टेनिस खिलाड़ी तारा मूर का डब्ल्यूटीए पर 15 मिलियन पाउंड का हर्जाना दावा अमेरिकी अदालत ने किया खारिज डोनाल्ड ट्रंप के देश अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ब्रिटिश युगल टेनिस खिलाड़ी तारा मूर की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दूषित मांस की चेतावनी न देने पर डब्ल्यूटीए से 15 मिलियन पाउंड का हर्जाना मांगा था। ब्रिटेन की युगल टेनिस खिलाड़ी तारा मूर को कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है, जहां न्यूयॉर्क स्थित एक संघीय अदालत ने महिला टेनिस संघ यानी डब्ल्यूटीए के खिलाफ दायर उनके 15 मिलियन पाउंड यानी 20 मिलियन डॉलर के हर्जाना दावे को सिरे से खारिज कर दिया। चार साल के डोपिंग प्रतिबंध का सामना कर रहीं 34 वर्षीय खिलाड़ी ने महिला टूर की शीर्ष संस्था पर आरोप लगाया था कि वह कोलंबिया में आयोजित एक टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को दूषित मांस खाने के जोखिम के प्रति सचेत करने में पूरी तरह नाकाम रही। न्यूयॉर्क की अदालत का सख्त फैसला यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इन न्यूयॉर्क ने इस पूरे विवाद पर विचार करने के बाद मूर के प्रस्ताव को खारिज करते हुए मामले को हमेशा के लिए बंद करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया। अमेरिकी जिला न्यायाधीश एंड्रयू कार्टर ने शुक्रवार को अपने आदेश में रेखांकित किया कि मूर द्वारा मध्यस्थता फैसले के खिलाफ दी गई चुनौती का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बनता है और यह कानूनन उचित नहीं है। अदालत के इस फैसले से खिलाड़ी की कानूनी लड़ाई को अदालत के दरवाजे पर बड़ा विराम मिल गया है। डोपिंग मामले की पृष्ठभूमि और दूषित मांस का पहलू इस पूरे मामले की शुरुआत अप्रैल 2022 में हुई थी, जब बोगोटा में आयोजित डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट के दौरान मूर का डोप परीक्षण सकारात्मक पाया गया था। उस परीक्षण में उनके नमूने में नैंड्रोलोन और बोल्डेनोने जैसे प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए थे। हालांकि, इसके बाद दिसंबर 2023 में एक स्वतंत्र न्यायाधिकरण ने अपनी सुनवाई में माना था कि खिलाड़ी के शरीर में प्रतिबंधित तत्वों की मौजूदगी का मुख्य कारण दूषित मांस था। इस निष्कर्ष के आधार पर न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया था कि मूर की इस मामले में कोई गलती या लापरवाही नहीं थी। उस समय मूर ब्रिटेन की शीर्ष रैंकिंग वाली महिला युगल खिलाड़ी थीं। कानूनी खींचतान और अपील का लंबा सफर स्वतंत्र न्यायाधिकरण से राहत मिलने के बावजूद मामला थमा नहीं, क्योंकि इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी यानी आईटीआईए ने उस फैसले को चुनौती देते हुए अपील कर दी। इसके बाद मूर पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसके चलते वह 2028 के सत्र की शुरुआत तक किसी भी पेशेवर मुकाबले में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। इस स्थिति से आहत होकर मूर ने अमेरिकन आर्बिट्रेशन एसोसिएशन के समक्ष कानूनी कार्यवाही शुरू की थी। अपनी दलीलों में मूर ने कहा था कि कोलंबिया में मांस खाने से बचने की चेतावनी देने में डब्ल्यूटीए की नाकामी ही सीधे तौर पर उनके सकारात्मक परीक्षण और उसके बाद हुए भारी नुकसान की मुख्य वजह बनी। हालांकि, मध्यस्थ ने सीएएस के पूर्व फैसले का समर्थन करते हुए डब्ल्यूटीए के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था। मध्यस्थता के बाद संघीय अदालत का दरवाजा खटखटाया मध्यस्थता के फैसले से असंतुष्ट होकर मूर ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी जिला अदालत में एक मोशन दायर किया। वर्ष 2022 में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 77वीं विश्व रैंकिंग हासिल करने वाली खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि मध्यस्थ ने उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं दिया। अपनी याचिका में उन्होंने कम से कम 20 मिलियन डॉलर के हर्जाने की मांग करते हुए तर्क दिया कि डब्ल्यूटीए एक ज्ञात और विशिष्ट खतरे से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद खामोश रहा और बाद में अपनी खुद की लापरवाही का ठीकरा खिलाड़ी के सिर फोड़ दिया। अदालत के हालिया फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए मूर ने कहा, "यह सिर्फ दिखाता है कि टेनिस में डोपिंग रोधी प्रणाली कितनी टूटी हुई है।" उन्होंने पूरे मामले को एक बुरा सपना करार दिया, जिसने उनके करियर और प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस बीच, डब्ल्यूटीए और आईटीआईए से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मांगी गई है। इसका आप पर असर पेशेवर एथलीटों और खेल प्रशंसकों के लिए यह फैसला खेल प्रशासन की जिम्मेदारी और डोपिंग नियमों की कठोरता को उजागर करता है। • एथलीटों की जवाबदेही: खेल नियमों के तहत खिलाड़ी अपने शरीर में जाने वाले किसी भी पदार्थ के लिए पूरी तरह खुद जिम्मेदार माने जाते हैं। टूर्नामेंट आयोजक चेतावनी दें या न दें, भोजन चयन में खिलाड़ियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। • करियर पर असर: चार साल का प्रतिबंध किसी भी शीर्ष खिलाड़ी के करियर के बहुमूल्य वर्ष छीन लेता है। मूर 2028 तक कोर्ट से बाहर रहेंगी, जिससे उनकी रैंकिंग और कमाई पूरी तरह समाप्त हो गई है। • कानूनी सीमाओं का सबक: खेल मध्यस्थता के फैसलों को बाहरी अदालतों में उलटना बेहद कठिन प्रक्रिया साबित होती है। अमेरिकी अदालत ने मध्यस्थता के फैसले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। • सिस्टम सुधार की बहस: यह मामला अंतरराष्ट्रीय टेनिस में खाद्य संदूषण से जुड़े डोपिंग नियमों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। खिलाड़ियों में सख्त नियमों और प्रशासनिक सहयोग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अदालत ने तारा मूर के मुकदमे को इसलिए खारिज किया क्योंकि मध्यस्थता फैसले के खिलाफ उनकी चुनौती कानून की कसौटी पर उचित नहीं पाई गई। • मध्यस्थता निर्णय की वैधानिकता: अमेरिकी जिला अदालत ने पाया कि मध्यस्थ के फैसले को रद्द करने के लिए मूर द्वारा दिए गए कानूनी तर्क पर्याप्त और न्यायसंगत नहीं थे। अदालत ने माना कि मध्यस्थता प्रक्रिया में प्रक्रियात्मक अनियमितता का कोई ठोस आधार नहीं मिला। • डब्ल्यूटीए की चेतावनी पर विवाद: मूर का तर्क था कि कोलंबिया में मांस संदूषण के जोखिम के बारे में डब्ल्यूटीए ने जानकारी होने के बावजूद खिलाड़ियों को सतर्क नहीं किया। वहीं, खेल मध्यस्थता ने प्रशासनिक संस्था को इस परिणाम के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं माना। • स्वतंत्र निष्कर्ष बनाम आईटीआईए अपील: हालांकि एक स्वतंत्र न्यायाधिकरण ने मूर को अनजाने में संदूषण का शिकार माना था, लेकिन आईटीआईए की अपील के चलते उन पर प्रतिबंध लगा, जिसके बाद मूर ने हर्जाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया था। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी अदालत ने तारा मूर के मामले में क्या फैसला सुनाया? अदालत ने मूर की याचिका को कानूनी रूप से अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया और मामले को बंद करने का निर्देश दिया। 2. तारा मूर ने डब्ल्यूटीए से कितने हर्जाने की मांग की थी? मूर ने कम से कम 20 मिलियन डॉलर यानी लगभग 15 मिलियन पाउंड के हर्जाने की मांग की थी। 3. मूर पर डोपिंग का मामला कब और कहां सामने आया था? अप्रैल 2022 में बोगोटा में आयोजित डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट के दौरान उनके नमूने में नैंड्रोलोन और बोल्डेनोने पाए गए थे। 4. मूर कब तक टेनिस मुकाबलों से प्रतिबंधित रहेंगी? चार साल के प्रतिबंध के कारण वह 2028 सत्र की शुरुआत तक किसी भी पेशेवर टूर्नामेंट में नहीं खेल सकती हैं। https://trendkia.com/tennis/us-korta-ne-tara-moore-ka-wta-para-15-miliyana-paunda-ka-harjana-dava-kiya-kharija-36701 TrendKia — Har trend, sabse pehle.