बिहार और बेंगलुरु के बीच त्योहारों पर रेल सफर होगा आसान, सहरसा से यशवंतपुर के लिए चली पूजा स्पेशल दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सहरसा और यशवंतपुर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू की है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर से हो रही है, जिसके साथ ही देश भर में उत्सवों का उल्लास छा जाएगा। नवरात्रि के बाद दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और आस्था का महापर्व छठ लगातार आने वाले हैं। ऐसे मौकों पर लाखों परदेसी अपने परिजनों के साथ खुशियां बांटने के लिए घरों का रुख करते हैं। सड़क से लेकर पटरियों तक भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे संभालने के मकसद से रेलवे हर साल अतिरिक्त फेरे लगाता है। इसी कड़ी में सैकड़ों अतिरिक्त गाड़ियों की योजना के तहत उत्तर बिहार और दक्षिण भारत के प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र को जोड़ने वाली एक विशेष रेलगाड़ी पटरी पर उतारी गई है। साप्ताहिक संचालन का कैलेंडर और समय अवधि बिहार के सहरसा जंक्शन और बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन के मध्य यह विशेष सेवा सीमित अवधि के लिए तय की गई है। यशवंतपुर से सहरसा की ओर जाने वाली सेवा प्रत्येक रविवार को चलेगी। इस दिशा में पहला फेरा 11 अक्टूबर को खुलेगा और अंतिम परिचालन 29 नवंबर तक निर्धारित है। विपरीत दिशा में सहरसा से दक्षिण भारत लौटने वालों के लिए ट्रेन प्रत्येक बुधवार को रवाना की जाएगी। सहरसा से यह फेरा 14 अक्टूबर से आरंभ होकर 2 दिसंबर तक निरंतर उपलब्ध रहेगा। नियमित गाड़ियों में लंबी प्रतीक्षा सूची झेल रहे प्रवासियों के लिए यह कदम खासी राहत लेकर आया है। प्रस्थान समय और गंतव्य तक पहुंचने का ब्योरा लंबी दूरी तय करने वाली इस गाड़ी के समय चक्र को दोनों छोरों पर स्पष्ट रखा गया है। यशवंतपुर से सहरसा जाने वाली ट्रेन संख्या 06581 यशवंतपुर-सहरसा स्पेशल रविवार सुबह 07.00 बजे अपने आरंभिक स्टेशन से प्रस्थान करेगी। रास्ते के कई राज्यों को पार करते हुए यह गाड़ी मंगलवार की रात 20.00 बजे सहरसा पहुंचेगी। वापसी यात्रा के लिए गाड़ी संख्या 06582 सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल का निर्धारण हुआ है। यह ट्रेन सहरसा से बुधवार सुबह 05.55 बजे छूटेगी और शुक्रवार शाम 16.00 बजे यशवंतपुर में अपनी यात्रा समाप्त करेगी। दोनों राज्यों के बीच इन स्टेशनों पर होगा ठहराव बिहार से कर्नाटक तक के अपने लंबे सफर में यह रेलगाड़ी कई महत्वपूर्ण औद्योगिक, धार्मिक और जंक्शन स्टेशनों को आपस में जोड़ेगी। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख हॉल्ट में सिमरी बख्तियारपुर, मानसी, खगड़िया, सलौना और हसनपुर रोड शामिल हैं। इसके उपरांत यह समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और सोनपुर होते हुए पाटलिपुत्र तथा दानापुर पहुंचेगी। भोजपुर क्षेत्र के आरा और बक्सर से गुजरते हुए ट्रेन उत्तर प्रदेश के पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन में प्रवेश करेगी। आगे के सफर में मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, मध्य प्रदेश के सतना, कटनी, मदन महल, नरसिंहपुर, पिपरिया और इटारसी जंक्शन पर इसका ठहराव रहेगा। मध्य भारत से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए गाड़ी नागपुर और बल्हारशाह पहुंचेगी। तेलंगाना और आंध्र क्षेत्र में यह रामागुंडम, काजीपेट, काचीगुड़ा, महबूबनगर, कुरनूल सिटी, धोने, गूटी, अनंतपुर, धर्मावरम तथा हिंदुपुर में रुकेगी, जिसके बाद कर्नाटक में याल्हंका होते हुए अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगी। पूछताछ और सीट उपलब्धता की जानकारी त्योहारों में आवाजाही करने वाले मुसाफिर अपने आरक्षण, समय सारणी और कोच संयोजन की अद्यतन स्थिति जानने के लिए भारतीय रेल की दूरभाष सेवा 139 डायल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली अर्थात NTES के डिजिटल पोर्टल पर भी गाड़ी की ताजा आवाजाही और ठहराव का पूरा विवरण उपलब्ध कराया गया है। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में लंबी प्रतीक्षा सूची से जूझ रहे दक्षिण भारत में कार्यरत बिहार के प्रवासियों को इस ट्रेन से सीधी बर्थ पाने का बड़ा विकल्प मिला है। • भारत में: उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच चलने वाली इस सेवा से लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों में भारी दबाव कम होगा। दूर-दराज के शहरों में काम करने वाले लोग समय पर घर पहुंचकर दीपावली और छठ पर्व में शामिल हो सकेंगे। • बिहार और बेंगलुरु में: बेंगलुरु में कार्यरत बिहार के हजारों प्रोफेशनल्स और कामगारों को बिना ट्रेन बदले सहरसा, मुजफ्फरपुर और सोनपुर तक सीधी यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस रूट के यात्री तुरंत आरक्षण कराकर त्योहारों में महंगे हवाई किराए या अनधिकृत बस यात्रा से बच सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अक्टूबर और नवंबर माह के दौरान दशहरा, दीपावली और छठ पर्व के चलते पूर्वांचल और बिहार जाने वाली सभी नियमित गाड़ियों में सीटें महीनों पहले भर जाती हैं। यात्रियों की भारी अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन को यह विशेष कदम उठाना पड़ा। • सीटों की भारी मांग: बेंगलुरु और दक्षिण भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में बिहार के लाखों लोग रहते हैं, जो छठ जैसे महापर्व पर हर हाल में घर लौटते हैं। नियमित ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति पैदा हो जाने के कारण अतिरिक्त रेक चलाना अनिवार्य हो गया। • त्योहारी भीड़ प्रबंधन: रेलवे स्टेशन परिसरों और प्लेटफार्मों पर अनियंत्रित भीड़ को रोकने के लिए पूर्व-नियोजित साप्ताहिक गाड़ियों की घोषणा की जाती है। निर्धारित समय सारणी से यात्री पहले से अपनी यात्रा योजना बनाकर अनावश्यक परेशानी से बच पाते हैं। सवाल-जवाब 1. यशवंतपुर से सहरसा के लिए यह ट्रेन कब और किस समय रवाना होगी? गाड़ी संख्या 06581 यशवंतपुर से 11 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार सुबह 07.00 बजे प्रस्थान करेगी और मंगलवार रात 20.00 बजे सहरसा पहुंचेगी। 2. सहरसा से यशवंतपुर के लिए वापसी का समय क्या तय किया गया है? गाड़ी संख्या 06582 सहरसा से 14 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक हर बुधवार सुबह 05.55 बजे छूटेगी और शुक्रवार शाम 16.00 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी। 3. बिहार के कौन से प्रमुख स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव रहेगा? यह ट्रेन सहरसा के अलावा सिमरी बख्तियारपुर, मानसी, खगड़िया, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, सोनपुर, पाटलिपुत्र, दानापुर, आरा और बक्सर में रुकेगी। 4. इस ट्रेन की समय सारणी और टिकट संबंधी जानकारी कहां से मिल सकती है? यात्री रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके अथवा नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) के ऑनलाइन पोर्टल पर इस ट्रेन का पूरा विवरण देख सकते हैं। https://trendkia.com/travel/bihar-aura-bengaluru-ke-bicha-tyoharon-para-rela-saphara-hoga-asana-saharsa-se-yesvantpur-ke-lie-chali-puja-speshala-46011 TrendKia — Har trend, sabse pehle.