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  "type": "article",
  "title": "कोहरे के चलते मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 16 के फेरे घटे",
  "summary": "सर्दियों में घने कोहरे को देखते हुए रेलवे ने मुरादाबाद मंडल से चलने और गुजरने वाली 26 रेलगाड़ियों को दिसंबर से मार्च तक पूर्ण रूप से निरस्त कर दिया है, जबकि 16 अन्य के फेरे घटाए हैं।",
  "content": "सर्दियों के महीनों में उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में पड़ने वाले घने कोहरे को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने मुरादाबाद रेल मंडल से होकर गुजरने वाली दर्जनों रेलगाड़ियों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। आगामी तीन महीनों यानी दिसंबर की शुरुआत से लेकर मार्च तक के लिए 26 ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है, जबकि 16 गाड़ियों के चलने के दिनों में कटौती की गई है। इस बदलाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख रूटों पर सफर करने वाले दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों का समय और रूट अवश्य जांच लें।\n\nसुरक्षित सफर और जाम से बचाव के लिए उठाया गया कदम\nवरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) महेश यादव ने जानकारी दी कि ठंड के दौरान ट्रैक पर भारी धुंध और कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। इस मौसमी बाधा के बीच रेल यातायात को सुरक्षित, समयबद्ध और बिना किसी दुर्घटना के सुचारू बनाए रखने के लिए यह योजना बनाई गई है। इसके तहत कुल 26 ट्रेनों को पूरे शीतकालीन सत्र के लिए पूर्ण रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 16 ऐसी ट्रेनें हैं जिनकी फ्रीक्वेंसी घटा दी गई है, यानी जो गाड़ियां सप्ताह में नियमित या अधिक दिन चलती थीं, उनके फेरे सीमित कर दिए गए हैं ताकि मुख्य रूटों पर दबाव कम रहे और परिचालन सुगम बना रहे।\n\nदिसंबर से मार्च तक पूर्ण रूप से निरस्त रहने वाली प्रमुख ट्रेनें\nरेलवे की ओर से जारी सूची के अनुसार लंबी दूरी और इंटरसिटी स्तर की कई अहम गाड़ियां रद्द की गई हैं\n\n• डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस: गाड़ी संख्या 15903 (संचालन दिवस: शुक्रवार, सोमवार) और वापसी में गाड़ी संख्या 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (संचालन दिवस: रविवार, बुधवार) पूरी तरह निरस्त रहेगी।\n• कामाख्या-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस: गाड़ी संख्या 15621 (संचालन दिवस: गुरुवार) और गाड़ी संख्या 15622 आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या एक्सप्रेस (संचालन दिवस: शुक्रवार) का संचालन बंद रहेगा।\n• लखनऊ और दिल्ली रूट: गाड़ी संख्या 12583 लखनऊ से आनंद विहार टर्मिनल और वापसी की गाड़ी संख्या 12584 आनंद विहार टर्मिनल से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन को भी रद्द किया गया है।\n• गोरखपुर और लालकुआं सेवाएं: गाड़ी संख्या 15057 गोरखपुर से आनंद विहार टर्मिनल और गाड़ी संख्या 15058 आनंद विहार टर्मिनल से गोरखपुर, साथ ही गाड़ी संख्या 15059 लालकुआं से आनंद विहार टर्मिनल एवं गाड़ी संख्या 15060 आनंद विहार टर्मिनल से लालकुआं को निरस्त किया गया है।\n• न्यू जलपाईगुड़ी और असम संपर्क: गाड़ी संख्या 15725 न्यू जलपाईगुड़ी-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 15726 आनंद विहार टर्मिनल-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 15909 डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध असम एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 15910 लालगढ़-डिब्रूगढ़ अवध असम एक्सप्रेस शीतकाल में नहीं चलेंगी।\n• क्षेत्रीय संपर्क: गाड़ी संख्या 25035 मुरादाबाद से रामनगर, गाड़ी संख्या 25036 रामनगर से मुरादाबाद, गाड़ी संख्या 15074 टनकपुर से सिंगरौली और गाड़ी संख्या 15073 सिंगरौली से टनकपुर को भी इस अवधि में पूर्ण रूप से रद्द रखा जाएगा।\n\nरेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था कोहरे के असर को नियंत्रित करने और अन्य बची हुई ट्रेनों को अत्यधिक देरी से बचाने के उद्देश्य से लागू की गई है। प्रभावित यात्री अपने टिकटों का रिफंड आधिकारिक नियमों के अनुसार प्राप्त कर सकते हैं और वैकल्पिक यात्रा विकल्पों की योजना बना सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nसर्दियों में मुरादाबाद मंडल के रूटों पर यात्रा की योजना बना रहे लोगों को टिकट रद्दीकरण और वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था करनी होगी।\n\n• भारत में: दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब के बीच लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को अन्य ट्रेनों में आरक्षण खोजना पड़ेगा। जिन यात्रियों के टिकट रद्द गाड़ियों में बुक थे, उन्हें रेलवे के नियमों के मुताबिक पूरा रिफंड मिलेगा।\n• उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में: मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, रामनगर और लालकुआं के दैनिक व क्षेत्रीय मुसाफिरों की सीधी कनेक्टिविटी बाधित रहेगी। इन यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग या बची हुई अन्य ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ेगा।\n• फेरे घटने वाली गाड़ियों पर असर: जिन 16 ट्रेनों के फेरे कम किए गए हैं, उनमें उपलब्ध सीटों की संख्या घट जाएगी। ऐसे में बचे हुए संचालन दिनों में भारी वेटिंग लिस्ट और टिकटों की मारामारी देखने को मिल सकती है।\n• अग्रिम यात्रा योजना: दिसंबर से मार्च के बीच यात्रा करने वालों को स्टेशन निकलने से पहले आधिकारिक रेलवे हेल्पलाइन या ऐप पर अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य देखनी चाहिए। अंतिम समय में परेशानी से बचने के लिए समय रहते यात्रा तारीखों में फेरबदल करना बेहतर विकल्प होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसर्दियों के महीनों में उत्तरी भारत में पड़ने वाले घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं, जिसे संभालने के लिए रेलवे हर साल यह कदम उठाता है।\n\n• कम दृश्यता और सुरक्षा चिंताएं: सुबह और देर रात ट्रैक पर शून्य या बेहद कम दृश्यता होने के कारण लोको पायलटों को ट्रेनों की गति धीमी रखनी पड़ती है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए गाड़ियों का दबाव घटाना जरूरी होता है।\n• नेटवर्क पर अत्यधिक देरी का प्रभाव: घने कोहरे में यदि सभी ट्रेनें सामान्य रूप से चलें, तो सिग्नलिंग और ट्रैक जाम होने से गाड़ियां 10 से 20 घंटे तक लेट हो जाती हैं। सीमित संख्या में ट्रेनों को रद्द करके मुख्य रूटों पर यातायात को बिना किसी बड़े व्यवधान के चालू रखा जाता है।\n• पूर्व निर्धारित शीतकालीन प्रबंधन: भारतीय रेलवे में सर्दियों के कोहरे से निपटने के लिए हर साल दिसंबर से मार्च तक विशेष कार्ययोजना लागू की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत मुरादाबाद मंडल ने 26 ट्रेनों को पूर्ण रूप से बंद करने और 16 के फेरे घटाने का निर्णय लिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुरादाबाद मंडल में कितनी ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है?\nमुरादाबाद मंडल से गुजरने वाली कुल 26 ट्रेनों को दिसंबर से मार्च तक के लिए पूरी तरह रद्द किया गया है।\n\n2. कितनी रेलगाड़ियों के फेरों में कटौती की गई है?\nइस अवधि के दौरान 16 रेलगाड़ियों के चलने के दिन घटाए गए हैं यानी उनकी फ्रीक्वेंसी कम की गई है।\n\n3. ट्रेनों को रद्द करने का मुख्य कारण क्या है?\nसर्दियों में घने कोहरे के दौरान रेल यातायात को सुरक्षित और बिना रुकावट के सुगम बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।\n\n4. यह रद्दीकरण किस अवधि के लिए प्रभावी रहेगा?\nयह बदलाव दिसंबर की शुरुआत से लेकर मार्च के महीने तक कुल 3 महीनों के लिए प्रभावी रहेगा।\n\n5. आनंद विहार टर्मिनल और लखनऊ के बीच कौन सी ट्रेनें निरस्त की गई हैं?\nगाड़ी संख्या 12583 (लखनऊ से आनंद विहार टर्मिनल) और गाड़ी संख्या 12584 (आनंद विहार टर्मिनल से लखनऊ) को पूरी तरह रद्द किया गया है।\n\n6. क्या डिब्रूगढ़ रूट की ट्रेनें भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं?\nहां, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903/15904) और डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध असम एक्सप्रेस (15909/15910) को पूर्ण रूप से रद्द किया गया है।",
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  "publishedAt": "2026-11-02",
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    "मुरादाबाद रेल मंडल",
    "ट्रेन रद्द",
    "कोहरा",
    "भारतीय रेलवे",
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    "आनंद विहार टर्मिनल",
    "रेलवे समाचार"
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  "whatItMeansForYou": "सर्दियों में मुरादाबाद मंडल के रूटों पर यात्रा की योजना बना रहे लोगों को टिकट रद्दीकरण और वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था करनी होगी।\n\n• भारत में: दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब के बीच लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को अन्य ट्रेनों में आरक्षण खोजना पड़ेगा। जिन यात्रियों के टिकट रद्द गाड़ियों में बुक थे, उन्हें रेलवे के नियमों के मुताबिक पूरा रिफंड मिलेगा।\n• उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में: मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, रामनगर और लालकुआं के दैनिक व क्षेत्रीय मुसाफिरों की सीधी कनेक्टिविटी बाधित रहेगी। इन यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग या बची हुई अन्य ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ेगा।\n• फेरे घटने वाली गाड़ियों पर असर: जिन 16 ट्रेनों के फेरे कम किए गए हैं, उनमें उपलब्ध सीटों की संख्या घट जाएगी। ऐसे में बचे हुए संचालन दिनों में भारी वेटिंग लिस्ट और टिकटों की मारामारी देखने को मिल सकती है।\n• अग्रिम यात्रा योजना: दिसंबर से मार्च के बीच यात्रा करने वालों को स्टेशन निकलने से पहले आधिकारिक रेलवे हेल्पलाइन या ऐप पर अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य देखनी चाहिए। अंतिम समय में परेशानी से बचने के लिए समय रहते यात्रा तारीखों में फेरबदल करना बेहतर विकल्प होगा।",
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      "question": "क्या डिब्रूगढ़ रूट की ट्रेनें भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं?",
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