टेनिस कोर्ट पर भावुक हुए स्टैन वावरिन्का, यूएस ओपन में मिला ऐतिहासिक विदाई तीन बार के मेजर चैंपियन स्टैन वावरिन्का ने यूएस ओपन के अपने आखिरी मुकाबले के बाद टेनिस कोर्ट पर एक भावुक और यादगार विदाई ली। टेनिस जगत के दिग्गज और तीन बार के मेजर खिताब अपने नाम करने वाले स्टैन वावरिन्का को यूएस ओपन के दौरान उनके करियर के आखिरी ग्रैंड स्लैम मुकाबले के बाद एक बेहद भावुक और यादगार विदाई दी गई। इस मुकाबले में 41 वर्षीय स्विस खिलाड़ी को इटली के मातेओ बेरेतिनी के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनकी आंखें नम नजर आईं और दर्शकों ने उनका खड़े होकर जोरदार स्वागत किया। अंतिम क्षणों में मिला वाइल्डकार्ड स्टैन वावरिन्का ने साल 2016 में यूएस ओपन का खिताब जीता था। टूर्नामेंट के आयोजकों ने शुरुआती दौर में उन्हें सीधे तौर पर वाइल्डकार्ड नहीं दिया था, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी पैट्रिक किप्सन के टूर्नामेंट से हटने के बाद उन्हें अंतिम समय में यह मौका मिल गया। यह फैसला पूरी तरह से सही साबित हुआ क्योंकि फ्लशिंग मीडोज के 8,000 दर्शकों की क्षमता वाले ग्रैंडस्टैंड कोर्ट में हजारों फैंस की भीड़ उन्हें विदाई देने के लिए उमड़ पड़ी थी। मैच समाप्त होने के बाद स्टैन वावरिन्का ने अपनी उंगलियों से दिल का इशारा किया और अपने सीने पर हाथ रखकर फैंस के प्रति आभार व्यक्त किया। गूंजते हुए नारों के बीच उन्होंने दर्शकों को और अधिक शोर मचाने के लिए प्रोत्साहित किया और फिर कोर्ट पर मौजूद टेनिस गेंदों को यादगार के तौर पर स्टैंड्स में उछाल दिया। कड़ा संघर्ष और शानदार विदाई मैच के दौरान स्टैन वावरिन्का ने मातेओ बेरेतिनी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह अपने मौकों को भुनाने में चूक गए जिसका फायदा इतालवी खिलाड़ी ने उठाया। स्टैन वावरिन्का ने पहले और दूसरे सेट दोनों में सेट पॉइंट हासिल किए थे, जिसमें पहले सेट में एक और दूसरे सेट में तीन सेट पॉइंट शामिल थे, लेकिन मातेओ बेरेतिनी ने उन सभी मौकों को बचा लिया और तीसरे सेट में आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद मातेओ बेरेतिनी ने खुद आगे बढ़कर तालियां बजाईं और नेट पर स्टैन वावरिन्का को गले लगाया। इसके बाद मुख्य कार्यकारी क्रेग टाइली ने उन्हें यूएस ओपन की जीत की एक फोटो मोंटाज भेंट की। फैंस के बीच कई लोग 'स्टैन द मैन' लिखे टी-शर्ट पहनकर उनका समर्थन करते नजर आए। दो दशकों की कड़ी मेहनत का फल स्टैन वावरिन्का ने अपने खेल जीवन और इस विदाई को लेकर कहा कि उनकी उम्र 41 साल तक खेलने की एक बड़ी वजह ऐसे ही पलों को जीना था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें बुधवार को स्विस पहाड़ों में अपने घर लौटने के दो दिन बाद ही वाइल्डकार्ड की खबर मिली, तो उन्होंने तुरंत अटलांटिक पार करके वापस आने का फैसला किया ताकि वे अपने सबसे पसंदीदा वेन्यू में से एक पर विदाई ले सकें। अपने शानदार एक-हाथ वाले बैकहैंड और जुझारू रवैये के लिए पहचाने जाने वाले स्टैन वावरिन्का ने कहा कि इस विदाई ने साबित कर दिया है कि पिछले 20 वर्षों में उन्होंने हमेशा संघर्ष करके और अपनी सीमाओं को पार करके बिल्कुल सही काम किया था। उन्होंने साल 2014 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और साल 2015 में फ्रेंच ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। सवाल-जवाब 1. स्टैन वावरिन्का ने अपने करियर में कुल कितने मेजर खिताब जीते हैं? स्टैन वावरिन्का ने अपने करियर में कुल तीन मेजर खिताब जीते हैं। 2. स्टैन वावरिन्का ने यूएस ओपन का खिताब कब जीता था? स्टैन वावरिन्का ने साल 2016 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। 3. यूएस ओपन के इस मैच में स्टैन वावरिन्का को किसने हराया? इस मुकाबले में स्टैन वावरिन्का को इटली के मातेओ बेरेतिनी ने सीधे सेटों में हराया। 4. स्टैन वावरिन्का को यूएस ओपन में खेलने का मौका कैसे मिला? अमेरिकी खिलाड़ी पैट्रिक किप्सन के हटने के बाद स्टैन वावरिन्का को अंतिम समय में वाइल्डकार्ड दिया गया था। प्रेरणा और सबक स्टैन वावरिन्का के करियर से मिलने वाले मुख्य सबक: • कड़ी मेहनत और अनुशासन: वावरिन्का ने साबित किया कि दो दशकों तक लगातार प्रयास और खुद को सीमाओं से परे धकेलने से ही खेल में स्थायी सफलता मिलती है। • मुश्किल समय में जुझारूपन: करियर के आखिरी पड़ाव और शुरुआती झटकों के बावजूद मैदान पर डटे रहना और हार न मानना एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। • फैंस के साथ संबंध: खेल के प्रति ईमानदारी और मैदान पर समर्पण फैंस के दिलों में हमेशा के लिए अमर कर देता है, जैसा वावरिन्का की विदाई पर देखने को मिला। https://trendkia.com/tennis/tenisa-korta-para-bhavuka-hue-stan-wawrinka-us-open-men-mila-aitihasika-vidai-25498 TrendKia — Har trend, sabse pehle.