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  "title": "दिल्ली में जुरासिक पार्क जैसा रोमांच, डायनासोर गैलरी में मिलेगा रहस्यमयी अनुभव; जानिए टिकट और टाइमिंग",
  "summary": "दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में एनसीआर की पहली प्रागैतिहासिक गैलरी शुरू हो गई है। यहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस रोबोटिक डायनासोर और ज्वालामुखियों का रोमांचक माहौल पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है।",
  "content": "देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अब जुरासिक पार्क जैसी दुनिया का अनुभव करना मुमकिन हो गया है। दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पहली अनूठी प्रागैतिहासिक गैलरी का शुभारंभ कर दिया गया है। डायनासोर के प्राचीन युग पर आधारित इस खास गैलरी में प्रवेश करते ही आगंतुकों को उस कालखंड की जीवंत अनुभूति होने लगती है, जब विशालकाय डायनासोर पृथ्वी पर राज करते थे। इस पूरी प्रदर्शनी के दौरान आगंतुकों को चारों तरफ से डायनासोर की भयानक और गूंजती हुई आवाजें सुनाई देती हैं, जो माहौल को पूरी तरह से रोमांचक बना देती हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर कृत्रिम रूप से बनाए गए ज्वालामुखी भी देखने को मिलते हैं, जो इस पूरे प्राचीन दृश्य को और अधिक वास्तविक रूप प्रदान करते हैं।\n\nकृत्रिम बुद्धिमत्ता और हिलती-डुलती आकृतियों का जादू\nपूरी गैलरी परिसर में डायनासोर की विभिन्न प्रजातियों के जीवंत दिखने वाले मॉडल स्थापित किए गए हैं। ये सभी आकृतियाँ न केवल अपनी जगह पर हिलती-डुलती हैं बल्कि आवाजें भी निकालती हैं और दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हुए भय का अनूठा अहसास कराती हैं। इस गैलरी को गत 26 अगस्त को नेशनल साइंस सेंटर में जनता के लिए खोल दिया गया था। जैसे-जैसे इस अनोखी और खूबसूरत प्रदर्शनी के बारे में लोगों को जानकारी मिल रही है, यहाँ न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से बल्कि विदेशों से भी पर्यटक पहुँचने लगे हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की यह अपनी तरह की पहली ऐसी अनूठी गैलरी है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करके डायनासोर की ऐसी डमी तैयार की गई हैं जो बिल्कुल असली और जीवित नजर आती हैं।\n\nएक साल की मेहनत और टिकट से जुड़ी जानकारी\nनेशनल साइंस सेंटर के प्रधान क्यूरेटर मोइनुद्दीन अंसारी ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस नई गैलरी का उद्घाटन 26 अगस्त को संपन्न हुआ था। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी पहले से ही सेंटर में मौजूद थी, लेकिन उसका पुराना स्वरूप काफी साधारण था और उसमें वह रोमांच नहीं था जो आज के दर्शकों को आकर्षित कर सके। उसी पुरानी और साधारण गैलरी का आधुनिकीकरण करके इसे एक बिल्कुल नया और भव्य रूप दिया गया है, जिसे देखने वाले दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं। इस उन्नत गैलरी को तैयार करने में लगभग एक साल का लंबा समय लगा है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस विशेष गैलरी के लिए दर्शकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा, क्योंकि इसका टिकट नेशनल साइंस सेंटर के सामान्य प्रवेश टिकट में ही शामिल रखा गया है। प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क मात्र 100 रुपए तय किया गया है।\n\nसमय सारणी और अन्य आकर्षणों की सुगमता\nजो भी आगंतुकों नेशनल साइंस सेंटर का मुख्य प्रवेश टिकट खरीदता है, वह बिना किसी रुकावट के इस डायनासोर गैलरी का भी भरपूर आनंद ले सकता है। सेंटर के निर्धारित समय के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक जनता के लिए खुला रहता है, हालांकि आगंतुकों की सुविधा के लिए शाम 5:00 बजे तक ही अंतिम टिकट जारी किए जाते हैं। नेशनल साइंस सेंटर के भीतर कुल मिलाकर 10 अलग-अलग गैलरियाँ मौजूद हैं। इन सभी 10 गैलरियों को देखने की सुविधा मात्र 100 रुपए के सामान्य एंट्री टिकट में ही समाहित है। इसके अलावा सेंटर के भीतर जो विशेष शो आयोजित किए जाते हैं, उनके लिए टिकट की व्यवस्था अलग से रखी गई है।\n\nकैसे पहुँचें और क्या है पार्किंग का शुल्क\nयदि आप भी इस रहस्य, रोमांच और मनोरंजन से भरपूर जुरासिक पार्क जैसी अनोखी गैलरी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आप आसानी से नेशनल साइंस सेंटर पहुँच सकते हैं। यह केंद्र भैरव मार्ग पर स्थित है और प्रसिद्ध भारत मंडपम के बेहद नजदीक है। यदि आप सार्वजनिक परिवहन या मेट्रो के जरिए यहाँ आना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन यहाँ से सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन साबित होता है। इसके अलावा जो पर्यटक अपने निजी वाहनों से आते हैं, उनके लिए चार पहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क 100 रुपए और दो पहिया वाहनों के लिए 40 रुपए तय किया गया है। इस जुरासिक पार्क गैलरी के अलावा आगंतुकी अन्य 10 दीर्घाओं का भी मजा ले सकते हैं, और खासकर बच्चों के बीच यह जगह बेहद लोकप्रिय साबित हो रही है।\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली-एनसीआर के लोगों और पर्यटकों को अब शहर के भीतर ही प्रागैतिहासिक काल का अनूठा और किफायती मनोरंजन अनुभव करने का अवसर मिल रहा है।\n\n• भारत में: यह पर्यटकों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का एक बेहतरीन और किफायती केंद्र बनता है। मात्र 100 रुपए के प्रवेश शुल्क में 10 से अधिक दीर्घाओं को देखने का मौका मिलता है।\n• दिल्ली में: नेशनल साइंस सेंटर आने वाले परिवारों और बच्चों के लिए यह एक प्रमुख वीकेंड डेस्टिनेशन बन गया है, जहाँ कम खर्च में अंतरराष्ट्रीय स्तर का जुरासिक अनुभव मिलता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली में नई डायनासोर गैलरी कहाँ खोली गई है?\nयह गैलरी दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में खोली गई है।\n\n2. इस गैलरी का उद्घाटन कब किया गया था?\nइस गैलरी का उद्घाटन 26 अगस्त को किया गया था।\n\n3. इस गैलरी को देखने के लिए टिकट का मूल्य कितना है?\nगैलरी देखने के लिए अलग से कोई टिकट नहीं है, नेशनल साइंस सेंटर के 100 रुपए प्रति व्यक्ति के सामान्य टिकट में ही यह शामिल है।\n\n4. नेशनल साइंस सेंटर का खुलने और बंद होने का समय क्या है?\nसेंटर सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है और अंतिम टिकट शाम 5:00 बजे दी जाती है।\n\n5. नेशनल साइंस सेंटर के सबसे पास कौन सा मेट्रो स्टेशन है?\nसुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन इसके सबसे करीब स्थित है।\n\n6. इस गैलरी को तैयार करने में कितना समय लगा?\nइस गैलरी को नया रूप देने और तैयार करने में लगभग एक साल का समय लगा।",
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  "publishedAt": "2026-09-04",
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