# टेनिस कोर्ट पर बेकाबू गुस्सा पड़ा भारी, डेनिल मेदवेदेव को चाइना ओपन से बाहर कर छीने अंक और प्राइज मनी

> चाइना ओपन के सेमीफाइनल में दर्शक पर गेंद मारने के बाद डेनिल मेदवेदेव को मैच से डिफॉल्ट कर दिया गया, जिससे उन्होंने अपनी इनामी राशि और 200 रैंकिंग अंक गंवा दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** टेनिस · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tennis/chaina-opana-men-daniil-medvedev-ko-dipholta-kie-jane-para-gnvae-anka-aura-praija-mani-43927 · **Language:** Hindi
**Tags:** डेनिल मेदवेदेव, चाइना ओपन, टेनिस, नोवाक जोकोविच, एटीपी फाइनल्स, स्पोर्ट्स न्यूज

बीजिंग के चाइना ओपन में कोर्ट पर अपने गुस्से पर काबू न रख पाने का खामियाजा रूसी टेनिस खिलाड़ी डेनिल मेदवेदेव को बहुत भारी पड़ा है। नोवाक जोकोविच के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में जब मुकाबला अपने चरम पर था, तब निराशा में हिट की गई गेंद स्टैंड में बैठे एक दर्शक के चेहरे पर जा लगी। टूर्नामेंट अधिकारियों ने इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर तुरंत सख्त फैसला लेते हुए 30 वर्षीय मेदवेदेव को मैच से डिफॉल्ट घोषित कर दिया। इस सीधे निष्कासन के साथ ही उन्होंने इस टूर्नामेंट से कमाए सभी रैंकिंग अंक और पूरी इनामी राशि भी गंवा दी है।

## कोर्ट पर बेकाबू आवेग और अचानक हुआ निष्कासन
यह अप्रत्याशित घटना उस समय घटी जब जोकोविच फाइनल में जगह पक्की करने के लिए सर्विस कर रहे थे। एक अंक के दौरान गेंद कोर्ट के पिछले हिस्से से टकराकर वापस आई। उस वक्त मेदवेदेव ने हताशा में अपने रैकेट से गेंद को जोर से स्टैंड्स की तरफ उछाल दिया। अनियंत्रित होकर गई यह गेंद सीधे एक दर्शक के चेहरे पर जा लगी।

टेनिस की आधिकारिक आचार संहिता के तहत किसी भी खिलाड़ी को खतरनाक, लापरवाही भरे या परिणामों की परवाह किए बिना गेंद को हिट करने की सख्त मनाही है। इस नियम का उल्लंघन होने पर चेयर अंपायर और मैच अधिकारियों के पास खिलाड़ी को तुरंत बाहर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। कुछ ही मिनटों के विचार-विमर्श के बाद रूसी स्टार को मैच से डिफॉल्ट घोषित कर दिया गया। घटना के बाद मेदवेदेव ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी और कहा कि वह पीड़ित दर्शक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर माफी मांगना चाहते हैं।

## मैदान के बाहर का शांत स्वभाव और कोर्ट पर तनाव
मेदवेदेव के इस आक्रामक रूप ने टेनिस जगत में उनके दोहरे व्यक्तित्व की चर्चा को एक बार फिर ताजा कर दिया है। वास्तविक जीवन में वह बेहद शांत और हल्के-फुल्के मिजाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक बार खुद कहा था कि अगर कोई लगातार सात दिनों तक सुबह 6 बजे उनके होटल के कमरे का दरवाजा खटखटाए, तभी जाकर उन्हें वास्तव में गुस्सा आएगा। कोर्ट से बाहर कदम रखते ही उनका व्यवहार पूरी तरह सामान्य हो जाता है।

सीजन के अंत में होने वाले एटीपी फाइनल्स के दौरान अपने इसी स्वभाव पर बात करते हुए मेदवेदेव ने स्पष्ट किया था कि टेनिस कोर्ट छोड़ते ही उनका सारा गुस्सा शांत हो जाता है। यदि वह अपने किसी अभ्यास सत्र से नाखुश भी होते हैं, तो कोर्ट से बाहर निकलने के पांच मिनट के भीतर वह पूरी तरह सामान्य महसूस करने लगते हैं। मीडिया जगत में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके मजाकिया, विचारशील और स्पष्टवादी बयानों को काफी पसंद किया जाता है, लेकिन खेल के दौरान उनका पारा बार-बार चढ़ता रहा है।

## अंपायरों से तकरार और विवादों का पुराना इतिहास
टेनिस कोर्ट पर अंपायरों के साथ बहस करना और दर्शकों को उकसाना मेदवेदेव के करियर का एक लगातार हिस्सा रहा है। वह पहले भी कई बार सीमा लांघते दिखे हैं, जहां उनका गुस्सा सीधे मैच अधिकारियों पर फूटा। विंबलडन के एक मुकाबले में चेयर अंपायर ईवा एस्डेराकी-मूर के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद अधिकारियों द्वारा उन्हें डिफॉल्ट करने पर विचार किया जा रहा था। उस समय मेदवेदेव ने रूसी भाषा में कुछ अपशब्द कहे थे, जिसके बचाव में उन्होंने कहा था कि शब्द भले ही अप्रिय थे लेकिन उन्होंने सीमा पार नहीं की थी। सुपरवाइजर और टूर्नामेंट रेफरी से बातचीत के बाद वह केवल खेल भावना के विपरीत आचरण की चेतावनी पाकर बच निकले थे। बाद में उन्होंने अंपायर पर पक्षपात का आरोप लगाने से इनकार करते हुए माफी मांग ली थी।

इसी तरह एक अन्य मुकाबले में अंपायर ग्रेग एलेन्सवर्थ के एक फैसले पर वह बुरी तरह भड़क गए थे। फ्रांसीसी प्रतिद्वंद्वी को देरी की वजह से दोबारा पहली सर्विस दिए जाने पर मेदवेदेव ने अंपायर पर यह आरोप लगा दिया था कि वह मैच जल्दी खत्म करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें प्रति घंटे के बजाय प्रति मैच के हिसाब से भुगतान मिलता है। इस दौरान उन्होंने पांच मिनट से अधिक समय तक खेल रुकवाए रखा और दर्शकों को भी भड़काया। हालांकि उस मैच में उन्होंने मैच प्वाइंट बचा लिया था, लेकिन अंततः पांच सेटों में हारने के बाद अपनी कुर्सी के पास रखी टेबल पर रैकेट को बार-बार पटककर पूरी तरह तोड़ दिया था। इसके अलावा 2025 यूएस ओपन में भी अपने अशालीन व्यवहार के लिए उन पर भारी जुर्माना लगाया गया था।

## जूनियर के दिनों से जारी समस्या और परिवार की झलक
मेदवेदेव खुद स्वीकार कर चुके हैं कि खेल के दौरान अपने व्यवहार पर नियंत्रण न रख पाना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया था कि जब वह जूनियर स्तर पर खेलते थे, तब उनके रवैये में काफी समस्याएं थीं। उस दौर में उन्हें सीधे डिफॉल्ट तो नहीं किया जाता था, लेकिन गेम पेनल्टी मिलना उनके लिए बेहद आम बात थी।

न्यूयॉर्क में एक महीने पहले बातचीत करते हुए मेदवेदेव ने आनुवंशिकी के असर पर बात की थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया था कि उनकी सबसे बड़ी बेटी का स्वभाव कोर्ट पर बिल्कुल उनके जैसा है। वह टेनिस खेलती है और इसका आनंद लेती है। उन्होंने याद किया कि एक बार जब वह उसे अभ्यास के लिए ले गए, तो खुश होकर उसने अपना रैकेट पूरे कोर्ट में फेंक दिया। इस पर कोच ने उनकी तरफ देखकर कहा था कि उन्हें समझ नहीं आया कि बच्ची ने यह कहां से सीखा। मेदवेदेव ने कहा कि लोग उनसे खुद पर नियंत्रण रखने को कहते हैं, जबकि उनकी बेटी महज तीन साल की है और उन्होंने उसे कोर्ट पर ऐसा करना कभी नहीं सिखाया।

## एटीपी फाइनल्स की दौड़ पर नुकसान की मार
बीजिंग में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने के बावजूद मेदवेदेव को न सिर्फ अपनी जीती हुई इनामी राशि छोड़नी पड़ी है, बल्कि अपने रैंकिंग अंक भी गंवाने पड़े हैं। वह फिलहाल नवंबर में होने वाले एटीपी फाइनल्स के लिए आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि, इस डिफ़ॉल्ट के कारण गंवाए गए 200 रैंकिंग अंक आने वाले दिनों में उनके क्वालीफिकेशन समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। यदि निचले पायदान के खिलाड़ियों ने आगामी हफ्तों में बेहतर प्रदर्शन किया, तो इन 200 अंकों का नुकसान उनके लिए बेहद भारी साबित हो सकता है।

## इसका आप पर असर
डेनिल मेदवेदेव पर लगे इस प्रतिबंध और 200 अंकों के नुकसान से एटीपी टूर की रैंकिंग और आगामी टूर्नामेंटों के समीकरण बदल सकते हैं।

- **टेनिस फैंस के लिए:** चाइना ओपन के बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल का अंत बिना पूरे मुकाबले के विवादित रूप से हो गया। दर्शक अब टूर्नामेंट के फाइनल में मेदवेदेव को खेलते नहीं देख पाएंगे।
- **टूर रैंकिंग पर असर:** मेदवेदेव के खाते से 200 महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक काट लिए गए हैं। इससे नवंबर में होने वाले एटीपी फाइनल्स की रेस में उनके आठवें स्थान पर बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है।
- **खिलाड़ियों के लिए कड़ा संदेश:** कोर्ट पर दर्शकों और मैच अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर खेल संघों ने सख्त रुख दिखाया है। अन्य खिलाड़ियों को अब निराशा में गेंद या रैकेट उछालने से पहले भारी जुर्माने का डर रहेगा।
- **प्रशंसकों की सुरक्षा:** स्टैंड्स में बैठकर मैच देख रहे खेल प्रेमियों की सुरक्षा के नियमों पर सख्ती और बढ़ेगी। इससे भविष्य में कोर्ट के आसपास अप्रत्याशित चोटों से बचाव के कड़े प्रोटोकॉल लागू हो सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान निराशा में गेंद को दर्शक दीर्घा में मारने के कारण यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। कोर्ट पर नियमों के उल्लंघन और पूर्व में अनियंत्रित व्यवहार की पुनरावृत्ति के चलते अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया।

- **सीधा कारण:** नोवाक जोकोविच के खिलाफ सर्विस के दौरान गेंद कोर्ट से टकराकर आई, जिसे मेदवेदेव ने हताशा में स्टैंड्स की तरफ मारा। गेंद सीधे एक दर्शक के चेहरे पर जा लगी, जिससे मैच अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
- **सख्त आचार संहिता:** टेनिस नियमों के अनुसार जानबूझकर या लापरवाही से गेंद को खतरनाक ढंग से मारना पूरी तरह प्रतिबंधित है। दर्शक को चोट लगने की स्थिति में नियमों के तहत खिलाड़ी को तुरंत डिफॉल्ट करने का अनिवार्य प्रावधान है।
- **विवादों की पृष्ठभूमि:** मेदवेदेव का अतीत में भी चेयर अंपायरों से उलझने और रैकेट तोड़े जाने का लंबा रिकॉर्ड रहा है। 2025 यूएस ओपन में भारी जुर्माने और विंबलडन में चेतावनियों के बावजूद उनका आक्रामक व्यवहार शांत नहीं हुआ था।

## सवाल-जवाब

### 1. डेनिल मेदवेदेव को चाइना ओपन से डिफॉल्ट क्यों किया गया?
नोवाक जोकोविच के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के दौरान हताशा में गेंद को स्टैंड्स में मारने पर वह एक दर्शक के चेहरे पर जा लगी, जिसके चलते उन्हें डिफॉल्ट कर दिया गया।

### 2. डिफॉल्ट होने के बाद मेदवेदेव को क्या नुकसान हुआ है?
मेदवेदेव ने इस टूर्नामेंट से अर्जित अपनी पूरी इनामी राशि और सेमीफाइनल तक पहुंचने से मिले 200 रैंकिंग अंक गंवा दिए हैं।

### 3. क्या मेदवेदेव अब भी एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं?
वह अभी भी क्वालीफाइंग दौड़ में आठवें और अंतिम स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन 200 अंक खोने से उनकी जगह खतरे में पड़ सकती है।

### 4. घटना के बाद मेदवेदेव ने क्या प्रतिक्रिया दी?
30 वर्षीय मेदवेदेव ने अपने किए पर खेद जताया और कहा कि वह पीड़ित दर्शक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर माफी मांगना चाहते हैं।

### 5. क्या मेदवेदेव का अंपायरों के साथ पहले भी विवाद रहा है?
हां, वह विंबलडन में अंपायर ईवा एस्डेराकी-मूर और अन्य मैचों में ग्रेग एलेन्सवर्थ के साथ तीखी बहस कर चुके हैं, तथा 2025 यूएस ओपन में उन पर जुर्माना भी लगा था।

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