चाइना ओपन में निकोला बार्टुनकोवा ने आर्यना सबालेंका को हराकर किया बड़ा उलटफेर चाइना ओपन में विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 34वीं रैंकिंग वाली निकोला बार्टुनकोवा के हाथों सीधे सेटों में अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। बीजिंग में खेले जा रहे डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट चाइना ओपन में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी आर्यना सबालेंका टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। चेक गणराज्य की 34वीं वरीयता प्राप्त निकोला बार्टुनकोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबालेंका को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से शिकस्त देकर सबको चौंका दिया। यह मुकाबला गंवाने के साथ ही सबालेंका का लगातार पहला सेट हारने के बाद मैच गंवाने का सिलसिला छह मैचों तक पहुंच गया है। शीर्ष दो वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों का सफर थमा इस टूर्नामेंट में शीर्ष खिलाड़ियों के बाहर होने का यह लगातार दूसरा दिन था। सबालेंका से ठीक एक दिन पहले शीर्ष वरीयता प्राप्त एलेना रयबाकिना भी प्रतियोगिता से बाहर हो गई थीं। पिछले महीने यूएस ओपन के फाइनल में सबालेंका को हराकर बेलारूसी खिलाड़ी से शीर्ष रैंकिंग छीनने वाली रयबाकिना को आर्मेनिया की 118वीं रैंक वाली अलीना चाराएवा ने बाहर का रास्ता दिखाया था। साल 2015 के बाद यह पहला मौका है जब चाइना ओपन में शीर्ष दो वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी अंतिम 16 के दौर तक भी अपनी जगह नहीं बना सकी हैं। कोर्ट पर दिखा निराशा और हताशा का असर निकोला बार्टुनकोवा ने इस मुकाबले में धैर्य बनाए रखते हुए अपने ब्रेकथ्रू सीजन की लय जारी रखी। मुकाबले के बाद बार्टुनकोवा ने कहा, "मैंने खुद पर ध्यान केंद्रित किया, शांत रहने की कोशिश की। वह एक लीजेंड हैं, इसलिए मैं बहुत खुश हूं कि मैंने मैच जीत लिया।" बार्टुनकोवा का अगला मुकाबला ऑस्ट्रिया की सिंजा क्रॉस से होगा। दूसरी ओर, सबालेंका पूरे मैच के दौरान संघर्ष करती नजर आईं। वह मैच में मिले पांच में से एक भी ब्रेक पॉइंट को भुनाने में नाकाम रहीं। दूसरे सेट की शुरुआत में ही सर्विस टूटने के बाद हताश सबालेंका ने गुस्से में अपना रैकेट भी फेंक दिया। सबालेंका के लिए बिना ग्रैंड स्लैम वाला साल सबालेंका के तय किए गए ऊंचे पैमानों के हिसाब से यह साल मिला-जुला रहा है। मार्च में इंडियन वेल्स और मियामी ओपन में लगातार खिताबी जीत के साथ 'सनशाइन डबल' पूरा करने के बाद से उन्होंने कोई ट्रॉफी नहीं जीती है। साल 2022 के बाद यह पहली बार होगा जब वह बिना किसी ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी के अपने सत्र का अंत करेंगी। कोर्ट पर अपनी निराशा पर नियंत्रण न रख पाना भी उनके प्रदर्शन में लगातार बाधा बनता दिखा है। जापान ओपन में कार्लोस अल्काराज सेमीफाइनल में टोक्यो में जारी जापान ओपन में स्पेन के कार्लोस अल्काराज ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अल्काराज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कनाडा के डेनिस शापोवालोव दाहिनी जांघ की चोट के कारण मैच से हट गए। टोक्यो में खिताब की रक्षा कर रहे अल्काराज ने पहले सेट में एक सेट पॉइंट बचाया और वह 7-6 (7-3), 2-1 से आगे चल रहे थे, तभी शापोवालोव को कोर्ट छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। पिछले महीने यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में बेन शेल्टन से हारने और कलाई की चोट से उबरने के बाद अल्काराज का यह केवल तीसरा टूर्नामेंट है। फाइनल में स्थान सुरक्षित करने के लिए अब उनका सामना स्पेन के ही खिलाड़ी जाउमे मुनार से होगा। इसका आप पर असर शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने से महिला एकल ड्रॉ पूरी तरह खुल गया है, जिससे उभरते खिलाड़ियों को बड़े खिताब जीतने का अभूतपूर्व मौका मिल रहा है। • रैंकिंग की दौड़: सबालेंका के जल्दी बाहर होने से उनकी डब्ल्यूटीए अंकों की स्थिति पर असर पड़ेगा। शीर्ष स्थान हासिल करने की उनकी उम्मीदों को अब अगले टूर्नामेंटों तक इंतजार करना पड़ेगा। • नए चेहरों को मौका: बार्टुनकोवा और चाराएवा जैसी निचली रैंकिंग वाली खिलाड़ियों की जीत से टूर्नामेंट में नए चैंपियन मिलने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले दौर के मैच प्रशंसकों के लिए अधिक रोमांचक और अप्रत्याशित होंगे। • पुरुष वर्ग में मुकाबला: जापान ओपन में अल्काराज के सेमीफाइनल में पहुंचने से प्रशंसकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। जाउमे मुनार के खिलाफ होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला उनकी फिटनेस और फॉर्म की कड़ी परीक्षा लेगा। • टेनिस प्रशंसकों के लिए: चाइना ओपन में शीर्ष दो वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों के बाहर होने से आगे के मैचों का पूरा कार्यक्रम और प्रसारण समय बदल जाएगा। दर्शकों को अब क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में नए उभरते सितारों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ चाइना ओपन में प्रमुख खिलाड़ियों के अप्रत्याशित प्रदर्शन, मानसिक दबाव और शारीरिक फिटनेस के चलते कई चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले हैं। • मानसिक दबाव और गलतियां: सबालेंका मैच के दौरान मिले सभी पांच ब्रेक पॉइंट भुनाने में पूरी तरह नाकाम रहीं। पहला सेट 4-6 से गंवाने के बाद बढ़ी निराशा ने उनके खेल को प्रभावित किया, जिसके चलते उन्होंने दूसरे सेट में शुरुआती सर्विस गंवा दी। • प्रतिद्वंद्वी का सटीक खेल: 34वीं वरीयता प्राप्त निकोला बार्टुनकोवा ने दबाव में भी शांति बनाए रखी और अपनी सर्विस पर नियंत्रण रखा। उन्होंने सबालेंका की आक्रामक गलतियों का पूरा फायदा उठाकर मैच पर पकड़ बनाए रखी। • शारीरिक समस्याएं और चोट: जापान ओपन में खिलाड़ियों की फिटनेस ने मुकाबलों को प्रभावित किया। डेनिस शापोवालोव को पहले सेट के कड़े संघर्ष के बाद दाहिनी जांघ में चोट के कारण दूसरे सेट में मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा। सवाल-जवाब 1. चाइना ओपन में आर्यना सबालेंका को किसने हराया? चेक गणराज्य की 34वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी निकोला बार्टुनकोवा ने सबालेंका को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया। 2. सबालेंका ने इस साल आखिरी बार कौन सा खिताब जीता था? उन्होंने मार्च में इंडियन वेल्स और मियामी ओपन जीतकर 'सनशाइन डबल' पूरा किया था, जिसके बाद से उन्होंने कोई खिताब नहीं जीता है। 3. चाइना ओपन में एलेना रयबाकिना को किसने बाहर किया था? विश्व की 118वीं रैंक वाली आर्मेनिया की अलीना चाराएवा ने शीर्ष वरीयता प्राप्त एलेना रयबाकिना को टूर्नामेंट से बाहर किया था। 4. जापान ओपन में कार्लोस अल्काराज के खिलाफ मैच में क्या हुआ? कार्लोस अल्काराज के खिलाफ मुकाबले में डेनिस शापोवालोव दाहिनी जांघ की चोट के कारण 7-6 (7-3), 2-1 के स्कोर पर मैच से हट गए। 5. जापान ओपन के सेमीफाइनल में अल्काराज का सामना किससे होगा? सेमीफाइनल मुकाबले में कार्लोस अल्काराज का सामना स्पेन के ही खिलाड़ी जाउमे मुनार से होगा। https://trendkia.com/tennis/china-open-men-nikola-bartunkova-ne-aryna-sabalenka-ko-harakara-kiya-bara-ulataphera-42683 TrendKia — Har trend, sabse pehle.