# नाक से खून बहने के बावजूद आर्थर फेरी ने रचा विंबलडन में इतिहास

> ब्रिटेन के वाइल्डकार्ड आर्थर फेरी ने तीन बार नाक से खून बहने के बावजूद बेल्जियम के जिजू बर्ग्स को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर विंबलडन के चौथे दौर में जगह बनाई, यह कारनामा करने वाले वे 1993 के बाद पहले ब्रिटिश वाइल्डकार्ड बने।

**Type:** article · **Category:** टेनिस · **Published:** 2026-07-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tennis/naka-se-khuna-bahane-ke-bavajuda-arthur-fery-ne-racha-wimbledon-men-itihasa-4773 · **Language:** Hindi
**Tags:** विंबलडन, आर्थर फेरी, जिजू बर्ग्स, ब्रिटिश वाइल्डकार्ड, टेनिस चौथा दौर, विंबलडन 2026

ब्रिटेन के वाइल्डकार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी ने विंबलडन में वह कर दिखाया जो पिछले तीन दशक से किसी ब्रिटिश वाइल्डकार्ड ने नहीं किया था। तीन बार नाक से खून बहने की परेशानी झेलने के बावजूद उन्होंने बेल्जियम के जिजू बर्ग्स को पांच सेट तक चले जबरदस्त मुकाबले में मात दी और टूर्नामेंट के चौथे दौर में प्रवेश कर लिया। इस जीत से घरेलू दर्शकों की सिंगल्स में उम्मीदें भी जिंदा रहीं।

कोर्ट 18 पर खचाखच भरी भीड़ के सामने फेरी ने यह मुकाबला 2-6 7-5 2-6 7-6 (7-3) 7-6 (10-5) से अपने नाम किया। खास बात यह रही कि वे मैच में दो बार एक सेट और एक ब्रेक से पिछड़ने के बाद वापसी करने में कामयाब रहे।

## 1993 के बाद पहला ऐसा कारनामा
अपने पहले दो मुकाबलों में बोस्निया के डेमिर जुमहुर और फिनलैंड के ओट्टो विरटानेन को पछाड़कर आगे बढ़े फेरी के सामने बर्ग्स एक कठिन चुनौती बनकर उभरे और लंबे समय तक ऐसा लग रहा था कि उनका दम फूल चुका है। लेकिन 23 वर्षीय फेरी ने धैर्य नहीं खोया और आखिर में वापसी करते हुए 1993 में एंड्रयू फॉस्टर के बाद विंबलडन के चौथे दौर में पहुंचने वाले पहले ब्रिटिश वाइल्डकार्ड बन गए।

जीत के बाद भावुक फेरी ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो इसके लिए शब्द नहीं हैं।" चार घंटे 39 मिनट तक चले इस मुकाबले के खत्म होते ही वे जश्न में जमीन पर लेट गए। यह इस साल के टूर्नामेंट का अब तक का सबसे लंबा मैच रहा। उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं पता अभी क्या हो रहा है। इसे समझने में वक्त लगेगा।"

इस जीत से फेरी पहली बार दुनिया की टॉप 100 रैंकिंग में पहुंच जाएंगे, वहीं चौथे दौर में पहुंचने के लिए उन्हें 300,000 पाउंड इनामी राशि भी मिलेगी। अगले दौर में उनका सामना इटली के मैटियो बेरेटिनी या बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव में से किसी एक से होगा।

## तीन बार नाक से खून, फिर भी नहीं रुके
दूसरे दौर में विरटानेन को हराने वाले उसी कोर्ट 18 पर लौटे फेरी की शुरुआत मुश्किल रही। वे जल्दी ही एक ब्रेक से पिछड़ गए और लगातार तीसरे मैच में उनकी नाक से खून बहने लगा। मैच के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर उन्हें इसके लिए इलाज कराना पड़ा, आखिरी बार यह तब हुआ जब वे निर्णायक सेट में 4-5 से पिछड़कर अपनी सर्विस बचाने उतरे थे।

फेरी ने बताया, "यह एक ऐसी समस्या है जिसे मुझे ठीक करवाना होगा। यह पहले भी हो चुका है, हालांकि यह बहुत सामान्य नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "आज भी ऐसा तब हुआ जब मैं रुकना नहीं चाहता था, जब मैच में मेरा दबदबा बन रहा था। मुझे पता है यह प्रतिद्वंद्वी के लिए परेशान करने वाला होता है। लेकिन कई बार इससे मुझे थोड़ा अतिरिक्त आराम भी मिल जाता है।"

ग्रैंड स्लैम के नियमों के मुताबिक अगर किसी खिलाड़ी की नाक या शरीर से खून बह रहा हो तो खेल दोबारा शुरू होने से पहले उसे इलाज लेना जरूरी होता है, हालांकि इसके लिए उसे कोर्ट छोड़ने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा एक खिलाड़ी को कितनी बार इलाज मिल सकता है, इसकी कोई सीमा तय नहीं है।

## मैच कैसे बदलता गया
बर्ग्स ने अपने तीखे फोरहैंड विनर्स और चालाकी भरे ड्रॉप शॉट्स के दम पर पहला सेट अपने नाम किया और शुरुआत में फेरी पर हावी नजर आए। लेकिन दूसरे सेट में अपनी पहली सर्विस गंवाने के बावजूद फेरी लय में लौटे और 6 फुट 1 इंच के बेल्जियन खिलाड़ी की बढ़ती गलतियों का फायदा उठाकर सेट अपने नाम कर लिया।

तीसरे सेट के बीच में मैच का रुख फिर पलटा, बर्ग्स ने लगातार छह गेम जीतकर चौथे सेट में 4-1 की बढ़त बना ली। लेकिन जोश से भरी भीड़ के समर्थन से फ्रांस में जन्मे इस ब्रिटिश खिलाड़ी ने पूरी ताकत झोंकते हुए वापसी की और मुकाबले को निर्णायक सेट तक खींच लिया।

निर्णायक सेट में भी बर्ग्स एक बार फिर 4-1 से आगे निकल गए और फेरी की उम्मीदें धुंधली पड़ने लगीं। लेकिन आखिरी वक्त में फेरी ने एक और शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को टाईब्रेक तक पहुंचाया और भीड़ के भरोसे के दम पर उसे आसानी से जीत लिया।

फेरी ने कहा, "इतने समर्थन के साथ खेलना अविश्वसनीय अनुभव है। मैंने इस कोर्ट पर खेलने का अनुरोध किया था और क्लब ने इसे मुमकिन बनाया, यह शानदार रहा।" उन्होंने कहा, "मैं लगभग पूरे मैच में पीछे रहा, दो ब्रेक और पांचवें सेट में 4-1 से पिछड़ने के बाद भी संभलकर वापसी की और जितनी लड़ाई लड़ सकता था, लड़ी।"

## पुरस्कार राशि और अगला मुकाबला
इस जीत के साथ फेरी करियर के लिहाज से एक नया मुकाम हासिल करेंगे, पहली बार वे दुनिया की टॉप 100 रैंकिंग में शामिल होंगे। चौथे दौर तक के सफर के लिए उन्हें 300,000 पाउंड की इनामी राशि मिलनी तय है। अगले दौर में उनका सामना इटली के मैटियो बेरेटिनी या बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव से होगा।

## डबल्स में भी ब्रिटिश खिलाड़ियों का दिन
शनिवार को मिश्रित युगल में जो सैलिसबरी ने कनाडा की लेयला फर्नांडीज के साथ जोड़ी बनाकर साथी ब्रिटिश खिलाड़ी जूलियन कैश और उनकी डच जोड़ीदार डेमी शुर्स को 7-6 (9-7) 6-4 से हराया।

ब्रिटेन के नील स्कूप्स्की और उनकी अमेरिकी जोड़ीदार डेसिरे क्रावचिक, जो विंबलडन में दो बार मिश्रित युगल खिताब जीत चुके हैं, ने वापसी करते हुए ब्रिटिश जोड़ी बिली हैरिस और फ्रेया क्रिस्टी को 6-7 (3-7) 7-6 (7-5) 6-4 से हराया।

ब्रिटिश जोड़ी जोडी बरेज और डेविड स्टीवनसन को इटली के शीर्ष वरीयता प्राप्त आंद्रेया वावासोरी और सारा एरानी ने 6-4 6-1 से हराया, जबकि बेन जोन्स और माया लम्सडेन ने एक ऑल-ब्रिटिश मुकाबले में जोशुआ पैरिस और ईडन सिल्वा को मात दी।

महिला युगल में ब्रिटेन की सामंथा मरे शरण और थाईलैंड की लानलाना तारारुदी ने सेरेना और वीनस विलियम्स के टूर्नामेंट से हटने के बाद उनकी जगह ली, लेकिन उन्हें कैमिला ओसोरियो और सोलाना सिएरा के हाथों 6-3 6-4 से हार का सामना करना पड़ा।

## इसका आप पर असर
यह मैच किसी सामान्य टेनिस स्कोर से कहीं ज्यादा एक जज्बे की कहानी है, जिससे खेल प्रेमियों के लिए एक साफ संदेश निकलता है।

- **टेनिस फैंस के लिए:** यह जीत दिखाती है कि रैंकिंग में पीछे रहने वाला वाइल्डकार्ड खिलाड़ी भी सही मानसिक दृढ़ता से बड़े टूर्नामेंट में गहराई तक जा सकता है, जिससे चौथे दौर का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
- **आर्थर फेरी के करियर पर असर:** यह जीत उन्हें पहली बार दुनिया की टॉप 100 रैंकिंग में पहुंचाएगी और 300,000 पाउंड की इनामी राशि उनके करियर को आर्थिक रूप से भी मजबूत करेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. आर्थर फेरी ने विंबलडन में क्या हासिल किया?
उन्होंने जिजू बर्ग्स को पांच सेट में हराकर चौथे दौर में जगह बनाई, यह 1993 के बाद ऐसा करने वाले पहले ब्रिटिश वाइल्डकार्ड बने।

### 2. मैच का पूरा स्कोर क्या रहा?
फेरी ने यह मुकाबला 2-6 7-5 2-6 7-6 (7-3) 7-6 (10-5) से जीता।

### 3. मैच कितनी देर तक चला?
यह मुकाबला चार घंटे 39 मिनट तक चला, जो इस साल के टूर्नामेंट का सबसे लंबा मैच रहा।

### 4. फेरी को मैच के दौरान क्या दिक्कत हुई?
उन्हें मैच के दौरान तीन बार नाक से खून बहने की समस्या हुई, जिसके लिए उन्हें तीन बार इलाज लेना पड़ा।

### 5. बहते खून को लेकर ग्रैंड स्लैम का नियम क्या है?
नियम के मुताबिक खिलाड़ी को खेल दोबारा शुरू होने से पहले इलाज लेना जरूरी है, लेकिन कोर्ट छोड़ना जरूरी नहीं और इलाज की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

### 6. इस जीत से फेरी को क्या फायदा होगा?
वे पहली बार दुनिया की टॉप 100 रैंकिंग में पहुंचेंगे और उन्हें 300,000 पाउंड की इनामी राशि मिलेगी।

### 7. फेरी का अगला मुकाबला किससे होगा?
उनका सामना इटली के मैटियो बेरेटिनी या बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव में से किसी एक से होगा।

### 8. डबल्स मुकाबलों में ब्रिटिश खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
मिश्रित युगल में जो सैलिसबरी और नील स्कूप्स्की की जोड़ियां जीतीं, जबकि जोडी बरेज व डेविड स्टीवनसन की जोड़ी हार गई और महिला युगल में सामंथा मरे शरण व लानलाना तारारुदी को भी हार मिली।

## प्रेरणा और सबक
आर्थर फेरी का यह सफर सिर्फ एक टेनिस जीत नहीं, बल्कि विपरीत हालात में डटे रहने की मिसाल है।

- **दर्द को रुकावट नहीं बनने दिया:** तीन बार नाक से खून बहने के बावजूद फेरी ने खेल जारी रखा और इसे अपनी हार की वजह नहीं बनने दिया।
- **दो बार पिछड़ने के बाद भी हार नहीं मानी:** मैच में दो बार एक सेट और एक ब्रेक से पीछे रहने के बावजूद उन्होंने संयम नहीं खोया।
- **भीड़ की ताकत को पहचाना:** फेरी ने खुद कोर्ट 18 पर खेलने का अनुरोध किया था, यह दिखाता है कि उन्होंने अपने माहौल को अपने पक्ष में करने की सोच समझी रणनीति अपनाई।
- **मुश्किल पल में भी सकारात्मक नजरिया रखा:** नाक से खून बहने की समस्या को भी उन्होंने आराम के एक मौके के तौर पर देखा, ना कि सिर्फ रुकावट के तौर पर।
- **निर्णायक पलों में आखिरी दम तक लड़े:** पांचवें सेट में 1-4 से पिछड़ने के बावजूद फेरी ने हार नहीं मानी और टाईब्रेक तक मुकाबला खींच लिया।

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