स्टेडियम से लेकर टीवी स्क्रीन तक महंगा हुआ खेल, एशेज, विंबलडन और सिल्वरस्टोन के टिकटों के दाम आसमान पर यूनाइटेड किंगडम में लाइव खेल आयोजनों के टिकटों और टीवी सब्सक्रिप्शन के दामों में भारी उछाल आया है, जिससे आम प्रशंसकों के लिए खेल देखना एक महंगा सपना बनता जा रहा है। यूनाइटेड किंगडम में लाइव खेल मुकाबलों को स्टेडियम में जाकर देखने या घर बैठकर टीवी स्क्रीन पर उनका आनंद लेने की लागत अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। खेल देखने के इस खर्च ने देश के खेल प्रेमियों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। जो खेल कभी स्थानीय कामकाजी वर्ग और आम लोगों के मनोरंजन का मुख्य जरिया हुआ करते थे, वे अब एक आलीशान और महंगे अनुभव में तब्दील हो चुके हैं। आम प्रशंसकों के लिए अपने पसंदीदा खेलों को लाइव देखने का अवसर अब उनकी पहुंच से बाहर होता जा रहा है। खेल प्रेमियों को न केवल स्टेडियम के महंगे टिकटों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि घर पर मुकाबला देखने के लिए भी विभिन्न स्ट्रीमिंग और टेलीविजन सब्सक्रिप्शन के जाल में फंसना पड़ रहा है। विंबलडन के मैदानों से लेकर सिल्वरस्टोन के रेस ट्रैक तक, खेलों के बढ़ते दामों ने पूरे ब्रिटेन में एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है कि क्या खेल अब केवल अमीरों के लिए ही सुरक्षित रह गया है। खेल आयोजनों के टिकटों में बेतहाशा बढ़ोतरी ब्रिटेन के सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक खेल आयोजनों के टिकटों की कीमतों में आया उछाल हैरान करने वाला है। बर्मिंघम के एडगबास्टन मैदान पर होने वाले प्रतिष्ठित एशेज टेस्ट मैच के एक दिन का टिकट खरीदने के लिए अब प्रशंसकों को कम से कम £115 का भुगतान करना होगा, बशर्ते वे उस स्टेडियम के सदस्य न हों। साल 2023 में जब एडगबास्टन में आखिरी बार एशेज श्रृंखला का आयोजन हुआ था, तब वहां न्यूनतम टिकट की कीमत £65 रखी गई थी। इसका सीधा मतलब यह है कि महज चार सालों में टिकट के दामों में £50 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके मुकाबले, जब पिछली बार ऑस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला खेली गई थी, तब वहां के सभी पांचों आयोजन स्थलों पर प्रशंसकों को प्रति दिन के लिए केवल £16 से £22 के बीच टिकट मिल गए थे। इस बड़े वित्तीय अंतर ने स्थानीय समर्थकों को काफी निराश किया है। टेनिस के सबसे प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट विंबलडन के सिंगल्स फाइनल के लिए एक साधारण सीट की न्यूनतम कीमत अब £255 तय की गई है। वहीं, सिंगल्स फाइनल के लिए सबसे महंगी स्टैंडर्ड सीट की कीमत बढ़कर £400 तक पहुंच गई है, जो साल 2026 की तुलना में £50 अधिक है और साल 2017 की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा है। हालांकि विंबलडन अभी भी दुनिया के अन्य तीन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की तुलना में सबसे किफायती विकल्प माना जाता है, लेकिन फिर भी आम प्रशंसकों के लिए यह बजट से बाहर होता जा रहा है। टूर्नामेंट के मध्य शनिवार को होने वाले सेंटर कोर्ट मैचों का टिकट भी अब कम से कम £130 का हो गया है, जिससे औसत दर्जे के प्रशंसकों के लिए यहां पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। मोटर रेसिंग और फॉर्मूला वन के चाहने वालों को भी इसी प्रकार की महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। सिल्वरस्टोन में होने वाली ब्रिटिश ग्रां प्री के मुख्य रेस वाले दिन (रविवार) के लिए जनरल एडमिशन टिकट की कीमत अब बढ़कर £289 हो गई है, जबकि साल 2021 में यह कीमत £189 थी। वहीं, जिन प्रशंसकों को घास पर खड़े होने के बजाय स्टेडियम की सीट पर बैठकर रेस देखनी है, उनके लिए सबसे सस्ता आवंटित सीट का टिकट अब कम से कम £609 का आ रहा है, जबकि पांच साल पहले इसके लिए केवल £276 का भुगतान करना पड़ता था। अन्य खेलों में भी यह आर्थिक दबाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। साल 2027 में आयरलैंड के अडेयर मैनर में होने वाले मशहूर राइडर कप गोल्फ के जनरल एडमिशन टिकट की कीमत €499 (लगभग £434) घोषित की गई है। इसकी तुलना में साल 2023 में इटली में हुए आयोजन के लिए प्रशंसकों ने केवल €260 (लगभग £220) का भुगतान किया था। इस साल की शुरुआत में रॉयल बर्कडेल में आयोजित ओपन चैंपियनशिप गोल्फ के एक दिन का टिकट प्रशंसकों को £150 का पड़ा, जबकि साल 2022 में सेंट एंड्रयूज में इसके लिए केवल £95 देने पड़े थे। वहीं, वेम्बली स्टेडियम में होने वाले फुटबॉल के मशहूर एफए कप फाइनल के टिकटों की कीमत साल 2016 में जहां £50 से £120 के बीच थी, वहीं साल 2026 में यह बढ़कर £50 से £285 के बीच पहुंच गई। प्रशंसकों में गहरा आक्रोश और आयोजकों की सफाई टिकटों के इन लगातार बढ़ते दामों ने खेल प्रेमियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। एडगबास्टन के पास रहने वाले इंग्लैंड क्रिकेट टीम के एक निष्ठावान प्रशंसक ली हैनलोन ने कीमतों में इस भारी उछाल के कारण अगले साल होने वाले एशेज टेस्ट मैच में स्टेडियम न जाने का एक कठिन फैसला किया है। उन्होंने अपनी नाराजगी और दुख जाहिर करते हुए कहा कि क्रिकेट के आम प्रशंसकों को इस खेल से पूरी तरह बाहर धकेल दिया गया है। उनका मानना है कि स्टेडियम में अब केवल वही लोग जा पा रहे हैं जिनके पास बहुत अधिक पैसा है। आम जनता की यह नाराजगी केवल ली हैनलोन तक सीमित नहीं है; एक सार्वजनिक पोल में हिस्सा लेने वाले लगभग 95 प्रतिशत लोगों ने स्पष्ट रूप से माना कि साल 2027 के एशेज टिकटों के दाम बेहद ज्यादा और पूरी तरह से अनुचित हैं। दूसरी तरफ, खेल संघों और स्टेडियम संचालकों का कहना है कि वे भी वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के आगे मजबूर हैं। एडगबास्टन के एक प्रवक्ता ने इस बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि शुरुआती स्तर के टिकटों के दाम में की गई बढ़ोतरी पिछली बार 2023 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद से हुई महंगाई की दर के लगभग बराबर ही है। उन्होंने कहा कि देश के बाकी उद्योगों की तरह वे भी हर स्तर पर बढ़ी हुई परिचालन लागत और महंगाई का सामना कर रहे हैं, और स्टेडियम के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए उन्हें इन खर्चों को संतुलित करना ही होगा। आयोजन का अर्थशास्त्र और खर्चों का हिसाब-किताब किसी भी बड़े खेल आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के पीछे सुरक्षा, रसद, बुनियादी ढांचे और विपणन की एक बहुत बड़ी लागत शामिल होती है। गोल्फ की प्रसिद्ध ओपन चैंपियनशिप का आयोजन करने वाली संस्था आरएंडए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क डार्बन ने इस बात पर रोशनी डाली कि टिकटों की बिक्री से होने वाली कमाई उनके कुल राजस्व का एक छोटा हिस्सा ही होती है। वास्तव में, ओपन चैंपियनशिप की कुल कमाई में टिकटों का योगदान 20 प्रतिशत से भी कम होता है। मार्क डार्बन ने बताया कि स्टेडियम के रख-रखाव, बिजली, सुरक्षा, स्टाफ के वेतन, आधुनिक तकनीक, बीमा और मार्केटिंग के खर्चों में हाल के वर्षों में भारी बढ़ोतरी हुई है। आज के समय में ओपन चैंपियनशिप की मेजबानी करने की लागत पांच या छह साल पहले की तुलना में 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि संस्था को आयोजन के लिए लगभग £10 मिलियन से £12 मिलियन का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिसे पूरा करना बेहद जरूरी है। हालांकि, खेल को युवा वर्ग के लिए सुलभ बनाए रखने के लिए ओपन चैंपियनशिप में 16 से 24 वर्ष के दर्शकों को आधे दाम पर टिकट दिए जाते हैं और बच्चों के लिए प्रवेश पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है। इसके साथ ही प्रीमियम और हॉस्पिटैलिटी टिकटों का बढ़ता चलन भी साधारण सीटों के महंगे होने का एक बड़ा कारण है। सीट यूनीक नाम के एक ऑनलाइन वीआईपी टिकट प्लेटफॉर्म के चेयरमैन रिचर्ड फ्लिंट ने बताया कि दर्शकों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव आया है। अब कॉर्पोरेट कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए एक साथ पूरे 10 सीटों के बॉक्स बुक करने के बजाय व्यक्तिगत वीआईपी सीटों की तरफ बढ़ रही हैं। आम प्रशंसक, परिवार और विदेशों से आने वाले पर्यटक साल में एक या दो बार किसी बड़े मुकाबले का शानदार और वीआईपी अनुभव लेने के लिए बड़ा खर्च करने से नहीं कतराते। रिचर्ड फ्लिंट का मानना है कि इन महंगे वीआईपी टिकटों से मिलने वाले पैसे का फायदा आखिरकार आम प्रशंसकों को ही मिलता है, क्योंकि इसी पैसे से स्टेडियम के स्टैंड का आधुनिक निर्माण और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाता है। टीवी स्क्रीन पर खेल देखने की बढ़ती कीमत स्टेडियम न जाकर घर बैठकर मैच देखने वाले दर्शकों के लिए भी अब राह आसान नहीं रह गई है। आधुनिक मीडिया बाजार में लाइव स्पोर्ट्स का टीवी या डिजिटल प्रसारण कंपनियों के लिए कमाई का सबसे भरोसेमंद जरिया बन चुका है, क्योंकि अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के विपरीत लाइव स्पोर्ट्स पर AI का कोई नकारात्मक असर होने की संभावना न के बराबर है। यही वजह है कि खेल प्रसारण के अधिकारों को खरीदने के लिए कंपनियों के बीच जबरदस्त होड़ मची हुई है। जितने ज्यादा खरीदार बाजार में आते हैं, खेल के प्रसारण अधिकार उतने ही महंगे होते जाते हैं और इसका बोझ अंततः उपभोक्ता पर पड़ता है। यूनाइटेड किंगडम में सार्वजनिक चैनलों जैसे बीबीसी और आईटीवी पर मैच देखने के लिए भी दर्शकों को सालाना टीवी लाइसेंस फीस चुकानी होती है। इसके अलावा स्काई स्पोर्ट्स, टीएनटी स्पोर्ट्स और डीएजेडएन जैसे अलग-अलग प्रीमियम चैनलों और स्ट्रीमिंग सेवाओं के लिए हर महीने भारी-भरकम भुगतान करना पड़ता है। डीएजेडएन के ग्रोथ मार्केट्स के सीईओ पीट ओलिवर ने स्वीकार किया कि खेल प्रेमियों के लिए प्रसारण का यह बिखराव एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि एक प्रशंसक के लिए सबसे अच्छी स्थिति यही होती है कि वह केवल एक ही सब्सक्रिप्शन खरीदे और उसे सारे मैच देखने को मिल जाएं। लेकिन बाजार की सच्चाई यह है कि खिलाड़ियों के बढ़ते वेतन और खेल संघों की अधिक कमाई की इच्छा के कारण प्रसारण अधिकारों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। जब खेल संघों को अपने कंटेंट के लिए ज्यादा पैसे देने वाले खरीदार मिलते हैं, तो वे स्वाभाविक रूप से उन्हें ही अधिकार बेचते हैं, जिससे खेल देखना और अधिक महंगा हो जाता है। पाइरेसी का खतरा और भविष्य की चुनौतियां चैनलों के इस बिखराव और लगातार बढ़ती कीमतों का एक गंभीर परिणाम पाइरेसी (अवैध स्ट्रीमिंग) के रूप में सामने आ रहा है। खेल मीडिया अधिकारों के विशेषज्ञ और लेखक पियरे मेस ने चेतावनी दी है कि कीमतों में बढ़ोतरी अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। जब खेल देखना आम लोगों की जेब से बाहर हो जाता है, तो वे कानूनी रास्ते छोड़कर अवैध वेबसाइट्स और चोरी-छिपे लाइव स्ट्रीमिंग करने वाले साधनों का इस्तेमाल करने लगते हैं। पियरे मेस के अनुसार, आजकल के दर्शकों के मन में खेल की पाइरेसी करने को लेकर कोई नैतिक हिचकिचाहट नहीं रह गई है। लोग इसे चोरी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी मजबूरी और आर्थिक जरूरत के रूप में देखते हैं। उन्होंने इसकी तुलना साल 2000 के दशक की शुरुआत में संगीत उद्योग के संकट से की, जब पाइरेसी के कारण पूरा संगीत उद्योग भारी मंदी की चपेट में आ गया था। पियरे मेस का मानना है कि खेल उद्योग को अपने प्रशंसकों को हमेशा के लिए खोने से बचाने के लिए संगीत उद्योग की तरह ही स्पॉटिफ़ाई जैसा मॉडल अपनाना होगा, जहां एक ही जगह पर सब कुछ देखने को मिल सके। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ी खेलों से पूरी तरह दूर हो जाएगी और खेल जगत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसका आप पर असर बढ़ती टिकट दरों और महंगे सब्सक्रिप्शन का आम खेल प्रेमियों और परिवारों के घरेलू बजट पर सीधा वित्तीय असर पड़ रहा है। • आर्थिक तनाव: स्टेडियमों में जाकर लाइव मैच देखना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक महंगी विलासिता बनता जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि अब लोग केवल विशेष आयोजनों पर ही खर्च करने को मजबूर हैं। • सब्सक्रिप्शन का बोझ: घर पर मैच देखने वाले दर्शकों को अलग-अलग चैनलों के लिए कई तरह के प्रीमियम प्लान खरीदने पड़ रहे हैं। इससे दर्शकों का मासिक मनोरंजन बजट काफी हद तक बढ़ गया है। • पाइरेसी को बढ़ावा: आधिकारिक चैनलों के महंगे होने से युवा और तकनीकी रूप से जागरूक लोग अवैध लाइव स्ट्रीम का रुख कर रहे हैं। इससे मनोरंजन बाजार में पायरेटेड कंटेंट की खपत लगातार बढ़ रही है। • युवाओं की बेरुखी: महंगे टिकटों के कारण नई पीढ़ी के युवा खेल संस्कृति से शारीरिक रूप से दूर होते जा रहे हैं। लंबे समय में यह खेलों की पारंपरिक फैन-फॉलोइंग को कमजोर कर सकता है। ऐसा क्यों हुआ खेल टिकटों और प्रसारण अधिकारों के दामों में हो रही यह बेतहाशा बढ़ोतरी कई बड़े आर्थिक कारकों और बाजार के बदलते समीकरणों का परिणाम है। • परिचालन लागत में महंगाई: स्टेडियमों को संचालित करने के लिए आवश्यक बिजली, स्टाफ वेतन, तकनीक, विपणन और सुरक्षा खर्चों में हाल के वर्षों में भारी वृद्धि हुई है। खेल आयोजकों को इन अतिरिक्त लागतों को पूरा करने के लिए टिकट महंगे करने पड़ रहे हैं। • प्रसारण अधिकारों की जंग: लाइव खेल का सीधा प्रसारण मीडिया कंपनियों के लिए सबसे विश्वसनीय व्यावसायिक जरिया है। अधिकारों को हथियाने के लिए कंपनियों के बीच छिड़ी होड़ के कारण प्रसारण अधिकार लगातार महंगे हो रहे हैं, जिसका अंतिम भार दर्शकों पर पड़ता है। • अनुभव आधारित अर्थव्यवस्था: आधुनिक उपभोक्ता खेलों को सिर्फ एक मैच की तरह नहीं, बल्कि एक आलीशान अनुभव (एक्सपीरियंस) की तरह देखते हैं। आयोजक इसी बदलाव का लाभ उठाकर हॉस्पिटैलिटी और वीआईपी पैकेज बढ़ाकर अधिक लाभ कमा रहे हैं। सवाल-जवाब 1. बर्मिंघम के एडगबास्टन में 2027 के एशेज टेस्ट के लिए टिकट की न्यूनतम कीमत क्या है? इस मुकाबले के लिए न्यूनतम टिकट की कीमत £115 तय की गई है, बशर्ते आप उस स्टेडियम के सदस्य न हों। साल 2023 के पिछले मुकाबले की तुलना में इसमें £50 की बढ़ोतरी हुई है। 2. विंबलडन सिंगल्स फाइनल के टिकटों की अधिकतम कीमत क्या होगी? पुरुष और महिला सिंगल्स फाइनल की सबसे महंगी स्टैंडर्ड सीट की कीमत बढ़कर £400 हो गई है, जो साल 2017 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। 3. गोल्फ की ओपन चैंपियनशिप के आयोजन की लागत में कितनी बढ़ोतरी हुई है? ओपन चैंपियनशिप की मेजबानी करने की लागत पिछले पांच या छह वर्षों में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिससे आयोजकों को £10-12 मिलियन का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। 4. सिल्वरस्टोन ग्रां प्री के जनरल एडमिशन टिकटों के दामों में कितना अंतर आया है? रविवार के मुख्य रेस के दिन के लिए जनरल एडमिशन टिकट की कीमत साल 2021 में £189 थी, जो अब बढ़कर £289 हो गई है। 5. खेल प्रसारण में पाइरेसी को रोकने के लिए विशेषज्ञ क्या समाधान सुझा रहे हैं? खेल मीडिया अधिकारों के विशेषज्ञ पियरे मेस का सुझाव है कि बढ़ती कीमतों और पाइरेसी से बचने के लिए संगीत जगत की तरह 'स्पॉटिफ़ाई ऑफ स्पोर्ट्स' जैसा एक एकीकृत मंच तैयार करना होगा। https://trendkia.com/tennis/maidana-se-lekara-tv-skrina-taka-mahnga-hua-khela-ashes-wimbledon-aura-silverstone-ke-tikaton-ke-dama-asamana-para-45026 TrendKia — Har trend, sabse pehle.