नैनीताल में भारी बारिश के बाद नैनीझील के खोले गए गेट, जानिए नौकायन की सुरक्षा स्थिति और प्रशासन के दिशानिर्देश नैनीताल में लगातार बारिश से नैनीझील का जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग ने दो निकासी द्वार खोल दिए हैं। प्रशासन और नाव चालक समिति ने स्पष्ट किया है कि झील में बोटिंग पूरी तरह सुरक्षित है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल नैनीताल में बीते कुछ दिनों से जारी लगातार बारिश की वजह से ऐतिहासिक नैनीझील का जलस्तर काफी बढ़ गया है। झील में पानी की तेजी से हो रही आवक को ध्यान में रखते हुए स्थानीय सिंचाई विभाग ने जलस्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए निकासी द्वारों को खोल दिया है। इस परिस्थिति के बीच नैनीताल की यात्रा पर आ रहे सैलानियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मौसम में झील में नौकायन करना संभव और सुरक्षित है। स्थानीय प्रशासन और नाव संचालकों की संस्था ने स्पष्ट किया है कि झील का जलस्तर नियंत्रण में है और पर्यटक बिना किसी भय के नौकायन का आनंद ले सकते हैं। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग ने खोले नैनीझील के निकासी द्वार नैनीताल की प्रसिद्ध नैनीझील में पानी का स्तर निर्धारित सीमा से ऊपर न पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कदम उठाए गए हैं। सिंचाई विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलभराव या ओवरफ्लो की किसी भी आशंका को टालने के लिए बुधवार को झील के दोनों निकासी द्वारों को लगभग छह छह इंच तक खोल दिया गया। जल निकासी की यह प्रक्रिया एक निश्चित नियमावली और तकनीकी मानकों के आधार पर संचालित की जाती है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ललित मोहन कश्यप ने बताया कि नैनीझील के जलस्तर को नियंत्रित और सुरक्षित दायरे में रखने के लिए गेट खोलने का एक तय रेगुलेशन बना हुआ है। उन्होंने कहा, "जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित नियमों के तहत तीन दिनों तक गेट खोले जाएंगे।" कश्यप के अनुसार यदि आगामी दिनों में क्षेत्र में बारिश का क्रम इसी प्रकार जारी रहता है, तो झील के जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। ऐसी स्थिति पैदा होने पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए द्वारों के संचालन का समय बढ़ाया जा सकता है या निकासी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। नैनीझील में बोटिंग पूरी तरह सुरक्षित, जलस्तर में उतार चढ़ाव का नहीं पड़ता असर बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बावजूद झील में नौकायन की सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान ने स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में झील में जल का स्तर नौकायन के लिए पूरी तरह अनुकूल है। उनके अनुसार, "झील का जलस्तर इस समय पूरी तरह सामान्य है और नौकायन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है।" चौहान ने समझाया कि नैनीझील का जलस्तर यदि सामान्य स्तर से 10 फीट नीचे चला जाए या फिर बारिश के चलते सामान्य से 10 फीट ऊपर तक आ जाए, तब भी नौकायन गतिविधियों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। 100 से 110 फीट तक के जलस्तर के दौरान भी नावें बेहद आसानी और सुरक्षा के साथ संचालित की जा सकती हैं। हालांकि, मौसम के अचानक खराब होने की दशा में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्त पालन किया जाता है। यदि क्षेत्र में तेज मूसलाधार बारिश, आंधी या तेज हवाएं चलती हैं, तो नौकायन को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है। नाव संचालन समिति स्थानीय प्रशासन के दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन करती है ताकि सैलानियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो। सैलानियों ने साझा किए अपने अनुभव, नौकायन को बताया सुरक्षित और सुखद नैनीताल पहुंचे पर्यटक बारिश के बीच भी खूबसूरत वादियों और झील की नौकायन का खुलकर लुत्फ उठा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली से नैनीताल भ्रमण पर आईं पर्यटक शोभा ने झील में बोटिंग करने के बाद अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद नौकायन के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या डर महसूस नहीं हुआ। शोभा ने बताया कि नाव पर सवार होकर जब चारों तरफ घिरे हरे भरे पहाड़ों और नैनीझील के शांत पानी का नजारा देखा जाता है, तो वह अनुभव अद्भुत होता है। उन्होंने कहा, "नैनीझील में नौकायन के दौरान पहाड़ों का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखता है।" उन्होंने नैनीताल आने वाले अन्य पर्यटकों को भी सलाह दी कि वे मौसम का आनंद लें और बिना किसी संकोच के झील में बोटिंग का अनुभव प्राप्त करें। मानसून सीजन में बारिश के आंकड़े और प्रशासन की सतर्कता इस वर्ष मानसून के दौरान नैनीताल और आसपास के पहाड़ी इलाकों में औसतन अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अब तक लगभग 43 मिलीमीटर अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी पूर्वानुमान को देखते हुए सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। झील में पानी की आवक और निकासी का पल पल का हिसाब रखा जा रहा है। जल स्तर के आंकड़ों की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि रिहायशी इलाकों या माल रोड की तरफ पानी का भराव न हो सके। अधिकारियों का कहना है कि जल प्रबंधन की पूरी व्यवस्था दुरुस्त है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अफवाहों से बचें पर्यटक, ऑफ सीजन में पर्यटन व्यवसाय पर असर मौसम और सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर भी स्थानीय व्यवसायियों ने चिंता जताई है। नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस समय नैनीताल में ऑफ सीजन चल रहा है, जिसके कारण शहर में पर्यटकों की आवाजाही सामान्य से कम है और पर्यटन व्यवसाय लगभग 30 प्रतिशत के स्तर पर ही सिमटा हुआ है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई बार मौसम की अतिरंजित खबरें दिखाई जाती हैं, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक डर जाते हैं और अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं। चौहान ने स्पष्ट किया कि नैनीताल पूरी तरह से सुरक्षित है और यहां जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। जो पर्यटक यहां आने का विचार कर रहे हैं, वे बेझिझक अपनी योजना बना सकते हैं। हालांकि, बोटिंग का आनंद लेने से पहले स्थानीय नाव चालकों और प्रशासनिक बुलेटिन से मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त कर लेना समझदारी भरा कदम होगा। इसका आप पर असर भारत भर के पर्यटकों के लिए: यदि आप मानसून में पर्वतीय स्थल घूमने की योजना बना रहे हैं तो मौसम की अद्यतन स्थिति और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा बुलेटिन की जांच अवश्य करें। नैनीताल में: झील का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए हैं और नौकायन पूरी तरह सुरक्षित है, परंतु तेज बारिश या हवा चलने पर बोटिंग अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। सवाल-जवाब 1. क्या बारिश के दौरान नैनीझील में बोटिंग सुरक्षित है? जी हां, नाव चालक समिति के अनुसार जलस्तर सामान्य दायरे में है और 100 से 110 फीट जलस्तर तक बोटिंग पूरी तरह से सुरक्षित है। 2. सिंचाई विभाग ने नैनीझील के गेट क्यों खोले हैं? लगातार हो रही बारिश से बढ़े जलस्तर को नियंत्रित रखने और ओवरफ्लो रोकने के लिए दोनों निकासी द्वारों को लगभग छह इंच खोला गया है। 3. क्या खराब मौसम होने पर बोटिंग रोक दी जाती है? हां, तेज बारिश, आंधी या खराब मौसम की स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नौकायन अस्थायी तौर पर रोक दिया जाता है। 4. इस साल नैनीताल में पिछले वर्ष की तुलना में कितनी अधिक बारिश हुई है? सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में लगभग 43 मिलीमीटर अधिक बारिश दर्ज की गई है। 5. क्या नैनीताल आने से पहले मौसम का अपडेट लेना जरूरी है? हां, सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने और सुरक्षित यात्रा के लिए स्थानीय प्रशासन व नाव चालकों से ताजा जानकारी लेना बेहतर रहता है। https://trendkia.com/travel/nainital-men-barisha-ke-bada-naini-lake-ke-khole-gae-geta-janie-naukayana-ki-suraksha-sthiti-aura-prashasana-ke-dishanirdesha-19589 TrendKia — Har trend, sabse pehle.