जयपुर का कनक वृंदावन गार्डन: मानसून में जहां उतरती है वृंदावन जैसी छटा, यहीं हुई थी 'खलनायक' और 'बेटा' की शूटिंग आमेर रोड पर बना कनक वृंदावन गार्डन सन 1714 में बनवाया गया एक ऐतिहासिक बाग है, जहां सिर्फ 25 रूपए के टिकट में राजपूत-मुगल वास्तुकला और हरियाली का संगम देखने को मिलता है। बारिश के मौसम में यहां सैलानियों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। मानसून आते ही गुलाबी नगरी जयपुर एक अलग ही रंग में रंग जाती है और देशभर से सैलानी यहां की हरियाली, पहाड़ियों और प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने पहुंच जाते हैं। शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर सुकून के पल बिताने वालों के लिए आमेर रोड पर बना कनक बाग एक बेहतरीन ठिकाना है। जयपुर के मुख्य शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर राधा माधव मंदिर और नटवर जी के मंदिर के पास बसा यह बाग बारिश के दिनों में अपनी हरी-भरी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए सैलानियों को सबसे ज्यादा खींचता है। कृष्ण से जुड़ा नाम और वृंदावन जैसी छटा भगवान कृष्ण को समर्पित होने की वजह से इस ऐतिहासिक बाग को लोग कनक वृंदावन गार्डन के नाम से भी पुकारते हैं। मान्यता है कि इस बाग की झलक हिंदू धर्म के पवित्र वृंदावन धाम जैसी दिखाई देती है, यानी वही अलौकिक स्थान जहां भगवान कृष्ण अपनी गोपियों के साथ रास रचाते और तरह-तरह की क्रीड़ाएं करते थे। कृष्ण की उपस्थिति और वृंदावन जैसी पावन सुंदरता के मेल ने ही इस बाग को यह नाम दिया। 1714 में रखी गई थी नींव इस बाग के इतिहास की बात करें तो जयपुर नगर के संस्थापक सवाई जयसिंह ने इसका निर्माण सन 1714 ईस्वी में आमेर की पर्वतीय घाटी में करवाया था। खास बात यह है कि यह उनकी नई राजधानी का शिलान्यास होने से पूरे चौदह वर्ष पहले बनकर तैयार हो गया था। इस स्थान का धार्मिक महत्व भी गहरा है। जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी के मुख्य मंदिर में मूर्ति स्थापना से पहले उनकी पवित्र प्रतिमा को वृंदावन से सीधे इसी बाग में लाया गया था और जब तक मुख्य मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तब तक कृष्ण की यह सुंदर मूर्ति यहीं सुरक्षित रखी गई थी। राजपूत और मुगल वास्तुकला का बेजोड़ संगम आमेर की पहाड़ियों के बीच शांत वातावरण में बसा कनक बाग जयपुर का सबसे सुंदर बाग माना जाता है। इसके बिल्कुल पास ही प्रसिद्ध मानसागर झील है, जिसके बीचोंबीच ऐतिहासिक जलमहल बना हुआ है। बाग की बनावट में राजपूत और मुगल वास्तुकला का बेजोड़ मिश्रण साफ नजर आता है। सुरक्षा की दृष्टि से इसके चारों तरफ एक बड़ी प्राचीर बनाई गई है, जिसकी वजह से पूरा बाग चारों ओर से बंद दीवार जैसा दिखता है। बाग के चारों कोनों पर बेहद आकर्षक गुंबद बने हैं, जबकि एक विशाल मुख्य गुम्बद इसके ठीक बीच में खड़ा है। चारों दिशाओं में लगे पानी के सुंदर फव्वारे बारिश के मौसम में इसकी सुंदरता को और भी निखार देते हैं। आठ हिस्सों में बंटा है पूरा बाग हरियाली और मनमोहक नजारों के साथ-साथ कनक बाग अपने भव्य गुंबदों और छतरियों के लिए भी मशहूर है। यहां की छतरियों और गुंबदों में बेहतरीन दर्पण कला और बारीक जाली की नक्काशी की गई है, जिनकी खूबसूरत परछाई पास के पानी में साफ दिखती है। पूरा बाग मुख्य रूप से आठ अलग-अलग भागों में बंटा हुआ है और इसमें सफेद संगमरमर की एक ही विशाल शिला से तराशा गया परिक्रमा फव्वारा सबसे खास आकर्षण है। इसके अलावा पूरे परिसर में भगवान कृष्ण और गोपियों की रासलीलाओं को दर्शाती कई जीवंत मूर्तियां भी लगी हैं, जो सैलानियों का मन मोह लेती हैं। वैसे तो जयपुर में राजा-महाराजाओं ने अपनी रानियों के लिए कई बाग-बगीचे बनवाए थे, लेकिन इनमें सबसे सुंदर और अनूठा कनक बाग को ही माना जाता है। बॉलीवुड के कैमरे भी कैद कर चुके हैं यह सुंदरता कनक वृंदावन गार्डन सिर्फ आम पर्यटकों के बीच ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड में भी खासा लोकप्रिय रहा है। इसके खूबसूरत नजारों के बीच बंजारा, बेटा, खलनायक और राजा जैसी कई मशहूर फिल्मों और लोकप्रिय गानों की शूटिंग हो चुकी है। आज के दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह बाग रील्स, वीडियो और शानदार फोटोग्राफी के लिहाज से जयपुर की पहली पसंद बन चुका है। टिकट और घूमने का समय कनक बाग में पूरे साल पर्यटक आते रहते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में यहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। मानसून में चारों तरफ फैली घनी हरियाली और आसमान में छाए बादलों के बीच इस ऐतिहासिक बाग की सुंदरता और निखर जाती है। यहां प्रवेश के लिए सैलानियों को मात्र 25 रूपए का न्यूनतम शुल्क चुकाना पड़ता है। बाग में घूमने का समय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रहता है। इसका आप पर असर अगर आप मानसून में घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके काम की है। • भारत में: देशभर के सैलानियों के लिए यह बजट में एक शानदार ठिकाना है, क्योंकि सिर्फ 25 रूपए के टिकट में पूरा ऐतिहासिक बाग घूमा जा सकता है। • जयपुर में: स्थानीय और पास के पर्यटक मुख्य शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर जाकर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच कभी भी यहां की हरियाली और जलमहल का नजारा देख सकते हैं। सवाल-जवाब 1. कनक वृंदावन गार्डन का निर्माण कब और किसने करवाया था? इसका निर्माण जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह ने सन 1714 ईस्वी में आमेर की पर्वतीय घाटी में करवाया था, जो उनकी नई राजधानी के शिलान्यास से चौदह वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ। 2. कनक बाग में प्रवेश का टिकट कितने का है और घूमने का समय क्या है? यहां प्रवेश के लिए मात्र 25 रूपए का न्यूनतम शुल्क लगता है और बाग प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। 3. कनक बाग में किन बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है? यहां बंजारा, बेटा, खलनायक और राजा जैसी कई मशहूर फिल्मों और लोकप्रिय गानों की शूटिंग हो चुकी है। 4. यह बाग जयपुर शहर से कितनी दूर है? यह बाग जयपुर के मुख्य शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर आमेर रोड पर राधा माधव मंदिर और नटवर जी के मंदिर के पास स्थित है। https://trendkia.com/travel/jayapura-ka-kanaka-vrindavana-gardana-manasuna-men-jahan-utarati-hai-vrindavana--1580 TrendKia — Har trend, sabse pehle.