बिहार के मुंगेर में स्थित काली पहाड़ी पर मनाएं गर्मियों की छुट्टियां, मिलेगा आस्था और एडवेंचर का शानदार मौका अगर आप इस गर्मी में शांत और प्राकृतिक स्थल की तलाश में हैं, तो मुंगेर की काली पहाड़ी एक बेहतरीन विकल्प है जहां आपको रोमांच, प्राकृतिक झील और महाभारत कालीन इतिहास का संगम मिलेगा। गर्मियों की छुट्टियों में सुकून तलाश रहे लोगों के लिए मुंगेर है एक शानदार विकल्प अगर आप इस भीषण गर्मी में किसी ऐसी जगह जाने का प्लान बना रहे हैं जहां आपको प्रकृति की गोद में शांति भी मिले और एडवेंचर का रोमांच भी, तो बिहार के मुंगेर जिले में स्थित काली पहाड़ी आपकी इस तलाश को पूरा कर सकती है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऊंचे पहाड़, शांत झील और गहरी धार्मिक आस्था का यह अद्भुत संगम पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। खास तौर पर प्रकृति प्रेमियों और रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिताने वालों के लिए यह एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट बनकर उभरा है। पहाड़ पर विराजीं मां यमला काली, पांडवों से जुड़ा है इस पौराणिक मंदिर का इतिहास इस पहाड़ी की सबसे बड़ी खासियत यहां ऊंचाई पर स्थित मां यमला काली का मंदिर है। मैदानी इलाके से 1 किलोमीटर से भी अधिक ऊंचे पहाड़ की चोटी पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन भक्तों का भारी सैलाब उमड़ता है। इस प्राचीन मंदिर का ताल्लुक सीधे महाभारत काल से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि अपने अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस बेहद शांत और ऐतिहासिक स्थान पर आकर मां काली की विशेष पूजा-अर्चन की थी। झील में बोटिंग का मजा और पहाड़ की चोटी पर मौजूद रहस्यमयी तालाब काली पहाड़ी का इलाका सिर्फ धार्मिक आस्था तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां पर्यटकों के मनोरंजन के भी पूरे इंतजाम हैं। इस पहाड़ी की तलहटी में एक बेहद शांत और सुंदर झील बहती है, जहां सैलानी नाव की सवारी यानी बोटिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, इस पहाड़ के ऊपर एक बेहद रहस्यमयी, अत्यंत गहरी और डरावनी मिनी झील भी मौजूद है। इस रहस्यमयी तालाब को लेकर यह पौराणिक मान्यता है कि महाभारत काल में खुद देवतागण यहां आकर स्नान किया करते थे। इतनी अधिक ऊंचाई पर इस खतरनाक दिखने वाली झील को देखना पर्यटकों के मन में कौतूहल और रोमांच दोनों जगा देता है। बिहार का सबसे ऊंचा राधा-कृष्ण मंदिर और राजगीर जैसा रोमांच इस एडवेंचर को और आगे बढ़ाते हुए जब पर्यटक पहाड़ पर थोड़ा और ऊपर चढ़ते हैं, तो उन्हें बिहार का सबसे ऊंचा राधा-कृष्ण मंदिर देखने को मिलता है। इस मंदिर के बारे में यह प्रसिद्ध धारणा है कि यहां आने वाले प्रेमी जोड़ों की हर मन्नत पूरी होती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो मुंगेर की इस खूबसूरत काली पहाड़ी की सैर आपको बिहार के ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर जैसा ही शानदार और रोमांचक अनुभव प्रदान करती है। अगर आप अध्यात्म और रोमांच का अनोखा मेल देखना चाहते हैं, तो इस समर वेकेशन में मुंगेर की यात्रा आपके सफर को यादगार बना देगी। इसका आप पर असर • यात्रियों के लिए: यह स्थल कम बजट में प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक दर्शन और ट्रेकिंग का एक बेहतरीन विकल्प प्रदान करता है। • बिहार में: मुंगेर और आसपास के जिलों के निवासियों को राजगीर जैसी लंबी दूरी तय किए बिना अपने ही क्षेत्र में एक शानदार वीकेंड टूरिस्ट स्पॉट मिलता है। सवाल-जवाब 1. मां यमला काली मंदिर मुंगेर में कहां और कितनी ऊंचाई पर है? यह मंदिर मुंगेर की प्रसिद्ध काली पहाड़ी पर स्थित है, जो मैदानी स्तर से 1 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई पर बना है। 2. इस ऐतिहासिक मंदिर का संबंध किस पौराणिक काल से है? इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से है। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां आकर पूजा-अर्चना की थी। 3. काली पहाड़ी पर मौजूद रहस्यमयी झील के बारे में क्या मान्यता है? पहाड़ी के ऊपर स्थित बेहद गहरी और डरावनी मिनी झील के बारे में मान्यता है कि महाभारत काल में देवता यहां स्नान करते थे। 4. काली पहाड़ी पर प्रेमी जोड़ों के लिए कौन सा विशेष मंदिर है? पहाड़ी पर थोड़ा और ऊपर जाने पर बिहार का सबसे ऊंचा राधा-कृष्ण मंदिर स्थित है, जहां प्रेमी जोड़ों की मन्नतें पूरी होने का दावा किया जाता है। https://trendkia.com/travel/bihar-ke-munger-men-sthita-kali-pahadi-para-manaen-garmiyon-ki-chhuttiyan-milega-1928 TrendKia — Har trend, sabse pehle.