी एआई मॉडल्स के दुरुपयोग से अगले तीन महीनों के भीतर बैंक खातों पर साइबर खतरे तेजी से बढ़ सकते हैं। 2. चीनी एआई मॉडल पश्चिमी एआई से किस तरह अलग हैं? पश्चिमी एआई सिस्टम में पासवर्ड तोड़ने या चोरी की हिदायत देने पर रिफ्यूजल मैसेज मिलता है, जबकि चीनी मॉडल के सुरक्षा फीचर्स को हैकर्स आसानी से हटा सकते हैं। 3. यदि एआई आधारित हमला होता है तो बैंकों के पास बचाव के लिए कितना समय होगा? ऐसे हमलों को रोकने और ग्राहकों का पैसा बचाने के लिए बैंकों के पास हफ्तों के बजाय केवल कुछ घंटों का समय होगा। 4. एंथ्रोपिक कंपनी ने हाल ही में क्या सुरक्षा कदम उठाया है? एंथ्रोपिक ने ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट को अपने सबसे उन्नत एआई मॉडल की टेस्टिंग करने से रोक दिया है ताकि तकनीक को गोपनीय रखा जा सके। https://trendkia.com/technology/tina-mahine-men-khali-ho-sakate-hain-duniya-bhara-ke-bainka-khate-chinese-ai-model-bane-saibara-aparadhiyon-ka-hathiyara-31889 TrendKia — Har trend, sabse pehle.