झीलों की नगरी के पास बसा टीडी बांध बना पसंदीदा पिकनिक स्पॉट, बारिश में उमड़ रहे सैलानी उदयपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित टीडी बांध पर मानसून के दौरान प्राकृतिक सुंदरता देखने स्थानीय लोगों के साथ गुजरात और महाराष्ट्र से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। झीलों की नगरी के रूप में मशहूर उदयपुर अपनी मनमोहक झीलों, अरावली की पहाड़ियों और प्राकृतिक परिवेश के चलते पूरे देश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही उदयपुर और उसके निकटवर्ती ग्रामीण अंचलों का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाता है। शहर की हलचल और भीड़भाड़ से दूर एकांत तलाशने वाले प्रकृति प्रेमी अक्सर बारिश के दिनों में पास के प्राकृतिक ठिकानों का रुख करते हैं। इसी कड़ी में उदयपुर मुख्य शहर से लगभग 30 किलोमीटर के फासले पर मौजूद टीडी बांध इन दिनों सैलानियों और स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनकर उभरा है। चारों ओर फैली हरियाली और बढ़ता जलस्तर मानसून की फुहारें पड़ते ही टीडी बांध और उसके आसपास का पूरा भूभाग एक नया रूप ले लेता है। लगातार होने वाली वर्षा के कारण बांध के विशाल जलभराव क्षेत्र में पानी की भारी आवक होती है, जिससे जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ने लगता है। बांध के चारों तरफ फैली अरावली पर्वतमाला हरी चादर में लिपटी दिखाई देती है, जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। आसपास का शांत और स्वच्छ वातावरण लोगों को ताजगी का अहसास कराता है, जिसके चलते वीकेंड पर यहां पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ जुटने लगती है। प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिताने का जरिया टीडी बांध की मुख्य विशेषता इसका शांत और सुरम्य प्राकृतिक परिदृश्य है। एक ओर बांध में हिलोरे मारता स्वच्छ पानी और दूसरी ओर घने पेड़ों से आच्छादित पहाड़ियां इस स्थल को पारिवारिक पिकनिक के लिए आदर्श बनाती हैं। बारिश के दौरान पहाड़ियों को छूकर बहने वाली ठंडी हवाएं और आसमान में तैरते काले घने बादल यहां आने वाले पर्यटकों को सुकून भरा अनुभव देते हैं। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ घंटे प्रकृति के करीब गुजारने के लिए उदयपुर के बाशिंदे इसे अपनी पसंदीदा सैरगाह मानने लगे हैं। पड़ोसी राज्यों से आने वाले सैलानियों की भी पहली पसंद इस प्राकृतिक स्थल का आकर्षण केवल स्थानीय निवासियों तक ही सीमित नहीं है। मानसून के मौसम में जब राजस्थान के इस हिस्से में पर्यटन का मौसम चरम पर होता है, तब गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले सैलानी भी शहर के प्रमुख महलों और झीलों के अलावा ऐसे प्राकृतिक जलाशयों का दौरा करते हैं। उदयपुर भ्रमण पर आने वाले बाहरी पर्यटक अपने यात्रा कार्यक्रम में टीडी बांध जैसे खूबसूरत स्थानों को भी शामिल करते हैं, ताकि वे राजस्थान के इस अनोखे मानसूनी स्वरूप को करीब से निहार सकें। पर्यटन के साथ सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी यदि आप भी बरसात के मौसम में परिवार अथवा मित्रों के साथ किसी शांत प्राकृतिक ठिकाने पर समय बिताने की योजना बना रहे हैं, तो टीडी बांध एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यहां पहुंचकर पानी के फैलाव और हरी-भरी पहाड़ियों के नजारों का आनंद लिया जा सकता है। हालांकि, मानसूनी सैर के दौरान पर्यटकों को अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग रहना चाहिए। जलाशय के किनारों पर तेज बहाव वाले हिस्सों और फिसलन भरी चट्टानों के पास जाने से परहेज करना चाहिए। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों और चेतावनियों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। इसका आप पर असर उदयपुर और आसपास घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों के लिए टीडी बांध एक सुलभ मानसूनी पिकनिक स्थल पेश करता है। • उदयपुर में: स्थानीय निवासियों को शहर से मात्र 30 किलोमीटर दूर एक शांत और हरा-भरा प्राकृतिक माहौल मिल जाता है। सप्ताहांत में परिवार और मित्रों के साथ कुछ घंटे बिताने के लिए यह एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प है। • अन्य राज्यों के पर्यटकों के लिए: गुजरात और महाराष्ट्र से उदयपुर आने वाले सैलानियों को मुख्य पर्यटन स्थलों के अलावा राजस्थान के ग्रामीण मानसूनी स्वरूप को देखने का मौका मिलता है। वे अपनी यात्रा सूची में इस बांध को जोड़कर प्राकृतिक दृश्यों का आनंद उठा सकते हैं। • जल सुरक्षा नियम: वर्षा के दिनों में जलाशय के किनारे फिसलन और तेज धाराएं बढ़ने से दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। आगंतुकों को पानी के तेज बहाव और गहराई वाले क्षेत्रों से दूर रहकर सुरक्षित स्थानों पर ही रुकना चाहिए। • स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देश: मौके पर मौजूद सुरक्षा निर्देशों और प्रशासनिक चेतावनियों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का पालन करने से यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहती है। ऐसा क्यों हुआ मानसून के दौरान होने वाली निरंतर वर्षा और अरावली की पहाड़ियों से होने वाली जल आवक के चलते टीडी बांध का प्राकृतिक वातावरण बेहद आकर्षक बन जाता है। • मानसून की वर्षा: मानसूनी बादलों की सक्रियता से क्षेत्र में लगातार पानी बरसता है, जिससे बांध का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ता है। जलाशय में पानी भरने से पूरे क्षेत्र का दृश्य मनोरम हो जाता है। • अरावली का हरित आवरण: बारिश का पानी मिलते ही आसपास की पथरीली पहाड़ियां हरी-भरी वनस्पतियों से ढक जाती हैं। यह प्राकृतिक हरियाली शहर की तपिश और कंक्रीट के माहौल के मुकाबले काफी शांत वातावरण देती है। • शहर से नजदीकी: उदयपुर मुख्य शहर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण यहां पहुंचना आसान है। सुविधाजनक दूरी होने की वजह से लोग बिना किसी लंबी तैयारी के दिनभर की सैर के लिए यहां आ जाते हैं। सवाल-जवाब 1. टीडी बांध उदयपुर शहर से कितनी दूरी पर स्थित है? टीडी बांध उदयपुर मुख्य शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 2. टीडी बांध पर घूमने के लिए सबसे उपयुक्त मौसम कौन सा है? मानसून का मौसम यहां जाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जब चारों तरफ हरियाली और पानी का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। 3. क्या उदयपुर के बाहर के पर्यटक भी टीडी बांध जाते हैं? जी हां, राजस्थान के स्थानीय लोगों के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से उदयपुर आने वाले सैलानी भी यहां पहुंचते हैं। 4. मानसून में टीडी बांध पर जाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए? सैलानियों को जलाशय के तेज बहाव और फिसलन वाली जगहों से दूर रहना चाहिए तथा प्रशासन द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए। https://trendkia.com/travel/jhilon-ki-nagari-ke-pasa-basa-tidi-bandha-bana-pasndida-pikanika-spota-barisha-men-umara-rahe-sailani-36425 TrendKia — Har trend, sabse pehle.