विंबलडन में ब्रिटिश वाइल्डकार्ड आर्थर फेरी का धमाका, सेमीफाइनल में बनाई जगह ब्रिटिश वाइल्डकार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी ने विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में विश्व नंबर 10 फ्लेवियो कोबोली को हराकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने 25 वर्षों में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले पुरुष वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बनकर खलबली मचा दी है। ब्रिटिश खिलाड़ी आर्थर फेरी ने विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर अपने प्रशंसकों के सामने एक अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस शानदार जीत के साथ, उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है और दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ऐतिहासिक जीत और रिकॉर्ड इस साल विंबलडन में आने से पहले, आर्थर फेरी का ग्रैंड स्लैम सिंगल्स में ट्रैक रिकॉर्ड बहुत मामूली था। दुनिया के 114वें नंबर के इस खिलाड़ी ने अब तक किसी भी बड़े टूर्नामेंट में दूसरे दौर से आगे का सफर तय नहीं किया था। लेकिन एक बेहद गर्म दोपहर में उन्होंने फ्रेंच ओपन के उपविजेता और टूर्नामेंट के नौवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को 6-4, 7-6 (7-4), 6-0 के सीधे सेटों में शिकस्त देकर सभी को हैरान कर दिया। 23 वर्षीय इस खिलाड़ी की जीत के बाद सेंटर कोर्ट का माहौल देखने लायक था, जहां दर्शक उनके नाम के नारे लगा रहे थे। इस जीत के साथ ही वे पिछले 25 वर्षों में विंबलडन के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले पहले पुरुष वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। गोरान इवानिसेविक ही एकमात्र अन्य खिलाड़ी थे जिन्होंने वाइल्डकार्ड से प्रवेश कर इस स्तर तक पहुंचने का कारनामा किया था, और बाद में वे चैंपियन भी बने थे। अभूतपूर्व प्रदर्शन दो दिन पहले सेंटर कोर्ट पर अपने डेब्यू मैच में पूर्व विश्व नंबर तीन ग्रिगोर दिमित्रोव को हराकर आर्थर फेरी खुद हैरान थे और अविश्वास में सिर हिला रहे थे, लेकिन इस बार वे दर्शकों से मिल रहे प्यार का पूरा आनंद लेते नजर आए। फ्लेवियो कोबोली के खिलाफ उनका यह खेल पूरी तरह से प्रेरणादायक रहा, जिसमें उन्होंने उस संयम का परिचय दिया जो उनके स्तर के खिलाड़ी में मिलना मुश्किल होता है। करीब 15,000 घरेलू प्रशंसकों का समर्थन उनके साथ था, और अब उन्हें शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना करने के लिए तैयारी करनी है। संघर्ष से सफलता का सफर आर्थर फेरी के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। महज 18 महीने पहले, हाथ में बोन स्ट्रेस इंजरी के कारण जूझते हुए उनकी रैंकिंग दुनिया के शीर्ष 500 खिलाड़ियों से भी बाहर हो गई थी। अक्टूबर से पहले वे शीर्ष 200 की सूची में भी नहीं थे। हालांकि, अब सब कुछ बदल चुका है। वे इस टूर्नामेंट को नए ब्रिटिश नंबर एक खिलाड़ी के रूप में समाप्त करेंगे। वे ओपन एरा में विंबलडन पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले केवल पांचवें ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। इस प्रदर्शन के बाद उनकी विश्व रैंकिंग निश्चित रूप से 36वें स्थान पर पहुंच जाएगी, जो कि यूएस ओपन में वरीयता पाने के लिए आवश्यक स्थान से सिर्फ चार पायदान दूर है। इनाम और आगे की राह फ्लेवियो कोबोली जैसे उभरते हुए सितारे के खिलाफ इस मास्टरक्लास जीत ने आर्थर फेरी के लिए 9,00,000 पाउंड की पुरस्कार राशि सुनिश्चित कर दी है। यह रकम उनके अब तक के करियर की कुल 6,50,000 पाउंड की कमाई से कहीं अधिक है। गोरान इवानिसेविक के नक्शेकदम पर चलते हुए, वे 2001 में उस क्रोएशियाई खिलाड़ी के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सबसे कम रैंकिंग वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। क्वार्टर फाइनल मैच में उतरने से पहले उन्हें घबराहट महसूस हो रही थी, लेकिन उन्होंने अपने घरेलू मैदान के काफी करीब स्थित इस सबसे बड़े मंच पर सब कुछ बहुत सहजता से संभाला है। इसका आप पर असर भारत में: विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय टेनिस प्रेमियों के लिए यह देखना प्रेरणादायक है कि कैसे एक कम रैंकिंग वाला खिलाड़ी अपने कौशल से बड़े दिग्गजों को हरा सकता है। ब्रिटेन में: आर्थर फेरी की सफलता न केवल देश के लिए नई नंबर एक रैंकिंग लेकर आई है, बल्कि यह उन युवाओं के लिए भी उम्मीद की किरण है जो चोट या संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. आर्थर फेरी ने विंबलडन के सेमीफाइनल में किसे हराया? उन्होंने क्वार्टर फाइनल में विश्व नंबर 10 फ्लेवियो कोबोली को 6-4, 7-6 (7-4), 6-0 के सीधे सेटों में हराया। 2. आर्थर फेरी के विंबलडन सेमीफाइनल तक पहुंचने का महत्व क्या है? वे पिछले 25 वर्षों में विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले पुरुष वाइल्डकार्ड खिलाड़ी हैं। 3. आर्थर फेरी का अगला मुकाबला किससे है? वे शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल में फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना करेंगे। 4. आर्थर फेरी ने इस जीत से कितनी राशि जीती है? इस जीत के साथ उन्होंने 9,00,000 पाउंड की पुरस्कार राशि सुरक्षित कर ली है। प्रेरणा और सबक आर्थर फेरी की सफलता से सीखने योग्य बातें: • धैर्य और निरंतरता: चोट के कारण रैंकिंग गिरने के बावजूद उन्होंने खेल नहीं छोड़ा और अपनी फिटनेस पर काम करना जारी रखा। • दबाव में प्रदर्शन: क्वार्टर फाइनल जैसे बड़े मंच पर घबराहट के बावजूद अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखना ही जीत की कुंजी है। • बड़े अवसरों का उपयोग: जब मौका मिले, तो अपनी पूरी क्षमता झोंक दें, भले ही आप पहले कभी उस स्तर तक न पहुंचे हों। https://trendkia.com/tennis/vinbaladana-men-britisha-vaildakarda-arthur-fery-ka-dhamaka-semiphainala-men-banai-jagaha-5881 TrendKia — Har trend, sabse pehle.