हैदराबाद से करीब 220 किलोमीटर दूर बसा है ब्लैकबेरी आइलैंड, मुलुगु के जंगलों में ले सकेंगे मिनी बीच का मजा तेलंगाना के मुलुगु जिले में स्थित ब्लैकबेरी आइलैंड वीकेंड गेटवे के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। हैदराबाद से 220 किमी दूर घने जंगलों के बीच बसा यह स्पॉट पर्यटकों को मिनी बीच जैसा अहसास कराता है। हैदराबाद की भागदौड़ और कंक्रीट के शोर-शराबे से परेशान होकर अगर आप वीकेंड पर किसी शांत जगह की तलाश कर रहे हैं, तो तेलंगाना का ब्लैकबेरी आइलैंड एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। राजधानी से लगभग 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह खूबसूरत इको-टूरिज्म स्पॉट मुलुगु जिले के ताड़वाई वन क्षेत्र में स्थित है। घने और शांत जंगलों के बीच बसे इस खूबसूरत ठिकाने को स्थानीय लोग और सैलानी प्यार से जंगल का मिनी बीच भी पुकारते हैं। हालांकि, इसके नाम में आइलैंड जुड़ा है, लेकिन यह कोई समुद्री टापू नहीं बल्कि एक पशु-विहार के बीच बसा हुआ मनमोहक फॉरेस्ट रिट्रीट है। काली चट्टानों की वजह से मिला यह अनोखा नाम इस जगह को यह अनोखा नाम देने के पीछे यहां की प्राकृतिक भौगोलिक बनावट है। इस फॉरेस्ट रिट्रीट के परिसर और आसपास के इलाके में प्राकृतिक रूप से गहरे काले रंग की विशाल चट्टानें फैली हुई हैं। इन्हीं सुंदर काली चट्टानों और कुदरती बनावट को देखते हुए इस जगह का नाम ब्लैकबेरी आइलैंड रखा गया है। घने जंगलों की हरियाली के बीच ये काली चट्टानें पर्यटकों के लिए एक अनोखा दृश्य पेश करती हैं और लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। जंगल के बीच रेत और मिनी बीच का रहस्य इस जंगली इलाके में फैली सफेद और भूरी रेत भी पर्यटकों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। चूंकि यह कोई वास्तविक समुद्र तट नहीं है, इसलिए यहां रेत दिखने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। सैलानियों और युवाओं के मनोरंजन के लिए इस रिसॉर्ट परिसर में एक सैंड वॉलीबॉल कोर्ट तैयार किया गया है, जिसके लिए विशेष रूप से बाहर से महीन रेत मंगवाकर बिछाई गई है। इसके अलावा, इस परिसर के पास से एक मौसमी नाला बहता है। इस नाले के किनारों पर प्राकृतिक रूप से जमा होने वाली नदी की बारीक रेत और वॉलीबॉल कोर्ट की रेत मिलकर घने जंगल के भीतर एक छोटे समुद्री तट जैसा खूबसूरत नजारा तैयार कर देती हैं। टिकट दरें, रुकने की व्यवस्था और जाने का रास्ता ब्लैकबेरी आइलैंड में केवल दिन के समय घूमने आने वाले सैलानियों के लिए प्रवेश शुल्क बेहद मामूली रखा गया है। रिसॉर्ट के अनुसार, यहां का डे-विजिट एंट्री टिकट प्रति व्यक्ति लगभग 50 रुपये से लेकर 100 रुपये के बीच होता है। वहीं, जो लोग इस जंगल के शांत माहौल में रात बिताना चाहते हैं, उनके लिए सुरक्षित घेरे के भीतर शानदार लकड़ी के हट और आधुनिक सुविधाएं वाले कॉटेज बनाए गए हैं। इन कमरों का किराया सुविधाओं के आधार पर करीब 2,500 रुपये से लेकर 4,000 रुपये प्रति रात तक होता है। मनोरंजन और सुख-सुविधाओं के लिहाज से यहां बच्चों के लिए झूले, एक बैडमिंटन कोर्ट, खूबसूरत नजारों को देखने के लिए एक व्यूइंग प्लेटफॉर्म, खाने-पीने के लिए कैंटीन और रात के समय बोनफायर की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। हैदराबाद से सड़क मार्ग द्वारा वारंगल और पासरा होते हुए करीब 4 से 5 घंटे की ड्राइव करके आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। इस यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले ऐतिहासिक रामप्पा मंदिर और बेहद खूबसूरत लकनावरम झील के दर्शन भी किए जा सकते हैं। मानसून और सर्दियों के महीनों में यहां की हरियाली और मौसम सबसे ज्यादा सुहावना और घूमने लायक होता है। इसका आप पर असर यह समाचार हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया और बजट-अनुकूल वीकेंड डेस्टिनेशन प्रदान करता है। • हैदराबाद और तेलंगाना के लोगों के लिए: सैलानी अब कंक्रीट के शोर से दूर सिर्फ 4 से 5 घंटे की दूरी पर शांत वातावरण का अनुभव कर सकते हैं। यह स्थान कम बजट में परिवार के साथ सप्ताहांत बिताने का बेहतरीन विकल्प है। • बजट अनुकूल यात्रा: प्रति व्यक्ति मात्र 50 से 100 रुपये के एंट्री टिकट के साथ दिन की यात्रा पूरी की जा सकती है। इससे कम खर्च में प्रकृति के बीच घूमने की योजना बनाना आसान हो जाता है। • ठहरने के सुरक्षित विकल्प: रात्रि विश्राम के लिए 2,500 से 4,000 रुपये में सुरक्षित वुडन हट्स और आधुनिक कॉटेज उपलब्ध हैं। यह परिवारों और दोस्तों के समूहों को सुरक्षित माहौल में जंगल के बीच रहने का अवसर देता है। • आसपास के पर्यटन स्थल: इस यात्रा के साथ रामप्पा मंदिर और लकनावरम झील को भी जोड़ा जा सकता है। इससे सैलानी एक ही ट्रिप में धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का लुत्फ उठा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ ब्लैकबेरी आइलैंड का निर्माण प्राकृतिक भौगोलिक विशेषताओं और रिसॉर्ट प्रबंधन द्वारा किए गए कृत्रिम बदलावों के मेल से हुआ है। • चट्टानी बनावट: इस क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से गहरे काले रंग की चट्टानें मौजूद हैं। इन्हीं अनोखी काली चट्टानों की प्राकृतिक उपस्थिति के कारण इस जगह को ब्लैकबेरी आइलैंड का नाम दिया गया। • रेत का जमाव: परिसर के बगल से गुजरने वाला मौसमी नाला बारिश के मौसम में अपने साथ महीन नदी की रेत बहाकर लाता है। यह रेत नाले के किनारों पर प्राकृतिक रूप से जमा होकर तट जैसा रूप ले लेती है। • कृत्रिम निर्माण: रिसॉर्ट प्रबंधन ने युवाओं के खेलने के लिए एक सैंड वॉलीबॉल कोर्ट विकसित किया है, जिसके लिए बाहर से विशेष रेत मंगवाई गई थी। यह रेत और प्राकृतिक नाले की रेत मिलकर घने जंगल के बीच एक मिनी बीच का नजारा तैयार करती है। सवाल-जवाब 1. ब्लैकबेरी आइलैंड कहां स्थित है? यह तेलंगाना के मुलुगु जिले में ताड़वाई वन क्षेत्र के भीतर स्थित है, जो हैदराबाद से लगभग 220 किलोमीटर दूर है। 2. इसे 'ब्लैकबेरी' नाम क्यों दिया गया है? इस वन क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से गहरे काले रंग की चट्टानें फैली हुई हैं, जिनकी बनावट और रंग के कारण इसका नाम ब्लैकबेरी आइलैंड पड़ा है। 3. क्या यहां ठहरने के लिए कोई व्यवस्था उपलब्ध है? हां, पर्यटकों के रुकने के लिए सुरक्षित घेरे के अंदर लकड़ी के हट और आधुनिक कॉटेज बने हैं, जिनका किराया 2,500 से 4,000 रुपये प्रति रात है। 4. हैदराबाद से यहां पहुंचने में कितना समय लगता है और कौन से पर्यटन स्थल रास्ते में हैं? हैदराबाद से सड़क मार्ग द्वारा यहां पहुंचने में 4 से 5 घंटे लगते हैं। रास्ते में आप प्रसिद्ध रामप्पा मंदिर और लकनावरम झील देख सकते हैं। 5. ब्लैकबेरी आइलैंड जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम कौन सा है? इस इको-टूरिज्म स्पॉट पर जाने के लिए मानसून और सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान यहां मौसम सुहावना और हरियाली भरपूर होती है। https://trendkia.com/travel/hyderabad-se-kariba-220-kilomitara-dura-basa-hai-blackberry-island-mulugu-ke-jngalon-men-le-sakenge-mini-bicha-ka-maja-38899 TrendKia — Har trend, sabse pehle.