वर्षा जल संचयन के लिए नीरेन का नया इनोवेशन, मात्र ₹3225 की लागत में बिना बिजली 10 साल तक चलेगा यह सिस्टम दिल्ली-एनसीआर में जारी मूसलाधार बारिश के बीच नीरेन कंपनी ने ₹3225 का किफायती रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पेश किया है। बिना बिजली 10 साल से ज्यादा चलने वाला यह सिस्टम पानी की बर्बादी रोककर ग्राउंड वाटर रिचार्ज करता है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश से सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ऐसे समय में जब इमारतों की छतों से हजारों लीटर पानी बहकर नालियों में नष्ट हो रहा है, यह स्थिति वर्षा जल संचयन के एक बड़े अवसर की ओर भी इशारा करती है। भीषण गर्मी के दिनों में पानी के भीषण संकट का सामना करने वाले शहरी परिवारों के लिए यह मानसूनी बारिश बेहद मददगार हो सकती है, बशर्ते इस पानी को वैज्ञानिक और सरल तरीके से सहेज लिया जाए। इसी व्यापक समस्या का स्थाई समाधान प्रदान करने के लिए नीरेन नाम की कंपनी ने एक विशेष और किफायती रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया है। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नैशाल शाह ने इस बात की जानकारी दी है कि यह नवाचार बहुत ही कम लागत में आम नागरिकों के घरों और आसपास के रिहाइशी इलाकों को पानी की भारी किल्लत से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। ग्राउंडवाटर संकट का किफायती समाधान भारत के विभिन्न राज्यों में भूजल का स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा संकट बनता जा रहा है। इस गंभीर समस्या से सामान्य परिवारों को राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार किए गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग उपकरण की कीमत केवल ₹3225 निर्धारित की गई है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे संचालित करने के लिए किसी भी प्रकार की बिजली, डीजल या अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार ₹3225 का शुरुआती निवेश करने के बाद यह उपकरण बिना किसी मरम्मत या बिजली बिल के 10 साल से भी अधिक समय तक बिना रुके कार्य करने में सक्षम है। कंपनी के सीईओ नैशाल शाह ने बताया कि ग्रीष्मकाल में होने वाली जल किल्लत का मुख्य कारण धरातल के भीतर मौजूद पानी का अत्यधिक दोहन और उसका रिचार्ज न होना है। मानव जीवन के पास स्वच्छ पानी प्राप्त करने के केवल दो प्राकृतिक माध्यम उपलब्ध हैं, जिनमें पहला बारिश और दूसरा भूजल यानी ग्राउंड वाटर है। जब वर्षा काल के दौरान पानी को सीधे जमीन के अंदर भेजा जाएगा और भूजल भंडार पूरी तरह भरा रहेगा, तो सूखे के मौसम में भी पानी की कमी महसूस नहीं होगी। यह उपकरण घर की स्टोरेज टंकी को भरने के साथ-साथ समूचे मोहल्ले के ग्राउंड वाटर टेबल को सुधारने में बेहद प्रभावी भूमिका निभाता है। टू-स्टेज फिल्टरेशन तकनीक और घरेलू उपयोग की विधि स्थापना और उपयोग की दृष्टि से यह रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट काफी आसान और व्यावहारिक है। इस डिवाइस को मकान के उस विशेष हिस्से में फिट कर दिया जाता है जहां से छत पर एकत्र होने वाला वर्षा जल डाउनस्पॉट पाइप के माध्यम से नीचे गिरता है। बारिश के दौरान छत से उतरने वाला सारा पानी इस उपकरण के भीतर से होकर प्रवाहित होता है, जहां इसमें मौजूद धूल, पत्तों और गंदगी को दूर करने के लिए टू-स्टेज फिल्टरेशन प्रोसेस अपनाया जाता है। दो चरणों में फिल्टर होने के पश्चात यह जल पूरी तरह से पारदर्शी और स्वच्छ बन जाता है। डबल फिल्टरेशन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद इस पानी का इस्तेमाल सीधे घर की मुख्य ओवरहेड टंकी को भरने में किया जा सकता है। इसके अलावा इस पानी का प्रयोग बर्तन धोने, कपड़ों की सफाई करने, फर्श साफ करने और शौचालय में इस्तेमाल जैसे दैनिक कार्यों के लिए आसानी से किया जा सकता है। यदि कोई परिवार इस संचित जल को पीने के काम में लाना चाहता है, तो स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से इसे प्रयोग से पहले अच्छी तरह उबालना अनिवार्य है। वहीं अगर इस उपकरण को सीधे जमीन के भीतर जाने वाले रिचार्ज पिट से जोड़ दिया जाए, तो यह आसपास के इलाकों के भूजल स्तर को तेजी से ऊपर उठाने में मदद करता है। 5 देशों में निर्यात और 30,000 यूनिट्स की बिक्री नीरेन द्वारा निर्मित इस किफायती जल संचयन तकनीक की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। नैशाल शाह के अनुसार उनकी कंपनी अब तक 30000 से अधिक यूनिट्स की सफल आपूर्ति कर चुकी है। भारत के अलावा विश्व के 5 विभिन्न देशों में इस उपकरण का निर्यात किया जा चुका है, जहां इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली और गुड़गांव के निवासियों द्वारा इस सिस्टम को अपने घरों में बड़े पैमाने पर स्थापित कराया जा रहा है। जल संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण कई मकान मालिक अपने परिसरों की विशाल छतों से पानी सहेजने के लिए एक साथ दो-दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स का उपयोग कर रहे हैं। वर्षा जल को बर्बाद होने से बचाने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम बेहद कारगर साबित हो रहा है। इसका आप पर असर भारत में: कम लागत वाले इस सिस्टम से मानसून के पानी का सही इस्तेमाल कर देश भर के लोग गर्मियों में पानी की किल्लत से बच सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर में: भारी बारिश में छतों से बहकर बर्बाद होने वाले पानी को सहेजकर गुड़गांव और दिल्ली-एनसीआर के निवासी अपने इलाके का ग्राउंड वाटर लेवल बढ़ा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. नीरेन के इस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कीमत कितनी है? इस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कीमत ₹3225 रखी गई है। 2. क्या इस उपकरण को चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है? नहीं, यह सिस्टम पूरी तरह से बिना बिजली के काम करता है। 3. इस रेन वाटर हार्वेस्टिंग डिवाइस की लाइफ कितनी है? कंपनी के अनुसार एक बार लगाने पर यह सिस्टम 10 साल से ज्यादा समय तक लाभ देता है। 4. क्या इस सिस्टम से फिल्टर हुआ पानी पिया जा सकता है? फिल्टर किए गए पानी का उपयोग घरेलू कामों और टंकी भरने में किया जा सकता है। पीने के लिए इसे इस्तेमाल करने से पहले उबालना जरूरी है। 5. नीरेन कंपनी अब तक कितनी यूनिट्स की सप्लाई कर चुकी है? कंपनी अब तक लगभग 30,000 यूनिट्स की सप्लाई कर चुकी है और 5 देशों में इसे भेजा गया है। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सीख: • समस्या का व्यावहारिक समाधान: समाज की बड़ी समस्या (गिरता भूजल स्तर) का एक किफायती और सरल तकनीकी समाधान खोजा गया। • जीरो रनिंग कॉस्ट डिजाइन: बिना बिजली चलने वाले सिस्टम का निर्माण कर उपयोग लागत को खत्म किया गया। • टिकाऊ सोच: एक बार के छोटे निवेश से 10 वर्षों तक का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित किया गया। https://trendkia.com/technology/varsha-jala-snchayana-ke-lie-nireen-ka-naya-inoveshana-matra-3225-ki-lagata-men-bina-bijali-10-sala-taka-chalega-yaha-sistama-15090 TrendKia — Har trend, sabse pehle.