विदेश मंत्रालय ने तेलंगाना मुख्यमंत्री के अमेरिका दौरे की अनुमति रोकी, पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का भी दिया ब्योरा विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार की प्रेस ब्रीफिंग में तेलंगाना के मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा खारिज करने, पाकिस्तान के प्रति अनुपातिक कार्रवाई करने और गंगा जल संधि पर नियमित चर्चा जारी रहने की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय की शुक्रवार को आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कूटनीतिक और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने आया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित विदेशी दौरों से लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई प्रशासनिक कार्रवाई, मक्का पैक्ट में बांग्लादेश की रुचि और गंगा जल संधि की प्रगति पर विस्तृत जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय की इस ब्रीफिंग से यह संदेश साफ तौर पर उभरता है कि भारत अपने कूटनीतिक मानकों, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती मामलों में स्थापित प्रोटोकॉल के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। तेलंगाना मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा समीक्षा विदेश मंत्रालय ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के विदेश जाने से जुड़े प्रस्तावों की गहन समीक्षा के बाद निर्णय की घोषणा की। तेलंगाना मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा के लिए आवश्यक राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया है, जबकि उनके ब्रिटेन दौरे के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्रियों और अन्य उच्च पदों पर आसीन गणमान्य व्यक्तियों की विदेश यात्राओं के कार्यक्रमों का मूल्यांकन एक तय प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इस प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि प्रस्तावित यात्रा उनके पद की गरिमा और यात्रा के मूल उद्देश्य के अनुकूल है या नहीं। तेलंगाना मुख्यमंत्री का अमेरिका दौरा तय मानकों की कसौटी पर खरा नहीं उतरा, जिसके कारण उसे राजनीतिक स्वीकृति नहीं दी गई। पाकिस्तान के प्रति कूटनीतिक अनुपातिक कार्रवाई नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर से कुछ बाहरी ढांचे हटाए जाने की घटना पर विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कदम इस्लामाबाद में स्थित भारतीय हाई कमीशन के खिलाफ की गई कार्रवाई का सीधा और अनुपातिक जवाब है। इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर लगे पोल भारत द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद हटा दिए गए थे। इसी के जवाब में भारत को भी बराबरी के आधार पर नई दिल्ली में वैसी ही अनुपातिक कार्रवाई करने का निर्णय लेना पड़ा। पश्चिम एशिया में 'मक्का पैक्ट' और बांग्लादेश की भूमिका बांग्लादेश द्वारा 'मक्का पैक्ट' में शामिल होने के संकेतों से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने भारत का पक्ष रखा। यह समझौता पाकिस्तान, साउदी अरब और तुर्की के बीच रक्षा क्षेत्र में हुआ एक त्रिस्तरीय ढांचा है। बांग्लादेश द्वारा इसमें रुचि दिखाए जाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रही हर कूटनीतिक और रणनीतिक हलचल पर लगातार और बारीक नजर बनाए हुए है। गंगा जल संधि और जम्मू-कश्मीर पर भारत का रुख जल संबंधों की समीक्षा करते हुए विदेश मंत्रालय ने गंगा जल संधि की वर्तमान स्थिति का ब्योरा दिया। वर्ष 1996 में 30 वर्षों की अवधि के लिए हस्ताक्षरित इस संधि के तहत गठित संयुक्त समिति की बैठकें तकनीकी स्तर पर नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। संयुक्त नदी आयोग के माध्यम से जल बंटवारे से जुड़े विषयों पर दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद जारी है। इसके साथ ही, विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणियों का स्वागत करते हुए एक बार फिर से इस बात को रेखांकित किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न तथा अविभाज्य अंग हैं। इसका आप पर असर भारत में: विदेश मंत्रालय का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि देश अपनी कूटनीतिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय मानकों और सीमावर्ती जल संधियों पर पूरी सतर्कता से काम कर रहा है। तेलंगाना में: राज्य प्रशासन के विदेशी दौरों से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र के समीक्षा मानकों का सीधा असर पड़ेगा, जिससे मुख्यमंत्री का ब्रिटेन दौरा तय समय पर होगा जबकि अमेरिका यात्रा स्थगित रहेगी। सवाल-जवाब 1. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के अमेरिका दौरे को विदेश मंत्रालय ने मंजूरी क्यों नहीं दी? विदेश मंत्रालय ने बताया कि मुख्यमंत्रियों के विदेश दौरों का मूल्यांकन उनके पद की गरिमा और यात्रा के उद्देश्य के आधार पर होता है। तेलंगाना मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा का कार्यक्रम इन तय मानकों के अनुरूप न होने के कारण अस्वीकृत किया गया, जबकि उनके ब्रिटेन दौरे को मंजूरी दे दी गई है। 2. नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर कार्रवाई क्यों की गई? यह कार्रवाई इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर पोल हटाए जाने की पाकिस्तानी कार्रवाई का एक अनुपातिक और जवाबी कदम था, जिसे भारत ने कई बार अनुरोध करने के बाद उठाया। 3. मक्का पैक्ट क्या है और इस पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है? मक्का पैक्ट पाकिस्तान, साउदी अरब और तुर्की के बीच हुआ एक रक्षा समझौता है। बांग्लादेश द्वारा इसमें शामिल होने की संभावना पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रहा है। 4. गंगा जल संधि को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या ताजा स्थिति बताई? वर्ष 1996 में 30 साल के लिए हुई गंगा जल संधि के तहत तकनीकी स्तर पर संयुक्त समिति की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं और संयुक्त नदी आयोग के जरिए जल बंटवारे पर बातचीत जारी है। 5. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणी का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। https://trendkia.com/telangana/videsha-mntralaya-ne-telangana-mukhyamntri-ke-us-daure-ki-anumati-roki-pakistan-ke-khilapha-javabi-karravai-ka-bhi-diya-byora-19657 TrendKia — Har trend, sabse pehle.