# गंगा के बीच बिहार का इकलौता आइलैंड खुला, लेकिन इन कड़े नियमों से नहीं मिलेगी छूट

> भागलपुर के कहलगांव इलाके में गंगा नदी के बीच स्थित बिहार के एकमात्र द्वीप को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। जिला प्रशासन ने लाइसेंसी नाव से एंट्री, पानी में न उतरने और पॉलीथिन बैन जैसी सख्त शर्तें लागू की हैं।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/ganga-ke-bicha-bihar-ka-ikalauta-ailainda-khula-lekina-ina-kare-niyamon-se-nahin-milegi-chhuta-2193 · **Language:** Hindi
**Tags:** कहलगांव पर्यटन, बिहार गंगा द्वीप, भागलपुर पर्यटन, रोपवे परियोजना, रॉक कट टेंपल, गंगा नदी, लाइसेंसी नाव, बिहार पर्यटन स्थल

## कहलगांव का गंगा द्वीप: बिहार का अनोखा पर्यटन रत्न
भागलपुर जिले के कहलगांव क्षेत्र में गंगा नदी के बीचोंबीच एक ऐसा द्वीप है जो पूरे बिहार में अपनी तरह का अकेला है। यहां गंगा के भीतर तीन पहाड़ियां उठती हैं जिनका नजारा देखते ही मन ठहर जाता है। जिला प्रशासन ने इस अनोखी जगह को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला किया है, लेकिन इसके साथ कुछ कड़े नियम भी तय किए गए हैं।

## सिर्फ लाइसेंसी नाव से मिलेगा प्रवेश, नाविकों को मिली कड़ी हिदायत
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि केवल वही नाव गंगा में इस द्वीप की तरफ जा सकती है जिसके पास वैध लाइसेंस है। बिना लाइसेंस की नावों को इजाजत नहीं होगी। आइलैंड पर पहुंचकर पर्यटकों का पानी में उतरना पूरी तरह बंद है और जो भी इस नियम को तोड़ेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा पॉलीथिन में पैक खाने-पीने की कोई भी चीज़ यहां ले जाना मना है। इन सभी शर्तों का पालन करते हुए ही पर्यटक इस द्वीप का लुत्फ उठा सकते हैं।

## तीन पहाड़ियां जो बनाती हैं इस जगह को लाजवाब
कहलगांव राजघाट से आगे गंगा के भीतर तीन पहाड़ियां हैं जो इस द्वीप की असली पहचान हैं। इन्हें अब शांति बाबा का पहाड़, बंगाली बाबा पहाड़ और पंजाबी बाबा पहाड़ के नाम से जाना जाता है। हालांकि इनके नाम पहले अलग थे, पहले ये बुद्धा आश्रम, तापस आश्रम और नानकशाही आश्रम के रूप में पहचाने जाते थे। इन पहाड़ियों का स्वरूप इतना अलौकिक है कि सैलानी दूर-दूर से यहां खिंचे चले आते हैं। गंगा किनारे से ही यह दृश्य इतना मनोरम लगता है कि मन नजदीक से देखने को ललचाने लगता है।

## रॉक कट टेंपल के रूप में मिलेगा संरक्षण
सरकार इन तीनों पहाड़ियों को रॉक कट टेंपल के रूप में संरक्षित घोषित करने की तैयारी में है। इससे इनके धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को आधिकारिक पहचान मिलेगी और इनकी देखरेख भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

## रोपवे और लक्ष्मण झूला करेंगे सफर और भी आसान
फिलहाल इस द्वीप तक पहुंचने का एकमात्र जरिया नाव है, लेकिन यह जल्द बदलने वाला है। यहां रोपवे और लक्ष्मण झूला लगाने का काम चल रहा है। ये सुविधाएं तैयार होने के बाद पर्यटक बिना नाव के, सीधे रोपवे के रास्ते इन पहाड़ियों तक पहुंच सकेंगे। गर्मियों में यह जगह किसी विदेशी पर्यटन स्थल से कम नहीं दिखती।

## इसका आप पर असर
- **बिहार में:** पर्यटक अब इस अनोखे गंगा द्वीप पर लाइसेंसी नाव के जरिए सुरक्षित तरीके से जा सकते हैं, लेकिन पानी में न उतरने और पॉलीथिन न ले जाने जैसे नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- **भागलपुर में:** रोपवे और लक्ष्मण झूला आने के बाद यह क्षेत्र एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार दोनों को फायदा होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. यह गंगा द्वीप बिहार में कहां स्थित है?
यह द्वीप भागलपुर जिले के कहलगांव इलाके में गंगा नदी के बीचोंबीच स्थित है और पूरे बिहार में इस तरह का यही एकमात्र द्वीप है।

### 2. इस आइलैंड पर जाने के लिए कौन सी शर्तें माननी जरूरी हैं?
केवल लाइसेंसधारी नाव से ही यहां जाया जा सकता है, द्वीप पर पानी में उतरना पूरी तरह मना है और पॉलीथिन में बंद खाद्य सामग्री ले जाना भी प्रतिबंधित है।

### 3. इस द्वीप पर कितनी पहाड़ियां हैं और उनके नाम क्या हैं?
यहां तीन पहाड़ियां हैं जिन्हें शांति बाबा का पहाड़, बंगाली बाबा पहाड़ और पंजाबी बाबा पहाड़ कहा जाता है।

### 4. इन पहाड़ियों के पुराने नाम क्या थे?
पहले इन्हें बुद्धा आश्रम, तापस आश्रम और नानकशाही आश्रम के नाम से जाना जाता था।

### 5. सरकार इन पहाड़ियों को किस रूप में संरक्षित करने वाली है?
सरकार इन तीनों पहाड़ियों को रॉक कट टेंपल के रूप में संरक्षित घोषित करने की तैयारी में है।

### 6. क्या भविष्य में नाव के बिना भी यहां पहुंचा जा सकेगा?
हां, यहां रोपवे और लक्ष्मण झूला लगाया जा रहा है जिससे जल्द ही पर्यटक सीधे रोपवे के जरिए इस द्वीप तक पहुंच सकेंगे।

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