अलेक्सांद्र ज्वेरेव विएना क्वार्टर फाइनल जीतकर बने दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी जर्मनी के अलेक्सांद्र ज्वेरेव ने विएना में टैलॉन ग्रीक्सपूर को हराकर एटीपी विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पक्का कर लिया है। जर्मनी के 29 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी अलेक्सांद्र ज्वेरेव पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की पुरुष एकल विश्व रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर काबिज होने जा रहे हैं। ऑस्ट्रिया की राजधानी में आयोजित एर्स्टे बैंक ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाते ही उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम अपने नाम कर लिया। विएना में खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने नीदरलैंड्स के खिलाड़ी टैलॉन ग्रीक्सपूर को सीधे सेटों में 6-4, 7-5 से पराजित किया। इस जीत के दम पर वह आगामी सोमवार, 2 नवंबर को आधिकारिक तौर पर इटली के यानिक सिनर को हटाकर दुनिया के नए नंबर एक खिलाड़ी बन जाएंगे। जर्मन टेनिस इतिहास में बोरिस बेकर के बाद रचा दूसरा इतिहास अलेक्सांद्र ज्वेरेव एटीपी एकल रैंकिंग के इतिहास में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बनने वाले कुल 30वें पुरुष खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही वह जर्मनी के इतिहास में यह गौरव हासिल करने वाले महज दूसरे पुरुष टेनिस खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले जर्मनी के दिग्गज बोरिस बेकर ने वर्ष 1991 में एटीपी रैंकिंग के शिखर को छुआ था। बेकर की उस ऐतिहासिक उपलब्धि के पूरे 35 साल बाद किसी जर्मन पुरुष खिलाड़ी ने यह गौरव दोहराया है। इसके अतिरिक्त, पहली बार करियर में नंबर एक रैंकिंग हासिल करने वाले खिलाड़ियों की उम्र के लिहाज से ज्वेरेव इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं। अपनी इस शानदार उपलब्धि पर संतोष जताते हुए ज्वेरेव ने कहा कि जिंदगी की बेहतरीन चीजों के लिए कभी-कभी लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वह इस मुकाम को छूकर बेहद रोमांचित और खुश हैं तथा इस सत्र की सफलता को बयां करने के लिए उनके पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं। साल 2026 में निरंतरता और दो ग्रैंड स्लैम खिताबों का सफर मौजूदा सत्र में ज्वेरेव का प्रदर्शन असाधारण निरंतरता से भरा रहा है। उन्होंने इस कैलेंडर वर्ष में अब तक अपने 80 मुकाबलों में से 64 मैचों में जीत दर्ज की है। इस दौरान उन्होंने पेरिस में फ्रेंच ओपन और न्यूयॉर्क में यूएस ओपन के रूप में दो ग्रैंड स्लैम ट्रॉफियां अपनी झोली में डालीं। न्यूयॉर्क में खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने बेन शेल्टन को मात दी थी, जो उस टूर्नामेंट में उनका सामना करने वाले पहले शीर्ष-10 वरीय खिलाड़ी थे। हालांकि, वर्ष 2026 की शुरुआत में मेंस टूर पर इस तरह के बदलाव की कल्पना किसी को नहीं थी। उस समय कार्लोस अल्काराज़ 12,050 अंकों के साथ रैंकिंग तालिका में सबसे आगे चल रहे थे, जबकि यानिक सिनर 11,500 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर मजबूती से जमे हुए थे। वर्ष 2024 और 2025 के बीच खेले गए सभी आठ ग्रैंड स्लैम खिताब इन दोनों खिलाड़ियों ने आपस में बांटे थे। उस दौर में तीसरे नंबर पर मौजूद ज्वेरेव के खाते में सिर्फ 5,110 अंक थे। अंकों का यह अंतर इतना बड़ा था कि ज्वेरेव शीर्ष दो खिलाड़ियों की तुलना में विश्व के 2,221वें नंबर के खिलाड़ी के गणितीय रूप से ज्यादा करीब थे। प्रतिद्वंद्वियों की चोटें और रैंकिंग के समीकरण इस सत्र में सिनर और अल्काराज़ दोनों ही फिटनेस समस्याओं और गंभीर चोटों के कारण लंबे समय तक कोर्ट से दूर रहे। उनके इस लंबे अंतराल का ज्वेरेव ने पूरा फायदा उठाया। ज्वेरेव की दोनों ग्रैंड स्लैम जीतों के दौरान इन दोनों प्रतिद्वंद्वियों में से कम से कम एक खिलाड़ी प्रतियोगिता से बाहर था, और ज्वेरेव को इनमें से किसी का सामना नहीं करना पड़ा। शंघाई में 12 अक्टूबर को जब अल्काराज़ को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, तभी ज्वेरेव ने साल का अंत विश्व नंबर एक के तौर पर करना तय कर लिया था। हालांकि, सिनर को पछाड़ने की तकनीकी तारीख 2 नवंबर से पहले संभव नहीं थी। विएना में ग्रीक्सपूर को हराकर उन्होंने सुनिश्चित कर दिया कि वह पहले ही अवसर पर शीर्ष कुर्सी संभाल लें। जून 2024 में नोवाक जोकोविच के हटने के बाद यह पहला मौका है जब सिनर या अल्काराज़ के अलावा कोई अन्य पुरुष खिलाड़ी दुनिया का नंबर एक बना है। ज्वेरेव ने खेल भावना दिखाते हुए खुलकर यह स्वीकार भी किया कि यदि उनके दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पूरी तरह स्वस्थ होते और अपने खेल के चरम पर होते, तो शायद वह इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं कहलाते। फिर भी, उन्होंने अपने सामने आए हर प्रतिद्वंद्वी को योजनाबद्ध तरीके से हराया और उस करियर को नई ऊंचाई दी जो शुरुआती वर्षों की अपार उम्मीदों के बाद कभी लड़खड़ाता नजर आ रहा था। विएना में आर्थर फेरी का शानदार उलटफेर एर्स्टे बैंक ओपन में अन्य कोर्ट्स पर भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। ब्रिटेन के 24 वर्षीय खिलाड़ी आर्थर फेरी ने इटली के लोरेंजो मुसेटी को कड़े संघर्ष के बाद 6-4, 5-7, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया। अगस्त में यूएस ओपन के पहले दौर में मुसेटी के हाथों तीन सेटों में मिली हार का बदला फेरी ने इस जीत के साथ पूरा कर लिया। निर्णायक तीसरे सेट में फेरी 2-4 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने दबाव में जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए तुरंत सर्विस ब्रेक हासिल किया। मैच के अंतिम पलों में जब वह मांसपेशियों में ऐंठन (क्रैंप) से जूझते दिख रहे थे, तब भी उन्होंने धैर्य नहीं खोया और अपनी सर्विस बचाते हुए जीत दर्ज की। जुलाई में विंबलडन के सेमीफाइनल तक पहुंचकर सभी को चौंकाने वाले फेरी के पास बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव अभी कम है। चोटों के बाद 26वीं रैंकिंग पर खिसक चुके पूर्व विश्व नंबर पांच खिलाड़ी मुसेटी के खिलाफ मिली यह जीत रैंकिंग के हिसाब से मुख्य एटीपी टूर पर फेरी की सबसे बड़ी जीत है। मेवडेवेव ने मैच प्वाइंट बचाकर कैमरून नोरी को थामा एक अन्य कड़े प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में ब्रिटेन के 31 वर्षीय कैमरून नोरी एक बड़े उलटफेर से चूक गए। विश्व के पांचवें नंबर के रूसी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव ने मैच प्वाइंट बचाते हुए नोरी को 4-6, 6-3, 7-6 (7-1) से शिकस्त दी। पिछले सप्ताह अल्माटी ओपन का खिताब जीतकर विएना पहुंचे तीसरी वरीयता प्राप्त मेदवेदेव मैच के दौरान काफी तनाव में दिखे और निर्णायक सेट में अपनी सर्विस गंवाने के बाद उन्होंने गुस्से में कोर्ट की सतह पर मुक्का भी मारा। वह कोर्ट की धीमी गति से नाखुश नजर आ रहे थे। दूसरी ओर, 41वीं रैंकिंग पर फिसल चुके नोरी के लिए यह साल बेहद निराशाजनक रहा है, जहां वह पिछले तीनों ग्रैंड स्लैम के पहले दौर में ही बाहर हो गए थे। लेकिन इस मैच में नोरी ने अपनी पुरानी फिटनेस, आक्रामकता और दृढ़ता दिखाते हुए तीसरे सेट में 5-3 के स्कोर पर 40-30 की बढ़त बनाई और मैच जीतने के लिए सर्विस कर रहे थे। उस निर्णायक मैच प्वाइंट पर नोरी ने सर्व एंड वॉली की रणनीति अपनाई, जिसे मेदवेदेव ने शानदार रिटर्न से नाकाम कर दिया और फिर टाई-ब्रेक में 7-1 से बाजी मार ली। टूर्नामेंट में अन्य स्थानों पर स्पेन के दूसरी वरीयता प्राप्त कार्लोस अल्काराज़ ने जॉर्जिया के निकोलोज़ बेसिलशविली को 6-1, 7-6 (13-11) से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। इसका आप पर असर पुरुष टेनिस जगत में अलेक्सांद्र ज्वेरेव का शीर्ष पर पहुंचना वैश्विक टेनिस सर्किट के शक्ति संतुलन और टूर्नामेंट सीडिंग में बड़ा बदलाव लाएगा। • प्रशंसकों और दर्शकों के लिए: वैश्विक पुरुष टेनिस में लंबे समय से चल रहा यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज़ का दबदबा अब टूट गया है। टेनिस प्रेमियों को आगामी सत्र में शीर्ष स्थान के लिए तीन या चार खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। • टूर्नामेंट सीडिंग और ड्रा पर असर: ज्वेरेव के आधिकारिक तौर पर नंबर एक बनने से आगामी बड़े आयोजनों में शीर्ष वरीयता उन्हें मिलेगी। इसका अर्थ यह होगा कि सिनर और अल्काराज़ को ड्रॉ के आधार पर सेमीफाइनल या पहले के राउंड में एक-दूसरे का सामना करना पड़ सकता है। • जर्मन खेल जगत के लिए: बोरिस बेकर के बाद साढ़े तीन दशक में पहली बार किसी जर्मन खिलाड़ी का शीर्ष पर पहुंचना देश में टेनिस की लोकप्रियता को नई दिशा देगा। इससे जर्मनी में युवा खिलाड़ियों, प्रसारण अधिकारों और प्रायोजन सौदों में भारी उछाल आने की संभावना है। • खिलाड़ियों की फिटनेस का महत्व: शीर्ष खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने यह साबित कर दिया है कि टूर पर सिर्फ प्रतिभा ही नहीं बल्कि पूरे साल खुद को फिट रखना ही रैंकिंग तय करता है। अब सभी शीर्ष पेशेवर अपने वर्कलोड मैनेजमेंट और टूर्नामेंट चयन को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे। ऐसा क्यों हुआ अलेक्सांद्र ज्वेरेव का शीर्ष रैंकिंग हासिल करना उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों की चोटों के कारण बने मौकों का सीधा परिणाम है। • प्रतिद्वंद्वियों की चोटें: पूरे 2024 और 2025 में सभी आठ स्लैम जीतने वाले यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज़ 2026 के बड़े हिस्से में चोटिल रहे। कोर्ट से उनकी इस गैरमौजूदगी ने रैंकिंग में शीर्ष पर ज्वेरेव के लिए रास्ता पूरी तरह खोल दिया। • ग्रैंड स्लैम में ज्वेरेव की जीतें: ज्वेरेव ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन का खिताब जीता। इन दोनों आयोजनों में उन्हें न तो सिनर से भिड़ना पड़ा और न ही अल्काराज़ से, जिससे उनकी अंक तालिका में भारी उछाल आया। • पूरे सत्र में शानदार निरंतरता: ज्वेरेव ने 2026 में 80 मुकाबलों में से 64 मैचों में जीत हासिल की और टूर्नामेंट्स के अंतिम दौर तक लगातार पहुंचे। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें वर्ष की शुरुआत में 7,000 से अधिक अंकों के भारी अंतर को पाटने में मदद की। सवाल-जवाब 1. अलेक्सांद्र ज्वेरेव आधिकारिक तौर पर विश्व नंबर एक कब बनेंगे? ज्वेरेव आधिकारिक तौर पर सोमवार, 2 नवंबर को यानिक सिनर को हटाकर एटीपी रैंकिंग में नंबर एक पर आसीन होंगे। 2. ज्वेरेव से पहले किस जर्मन पुरुष खिलाड़ी ने दुनिया का नंबर एक बनने का गौरव हासिल किया था? उनसे पहले जर्मनी के बोरिस बेकर ने वर्ष 1991 में विश्व नंबर एक बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। 3. ज्वेरेव ने विएना में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए किसे हराया? उन्होंने एर्स्टे बैंक ओपन के दूसरे दौर में नीदरलैंड्स के टैलॉन ग्रीक्सपूर को 6-4, 7-5 से मात दी। 4. ज्वेरेव ने 2026 में कौन से दो ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं? ज्वेरेव ने इस सत्र में फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया है। 5. साल 2026 में ज्वेरेव का जीत-हार का रिकॉर्ड क्या रहा है? उन्होंने इस वर्ष अब तक खेले गए अपने कुल 80 मुकाबलों में से 64 मैचों में जीत दर्ज की है। 6. दानिल मेदवेदेव ने विएना में कैमरून नोरी के खिलाफ मैच कैसे जीता? मेदवेदेव ने निर्णायक सेट में मैच प्वाइंट बचाते हुए नोरी को 4-6, 6-3, 7-6 (7-1) से शिकस्त दी। 7. आर्थर फेरी ने विएना में किस बड़े खिलाड़ी को हराकर उलटफेर किया? ब्रिटेन के 24 वर्षीय आर्थर फेरी ने इटली के पूर्व विश्व नंबर पांच खिलाड़ी लोरेंजो मुसेटी को 6-4, 5-7, 6-4 से हराया। प्रेरणा और सबक अलेक्सांद्र ज्वेरेव की यह यात्रा दर्शाती है कि शुरुआती असफलताओं और भारी उम्मीदों के दबाव के बावजूद धैर्य और निरंतर प्रयास से सर्वोच्च शिखर तक पहुंचा जा सकता है। • धैर्य और प्रतीक्षा का फल: टीनेज स्टार के रूप में उभरने के बाद ज्वेरेव को शीर्ष पर पहुंचने के लिए 29 वर्ष की उम्र तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने यह साबित किया कि सफलता की समयसीमा तय नहीं होती, बस लक्ष्य पर अडिग रहना जरूरी है। • अवसरों को भुनाना: जब प्रतिद्वंद्वियों की अनुपस्थिति से दरवाजा खुला, तो उन्होंने कोई ढिलाई नहीं दिखाई और सीधे दो बड़े ग्रैंड स्लैम अपने नाम किए। जीवन में परिस्थितियां अनुकूल होते ही पूरी ताकत झोंक देना सबसे बड़ी कुशलता है। • ईमानदार आत्म-मूल्यांकन: नंबर एक बनने के बाद भी ज्वेरेव ने विनम्रता से स्वीकार किया कि प्रतिद्वंद्वियों के पूरी तरह स्वस्थ होने पर समीकरण अलग हो सकते थे। अपनी सीमाओं और स्थितियों को सच्चाई से स्वीकार करना ही एक सच्चे चैंपियन की पहचान है। https://trendkia.com/tennis/alexander-zverev-vienna-kvartara-phainala-jitakara-bane-duniya-ke-nnbara-eka-tenisa-khilari-53206 TrendKia — Har trend, sabse pehle.