# गंगा आरती के दीयों से लेकर पहाड़ी चौराहों तक, हरिद्वार की ये तस्वीरें दिल जीत लेंगी

> हर की पौड़ी की गंगा आरती से लेकर मां मनसा देवी के पहाड़ी मंदिर और शहर के व्यस्त चौराहों तक, हरिद्वार की नई तस्वीरें इस तीर्थ नगरी की आस्था और आधुनिक चेहरे को एक साथ दिखाती हैं।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-07-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/ganga-arati-ke-diyon-se-lekara-pahari-chaurahon-taka-haridwar-ki-ye-tasviren-dila-jita-lengi-8370 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरिद्वार, गंगा आरती, हर की पौड़ी, मनसा देवी मंदिर, उत्तराखंड पर्यटन, गंगा घाट

हरिद्वार की कुछ नई तस्वीरें इन दिनों सुर्खियों में हैं, जो इस तीर्थ नगरी को एक अलग नजरिए से दिखाती हैं, सिर्फ घाट और मंदिर नहीं बल्कि वो चौराहे, सड़कें और फ्लाईओवर भी जो इस शहर को आपस में जोड़े रखते हैं। शाम ढलते ही गंगा में तैरते दीयों से लेकर शहर को घेरे घने जंगलों तक, ये तस्वीरें आस्था और तेज रफ्तार विकास को एक साथ जीते हुए हरिद्वार की पूरी झलक पेश करती हैं।

## हर की पौड़ी पर जगमगाते दीये
इस तस्वीरों की सीरीज में सबसे खास है दुनियाभर में मशहूर हर की पौड़ी की तस्वीर, जो शाम की भव्य गंगा आरती के दौरान खींची गई है। रोज सूरज ढलते ही यहां हजारों छोटे दीये गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं और पानी पर झिलमिलाती इनकी रोशनी इतना मनमोहक नजारा बनाती है कि लगता है मानो आसमान के तमाम तारे उतरकर घाट पर आ बैठे हों।

## बादलों के बीच मां मनसा देवी का दरबार
एक और तस्वीर आसमान की ओर निगाह ले जाती है, जिसमें शिवालिक पर्वत श्रृंखला की उन चोटियों को कैद किया गया है जो मानो गगन को छू रही हों। इन्हीं पहाड़ों में से बिल्व पर्वत की चोटी पर मां मनसा देवी का मंदिर स्थित है, जिसके चारों तरफ फैली घनी हरियाली मन को गहरी शांति देती है। पहाड़ की चोटी के ठीक ऊपर तैरते बादलों के बीच यह मंदिर किसी स्वर्गलोक जैसा नजर आता है।

## शहर में दाखिल होते ही शंकराचार्य चौक
हरिद्वार की पहचान सिर्फ मंदिरों और घाटों तक सीमित नहीं है, यहां के व्यस्त चौराहे भी अब शहर की एक अलग, व्यवस्थित पहचान बन चुके हैं। शहर में घुसते ही सबसे पहले नजर आने वाला चौराहा है शंकराचार्य चौक, जो गंगा किनारे डाम कोठी के करीब स्थित है। यहीं पास के घाट पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु स्नान करते नजर आते हैं, और तस्वीर में यह नजारा बेहद खूबसूरती से कैद हुआ है।

## चंद्राचार्य चौक की चहल-पहल
शहर के भीतरी हिस्से में स्थित चंद्राचार्य चौक हरिद्वार का सबसे व्यस्त और मुख्य व्यावसायिक केंद्र है, जिसकी एक तस्वीर में इसकी सामान्य रौनक और रफ्तार साफ झलकती है। यह चौराहा शहर के कारोबारी रूप को दिखाता है और यहां चौबीसों घंटे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वालों की आवाजाही लगी रहती है। तस्वीरें बताती हैं कि लोगों की यही लगातार आवाजाही हरिद्वार को हर घड़ी जीवंत बनाए रखती है।

## शाम ढलते ही जगमगाता तुलसी चौक
आगे बढ़ने पर तुलसी चौक की एक तस्वीर तुरंत ध्यान खींच लेती है। चौराहे की सजावट और आसपास बनी कलाकृतियां हरिद्वार की सांस्कृतिक विरासत को बयां करती हैं। सूरज ढलने के बाद यह चौराहा रोशनी से जगमगा उठता है और यह चमक सैलानियों को परंपरा के साथ-साथ एक नए, चमकदार हरिद्वार की झलक भी दिखा जाती है।

## विकास की कहानी कहता देवपुरा चौक
इस तीर्थ नगरी के सफर में देवपुरा चौक भी आता है, जो हरिद्वार के कई इलाकों को आपस में जोड़ता है और यहां के ट्रैफिक सिस्टम की झलक भी देता है। इसके आसपास कई सरकारी दफ्तर, खेल के मैदान और पार्क मौजूद हैं, जो साफ बताते हैं कि हरिद्वार अध्यात्म के साथ-साथ विकास की राह पर भी उतनी ही तेजी से आगे बढ़ रहा है।

## चौड़ी सड़कें और हरे-भरे पेड़
हरिद्वार के चौराहों से गुजरने वाली चौड़ी और साफ-सुथरी सड़कें भी अपने आप में इस शहर की खूबसूरती की मिसाल हैं। गंगा से कुछ ही दूरी पर बनी इन सड़कों के दोनों किनारों पर लगे ऊंचे, घने पेड़ और उनकी पत्तियों से छनकर आती धूप हर सफर को यादगार बना देती है। सड़क के बीच लगे लाइट के खंभे और गमलों में लगे पौधों की खुशबू यहां से गुजरने वालों को एक अलग ही सुकून देती है।

## चंडी चौक फ्लाईओवर से एक नजारा
एक और तस्वीर मुख्य मार्ग पर बने चंडी चौक के फ्लाईओवर से ली गई है, जिसमें तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों के पीछे हरियाली का खूबसूरत नजारा दिखता है। यहां से चारों ओर फैले घने जंगल और ऊंचे पहाड़ इस हाईवे की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।

चौराहों की चहल-पहल, मंदिरों की आस्था, ऊंचे पहाड़, बहती गंगा और सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचा, यह सब मिलकर बताते हैं कि हरिद्वार दुनियाभर के सैलानियों को अपनी ओर क्यों खींचता है। अगर भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल का सुकून चाहिए, तो कैमरे में कैद ये तस्वीरें हरिद्वार आने का एक खामोश न्योता हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** हरिद्वार जैसी तीर्थ नगरियों की ऐसी तस्वीरें देशभर के यात्रियों को घूमने की योजना बनाने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
- **हरिद्वार-उत्तराखंड में:** बेहतर सड़कें, चौराहे और साफ-सुथरा बुनियादी ढांचा स्थानीय कारोबार और पर्यटन उद्योग को सीधा फायदा पहुंचाते हैं, जिससे शहर में रोजगार के मौके भी बढ़ते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. हरिद्वार की गंगा आरती कहां होती है?
यह भव्य आरती हर की पौड़ी पर रोज शाम सूरज ढलने के बाद होती है, जहां हजारों दीये गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं।

### 2. मां मनसा देवी का मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर हरिद्वार में शिवालिक की पहाड़ियों पर बिल्व पर्वत की ऊंची चोटी पर स्थित है।

### 3. हरिद्वार का सबसे व्यस्त चौराहा कौन सा है?
चंद्राचार्य चौक हरिद्वार का सबसे व्यस्त और व्यावसायिक चौराहा है, जहां चौबीसों घंटे चहल-पहल रहती है।

### 4. शंकराचार्य चौक की क्या खासियत है?
यह हरिद्वार में प्रवेश करते ही सबसे पहले दिखने वाला चौराहा है, जो गंगा किनारे डाम कोठी के पास स्थित है और यहां देश-विदेश से श्रद्धालु स्नान करने आते हैं।

### 5. देवपुरा चौक की क्या खासियत है?
यह चौक हरिद्वार के कई हिस्सों को आपस में जोड़ता है और इसके आसपास सरकारी दफ्तर, खेल के मैदान और पार्क मौजूद हैं।

### 6. चंडी चौक फ्लाईओवर से क्या नजारा दिखता है?
फ्लाईओवर से गुजरते वाहनों के साथ चारों तरफ फैले घने जंगल और ऊंचे पहाड़ों का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है।

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