बादलों में बसे ये 6 मठ, जहां पहुंचना खुद एक सुकून भरा सफर है हिमाचल प्रदेश से लेकर तिब्बत और भूटान तक, दुनिया के कुछ सबसे ऊंचे बौद्ध मठ ऐसी जगहों पर बने हैं जहां प्रकृति की भव्यता और आध्यात्मिक शांति एक साथ मिलती है। पहाड़ों की बुलंद चोटियों पर जब कोई मठ नज़र आता है, तो वह सिर्फ पूजा-पाठ की जगह नहीं लगता, बल्कि प्रकृति और आस्था के मेल का एक जीता-जागता उदाहरण बन जाता है। बर्फीली चोटियां, साफ नीला आसमान और चारों तरफ पसरा सन्नाटा इन मठों को हर साल हज़ारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए खिंचाव का केंद्र बना देते हैं। अगर सुकून भरी यात्रा की योजना बन रही है, तो दुनिया के इन ऊंचाई वाले मठों को सूची में शामिल करना बनता है। की मठ, हिमाचल प्रदेश समुद्र तल से करीब 4,166 मीटर ऊपर बसा की मठ स्पीति घाटी का सबसे बड़ा और सबसे मशहूर बौद्ध मठ है। सदियों पुरानी इस इमारत की खासियत इसकी अनोखी बनावट है, जो दूर से देखने पर किसी किले जैसी दिखती है। यहां से हिमालय की चोटियों का नज़ारा इतना शानदार है कि सफर की थकान भी भूल जाती है। थिक्से मठ, लद्दाख लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर बना थिक्से मठ लोगों की जुबान पर अक्सर मिनी पोटाला पैलेस के नाम से चढ़ता है। यहां भगवान बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा स्थापित है, और मठ का शांत माहौल आने वालों को गहरे आध्यात्मिक अनुभव से गुजारता है। टाइगर्स नेस्ट मठ, भूटान पारो ताकत्सांग के नाम से भी जाना जाने वाला यह मठ करीब 3,120 मीटर ऊंची एक खड़ी चट्टान पर टिका है और दुनिया के सबसे मशहूर बौद्ध तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। यहां तक सीधी गाड़ी नहीं पहुंचती, पैदल ट्रेक करके ही पहुंचना पड़ता है, लेकिन ऊपर पहुंचकर दिखने वाला नज़ारा हर कदम की मेहनत को सार्थक कर देता है। रोंगबुक मठ, तिब्बत माउंट एवरेस्ट के नॉर्थ बेस कैंप के करीब लगभग 4,980 मीटर की ऊंचाई पर बसा रोंगबुक मठ, दुनिया के सबसे ऊंचे मठों में शुमार होता है। यहां से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का नज़ारा इतना करीब से दिखता है कि देखने वाले की सांसें थम जाएं। तेंगबोचे मठ, नेपाल नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में लगभग 3,867 मीटर की ऊंचाई पर बसा तेंगबोचे मठ शेरपा समुदाय की संस्कृति और बौद्ध परंपराओं का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां से एवरेस्ट, अमा डबलाम और हिमालय की बाकी चोटियों का नज़ारा देखने लायक है। फुगताल मठ, लद्दाख लगभग 3,900 मीटर ऊंचाई पर एक गुफा के भीतर बना फुगताल मठ अपनी अनोखी बनावट के लिए जाना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं बनी है, इसलिए हर यात्री को पैदल ही रास्ता तय करना पड़ता है। यही मुश्किल इस सफर को और भी रोमांचक और यादगार बना देती है। इसका आप पर असर यात्रा प्रेमियों के लिए: जो लोग भीड़भाड़ से दूर सुकून वाली जगह ढूंढ रहे हैं, उनके लिए ये छह मठ अगली यात्रा की सूची में शामिल किए जा सकते हैं। • भारत में: हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी और लद्दाख के थिक्से व फुगताल मठ भारतीय पर्यटकों के लिए अपेक्षाकृत सुलभ हैं और घरेलू हिमालयी यात्रा के लोकप्रिय ठिकाने बन सकते हैं। • ट्रेकर्स के लिए: टाइगर्स नेस्ट और फुगताल जैसे मठों तक सड़क नहीं है, इसलिए पैदल यात्रा की तैयारी और शारीरिक फिटनेस पहले से जरूरी है। सवाल-जवाब 1. दुनिया के सबसे ऊंचे मठों में से कौन सा सबसे ऊंचा है? तिब्बत का रोंगबुक मठ लगभग 4,980 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे सबसे ऊंचे मठों में गिना जाता है। 2. की मठ किस राज्य में स्थित है? की मठ भारत के हिमाचल प्रदेश में स्पीति घाटी में लगभग 4,166 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 3. थिक्से मठ को मिनी पोटाला पैलेस क्यों कहा जाता है? इसकी बनावट और शैली की वजह से थिक्से मठ को अक्सर मिनी पोटाला पैलेस कहा जाता है, और यह लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 4. टाइगर्स नेस्ट मठ तक कैसे पहुंचा जा सकता है? भूटान का टाइगर्स नेस्ट मठ लगभग 3,120 मीटर ऊंची एक खड़ी चट्टान पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए पैदल ट्रेक करना पड़ता है। 5. फुगताल मठ की खास बात क्या है? लद्दाख का फुगताल मठ लगभग 3,900 मीटर की ऊंचाई पर एक गुफा के अंदर बना है और यहां तक कोई सड़क नहीं जाती, यात्रियों को पैदल ही पहुंचना पड़ता है। 6. तेंगबोचे मठ किस लिए जाना जाता है? नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में लगभग 3,867 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तेंगबोचे मठ शेरपा संस्कृति और बौद्ध परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है, यहां से एवरेस्ट और अमा डबलाम के नज़ारे दिखते हैं। https://trendkia.com/travel/badalon-men-base-ye-6-matha-jahan-pahunchana-khuda-eka-sukuna-bhara-saphara-hai-5219 TrendKia — Har trend, sabse pehle.