तेलंगाना में स्कूल प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी की हत्या का खुलासा, 'बाबू' शब्द और खून लगे नोटों से पकड़े गए 10वीं के 2 छात्र तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल फीस के 2.20 लाख रुपये लूटने के इरादे से प्रिंसिपल की हत्या करने वाले 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फोन कॉल पर दर्ज 'बाबू' शब्द और खून से सने नोटों ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी। तेलंगाना राज्य के नलगोंडा जिले में एक स्कूल की महिला प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले को सुलझाने का दावा स्थानीय पुलिस ने किया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उसी स्कूल में पढ़ाई करने वाले 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्र हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने स्कूल परिसर में जमा हुई लाखों रुपये की फीस रकम को लूटने की योजना बनाई थी। इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए छात्र मास्क और हुडी पहनकर प्रिंसिपल के आवास में दाखिल हुए थे, जिसके बाद वारदात ने एक भयानक मोड़ ले लिया। लूट की खौफनाक योजना और वारदात की रात का घटनाक्रम नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरत चंद्र पवार ने पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया कि स्कूल में 11 अगस्त को छात्रों से बड़े पैमाने पर फीस की रकम एकत्र की गई थी। दोनों नाबालिग आरोपियों को इस बात का पूरा अंदाजा था कि एकत्र की गई फीस की मोटी रकम प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी के घर पर रखी हो सकती है। इसी रकम को चुराने के इरादे से दोनों छात्रों ने मिलकर लूटपाट का खाका तैयार किया। योजना के तहत दोनों आरोपी चेहरे को ढकने के लिए मास्क और सिर पर हुडी पहनकर प्रिंसिपल के निवास स्थान पहुंचे। वारदात के समय एक छात्र घर के भीतर दाखिल हुआ, जबकि उसका दूसरा साथी बाहर खड़ा होकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते हुए निगरानी कर रहा था। जिस वक्त आरोपी अंदर घुसा, उस समय के. रूपा रेड्डी अपनी मौसी के साथ मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान अचानक अंदर घुसे आरोपी के चेहरे से मास्क खिसक गया। चेहरा सामने आते ही प्रिंसिपल ने अपने ही स्कूल के छात्र को पहचान लिया और अनजाने में उसे 'बाबू' कहकर पुकार दिया। के. रूपा रेड्डी का यह अंतिम शब्द उनकी मौसी के फोन में भी साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गया था। पहचान उजागर हो जाने के डर से घबराए आरोपी ने पास रखे चाकू से प्रिंसिपल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। 27 बार चाकू से वार और 2.20 लाख रुपये की लूट पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पहचान छिपाने की नीयत से के. रूपा रेड्डी पर एक के बाद एक 27 बार चाकू से वार किए। शरीर पर गहरे घाव लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण प्रिंसिपल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके तुरंत बाद आरोपी घर के अंदर रखी नकदी की तलाश में जुट गया और वहां से करीब 2.20 लाख रुपये की नकद रकम लेकर अपने साथी के साथ फरार हो गया। घर से निकलने के बाद मुख्य आरोपी ने बाहर पहरा दे रहे अपने साथी छात्र को लूट की रकम में से करीब 40 हजार रुपये दे दिए। हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तो जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना थी कि के. रूपा रेड्डी ने हमले के ठीक पहले 'बाबू' शब्द का इस्तेमाल किसके लिए किया था। फोन कॉल पर मिले इस एक सुराग ने पूरी पुलिस जांच का रुख बदल दिया। 'बाबू' संबोधन से शुरू हुई संदिग्धों की तलाश एसपी शरत चंद्र पवार के मार्गदर्शन में गठित जांच टीम ने यह पड़ताल शुरू की कि के. रूपा रेड्डी अपने परिचितों या स्कूल में किन लोगों को प्यार से 'बाबू' कहकर संबोधित करती थीं। इस बिंदु पर काम करते हुए पुलिस का ध्यान स्कूल के कुछ छात्रों की ओर गया। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर 10वीं कक्षा के पांच छात्रों को संदेह के घेरे में लिया और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। संदेह के घेरे में आए छात्रों में से दो की गतिविधियां घटना के बाद बेहद संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने देखा कि हत्या के महज दो-तीन दिनों के भीतर ही ये दोनों छात्र अचानक सामान्य से काफी अधिक पैसे खर्च करने लगे थे। अचानक बदले व्यवहार और फिजूलखर्ची को देखते हुए पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की। खून से सने नोट और अहम सुरागों की बरामदगी सख्ती से की गई पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक छात्र के कब्जे से 1.54 लाख रुपये नकद बरामद किए। शुरुआत में छात्र ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की और दावा किया कि यह बड़ी रकम उसके माता-पिता ने उसे दी है। हालांकि, जब पुलिस अधिकारियों ने नोटों के बंडलों की बारीकी से जांच की, तो कुछ करेंसी नोटों पर खून के सूखे निशान दिखाई दिए। नोटों पर मौजूद खून के इन निशानों ने पुलिस के संदेह को पक्के सबूत में बदल दिया। जब पुलिस ने खून लगे नोटों और फॉरेंसिक सबूतों को आरोपियों के सामने रखा, तो वे टूट गए और उन्होंने कथित तौर पर हत्या और लूट की पूरी बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 1.54 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक चाकू, दस्ताने और चेहरे का मास्क बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों में से एक ने इस वारदात से लगभग 20 दिन पहले एक महंगा आईफोन भी खरीदा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उस आईफोन की खरीदारी और लूट की इस साजिश के बीच कोई वित्तीय संबंध था या नहीं। आपराधिक पृष्ठभूमि और कानून के तहत कार्रवाई पुलिस पड़ताल में यह भी उजागर हुआ है कि दोनों नाबालिग आरोपी पहले भी छोटी-मोटी चोरियों की घटनाओं में शामिल रहे थे। उन्हें दोस्तों के साथ पार्टियों में जाने और मौज-मस्ती पर पैसे उड़ाने का शौक था। इतना ही नहीं, पुलिस को जांच में पता चला कि दोनों ने यूट्यूब और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'जल्दी पैसे कैसे कमाएं' जैसे तरीकों की तलाश की थी। अपनी मनपसंद बाइक खरीदने की चाहत और महंगी जीवनशैली के खर्चों को पूरा करना ही इस लूट और हत्या के पीछे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दोनों ने इस वारदात की पूरी पटकथा कब और कैसे लिखी, इस पर विस्तृत पूछताछ जारी है। मामले को पूरी तरह साबित करने के लिए पुलिस ने आसपास लगे CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल जैसे तकनीकी डेटा का गहन विश्लेषण किया है। चूंकि दोनों आरोपी 18 वर्ष से कम आयु के हैं, इसलिए उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत वैधानिक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। नलगोंडा पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में किसी अन्य बाहरी व्यक्ति का कोई हाथ या शह थी। इसका आप पर असर भारत में: यह घटना शिक्षण संस्थानों और आवासीय परिसरों में बड़ी मात्रा में फीस का नकद लेनदेन रखने के सुरक्षा जोखिमों को उजागर करती है। तेलंगाना में: नलगोंडा जिले की इस वारदात ने नाबालिगों में अपराध की प्रवृत्ति, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और पारिवारिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल-जवाब 1. नलगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी की हत्या क्यों की गई? 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों ने स्कूल फीस के लगभग 2.20 लाख रुपये लूटने के इरादे से प्रिंसिपल की हत्या की। 2. पुलिस ने हत्यारों की पहचान किस मुख्य सुराग के आधार पर की? प्रिंसिपल द्वारा हमले से ठीक पहले बोला गया 'बाबू' शब्द मौसी के फोन में रिकॉर्ड हो गया था, जिससे सुराग मिला। साथ ही आरोपी के पास मिले नोटों पर खून के निशान पाए गए। 3. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद किया है? पुलिस ने 1.54 लाख रुपये नकद, 3 मोबाइल फोन, एक चाकू, दस्ताने और मास्क बरामद किए हैं। 4. आरोपियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है? दोनों आरोपी 18 साल से कम उम्र के नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ किशोर न्याय कानून (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत कार्रवाई हो रही है। https://trendkia.com/telangana/telangana-men-skula-prinsipala-k-rupa-reddy-ki-hatya-ka-khulasa-babu-shabda-aura-khuna-lage-noton-se-pakare-gae-10vin-ke-2-chhatra-18462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.