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  "title": "हैदराबाद में बालापुर गणेश लड्डू की रिकॉर्ड नीलामी, सामा प्रणीत रेड्डी ने 39 लाख रुपये में हासिल किया महाप्रसाद",
  "summary": "हैदराबाद के मशहूर बालापुर गणेश लड्डू की नीलामी में रियल एस्टेट कारोबारी सामा प्रणीत रेड्डी ने 39 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।",
  "content": "हैदराबाद के प्रसिद्ध बालापुर गणेश उत्सव में इस बार लड्डू नीलामी ने इतिहास रच दिया है। रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े कारोबारी सामा प्रणीत रेड्डी ने इस साल का प्रतिष्ठित महाप्रसाद 39 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर हासिल किया। पिछले वर्ष यह लड्डू 35 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, जिसकी तुलना में इस बार 4 लाख रुपये की स्पष्ट वृद्धि देखने को मिली है। नीलामी संपन्न होते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।\n\nकौन हैं रिकॉर्ड बोली लगाने वाले सामा प्रणीत रेड्डी\nरिकॉर्ड राशि की अंतिम बोली लगाने वाले सामा प्रणीत रेड्डी हैदराबाद के रियल एस्टेट जगत में एक प्रतिष्ठित पहचान रखते हैं। वह वनस्थलीपुरम स्थित प्रमुख कंपनी अर्बन ग्रुप के प्रमोटर और निदेशक पद पर कार्यरत हैं। शहर तथा इसके नजदीकी क्षेत्रों में कई बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स का संचालन उनकी देखरेख में होता है। व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रणीत रेड्डी विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। उनका विश्वास है कि बालापुर गणेश का यह पावन लड्डू उनके परिवार, संस्थान और सहयोगियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और ईश्वर का असीम आशीर्वाद लेकर आएगा।\n\nसुबह 9:30 बजे शुरू हुआ रोमांचक मुकाबला\nलड्डू नीलामी का कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे बेहद भव्य और पारंपरिक वातावरण में शुरू किया गया था। निर्धारित नियमों के तहत बोली प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने 5,000 रुपये का अनिवार्य पंजीकरण शुल्क जमा करवाकर अपना नाम दर्ज कराया था। इस बार की नीलामी विशेष रूप से रोमांचक रही क्योंकि इसमें नौ नए चेहरे पहली बार मैदान में उतरे थे। इन नए प्रतिभागियों में शामिल प्रणीत रेड्डी ने अपनी पहली ही कोशिश में बाकी सभी दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए 39 लाख रुपये की विजयी बोली लगाई और पवित्र लड्डू अपने नाम कर लिया।\n\n450 रुपये से शुरू होकर 39 लाख तक का तीन दशकों का सफर\nबालापुर गणेश लड्डू की नीलामी की परंपरा तीन दशकों से भी अधिक पुरानी है। वर्ष 1994 में इस ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत हुई थी, जब पहली बार हुई नीलामी में कोलानु मोहन रेड्डी ने मात्र 450 रुपये में इसे खरीदा था। इसके बाद समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और बोलियों का दायरा बढ़ता गया। वर्ष 2002 में कंददा माधव रेड्डी ने 1.05 लाख रुपये की सफल बोली लगाकर पहली बार इस नीलामी को 1 लाख रुपये के पार पहुंचाया था। आगे चलकर 2015 में कल्लेम मदन मोहन रेड्डी ने 10.32 लाख रुपये की बोली दर्ज कराई। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रकोप और पाबंदियों के कारण नीलामी का आयोजन नहीं किया जा सका था। हाल के वर्षों की बात करें तो 2024 में कोलानु शंकर रेड्डी ने 30.01 लाख रुपये तथा 2025 में लिंगाला दशरथ गौड़ ने 35 लाख रुपये में यह लड्डू जीता था। अब 2026 में 39 लाख रुपये का नया कीर्तिमान स्थापित हो चुका है।\n\n16 किलोमीटर लंबी विसर्जन शोभायात्रा\nनीलामी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के तत्काल बाद बालापुर गणेश की भव्य विसर्जन शोभायात्रा हुसैन सागर (टैंक बंड) के लिए रवाना की गई। लगभग 16 किलोमीटर लंबी यह पारंपरिक यात्रा बालापुर से प्रारंभ होकर चंद्रयानगुट्टा, फलकनुमा, ऐतिहासिक चारमीनार, अफजलगंज, एमजे मार्केट और आबिड्स जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए टैंक बंड पहुंची। पूरे मार्ग में लाखों श्रद्धालु भगवान गणेश के अंतिम दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सड़कों के दोनों किनारों पर उमड़े रहे।\n\nइसका आप पर असर\nहैदराबाद के प्रमुख गणेश उत्सव और पारंपरिक नीलामी से जुड़े आयोजनों का स्थानीय व्यवस्था और श्रद्धालुओं पर सीधा असर पड़ता है।\n\n• हैदराबाद में: विसर्जन शोभायात्रा के कारण बालापुर से टैंक बंड तक के 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भारी भीड़ और यातायात बदलाव लागू रहे। यात्रियों और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।\n• श्रद्धालुओं के लिए: प्रतिष्ठित लड्डू की नीलामी स्थानीय सामाजिक परंपरा और आस्था का बड़ा केंद्र है। इसमें शामिल होने के इच्छुक लोगों को तय नियमों के तहत 5,000 रुपये का पंजीकरण कराना होता है।\n• स्थानीय व्यापार पर: विसर्जन और नीलामी के दौरान लाखों लोगों की आवाजाही से पुराने शहर और टैंक बंड क्षेत्र के स्थानीय खुदरा विक्रेताओं को बड़ा कारोबारी अवसर मिला। इससे उत्सव के दौरान आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई।\n• नागरिक सुरक्षा पर: बड़े पैमाने पर उमड़ी भीड़ को संभालने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और चारमीनार मार्ग पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। इससे पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबालापुर गणेश लड्डू की नीलामी में लगने वाली बोलियां धार्मिक आस्था, सामाजिक प्रतिष्ठा और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से हर साल नई ऊंचाइयां छू रही हैं।\n\n• धार्मिक विश्वास: श्रद्धालुओं में यह दृढ़ मान्यता है कि बालापुर गणेश का पवित्र लड्डू जीतने वाले परिवार और व्यवसाय पर विशेष दैवीय कृपा बरसती है। इसी विश्वास के चलते सक्षम व्यापारी और सामाजिक हस्तियां करोड़ों रुपये की प्रतिस्पर्धा में उतरते हैं।\n• नए प्रतिभागियों का प्रवेश: इस साल नीलामी में नौ नए बोलीदाताओं ने पंजीकरण कराया, जिससे प्रारंभिक चरण से ही बोलियों में कड़ी होड़ शुरू हो गई। पहली बार शामिल हुए सामा प्रणीत रेड्डी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए रिकॉर्ड 39 लाख की अंतिम बोली लगाई।\n• ऐतिहासिक परंपरा की निरंतरता: 1994 में महज 450 रुपये से शुरू हुई यह नीलामी तीन दशकों में शहर के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में बदल चुकी है। पिछले साल यह 35 लाख में बिका था, और इस निरंतर वृद्धि क्रम ने बोली को सीधे 39 लाख तक पहुंचा दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वर्ष 2026 में बालापुर गणेश का लड्डू कितने रुपये में नीलाम हुआ?\nइस साल बालापुर गणेश का लड्डू 39 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली में नीलाम हुआ।\n\n2. इस रिकॉर्ड नीलामी के विजेता कौन हैं?\nरियल एस्टेट कारोबारी और अर्बन ग्रुप के प्रमोटर व निदेशक सामा प्रणीत रेड्डी ने यह नीलामी जीती।\n\n3. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बोली में कितनी बढ़ोतरी हुई?\nपिछले वर्ष यह 35 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, जिसमें इस बार 4 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।\n\n4. नीलामी में भाग लेने के लिए क्या नियम निर्धारित थे?\nप्रतिभागियों को बोली में शामिल होने के लिए 5,000 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा कराना अनिवार्य था।\n\n5. बालापुर लड्डू नीलामी की शुरुआत कब और कितने रुपये से हुई थी?\nइस नीलामी की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी, जब कोलानु मोहन रेड्डी ने इसे मात्र 450 रुपये में खरीदा था।\n\n6. लड्डू पहली बार 1 लाख रुपये के पार कब बिका था?\nवर्ष 2002 में कंददा माधव रेड्डी ने 1.05 लाख रुपये की बोली लगाकर इसे पहली बार एक लाख के पार पहुंचाया था।\n\n7. नीलामी के बाद गणेश विसर्जन शोभायात्रा कहां तक गई?\nयह शोभायात्रा बालापुर से शुरू होकर चारमीनार होते हुए 16 किलोमीटर दूर हुसैन सागर (टैंक बंड) पहुंची।",
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  "category": "तेलंगाना",
  "publishedAt": "2026-09-25",
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    "बालापुर लड्डू नीलामी",
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