मानसून के मौसम में देहरादून के करीब मौजूद 5 बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल, वीकेंड पर घूमने का बनाएं प्लान देहरादून के नजदीक स्थित ये पांच शानदार पर्यटन स्थल मानसून के दिनों में बादलों और घनी हरियाली से ढक जाते हैं। अगर आप बारिश के मौसम में शांत और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना चाहते हैं तो ये जगहें सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। मानसून की पहली बारिश गिरते ही पहाड़ों की रंगत पूरी तरह बदल जाती है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाके इस मौसम में हरी-भरी वादियों, तैरते बादलों और ठंडी हवाओं से सराबोर हो उठते हैं। अगर आप शहर के शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में कुछ हसीन पल बिताना चाहते हैं, तो देहरादून के पास कई ऐसी जगहें मौजूद हैं जो बरसात के दिनों में किसी जादुई दुनिया जैसी प्रतीत होती हैं। यहाँ हम ऐसे 5 चुनिंदा स्थानों के बारे में बता रहे हैं जहाँ मानसून का नजारा बेहद दिलकश हो जाता है। मसूरी में बादलों के बीच टहलने का अनोखा अहसास पहाड़ों की रानी के नाम से मशहूर मसूरी देहरादून से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मानसून की शुरुआत होते ही यहाँ की ढलानें घने कोहरे और बादलों की चादर से ढक जाती हैं। इस मौसम में मसूरी के प्रसिद्ध माल रोड और गन हिल पर चलते समय ऐसा महसूस होता है मानो आप सीधे बादलों के बीच से गुजर रहे हों। इसके अलावा कैम्प्टी फॉल में तेज गर्जना के साथ गिरता पानी और चारों तरफ फैली घनी हरियाली इस हिल स्टेशन की प्राकृतिक सुंदरता में कई गुना बढ़ोतरी कर देती है। धनौल्टी के देवदार और चीड़ के शांत जंगल अगर आपको एकांत वातावरण और देवदार के विशाल वृक्षों की छांव पसंद है, तो धनौल्टी आपके लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। मसूरी से थोड़ा आगे बढ़ते ही धनौल्टी का शांत और सुरम्य माहौल पर्यटकों का स्वागत करता है। ऊँचे-ऊँचे देवदार और चीड़ के घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र बारिश की बूंदों के बीच बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहाँ स्थित इको पार्क में भीगी मिट्टी की सोंधी सुगंध और पहाड़ों पर तैरती धुंध के बीच पैदल चलना मन को असीम शांति प्रदान करता है। सोडा सरोली में नदी किनारे पिकनिक और पहाड़ी संस्कृति देहरादून के नजदीक मालदेवता मार्ग पर स्थित सोडा सरोली प्रकृति प्रेमियों के लिए एक छुपा हुआ खजाना माना जाता है। मानसून के दौरान यहाँ से होकर बहने वाली नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और आसपास की विशाल चट्टानें घनी हरियाली से आच्छादित हो जाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से नदी के किनारे जाने के बजाय थोड़ा दूर बैठकर दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह स्थान बिल्कुल उपयुक्त है। सोडा सरोली के आसपास बसे गांवों में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी जनजीवन की सुंदर झलक देखने को मिलती है। यहाँ बने कई गार्डन कैफे और ओपन-रूफ रेस्टोरेंट बरसात के मौसम में पर्यटकों को शानदार अनुभव देते हैं। लैंसडाउन का ऐतिहासिक छावनी शहर और औपनिवेशिक धरोहर गढ़वाल राइफल्स का ऐतिहासिक छावनी शहर लैंसडाउन बरसात के दिनों में बेहद शांत, स्वच्छ और जादुई नजर आता है। बाक़ी भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों के मुकाबले ओक और चीड़ के घने जंगलों के बीच बसा लैंसडाउन एकदम शांत माहौल पेश करता है। मानसून के समय यहाँ स्थित टिप-इन-टॉप पॉइंट से धुंधली घाटियों का नजारा देखने लायक होता है। इसके साथ ही भुल्ला ताल झील का शांत वातावरण और ब्रिटिश काल के पुराने औपनिवेशिक दौर के चर्च इस मौसम में किसी कैनवास पर बनी खूबसूरत पेंटिंग जैसे लगते हैं। दुधली गांव की अछूती प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन देहरादून के बाहरी हिस्से में बसा दुधली गांव अपने ठेठ पहाड़ी माहौल और अछूती प्राकृतिक आभा के लिए पहचाना जाता है। मानसून के आगमन के साथ ही यहाँ के हरे-भरे खेत, छोटे-छोटे जलस्रोत और घुमावदार ग्रामीण रास्ते पूरी तरह जीवंत हो उठते हैं। यदि आप मानसून के समय किसी शांत, एकांत और भीड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में अपना समय बिताना चाहते हैं, तो दुधली गांव का सुहाना मौसम आपको एक यादगार अनुभव देगा। इसका आप पर असर मानसून में देहरादून के आसपास यात्रा की योजना बनाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए यह मौसम प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कुछ व्यावहारिक सावधानियों की मांग करता है। • भारत भर के पर्यटकों के लिए: मानसून के दौरान इन पहाड़ी ठिकानों पर घूमने से आपको कम भीड़ और सुहावना मौसम मिलेगा। हालांकि, यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग के पूर्वानुमान और सडकों की स्थिति की जानकारी जरूर लें। • देहरादून और उत्तराखंड क्षेत्र में: स्थानीय दुकानदारों और कैफे संचालकों के लिए मानसून पर्यटन से रोजगार और व्यापार के बेहतर अवसर बनते हैं। इसके साथ ही सोडा सरोली जैसी जगहों पर नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। • सड़क यात्रा और ड्राइविंग: बारिश के मौसम में घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर धुंध और फिसलन बढ़ जाती है। इसलिए चालकों को लैंसडाउन और धनौल्टी के रास्तों पर धीमी गति और सावधानी से वाहन चलाना चाहिए। • वीकेंड ट्रिप प्लानिंग: दिल्ली और आसपास के राज्यों से आने वाले लोग 2 से 3 दिन की संक्षिप्त यात्रा में इन सभी प्रमुख स्थानों को आसानी से एक्सप्लोर कर सकते हैं। समय बचाने के लिए अग्रिम होटल बुकिंग करना फायदेमंद रहेगा। सवाल-जवाब 1. मसूरी देहरादून से कितनी दूरी पर स्थित है? मसूरी देहरादून से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 2. धनौल्टी में पर्यटकों को किस प्रकार के जंगल देखने को मिलते हैं? धनौल्टी में पर्यटकों को ऊँचे देवदार और चीड़ के घने शांत जंगल देखने को मिलते हैं। 3. सोडा सरोली किस मार्ग पर स्थित है और वहां की क्या खासियत है? सोडा सरोली मालदेवता मार्ग पर स्थित है, जो नदी के बढ़ते जलस्तर, घनी हरियाली और गार्डन कैफे के लिए जाना जाता है। 4. लैंसडाउन की मुख्य ऐतिहासिक और प्राकृतिक विशेषताएं क्या हैं? लैंसडाउन गढ़वाल राइफल्स का ऐतिहासिक छावनी शहर है, जो टिप-इन-टॉप पॉइंट, भुल्ला ताल और पुराने औपनिवेशिक चर्चों के लिए प्रसिद्ध है। 5. दुधली गांव किस तरह के अनुभव के लिए जाना जाता है? दुधली गांव अपने ठेठ पहाड़ी माहौल, अछूती प्राकृतिक सुंदरता, छोटे जलस्रोतों और शांत ग्रामीण रास्तों के लिए जाना जाता है। https://trendkia.com/travel/manasuna-ke-mausama-men-dehradun-ke-kariba-maujuda-5-behada-khubasurata-paryatana-sthala-vikenda-para-ghumane-ka-banaen-plana-23092 TrendKia — Har trend, sabse pehle.