भारत के 6 अनछुए गांव जो स्विट्जरलैंड की खूबसूरती को भी दे सकते हैं टक्कर अगर आप मनाली और गोवा की भीड़ से दूर सुकून की तलाश में हैं, तो भारत के इन 6 जादुई गांवों की यात्रा जरूर करें। ये स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत परिवेश के लिए जाने जाते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी के शोर, ऑफिस के दबाव और कंक्रीट के शहरों से दूर जाने की ख्वाहिश हम सभी को होती है। यदि आप भी अगली छुट्टियों के लिए भीड़-भाड़ से दूर किसी शांतिपूर्ण जगह की तलाश कर रहे हैं, तो शिमला, मनाली या गोवा जैसे सामान्य विकल्पों को छोड़िए। TrendKia आज आपको भारत के 6 ऐसे अनदेखे और खूबसूरत गांवों की जानकारी दे रहा है, जो पर्यटकों की नजरों से दूर किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। ज़ुलुक, सिक्किम समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह गांव कभी भारत और तिब्बत के बीच प्रसिद्ध 'सिल्क रूट' का हिस्सा था। सिक्किम का यह छोटा सा गांव अपने 32 घुमावदार रास्तों के लिए जाना जाता है। कंचनजंगा की चोटियों पर गिरती सूरज की पहली किरणें यहाँ का सबसे मनमोहक दृश्य पेश करती हैं। जिभी, हिमाचल प्रदेश तीर्थन घाटी के भीतर बसा जिभी उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें हिमाचल प्रदेश तो पसंद है, लेकिन कसोल और मनाली की हलचल नहीं। देवदार के जंगलों से घिरा यह स्थान अपने पारंपरिक कथकुनी शैली के घरों और कल-कल करती नदियों के लिए मशहूर है। जिभी वॉटरफॉल और जलोड़ी पास यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। मावलिननॉन्ग, मेघालय मेघालय में स्थित मावलिननॉन्ग केवल अपनी हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि अनुशासन के लिए भी जाना जाता है। इसे 'एशिया का सबसे साफ गांव' माना जाता है। यहाँ की सड़कें हमेशा फूलों से सजी रहती हैं और खासी जनजाति द्वारा पेड़ों की जड़ों से तैयार किए गए 'लिविंग रूट ब्रिज' इसे अद्वितीय बनाते हैं। खोनोमा, नगालैंड कोहिमा से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खोनोमा को देश का पहला 'ग्रीन विलेज' होने का गौरव प्राप्त है। अंगामी आदिवासियों ने यहाँ शिकार और पेड़ों की कटाई पर रोक लगाकर इस क्षेत्र को एक अभ्यारण्य बना दिया है। सीढ़ीदार खेती और पहाड़ियों का नजारा फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अद्भुत है। नाको, हिमाचल प्रदेश किन्नौर और स्पीति घाटी की सीमा पर स्थित नाको गांव तिब्बती संस्कृति की झलक देता है। यह एक ठंडा रेगिस्तानी गांव है जिसके केंद्र में स्थित नाको झील में पहाड़ों का प्रतिबिंब बेहद सुंदर दिखता है। यहाँ का प्राचीन बौद्ध मठ और पत्थर से बने घर पर्यटकों को शांति का अनुभव कराते हैं। मुनरो आइलैंड, केरल यदि आपको पहाड़ों के बजाय पानी और हरियाली अधिक आकर्षित करती है, तो कोल्लम स्थित मुनरो आइलैंड आपका स्वागत करता है। 8 द्वीपों का यह समूह एलेप्पी की भीड़ से कोसों दूर है। यहाँ नारियल के पेड़ों के बीच नहरों में कयाकिंग करते हुए सूर्यास्त देखना एक यादगार अनुभव है। इसका आप पर असर भारत में: इन ऑफबीट जगहों पर जाने से आपको कमर्शियल पर्यटन की भीड़ और महंगी होटलों से राहत मिलेगी, जिससे आपकी यात्रा का बजट संतुलित रहेगा। स्थानीय स्तर पर: इन गांवों में होमस्टे चुनने से आप सीधे स्थानीय समुदायों की अर्थव्यवस्था में योगदान देंगे और वहां की संस्कृति को करीब से अनुभव कर पाएंगे। सवाल-जवाब 1. भारत का पहला 'ग्रीन विलेज' कौन सा है? नगालैंड का खोनोमा गांव भारत का पहला 'ग्रीन विलेज' है, जहां शिकार और पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक है। 2. एशिया का सबसे साफ गांव कौन सा है? मेघालय का मावलिननॉन्ग गांव एशिया का सबसे साफ गांव माना जाता है। 3. क्या ज़ुलुक जाना सुरक्षित है? ज़ुलुक सिक्किम का एक खूबसूरत गांव है, जो अपने 32 घुमावदार रास्तों के लिए जाना जाता है और पर्यटकों के लिए एक शांत गंतव्य है। 4. मुनरो आइलैंड कहां स्थित है? मुनरो आइलैंड केरल के कोल्लम जिले में स्थित है, जो 8 छोटे द्वीपों का एक समूह है। https://trendkia.com/travel/bharat-ke-6-undiscovered-villages-jo-switzerland-ki-khubsurti-ko-bhi-de-sakte-hain-takkar-2407 TrendKia — Har trend, sabse pehle.