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  "type": "article",
  "title": "मां के हाथ के खाने और नए कोच ने लौटाई ओसाका की मुस्कान, विंबलडन में सबालेंका को दी मात",
  "summary": "नाओमी ओसाका ने विंबलडन के चौथे दौर में आर्यना सबालेंका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, और कहा कि उनकी मां का खाना, नया कोच और बदली सोच इस वापसी की असली वजह हैं।",
  "content": "सेंटर कोर्ट पर रविवार दोपहर नाओमी ओसाका के चेहरे पर वह मुस्कान लौट आई जो पिछले कुछ साल से गायब थी। उन्होंने आर्यना सबालेंका को हराकर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, और मैच के बाद जब पूछा गया कि आखिर क्या बदला, तो उनका जवाब सुनकर सब चौंक गए, उन्होंने अपनी कोचिंग टीम और मानसिकता के साथ-साथ अपनी मां के खाने को भी इसका श्रेय दिया।\n\nओसाका ने कहा, मेरी मां वहां हैं, वो बहुत खाना बनाती हैं और मुझे लगता है कि उनका खाना मुझे ताकत दे रहा है, इसलिए आज रात एक और डिनर मिले तो अच्छा रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि उनकी मां ढेर सारा जापानी खाना बनाती हैं, तो जापानी खाने को भी पूरा श्रेय जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोर्ट पर इतने लंबे समय बाद उन्हें इतना मजा आया है, और यहां ऐसा होना उनके लिए बहुत मायने रखता है।\n\nदो बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ट्रेसी ऑस्टिन ने इस प्रदर्शन को वापसी के बाद ओसाका का अब तक का सबसे बेहतरीन खेल बताया।\n\nदो साल पहले जो टेनिस सांस लेने जैसा आसान था, वही तकलीफदेह हो गया था\nसिर्फ दो साल पहले तक नाओमी ओसाका खुद यह समझ नहीं पा रही थीं कि जो खेल उनके लिए सांस लेने जितना आसान हुआ करता था, वही उन्हें भीतर से खाली क्यों कर रहा है। जुलाई 2023 में मातृत्व अवकाश से वापसी के बाद ओसाका को अपने ही शरीर में सहज महसूस नहीं हो रहा था। अगस्त 2024 में उन्होंने लिखा था कि जो गेंदें उन्हें कभी चूकनी ही नहीं चाहिए थीं, वो चूक जाती थीं, और जिस ताकत से वो कभी शॉट खेला करती थीं, अब उतनी ताकत नहीं बन पा रही थी। उन्होंने यह भी लिखा था कि वो खुद को समझाने की कोशिश करती थीं कि सब ठीक है, वो अच्छा खेल रही हैं, लेकिन मानसिक रूप से यह बहुत थका देने वाला अनुभव था।\n\n23 की उम्र में दुनिया की नंबर एक, फिर मानसिक स्वास्थ्य के लिए ब्रेक\n23 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते नाओमी ओसाका दो बार ऑस्ट्रेलियन ओपन और दो बार यूएस ओपन जीत चुकी थीं, और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी भी रह चुकी थीं। लेकिन इस कामयाबी के साथ आया दबाव उन्होंने कभी छुपाया नहीं। 2018 में अपना पहला बड़ा खिताब जीतने के बाद वो अवसाद के दौर से गुजरीं। 2021 में उन्होंने अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए कुछ समय के लिए टेनिस से दूरी बना ली, और बाद में बेटी शाई के जन्म के बाद 15 महीने का मातृत्व अवकाश लिया।\n\nइस दौरान सबालेंका, इगा स्वियातेक और कोको गॉफ जैसी खिलाड़ियों ने बड़े खिताब जीते और आपस में नई प्रतिद्वंद्विता खड़ी कर ली। जब ओसाका वापस लौटीं, तो उन्हें इस बदले हुए टूर में खुद को फिट बैठाना मुश्किल लग रहा था।\n\nरोम की हार ने बदल दी सोच\nबदलाव की असली शुरुआत हुई रोम में इगा स्वियातेक से 6-2, 6-1 से मिली हार के बाद। ओसाका ने बताया कि उस हार के बाद उन्होंने खुद को हर किसी से काट लिया था और सीधे विमान पकड़कर घर लौट गई थीं। उन्होंने अपनी टीम से बात तक नहीं की, क्योंकि उन्हें अपने उस व्यवहार पर बहुत शर्म महसूस हो रही थी।\n\nउसी घटना के बाद ओसाका ने खुद से कहा कि वो अब 30 साल की उम्र के करीब पहुंच रही हैं, और उन्हें जो समय मिला है उसे भरपूर जीना है। उन्होंने कहा कि टेनिस उनके लिए बहुत मायने रखता है, लेकिन उसके बाहर भी उनकी एक जिंदगी है, और वो टेनिस को उतनी ही अहमियत देना चाहती हैं जितनी सेहतमंद हो, उस पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाले बिना।\n\nकोर्ट पर आजादी से भरा खेल, 21 विनर और शानदार पहली सर्विस\nइस मैच में नाओमी ओसाका ने न सिर्फ सबालेंका की रफ्तार की बराबरी की, बल्कि उनसे कहीं ज्यादा नियंत्रण के साथ खेलीं। जहां सबालेंका किसी शॉट के चूकने पर अपने बॉक्स की तरफ चिल्लाकर या घूरकर गुस्सा जाहिर करती रहीं, वहीं ओसाका किसी गलत शॉट पर बस पीठ घुमाकर, हल्के-फुल्के अंदाज में उछलते हुए बेसलाइन की ओर लौट जातीं। उन्होंने पूरी आजादी के साथ खेल दिखाया, कुल 21 विनर शॉट लगाए और अपनी पहली सर्विस के पीछे 87 प्रतिशत अंक जीते।\n\nकोच तोमाज़ विक्तोरोव्स्की के साथ घास के कोर्ट पर नई शुरुआत\nओसाका ने घास के कोर्ट पर अपने बदले खेल का श्रेय कोच तोमाज़ विक्तोरोव्स्की को दिया, जिनके साथ उन्होंने 2025 के मध्य में काम शुरू किया था। उन्होंने बताया कि जब वो छोटी थीं, तो किसी शॉट के चूकने पर इतनी निराश हो जाती थीं कि घुटनों के बल जमीन पर पटक देती थीं, यहां तक कि उन्हें लगता था कि शायद उन्हें खेलते वक्त घुटनों के गार्ड पहनने की जरूरत है।\n\nओसाका ने बताया कि उनकी टीम को हमेशा से भरोसा था कि उनमें घास के कोर्ट पर बेहद अच्छा खेलने की क्षमता है, बस मूवमेंट वाले हिस्से को सुधारना बाकी था। उन्होंने तोमाज़ के साथ ढेर सारी ड्रिल्स कीं, जिनमें से ज्यादातर घास के कोर्ट पर भी नहीं थीं, बल्कि पैटर्न पहचानने और अपने ही खेल के साथ सहज होने पर केंद्रित थीं। उन्होंने बताया कि पूरे साल तोमाज़ उन्हें उनकी मूवमेंट के साथ धीरे-धीरे और सहज बनाते रहे।\n\nलंदन में परिवार का साथ, बेटी शाई का तीसरा जन्मदिन\nओसाका अपनी शांत मानसिकता का श्रेय लंदन में अपने परिवार के साथ रहने को भी देती हैं। पूरा परिवार एक ही घर में साथ रह रहा है, और गुरुवार को उन्होंने बेटी शाई का तीसरा जन्मदिन भी मनाया। हालांकि शुक्रवार को कोर्ट वन की भीड़ के सामने ओसाका ने यह भी बताया था कि उन्होंने बेटी को टाइम-आउट में बिठा दिया था क्योंकि वो थोड़ी शरारती हो गई थी।\n\nअगला मुकाबला कैरोलिना मुखोवा से, कड़ी परीक्षा तय\nक्वार्टर फाइनल में ओसाका का सामना कैरोलिना मुखोवा से होगा, जो एक बेहद चालाक खिलाड़ी मानी जाती हैं और ओसाका की रफ्तार का जवाब स्पिन और चालाकी से देंगी। यह मुकाबला आसान नहीं होगा, लेकिन इस बार मुखोवा का सामना एक ज्यादा बेफिक्र, शांत और तैयार ओसाका से होगा।\n\nट्रेसी ऑस्टिन ने बीबीसी टीवी पर कहा कि शायद ओसाका को खुद भी लगा होगा कि उनकी वापसी में बहुत ज्यादा वक्त लग रहा है, आखिर पिछले साल इसी समय वो टॉप 50 रैंकिंग में भी नहीं थीं। ऑस्टिन ने कहा कि ओसाका ने लगातार बेहतर बनने में शानदार काम किया है, वो पहले से कहीं ज्यादा फिट दिखती हैं और कोर्ट पर खुद को नियंत्रित रखने के लिए पूरी तरह समर्पित नजर आती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर सीधे तौर पर टेनिस फैंस और विंबलडन देखने वालों के लिए मायने रखती है।\n\n• टेनिस प्रेमियों के लिए: नाओमी ओसाका की यह वापसी दिखाती है कि क्वार्टर फाइनल में अब कैरोलिना मुखोवा के खिलाफ एक बड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।\n• युवाओं और माता-पिता के लिए: मातृत्व अवकाश के बाद करियर में वापसी की उनकी कहानी उन कामकाजी माताओं के लिए भी एक भरोसा देती है जो लंबे ब्रेक के बाद फिर से शुरुआत करने से जूझ रही हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नाओमी ओसाका ने विंबलडन के किस दौर में किसे हराया?\nउन्होंने आर्यना सबालेंका को हराकर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।\n\n2. मैच में ओसाका का प्रदर्शन कैसा रहा?\nउन्होंने 21 विनर शॉट लगाए और अपनी पहली सर्विस के पीछे 87 प्रतिशत अंक जीते।\n\n3. अब क्वार्टर फाइनल में ओसाका का सामना किससे होगा?\nउनका सामना कैरोलिना मुखोवा से होगा, जो स्पिन और चालाकी से खेलने वाली खिलाड़ी हैं।\n\n4. ओसाका ने टेनिस से ब्रेक क्यों लिया था?\nउन्होंने 2021 में मानसिक स्वास्थ्य के लिए टेनिस से दूरी बनाई थी, और बाद में बेटी शाई के जन्म के बाद 15 महीने का मातृत्व अवकाश लिया।\n\n5. ओसाका ने अब तक कौन से बड़े खिताब जीते हैं?\nउन्होंने दो बार ऑस्ट्रेलियन ओपन और दो बार यूएस ओपन जीता है, और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी भी रह चुकी हैं।\n\n6. ओसाका के कोच कौन हैं और उनका क्या योगदान रहा?\nउनके कोच तोमाज़ विक्तोरोव्स्की हैं, जिनसे उन्होंने 2025 के मध्य से काम शुरू किया और घास के कोर्ट पर मूवमेंट सुधारने पर काम किया।\n\n7. ओसाका ने अपनी मां के खाने के बारे में क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि उनकी मां का बनाया जापानी खाना उन्हें ताकत देता है और इसका श्रेय उनकी फॉर्म को जाता है।\n\n8. ओसाका की वापसी में असली मोड़ कब आया?\nरोम में इगा स्वियातेक से 6-2, 6-1 से मिली हार के बाद ओसाका ने अपनी सोच बदल ली थी।\n\nप्रेरणा और सबक\nनाओमी ओसाका की यह वापसी सिर्फ एक मैच जीतने की कहानी नहीं, बल्कि खुद को फिर से खोजने की कहानी है।\n\n• अपनी परेशानी को छुपाने की बजाय खुलकर लिखना, जैसे ओसाका ने अगस्त 2024 में अपने संघर्ष के बारे में लिखा, दबाव को हल्का करता है।\n• एक बुरी हार यानी रोम में स्वियातेक से मिली 6-2, 6-1 की हार को शर्म में डूबने के बजाय अपनी सोच बदलने का मौका बनाया जा सकता है।\n• नतीजों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालने की बजाय काम को उतनी ही अहमियत देना सीखना, जितनी सेहतमंद हो, लंबे समय में बेहतर प्रदर्शन दिलाता है।\n• सही कोच के साथ धीरे-धीरे, तकनीकी ड्रिल्स के जरिए बुनियादी कमजोरी जैसे मूवमेंट पर काम करना असली और टिकाऊ बदलाव लाता है।\n• परिवार को करीब रखना, चाहे वो मां का खाना हो या बेटी का साथ, बड़े मंच पर मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करता है।",
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  "category": "टेनिस",
  "publishedAt": "2026-07-05",
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    "नाओमी ओसाका",
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