# वीकेंड पर दिल्ली से बाहर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 6 शानदार टूरिस्ट स्पॉट, जानिए दूरी और समय

> दिल्ली-एनसीआर के पास वीकेंड पर घूमने के लिए दो से तीन घंटे की दूरी पर कई बेहतरीन जगहें मौजूद हैं, जहां इतिहास, प्रकृति और धार्मिक स्थलों का आनंद लिया जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/explore-these-6-amazing-tourist-spots-within-3-hours-from-delhi-for-a-perfect-weekend-getaway-58101 · **Language:** Hindi
**Tags:** वीकेंड टूरिज्म, दिल्ली के पास घूमने की जगहें, नीमराना फोर्ट, मथुरा वृंदावन, हस्तिनापुर, भिंडावास बर्ड सेंचुरी, अलवर टूरिज्म

सर्दियों के मौसम में घूमना-फिरना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन लंबी छुट्टियां निकालना हमेशा मुमकिन नहीं हो पाता है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और सप्ताहांत पर किसी छोटी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो राजधानी से कुछ ही घंटों की दूरी पर कई खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। इन जगहों पर आपको कहीं अरावली की पहाड़ियों के बीच बने प्राचीन किलों में ठहरने का मौका मिलेगा, तो कहीं गंगा किनारे शांत वातावरण और सुबह की आरती का सुकून मिलेगा। पक्षी प्रेमियों और प्रकृति के करीब रहने वालों के लिए भी यहाँ बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं दिल्ली से लगभग दो से तीन घंटे की दूरी पर स्थित ऐसी ही छह खास जगहों के बारे में, जहाँ एक दिन या वीकेंड की छोटी ट्रिप आसानी से प्लान की जा सकती है।

## नीमराना फोर्ट, राजस्थान
दिल्ली से इस जगह की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर है और यहाँ पहुँचने में करीब 2 से 2.5 घंटे का समय लगता है। अगर आप सर्दियों के मौसम में शाही अंदाज में छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो नीमराना फोर्ट एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित यह 15वीं सदी का किला साल 1464 में बनवाया गया था, जिसे आज एक शानदार हेरिटेज रिसॉर्ट में तब्दील कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक जगह पर पुराने महल की अद्भुत वास्तुकला, खूबसूरत बालकनी और पहाड़ियों के मनमोहक नजारे देखने को मिलते हैं। पर्यटक अपनी इस यात्रा के दौरान आसपास के ग्रामीण इलाकों और ऐतिहासिक बावड़ियों को भी शामिल कर सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि केवल किले में घूमने जाने से पहले डे-विजिट की एंट्री और बुकिंग से जुड़ी शर्तों की पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें।

## मथुरा और वृंदावन, उत्तर प्रदेश
दिल्ली से इस धार्मिक स्थल की दूरी लगभग 180 किलोमीटर है और यहाँ पहुँचने में 2.5 से 3 घंटे तक का समय लगता है। सर्दियों के दिनों में ब्रज की संस्कृति और अनूठे धार्मिक माहौल का अनुभव करने के लिए मथुरा और वृंदावन की यात्रा की जा सकती है। सुबह के समय यमुना किनारे विश्राम घाट पर होने वाली विभिन्न गतिविधियां और मंदिरों में गूंजती आरती का अनुभव इस पूरी यात्रा को बेहद खास बना देता है। पर्यटक वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन कर सकते हैं, जबकि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। इस सफर के दौरान वहाँ के प्रसिद्ध पेड़े, कचौड़ी और अन्य स्थानीय मिठाइयों का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें। सप्ताहांत और विशेष त्योहारों के दौरान इन मंदिरों में काफी अधिक भीड़भाड़ रहती है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप सुबह के समय जल्दी वहाँ पहुँच जाएँ।

## हस्तिनापुर, उत्तर प्रदेश
दिल्ली से हस्तिनापुर की दूरी लगभग 110 से 120 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहाँ पहुँचने में 2.5 से 3 घंटे लगते हैं। अगर आप महाभारत काल की कहानियों से जुड़ी जगहों को बेहद करीब से देखना और महसूस करना चाहते हैं, तो हस्तिनापुर की सैर कर सकते हैं। यह ऐतिहासिक स्थान अपने पौराणिक इतिहास और प्रमुख जैन धार्मिक स्थलों के लिए काफी प्रसिद्ध माना जाता है। यहाँ जंबूद्वीप जैन मंदिर, कमल मंदिर और सुमेरु पर्वत पर्यटकों के लिए विशेष रूप से देखने लायक हैं। इसके अलावा हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और जीव-जंतु प्रेमियों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र है। गंगा के मैदानी इलाकों, बड़े घास के मैदानों और जलाशयों में सर्दियों के मौसम के दौरान कई रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी आसानी से दिखाई देते हैं। इस क्षेत्र में जाने से पहले अभयारण्य के संबंधित हिस्सों में प्रवेश और अन्य स्थानीय सुविधाओं की पूरी जानकारी अवश्य जुटा लें।

## गढ़मुक्तेश्वर और बृजघाट, उत्तर प्रदेश
दिल्ली से इस शांत जगह की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है और यहाँ पहुँचने में मात्र 2 घंटे का समय लगता है। यदि आप बिना किसी लंबे सफर के गंगा नदी के तट पर कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो बृजघाट जाना आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहाँ सुबह के वक्त गंगा स्नान करने वाले तमाम श्रद्धालुओं की दैनिक गतिविधियों को करीब से देखा जा सकता है, जबकि शाम के समय होने वाली भव्य गंगा आरती का दृश्य भी काफी आकर्षक होता है। घाटों के आसपास कई प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जहाँ जाकर श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकते हैं। स्थानीय बाजारों और दुकानों पर गरमागरम चाय, नाश्ता और दूसरे देसी व्यंजनों का लुत्फ उठाया जा सकता है। पर्यटक चाहें तो सुबह दिल्ली से निकलकर एक दिन की ट्रिप प्लान कर सकते हैं और शाम की आरती संपन्न होने के बाद वापस लौट सकते हैं। हालांकि, कार्तिक पूर्णिमा और अन्य विशेष पर्वों के अवसरों पर यहाँ भारी भीड़ देखने को मिलती है।

## भिंडावास बर्ड सेंचुरी, हरियाणा
दिल्ली से इस पक्षी अभयारण्य की दूरी लगभग 80 से 100 किलोमीटर है और इसमें पहुँचने के लिए 2 से 2.5 घंटे का समय लगता है। यदि आपको तरह-तरह के पक्षियों को देखने और फोटोग्राफी करने का शौक है, तो हरियाणा की भिंडावास बर्ड सेंचुरी को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। झज्जर जिले में स्थित यह अभयारण्य हरियाणा राज्य का सबसे बड़ा वेटलैंड क्षेत्र माना जाता है। सर्दियों के ठंडे मौसम में यहाँ देश-विदेश से विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी डेरा डालते हैं। जलाशय के आसपास पर्यटकों को बत्तख, हंस और अन्य जलपक्षियों को देखने का सुनहरा अवसर मिल सकता है। यह खूबसूरत जगह खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद अनुकूल है, जो शहर के शोर-शराबे से दूर शुद्ध प्रकृति के बीच कुछ शांत समय बिताना चाहते हैं। यहाँ सुबह के समय जल्दी पहुँचें और अपने साथ दूरबीन या कैमरा जरूर रखें, साथ ही पक्षियों को देखते समय पूरी शांति बनाए रखें और उन्हें किसी भी तरह से परेशान न करें।

## अलवर और सिलीसेढ़ झील, राजस्थान
दिल्ली से इस पर्यटन स्थल की दूरी लगभग 160 से 180 किलोमीटर है और इसमें करीब 3 घंटे या उससे अधिक का समय लग जाता है। अरावली की प्राचीन पहाड़ियों और एक विशाल झील के खूबसूरत नजारों के बीच अपनी सर्दियों की छुट्टियां बिताने के लिए अलवर का रुख किया जा सकता है। सिलीसेढ़ झील यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण केंद्र है, जिसके किनारे बना ऐतिहासिक पैलेस और आसपास फैली पहाड़ियां इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए बोटिंग का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा अलवर शहर के भीतर बाला किला और भव्य सिटी पैलेस की सैर की जा सकती है। पारंपरिक राजस्थानी खानपान का स्वाद चखना भी इस यात्रा का एक अहम हिस्सा बन जाता है। यदि आपके पास पूरा एक दिन का समय है, तो अलवर और सिलीसेढ़ झील दोनों को मिलाकर एक बेहतरीन और यादगार ट्रिप बनाई जा सकती है।

## इसका आप पर असर
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए इन नजदीकी जगहों पर यात्रा करने से कम समय में मानसिक तनाव से राहत और बेहतरीन अवकाश का अनुभव मिलता है।

- **भारत में:** सर्दियों के मौसम में सप्ताहांत पर कम दूरी की यात्राएं करने से बजट नियंत्रित रहता है और समय की भी बचत होती है। लोग बिना लंबी छुट्टी लिए प्रकृति और इतिहास के करीब पहुँच सकते हैं।
- **दिल्ली-एनसीआर में:** स्थानीय निवासी केवल दो से तीन घंटे का सफर तय करके नीमराना, मथुरा, हस्तिनापुर, गढ़मुक्तेश्वर, झज्जर या अलवर जैसे स्थलों पर वीकेंड ट्रिप का आनंद ले सकते हैं। इससे व्यस्त दिनचर्या से निकलकर एक दिन या दो दिन की छोटी छुट्टी आसानी से बिताई जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली से नीमराना फोर्ट की दूरी कितनी है?
दिल्ली से नीमराना फोर्ट की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर है और वहाँ पहुँचने में 2 से 2.5 घंटे लगते हैं।

### 2. मथुरा-वृंदावन जाने के लिए दिल्ली से कितना समय लगता है?
दिल्ली से मथुरा और वृंदावन की दूरी लगभग 180 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से जाने में 2.5 से 3 घंटे लगते हैं।

### 3. हस्तिनापुर किस ऐतिहासिक प्रसंग से जुड़ा है?
हस्तिनापुर महाभारत की कहानियों और अपने पौराणिक इतिहास के साथ-साथ जैन धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।

### 4. गढ़मुक्तेश्वर या बृजघाट की दिल्ली से दूरी क्या है?
बृजघाट की दिल्ली से दूरी लगभग 100 किलोमीटर है और वहाँ पहुँचने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है।

### 5. भिंडावास बर्ड सेंचुरी कहाँ स्थित है?
भिंडावास बर्ड सेंचुरी हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित है और यह राज्य का सबसे बड़ा वेटलैंड है।

### 6. अलवर में मुख्य आकर्षण क्या है?
अलवर में सिलीसेढ़ झील, बाला किला और सिटी पैलेस प्रमुख आकर्षण के केंद्र हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._