दिल्ली विकास प्राधिकरण की अनोखी पहल, चौबीस अक्टूबर से शुरू होंगी नेचर और हेरिटेज वॉक दिल्ली विकास प्राधिकरण राजधानी के छह ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर छह महीने में बारह वॉक आयोजित करने जा रहा है, जिसकी शुरुआत चौबीस अक्टूबर को महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क से होगी। दिल्ली के इतिहास, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से जानने के इच्छुक नागरिकों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने आम लोगों के लिए विशेष हेरिटेज और नेचर वॉक आयोजित करने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत चौबीस अक्टूबर से होने जा रही है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य राजधानी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक धरोहरों से लोगों को रूबरू कराना है, ताकि विशेषकर युवा वर्ग अपने शहर के अतीत और पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक हो सके। प्राधिकरण की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस छह महीने चलने वाले अभियान के दौरान कुल बारह वॉक का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के लिए राजधानी के छह चुनिंदा ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के स्थलों को चुना गया है, जिनमें हर स्थल पर दो बार वॉक आयोजित की जाएगी। इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने आईएनटीएसीएच के दिल्ली चैप्टर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत विभिन्न जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है। किन जगहों पर होंगी वॉक और क्या होगा पूरा कार्यक्रम इस छह महीने की योजना के तहत जिन प्रमुख छह स्थलों को चुना गया है, उनमें संजय वन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क और हौज खास तथा नॉर्दर्न रिज शामिल हैं। इस श्रृंखला की सबसे पहली हेरिटेज वॉक चौबीस अक्टूबर को शाम चार बजे महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क से शुरू होगी। इस दौरान प्रतिभागियों को पार्क में मौजूद प्राचीन इमारतों, ऐतिहासिक वास्तुकला और दिल्ली के इतिहास से जुड़ी ऐसी अनसुनी कहानियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा जिन्हें आम तौर पर कम लोग जानते हैं। आईएनटीएसीएच का दिल्ली चैप्टर इन वॉक के लिए रूट तैयार करने, थीम तय करने और जानकारी से जुड़ा अध्ययन सामग्री विकसित करने का काम करेगा। इसके साथ ही संस्था इन आयोजनों के लिए विशेषज्ञ गाइड और हेरिटेज एक्सपर्ट्स की व्यवस्था भी संभालेगी। दूसरी तरफ, दिल्ली विकास प्राधिकरण प्रशासनिक कामकाज, प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं और सभी आवश्यक मंजूरियों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, शुल्क और मास्टर प्लान की रूपरेखा इन आयोजनों में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए कुछ नियम और शुल्क निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक वॉक में अधिक से अधिक चालीस लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी जाएगी ताकि हर प्रतिभागी को बेहतर अनुभव मिल सके। इस वॉक में हिस्सा लेने के लिए प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये और उस पर जीएसटी शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिसे दिल्ली विकास प्राधिकरण के पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। इसके लिए आधिकारिक रजिस्ट्रेशन लिंक पर जाकर पंजीकरण कराया जा सकता है। इस पूरी पहल को दिल्ली के मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047 के दृष्टिकोण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मास्टर प्लान में शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ एक सुनियोजित और टिकाऊ शहरी विकास पर विशेष बल दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल नागरिकों में अपनी विरासत के प्रति प्रेम जागेगा, बल्कि ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के अभियानों को भी मजबूती मिलेगी। इसका आप पर असर यह पहल दिल्ली के इतिहास और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया और ज्ञानवर्धक मंच तैयार करती है। • भारत में: यह आयोजन देश भर के अन्य महानगरों को भी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और जनता को जोड़ने के लिए ऐसी अनूठी पर्यटन पहल शुरू करने की प्रेरणा देता है। • दिल्ली में: स्थानीय नागरिकों और युवाओं को मात्र पांच सौ रुपये और जीएसटी शुल्क के भुगतान पर शहर के ऐतिहासिक स्थलों को करीब से जानने का सीधा अवसर मिलेगा। • प्रतिभागियों के लिए: प्रत्येक वॉक में केवल चालीस लोगों की सीमित संख्या होने के कारण हर प्रतिभागी को विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का लाभ मिलेगा। • छात्रों के लिए: इतिहास और पर्यावरण के विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से वास्तुकला और पारिस्थितिकी को समझने का बेहतरीन शैक्षणिक अवसर प्राप्त होगा। • पंजीकरण प्रक्रिया: इच्छुक व्यक्तियों को आधिकारिक पोर्टल पर समय रहते ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा क्योंकि सीटें सीमित हैं। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली विकास प्राधिकरण ने शहर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। • मास्टर प्लान की दृष्टि: मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047 के तहत ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और टिकाऊ शहरी विकास पर विशेष जोर दिया गया है। • साझेदारी का मॉडल: विशेषज्ञता की कमी को दूर करने के लिए डीडीए ने हेरिटेज विशेषज्ञों और विषय के जानकारों वाली संस्था आईएनटीएसीएच के साथ सहयोग किया है। • जन जागरूकता: युवाओं और आम जनता में शहर के इतिहास तथा पर्यावरण के प्रति जुड़ाव और संवेदनशीलता पैदा करने की आवश्यकता महसूस की गई थी। • व्यवस्थित संचालन: भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए प्रत्येक वॉक में अधिकतम चालीस प्रतिभागियों की संख्या तय की गई है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में हेरिटेज और नेचर वॉक की शुरुआत कब से हो रही है? इन वॉक की शुरुआत चौबीस अक्टूबर से हो रही है। 2. इस पहल का आयोजन कौन कर रहा है? इसका आयोजन दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा आईएनटीएसीएच के सहयोग से किया जा रहा है। 3. पहली हेरिटेज वॉक कहाँ आयोजित की जाएगी? पहली हेरिटेज वॉक महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में आयोजित की जाएगी। 4. इस कार्यक्रम के तहत कुल कितनी वॉक आयोजित होंगी? छह महीने की इस पहल के तहत कुल बारह वॉक आयोजित की जाएंगी। 5. एक वॉक में अधिकतम कितने लोग शामिल हो सकते हैं? प्रत्येक वॉक में अधिकतम चालीस प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। 6. इसके लिए शुल्क कितना तय किया गया है? प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये प्लस जीएसटी शुल्क तय किया गया है। 7. इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे कराया जा सकता है? इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। https://trendkia.com/travel/delhi-vikasa-pradhikarana-ki-anokhi-pahala-chaubisa-aktubara-se-shuru-hongi-nechara-aura-heriteja-voka-50505 TrendKia — Har trend, sabse pehle.