# देहरादून से 25 किलोमीटर दूर है झड़ीपानी फॉल, ब्रिटिश अफसर यहां परिवार संग पिकनिक मनाते थे

> मसूरी की भीड़ और ट्रैफिक से बचना हो तो देहरादून से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित झड़ीपानी वॉटरफॉल एक बेहतरीन विकल्प है, जहां कभी ब्रिटिश अफसर पिकनिक मनाने आते थे और जो आज भी पूरी तरह प्राकृतिक और शांत बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-07-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/dehradun-se-25-kilomitara-dura-hai-jharipani-falls-british-aphasara-yahan-parivara-snga-pikanika-manate-the-3859 · **Language:** Hindi
**Tags:** झड़ीपानी वॉटरफॉल, मसूरी पर्यटन, ऑफबीट मसूरी, देहरादून, उत्तराखंड यात्रा, किंग्रेग झड़ीपानी मार्ग, ब्रिटिश इतिहास, प्रकृति पर्यटन

मसूरी में हर वीकेंड हजारों पर्यटक उमड़ते हैं और मॉल रोड व केम्प्टी फॉल की भीड़ देखते ही मन थक जाता है। लेकिन इस पहाड़ी शहर में एक ऐसा रास्ता भी है, जहां की खूबसूरती आज भी बिल्कुल वैसी ही बनी हुई है जैसी दशकों पहले थी। देहरादून से शहंशाही आश्रम होते हुए जाने वाला किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग शांत, सुरम्य और ऐतिहासिक है। यह वही जगह है जहां एक ज़माने में ब्रिटिश अधिकारी अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने आया करते थे।

## ब्रिटिश अफसरों की पसंदीदा पिकनिक जगह
जब ब्रिटिश अफसर और उनके परिवार शोर-शराबे से दूर सुकून ढूंढते थे, तो उनकी पहली पसंद यही किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग होता था। यह रास्ता उनका पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका था। आज भी जब मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगती हैं और हॉर्न का शोर माहौल बिगाड़ता है, तब यह पुराना मार्ग एक बेहतरीन और तनावमुक्त विकल्प बनकर उभरता है। देहरादून से झड़ीपानी की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है और शहंशाही आश्रम वाले रास्ते से वहां बिना किसी परेशानी के पहुंचा जा सकता है।

## झड़ीपानी वॉटरफॉल, जहां पानी की कलकल में है असली सुकून
इस पूरे मार्ग का सबसे बड़ा आकर्षण है झड़ीपानी वॉटरफॉल। केम्प्टी फॉल पूरी तरह से कमर्शियल हो चुका है, वहां दुकानें हैं, भीड़ है और प्राकृतिक शांति का नामोनिशान नहीं बचा। इसके उलट झड़ीपानी फॉल आज भी इंसानी दखल और गंदगी से काफी दूर है। यहां पहुंचने पर दुकानों का शोर नहीं, बल्कि ऊंचाई से गिरते साफ पानी की सुरीली कलकल और घने पेड़ों में चहकते पक्षियों का संगीत सुनाई देता है। यह वही अनुभव है जिसके लिए लोग पहाड़ों की यात्रा करते हैं, लेकिन भीड़भाड़ वाली जगहों पर मिल शायद ही पाता है।

## बांज और बुरांश के जंगलों में कंक्रीट से दूर प्राकृतिक राहत
वीकेंड पर जब मसूरी का माहौल पूरी तरह बदल जाता है और हर तरफ पर्यटकों की भीड़ दिखती है, तब झड़ीपानी का ट्रेक और इसके आसपास का इलाका किसी जन्नत जैसा महसूस होता है। यहां चारों तरफ बांज और बुरांश के घने जंगल फैले हुए हैं, जो आंखों को ठंडक और मन को सच्चा सुकून देते हैं। यह रास्ता उन लोगों के लिए बिल्कुल सही है जो सिर्फ सेल्फी पॉइंट के पीछे भागने के बजाय प्रकृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं।

## ऑफबीट घुमक्कड़ों की पहली पसंद
अधिकांश आम टूरिस्ट इस रास्ते के बारे में ज्यादा नहीं जानते, इसीलिए यहां का वातावरण शांत और अछूता बना हुआ है। जो लोग भीड़भाड़ से परे शांत जगहों पर जाना पसंद करते हैं, उनके लिए यह किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग आज भी बेहद खास है। मसूरी को पहाड़ों की रानी कहा जाता है और इसका असली, शांत रूप इसी पुराने रास्ते पर देखने को मिलता है, न कि मुख्य बाज़ार की भीड़ में। अगर इस बार मसूरी का प्लान बन रहा है और भारी ट्रैफिक से बचना चाहते हैं, तो इस जगह को ज़रूर एक्सप्लोर करें।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** मसूरी घूमने का प्लान बनाने वाले किसी भी पर्यटक के पास अब केम्प्टी फॉल की भीड़ से बचकर प्रकृति के करीब जाने का एक जाना-पहचाना और सुलभ विकल्प मौजूद है।
- **उत्तराखंड में:** देहरादून और मसूरी के यात्रियों के लिए यह मात्र 25 किलोमीटर दूर एक शांत, ऐतिहासिक और व्यावसायिक दबाव से मुक्त स्थल है जो वीकेंड ट्रिप को सच में यादगार बना सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. झड़ीपानी वॉटरफॉल कहां स्थित है?
झड़ीपानी वॉटरफॉल मसूरी के पास स्थित है और देहरादून से इसकी दूरी लगभग 25 किलोमीटर है।

### 2. झड़ीपानी फॉल तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
देहरादून से शहंशाही आश्रम होते हुए किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

### 3. क्या इस जगह का ब्रिटिश इतिहास से कोई संबंध है?
हां, ब्रिटिश अधिकारी और उनके परिवार इसी किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग पर पिकनिक मनाने आया करते थे।

### 4. झड़ीपानी फॉल और केम्प्टी फॉल में क्या अंतर है?
केम्प्टी फॉल पूरी तरह कमर्शियल हो चुका है जबकि झड़ीपानी फॉल अभी भी भीड़, दुकानों और गंदगी से दूर है।

### 5. वीकेंड पर क्या झड़ीपानी जाना अच्छा रहेगा?
हां, जब मसूरी में भीड़ सबसे ज्यादा होती है, तब झड़ीपानी का ट्रेक और आसपास का इलाका शांत और सुकूनभरा अनुभव देता है।

### 6. इस मार्ग पर कौन-से जंगल मिलते हैं?
किंग्रेग-झड़ीपानी मार्ग पर बांज और बुरांश के घने जंगल हैं जो प्राकृतिक सुंदरता और ठंडक का एहसास कराते हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._