# गोरखपुर और गोंडा रेलखंड पर आधुनिक सिग्ननलिंग कार्य के चलते बदला 14 प्रमुख गाड़ियों का मार्ग

> पूर्वोत्तर रेलवे में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 24 से 27 सितंबर के बीच 14 ट्रेनों को डायवर्टेड रूट से संचालित किया जाएगा। इस दौरान कई प्रमुख स्टेशनों पर इन गाड़ियों का ठहराव नहीं होगा।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/gorakhpur-aura-gonda-relakhnda-para-adhunika-signanalinga-karya-ke-chalate-badala-14-pramukha-gariyon-ka-marga-36830 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय रेलवे, ट्रेन डायवर्जन, गोरखपुर रेलवे, गोंडा जंक्शन, पूर्वोत्तर रेलवे, रेलवे रूट बदलाव

रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और रेल परिचालन की संरक्षा में इजाफा करने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे के तहत आने वाले गोरखपुर से गोंडा खंड पर व्यापक तकनीकी उन्नयन शुरू किया गया है। इस रेल मार्ग पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित करने के लिए आवश्यक नॉन-इंटरलॉकिंग का काम हाथ में लिया गया है। इस विकासात्मक परियोजना के कारण 24 सितंबर से 27 सितंबर के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाली कुल 14 यात्री ट्रेनों के सामान्य रूट में अस्थायी बदलाव किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे ने इस संबंध में परिवर्तित मार्गों और प्रभावित ठहरावों की पूरी रूपरेखा साझा की है, ताकि यात्रा की योजना बना रहे लोगों को किसी किस्म की असुविधा न हो।

## तकनीकी कार्य से प्रभावित प्रमुख एक्सप्रेस गाड़ियों की सूची
रेलवे प्रशासन द्वारा तय की गई नई समय सारिणी के मुताबिक विभिन्न तारीखों पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक रेल मार्गों की तरफ मोड़ा गया है। इनमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 20103 शामिल है, जो 26 सितंबर को गोंडा जंक्शन, बढ़नी और गोरखपुर जंक्शन होकर अपनी यात्रा पूरी करेगी। रास्ते में परिवर्तन के कारण यह ट्रेन मसकनवां, बभनान, बस्ती तथा खलीलाबाद स्टेशनों पर नहीं रुकेगी। इसी तरह यशवंतपुर से गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 15024 को 24 सितंबर के दिन बाराबंकी जंक्शन, गोंडा जंक्शन और बढ़नी के रास्ते गोरखपुर जंक्शन तक चलाया जाएगा, जिस वजह से इसका अयोध्या कैंट, अयोध्या, मनकापुर जंक्शन और बस्ती स्टेशनों पर ठहराव रद्द रहेगा।

प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इस बदलाव का ध्यान रखना होगा। गाड़ी संख्या 22549 गोरखपुर-प्रयागराज ट्रेन 27 सितंबर को मनकापुर, गोंडा और बाराबंकी होकर गुजरेगी, जिससे यह गाड़ी अयोध्या स्टेशन पर नहीं पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त बठिंडा-गोरखपुर गाड़ी संख्या 12556 को 26 सितंबर को गोंडा, बढ़नी और गोरखपुर के वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाएगा, जिसके चलते मनकापुर, बभनान, बस्ती और खलीलाबाद स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुकेगी। गोरखपुर से तिरुवनंतपुरम जाने वाली गाड़ी संख्या 12511 दिनांक 27 सितंबर को गोरखपुर, बढ़नी और गोंडा मार्ग से चलाई जाएगी, जिससे खलीलाबाद, बस्ती एवं मनकापुर के यात्री इसमें सवार नहीं हो सकेंगे।

## बिहार और राजधानी दिल्ली के बीच चलने वाली विशेष गाड़ियां
उत्तर प्रदेश और बिहार को देश की राजधानी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में भी इस दौरान बड़ा फेरबदल किया गया है। गाड़ी संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली 26 सितंबर को छपरा, औंड़िहार, बनारस, प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल के वैकल्पिक रास्ते चलेगी। इस बदलाव की वजह से सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर जंक्शन, बस्ती और ऐशबाग स्टेशनों पर इसका स्टॉपेज नहीं रहेगा। वापसी दिशा में भी गाड़ी संख्या 02564 नई दिल्ली-बरौनी 26 सितंबर को कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, बनारस, वाराणसी, औंड़िहार और छपरा मार्ग से चलाई जाएगी, जिससे यह सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती तथा ऐशबाग नहीं जाएगी।

दरभंगा रूट की गाड़ियों पर भी इस तकनीकी काम का व्यापक असर पड़ा है। गाड़ी संख्या 12565 दरभंगा-नई दिल्ली 26 सितंबर को गोरखपुर, बढ़नी और गोंडा होकर जाएगी। वहीं गाड़ी संख्या 02569 दरभंगा-नई दिल्ली 26 सितंबर को छपरा, औड़िहार, बनारस, प्रयागराज एवं कानपुर सेंट्रल के मार्ग से रवाना होगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02570 नई दिल्ली-दरभंगा 26 सितंबर को कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, बनारस, वाराणसी, औंड़िहार व छपरा होकर संचालित होगी। इन दोनों क्लोन ट्रेनों का सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती और ऐशबाग स्टेशनों पर ठहराव नहीं होगा। गाड़ी संख्या 19726 दरभंगा-खातीपुरा ट्रेन को भी 26 सितंबर को गोरखपुर, बढ़नी और गोंडा के रास्ते आगे भेजा जाएगा।

## अन्य अंतरराज्यीय गाड़ियों के मार्ग में फेरबदल और हेल्पलाइन
लंबी दूरी की अन्य नियमित सेवाओं में गाड़ी संख्या 14048 दिल्ली-सीतामढ़ी 26 सितंबर को गोंडा, बढ़नी और गोरखपुर मार्ग से संचालित की जाएगी, जिस कारण यह बस्ती रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। दक्षिण भारत से आने वाली गाड़ी संख्या 07075 हैदराबाद-गोरखपुर ट्रेन 25 सितंबर को गोंडा, बढ़नी और गोरखपुर होकर अपने गंतव्य पहुंचेगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर सीमांत को पंजाब से जोड़ने वाली गाड़ी संख्या 15707 कटिहार-अमृतसर ट्रेन को 25 सितंबर के दिन छपरा, औंड़िहार, बनारस और बाराबंकी के रास्ते भेजा जाएगा। इस रूट परिवर्तन से यह गाड़ी एकमा, सीवान, मैरवा, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा और कर्नलगंज जैसे व्यस्त स्टेशनों पर सेवाएं नहीं दे सकेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशनों के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित गाड़ियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। यात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पूर्व रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करके अथवा नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम के माध्यम से डायवर्जन और ठहराव से जुड़ी अद्यतन जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिससे यात्रा के दौरान किसी अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

## इसका आप पर असर
गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन और स्टॉपेज रद्द होने से पूर्वांचल, बिहार और दिल्ली मार्ग के दैनिक यात्रियों की यात्रा योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी।

- **भारत में:** दिल्ली, बिहार, पंजाब और दक्षिण भारत के बीच चलने वाली लंबी दूरी की 14 प्रमुख रेलगाड़ियों के समय और ठहराव में बदलाव हुआ है। दूरदराज से सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य पर पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
- **उत्तर प्रदेश में:** बस्ती, खलीलाबाद, मनकापुर, अयोध्या, सीवान और देवरिया सदर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर कई ट्रेनों का ठहराव 24 से 27 सितंबर तक रद्द रहेगा। स्थानीय यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले वैकल्पिक परिवहन या अन्य ट्रेनों की व्यवस्था करनी होगी।
- **हेल्पलाइन सुविधा:** रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 को पूरी तरह सक्रिय रखा है। किसी भी असुविधा से बचने के लिए स्टेशन रवाना होने से पूर्व अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांचें।
- **टिकट और समय सारिणी:** जिन यात्रियों के टिकट छूटे हुए स्टेशनों के हैं, उन्हें अपनी यात्रा की तारीख और बोर्डिंग स्टेशन दोबारा जांचने की सलाह दी जाती है। रिफंड या यात्रा पुनर्नियोजन के लिए आधिकारिक रेलवे नियमों का पालन करें।

## ऐसा क्यों हुआ
गोरखपुर और गोंडा के बीच ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली को चालू करने के लिए रेलवे द्वारा नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किया गया है, जिसके चलते ट्रेनों का मार्ग बदलना अनिवार्य हो गया।

- **ऑटोमैटिक सिग्नलिंग की स्थापना:** रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और रेलगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक ऑटोमैटिक सिग्नलिंग तकनीक लगाई जा रही है। इस कार्य से भविष्य में रेलगाड़ियों के विलंब में कमी आएगी।
- **नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य:** सिग्नलिंग उपकरणों को जोड़ने और ट्रैक प्वाइंट्स के तकनीकी समायोजन के दौरान मुख्य रेल लाइनों पर सुरक्षित ट्रेन संचालन संभव नहीं होता। इस सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते व्यस्त रूट से ट्रेनों को हटाकर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा गया है।
- **अस्थायी व्यवस्था:** यह तकनीकी ब्लॉक 24 सितंबर से 27 सितंबर तक सीमित अवधि के लिए तय किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद सभी गाड़ियां अपने पूर्व निर्धारित रूट और ठहराव के अनुसार चलने लगेंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर ट्रेनों का रूट क्यों बदला गया है?
पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा ऑटोमैटिक सिग्नलिंग स्थापित करने के लिए किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।

### 2. यह रूट डायवर्जन किन तारीखों तक प्रभावी रहेगा?
ट्रेनों के मार्ग में यह अस्थायी बदलाव 24 सितंबर से 27 सितंबर तक लागू रहेगा।

### 3. कुल कितनी रेलगाड़ियों के मार्ग में फेरबदल किया गया है?
रेलवे प्रशासन द्वारा इस दौरान कुल 14 यात्री ट्रेनों को डायवर्टेड रूट से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

### 4. क्या बरौनी-नई दिल्ली और दरभंगा-नई दिल्ली ट्रेनें अपने सामान्य स्टेशनों पर रुकेंगी?
नहीं, ये गाड़ियां छपरा, बनारस और प्रयागराज होकर चलेंगी और सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती तथा ऐशबाग स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी।

### 5. यात्री अपनी ट्रेन की सही स्थिति जानने के लिए कहां संपर्क कर सकते हैं?
यात्री रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके अपनी ट्रेन के डायवर्जन और ठहराव से संबंधित ताजा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._