# बच्चों को कराएं दुनिया की सैर, दिल्ली के इस खास म्यूजियम में मौजूद हैं 85 देशों की रंग-बिरंगी गुड़ियां

> दिल्ली के ITO के पास स्थित शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूज़ियम बच्चों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का एक बेहतरीन केंद्र है, जहां बेहद कम खर्च में दुनिया भर की 6500 से अधिक गुड़ियां देखी जा सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-06-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/bachchon-ko-karaen-duniya-ki-saira-delhi-ke-isa-khasa-myujiyama-men-maujuda-hain-85-deshon-ki-rnga-birngi-guriyan-2008 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पर्यटन, शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूजियम, बच्चों के लिए घूमने की जगह, दिल्ली के म्यूजियम, दिल्ली टूरिज्म, हॉलिडे डेस्टिनेशन

## दिल्ली के बीचों-बीच बसा एक अनोखा संसार
राजधानी दिल्ली में अपने बच्चों के साथ घूमने के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश है जो मजेदार होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धक भी हो, तो आपको ITO के पास स्थित शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूज़ियम जरूर जाना चाहिए। यह म्यूजियम बच्चों के लिए किसी जादुई दुनिया जैसा अनुभव कराता है। यहां देश-विदेश की हजारों अनूठी और रंग-बिरंगी गुड़िया एक साथ देखने को मिलती हैं।

## 85 देशों से आई 6500 से ज्यादा गुड़िया
इस अद्भुत म्यूजियम में करीब 6500 से अधिक गुड़िया प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें दुनिया के 85 अलग-अलग देशों से यहां लाया गया है। यहां आने वाले बच्चे और वयस्क एक ही छत के नीचे जापान, रूस, अमेरिका, स्पेन, फ्रांस और भारत समेत कई देशों की सांस्कृतिक झलक देख सकते हैं। यह बच्चों के लिए किसी छोटे से वर्ल्ड टूर जैसा ही है।

इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खूबी यहां रखी कॉस्ट्यूम डॉल्स हैं। ये सिर्फ खेलने के खिलौने नहीं हैं, बल्कि अपने-अपने देशों के पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों को जीवंत रूप में दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए, यहां जापानी किमोनो पहने हुई डॉल, स्पेन की मशहूर फ्लेमेंको डांसर डॉल और भारतीय दुल्हन की वेशभूषा वाली गुड़िया आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।

## भारतीय संस्कृति को समर्पित एक विशेष कोना
म्यूजियम में एक विशेष भारतीय सेक्शन भी बनाया गया है, जो देश के विभिन्न राज्यों की विविधताओं और संस्कृति को गुड़ियों के माध्यम से बखूबी दर्शाता है। यहां राजस्थान की घाघरा-चोली, पंजाब का भांगड़ा लुक और दक्षिण भारत की पारंपरिक साड़ियों से सजी गुड़िया बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से रूबरू कराती हैं।

## टिकट की दरें और समय सारणी
अगर आप यहां जाने का मन बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। यह म्यूजियम सुबह 10 बजे खुलता है और शाम को 5:30 बजे तक खुला रहता है। ध्यान रहे कि सोमवार को यह म्यूजियम पूरी तरह से बंद रहता है, इसलिए इस दिन जाने की योजना न बनाएं। यहां प्रवेश शुल्क भी बेहद मामूली है। वयस्कों के लिए टिकट की कीमत लगभग 15 से 30 रुपये है, जबकि बच्चों के लिए टिकट मात्र 5 से 13 रुपये में उपलब्ध है।

गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने से पहले बच्चों को इस शानदार जगह पर ले जाना एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां आपके बच्चे खेलते-खेलते दुनिया भर के पारंपरिक रीति-रिवाजों को आसानी से समझ सकते हैं।

## इसका आप पर असर
- **देशभर के पाठकों के लिए:** यदि आप दिल्ली की यात्रा पर आ रहे हैं, तो यह बच्चों के साथ घूमने के लिए एक बेहतरीन और शिक्षाप्रद पर्यटन स्थल की जानकारी देता है।
- **दिल्ली में:** स्थानीय लोगों के लिए यह वीकेंड पर बच्चों को बेहद कम खर्च में एक अनोखा और ज्ञानवर्धक अनुभव देने का बेहतरीन मौका है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह डॉल्स म्यूजियम दिल्ली में कहां स्थित है?
यह म्यूजियम दिल्ली में ITO के पास स्थित है, जिसका नाम शंकर इंटरनेशनल डॉल्स म्यूज़ियम है।

### 2. म्यूजियम में कुल कितनी गुड़ियां हैं और वे कितने देशों की हैं?
इस म्यूजियम में कुल 6500 से अधिक गुड़ियां प्रदर्शित हैं, जिन्हें दुनिया के 85 अलग-अलग देशों से लाया गया है।

### 3. म्यूजियम के खुलने और बंद होने का समय क्या है?
यह म्यूजियम सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुला रहता है और हर सोमवार को बंद रहता है।

### 4. पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क कितना है?
वयस्कों के लिए टिकट की कीमत 15 से 30 रुपये और बच्चों के लिए 5 से 13 रुपये के बीच है।

### 5. म्यूजियम की कॉस्ट्यूम डॉल्स की क्या विशेषता है?
ये गुड़ियां केवल खिलौने नहीं हैं, बल्कि ये अपने-अपने देशों के पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों को दर्शाती हैं, जैसे जापानी किमोनो डॉल या स्पैनिश फ्लेमेंको डांसर डॉल।

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