# सूर्यापेट में डिवाइडर से टकराकर धू-धू कर जली वॉल्वो, न्यूरोसर्जन कासाकुर्ती जगदीश की दर्दनाक मौत

> तेलंगाना के सूर्यापेट में खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर तेज रफ्तार वॉल्वो कार डिवाइडर से टकराने के बाद आग का गोला बन गई, जिसमें न्यूरोसर्जन डॉक्टर कासाकुर्ती जगदीश की जान चली गई.

**Type:** article · **Category:** तेलंगाना · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/telangana/suryapet-men-divaidara-se-takarakara-dhu-dhu-kara-jali-volvo-nyurosarjana-kasakurthi-jagadish-ki-dardanaka-mauta-35396 · **Language:** Hindi
**Tags:** सूर्यापेट सड़क हादसा, कासाकुर्ती जगदीश, वॉल्वो कार आग, मामता अस्पताल खम्मम, तेलंगाना सड़क दुर्घटना, हाईवे डिवाइडर टक्कर

तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क दुर्घटना घटी, जिसमें 50 वर्षीय वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉक्टर कासाकुर्ती जगदीश की मौके पर ही मौत हो गई. डॉक्टर जगदीश अपनी वॉल्वो कार से खम्मम से हैदराबाद की ओर जा रहे थे. सफर के दौरान पिल्ललमारी के निकट उनका चार पहिया वाहन अचानक दाईं लेन से बाईं ओर मुड़ गया और सड़क के बाहरी डिवाइडर से जा टकराया. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों के भीतर कार में भीषण आग भड़क उठी और जब तक कोई राहत कार्य शुरू हो पाता, पूरा वाहन आग के शोलों में तब्दील हो चुका था.

## सुबह सवा सात बजे पिल्ललमारी के पास हुआ हादसा
यह दुखद घटना सूर्यापेट और खम्मम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिल्ललमारी इलाके के पास सुबह करीब 7:15 बजे सामने आई. मृतक डॉक्टर की पहचान कासाकुर्ती जगदीश के रूप में हुई, जो खम्मम स्थित मामता अस्पताल में एक कुशल न्यूरोसर्जन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे. जानकारी के अनुसार, वह रविवार की सुबह अपने परिजनों से मुलाकात करने के लिए खम्मम से अपनी कार चलाकर हैदराबाद रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में ही यह खौफनाक हादसा घटित हो गया.

## सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ भयानक मंजर
राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे में इस दुर्घटना का पूरा दृश्य रिकॉर्ड हुआ है, जिससे घटनाक्रम की भयावहता साफ नजर आती है. वीडियो फुटेज में दिखाई देता है कि वॉल्वो कार रफ्तार के साथ सड़क पर सीधी दिशा में आगे बढ़ रही थी. अचानक तेज गति वाली लेन से कार अप्रत्याशित रूप से बाईं तरफ मुड़ने लगी. वाहन ने सड़क की कई कतारों को तेजी से पार किया और सीधे जाकर बाहरी किनारे पर बने डिवाइडर से भिड़ गया. टक्कर होते ही गाड़ी से धुआं और भयंकर लपटें उठने लगीं.

## दमकल के पहुंचने से पहले स्वाहा हो गई गाड़ी
कार में आग लगते ही आसपास मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद लोगों ने फौरन पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग को घटना की सूचना दी. हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में उसने पूरी कार को अपने घेरे में ले लिया. जब तक दमकल की गाड़ी और राहत दल घटनास्थल पर पहुंच पाते, तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था और अंदर मौजूद डॉक्टर बाहर निकलने का मौका पाए बिना जिंदा जल गए.

## नींद की झपकी आने की प्राथमिक आशंका
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है. प्राथमिक जांच के आधार पर अधिकारियों को संदेह है कि सुबह के वक्त लगातार ड्राइविंग करने के दौरान डॉक्टर को अचानक नींद की झपकी आ गई होगी, जिसके चलते गाड़ी से नियंत्रण पूरी तरह छूट गया और वह डिवाइडर में जा घुसी. हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह केवल एक शुरुआती अनुमान है और अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिए हर तकनीकी पहलू की पड़ताल की जा रही है.

## फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जुटाए साक्ष्य
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक जांच दल ने भी तत्काल घटनास्थल का मुआयना किया. विशेषज्ञों की टीम ने जल चुकी गाड़ी के पुर्जों, धातु और चालक के अवशेषों को जरूरी प्रयोगशाला परीक्षणों के लिए सुरक्षित रख लिया है. पुलिस के अनुसार, वाहन पंजीकरण संख्या के जरिए मृतक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की गई. उनका पारिवारिक जुड़ाव मूल रूप से कर्नाटक से बताया गया है. पुलिस प्रशासन सीसीटीवी फुटेज, गाड़ी के अवशेषों और सड़क की स्थिति का गहन विश्लेषण करके दुर्घटना की असली तकनीकी वजह का पता लगाने में जुटा है.

## इसका आप पर असर
यह हादसा सुबह के समय हाईवे पर लंबी दूरी की तेज ड्राइविंग और थकान के खतरों को सीधे तौर पर उजागर करता है.

- **भारत भर में:** एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सुबह के समय ड्राइविंग करते समय चालकों को नियमित ब्रेक लेने की आदत डालनी चाहिए. शुरुआती थकान या झपकी के लक्षण दिखते ही वाहन को सुरक्षित किनारे रोककर आराम करना जानलेवा हादसों से बचने के लिए जरूरी है.
- **तेलंगाना में:** खम्मम-सूर्यापेट-हैदराबाद हाईवे से गुजरने वाले दैनिक मुसाफिरों को पिल्ललमारी और आसपास के मोड़ों पर गति नियंत्रित रखनी चाहिए. इस मार्ग पर डिवाइडर और सुरक्षा बैरियर के पास गति सीमा का कड़ाई से पालन करना आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
- **कार सुरक्षा और अग्नि नियंत्रण:** आधुनिक हाई-एंड गाड़ियों में भी भीषण टक्कर के बाद आग भड़कने का जोखिम बना रहता है. वाहन में हमेशा आसानी से उपलब्ध छोटा अग्निशामक यंत्र और सीटबेल्ट कटर या ग्लास ब्रेकर टूल जरूर रखें.
- **अलर्टनेस और हेल्थ:** बिना पर्याप्त नींद लिए सुबह-सवेरे लंबी ड्राइव पर निकलने से बचना जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है. अकेले सफर करते समय म्यूजिक या वेंटिलेशन चालू रखें ताकि ध्यान भटकने या झपकी आने की स्थिति न बने.

## ऐसा क्यों हुआ
यह भयानक हादसा तेज रफ्तार में चल रही कार के अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने और उसके तुरंत बाद आग भड़कने के कारण हुआ.

- **झपकी आने की आशंका:** शुरुआती पुलिस जांच में संकेत मिला है कि सुबह 7:15 बजे ड्राइविंग करते समय डॉक्टर को नींद की झपकी आ गई होगी. इसके चलते तेज लेन में चल रही कार अचानक बाईं ओर कई लेन पार करते हुए सीधे डिवाइडर में जा भिड़ी.
- **टक्कर के बाद भीषण आग:** भारी गति में डिवाइडर से टकराने के तुरंत बाद कार के इंजन या ईंधन सिस्टम में स्पार्क अथवा रिसाव हुआ होगा. इसके कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी गाड़ी को अपने आगोश में ले लिया, जिससे चालक को बाहर निकलने का समय नहीं मिला.
- **अंतिम कारण की जांच जारी:** पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि किसी यांत्रिक खराबी की संभावना की भी पड़ताल की जा सके. आधिकारिक जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही हादसे की सटीक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

## सवाल-जवाब

### 1. हादसा किस जगह और किस समय हुआ?
यह दुर्घटना तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में सूर्यापेट-खम्मम हाईवे पर पिल्ललमारी के निकट रविवार सुबह करीब 7:15 बजे हुई.

### 2. हादसे में जान गंवाने वाले डॉक्टर कौन थे?
मृतक की पहचान 50 वर्षीय डॉक्टर कासाकुर्ती जगदीश के रूप में हुई है, जो खम्मम के मामता अस्पताल में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन थे.

### 3. दुर्घटना कैसे हुई?
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, तेज लेन में चल रही वॉल्वो कार अचानक बाईं ओर मुड़ी, कई लेन पार की और बाहरी डिवाइडर से टकराकर जल उठी.

### 4. पुलिस के अनुसार हादसे की संभावित वजह क्या है?
शुरुआती जांच में पुलिस ने वाहन चलाते समय नींद की झपकी आने की आशंका जताई है, हालांकि वास्तविक कारणों की अंतिम जांच अभी जारी है.

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