# बिहार का यह खूबसूरत बराज जहां सिर्फ 500 रुपये में घूम आएं, झरने और पहाड़ों का है अनोखा संगम

> जहानाबाद के पास स्थित उदेरास्थान बराज कम खर्च में घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहाँ प्रकृति की खूबसूरती के साथ-साथ पहाड़ और मंदिर भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/bihar-ka-yeh-khubsurat-baraj-jahan-sirf-500-rupaye-mein-ghoom-aaye-20367 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदेरास्थान बराज, जहानाबाद पर्यटन, बिहार टूरिज्म, घूमने की जगह, वीकेंड गेटवे, बनवरिया पहाड़

दैनिक भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर अगर आप किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहाँ शांति और सुकून मिले, तो आपको ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक ऐसी शानदार और खूबसूरत जगह के बारे में बता रहे हैं जहाँ कम समय और कम बजट में आसानी से घूमकर खुद को तरोताजा किया जा सकता है। यह खूबसूरत ठिकाना बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित है, जो राज्य की राजधानी पटना से महज 45 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। यहाँ की प्राकृतिक छटा आपका मन मोह लेगी और आप यहाँ की खूबसूरती में खो जाएंगे।

## उदेरास्थान बराज की प्राकृतिक सुंदरता
हम बात कर रहे हैं जहानाबाद जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उदेरास्थान बराज की। खासकर बरसात के मौसम में इस जगह की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। प्रकृति प्रेमियों और नई जगहों को एक्सप्लोर करने का शौक रखने वालों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है। इस क्षेत्र में पहुँचने पर आपको जंगल, ऊँचे पहाड़, कलकल करती नदियाँ और हरे-भरे पेड़ों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। मानसून के दिनों में यहाँ घूमने के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहता है।

## बराज तक पहुँचने का आसान रास्ता
इस मनमोहक स्थल तक पहुँचना भी बेहद आसान है। यात्रा की शुरुआत जिला मुख्यालय से घोसी रोड पकड़ने के साथ होती है। इसके बाद घोसी से नहर के रास्ते आगे बढ़ते हुए दोनों तरफ फैली हरी-भरी फसलों के सुंदर नजारों का दीदार करते हुए आगे बढ़ा जा सकता है। इसके अलावा, घोसी पहुँचने के बाद खपुरा मोड़ से नौशहरा नहर तक का सफर तय किया जा सकता है। वहाँ से दाहिनी ओर वाली नहर को पकड़कर सीधे बराज तक पहुँची जा सकता है। इस बैराज से कई अलग-अलग नहरें निकली हुई हैं, जिनसे बहती जलधाराओं की आवाजकानों को बहुत सुकून देती है।

## सिर्फ 500 रुपये में पूरा सफर
सफर के खर्च की बात करें तो यह बेहद किफायती है। अपनी बाइक की टंकी में करीब 300 रुपये का पेट्रोल डलवाने पर आपको बीच रास्ते में दोबारा ईंधन भरवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस पर्यटन स्थल के आसपास खानपान और पेयजल की कोई व्यावसायिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसलिए पर्यटकों को खाने-पीने का सामान अपने साथ ही लेकर चलना चाहिए। इस तरह कुल मिलाकर महज 500 रुपये के खर्च में आप इस खूबसूरत यात्रा का पूरा आनंद ले सकते हैं।

## बनवरिया पहाड़ और योगेश्वर नाथ मंदिर
उदेरास्थान बराज के बिल्कुल पास ही बनवरिया पहाड़ की ऊँची चोटी पर प्रसिद्ध योगेश्वर नाथ मंदिर स्थित है। इस पहाड़ की चढ़ਾਈ करके ऊपर पहुँचने और आसपास के नजारों को देखने का अनुभव बेहद अलग और रोमांचक होता है। इस पहाड़ी की विशेषता यहाँ मौजूद बैलेंसिंग रॉक भी है, जिसे देखकर पर्यटक काफी आनंदित होते हैं। यहाँ घूमने के बाद आप शाम होने से पहले आसानी से अपने घर या गंतव्य स्थान पर वापस लौट सकते हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** कम बजट में प्रकृति के करीब समय बिताने के इच्छुक पर्यटकों के लिए ऐसे स्थानीय पर्यटन स्थल बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं।

**जहानाबाद में:** स्थानीय नागरिकों और आसपास के जिलों के लोगों को वीकेंड पर घूमने और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक नजदीकी और किफायती जगह मिल जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. उदेरास्थान बराज कहाँ स्थित है?
उदेरास्थान बराज बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित है, जो राजधानी पटना से लगभग 45 किलोमीटर दूर है।

### 2. जहानाबाद मुख्यालय से बराज की दूरी कितनी है?
जहानाबाद जिला मुख्यालय से उदेरास्थान बराज की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है।

### 3. इस यात्रा का कुल खर्च कितना आता है?
यह यात्रा लगभग 500 रुपये के कुल खर्च में आसानी से पूरी की जा सकती है, जिसमें बाइक का पेट्रोल भी शामिल है।

### 4. क्या बराज के पास खाने-पीने की सुविधा मिलती है?
नहीं, वहाँ खाने और पीने की कोई व्यावसायिक व्यवस्था नहीं है, इसलिए पर्यटकों को अपने साथ पानी और भोजन ले जाना चाहिए।

### 5. बराज के पास कौन सा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है?
बराज के पास बनवरिया पहाड़ की चोटी पर योगेश्वर नाथ मंदिर स्थित है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._