# पलामू टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ नया सफारी सर्किट, कमलदह झील और ऐतिहासिक किले देखने का मौका

> पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला में ओपन गाड़ियों से जंगल सफारी का नया 9 से 10 किलोमीटर लंबा सर्किट शुरू किया गया है, जहां पर्यटक इतिहास, वन्यजीवों और बर्ड वाचिंग का आनंद ले सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** यात्रा · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/travel/new-jungle-safari-circuit-opens-in-palamu-tiger-reserve-with-palamu-fort-and-kamaldaha-lake-views-53307 · **Language:** Hindi
**Tags:** पलामू टाइगर रिजर्व, बेतला सफारी, पलामू किला, कमलदह झील, झारखंड पर्यटन, जंगल सफारी

पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला इलाके में जंगल सफारी के सफर को पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक तथा रोमांचक बनाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पारंपरिक तौर पर जहां पहले सिर्फ बाइसन गेट से ही चार पहिया वाहनों के जरिए जंगल का दीदार कराया जाता था, वहीं अब पर्यटकों को ओपन सफारी गाड़ियों में घुमाने की खास व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रबंधन ने एक नया सफारी सर्किट भी पूरी तरह तैयार कर लिया है, जिसके माध्यम से सैलानी पलामू किला और कमलदह झील जैसी ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जगहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं और वन्यजीवों को बिल्कुल नजदीक से देखने का अनूठा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

## नया 9 से 10 किलोमीटर लंबा सफारी सर्किट
पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बेतला के इस बिल्कुल नए सर्किट पर पर्यटकों को करीब 9 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कराई जाती है। इस पूरी यात्रा को पूरा होने में लगभग एक से दो घंटे का समय लगता है। इस रूट पर सफर के दौरान पर्यटकों को नया किला, पुराना किला और कमलदह झील के आसपास के मनोरम दृश्यों को देखने का बेहतरीन अवसर मिलता है। इस तय मार्ग से ही पूरी सफारी संचालित होती है और यात्रा संपन्न होने के बाद वाहन बिल्कुल उसी रास्ते से वापस लौट आते हैं, जिससे पर्यटकों को जंगल की हरी-भरी वादियों और प्राकृतिक परिवेश को गहराई से समझने का पूरा मौका मिलता है।

## हाथी, तेंदुए और बाइसन देखने की संभावना
पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की मौजूदगी हमेशा से ही सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही है। इस नए रूट और इसके आसपास के जंगलों में पर्यटकों को हाथी, बाइसन, तेंदुआ, हिरण, खरगोश और जंगली सुअर जैसे तमाम वन्यजीव नजर आ सकते हैं। हालांकि, वन विभाग और प्रबंधन पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि जंगल में जानवरों की दृश्यता पूरी तरह से मौसम, समय और वन्यजीवों की अपनी प्राकृतिक गतिविधियों पर निर्भर करती है, इसलिए सफारी के दौरान किसी भी जानवर को देखने की कोई पक्की गारंटी नहीं दी जा सकती है।

## पक्षी प्रेमियों के लिए बर्ड वाचिंग का शानदार ठिकाना
प्रजेश कांत जैना ने आगे बताया कि यह नया सर्किट केवल स्तनधारी वन्यजीवों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पक्षी प्रेमियों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। घने जंगल और जल स्रोतों के इर्द-गिर्द सैलानियों को जंगली ओरियोल, किंगफिशर और आइबिस जैसी खूबसूरत पक्षियों की कई प्रजातियों को अपनी आँखों से देखने का मौका मिल सकता है। खासकर कमलदह झील के आसपास का शांत और प्राकृतिक वातावरण उन पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है जिनकी रुचि बर्ड वाचिंग और फोटोग्राफी में है।

## इतने शुल्क में लें सफारी, गाइड और ड्राइवर की भूमिका अहम
इस नए और रोमांचक सर्किट पर जंगल सफारी का कुल शुल्क 1950 रुपये तय किया गया है। इस पूरी राशि में से 300 रुपये सीधे तौर पर गाइड को मेहनताना के रूप में दिए जाते हैं, जबकि बाकी बची हुई बड़ी रकम वाहन संचालन और ड्राइवरों के खर्चों में जाती है। इसके अलावा, इस व्यवस्था से मिलने वाला मेंटेनेंस शुल्क इको विकास समिति के खाते में जाता है। सफारी के पूरे सिस्टम को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए ड्राइवरों और गाइडों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना पर भी काम चल रहा है। पर्यटकों के लिए सफारी का समय सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है, लेकिन किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले संबंधित सफारी प्रबंधन से बुकिंग और समय की पुष्टि अवश्य कर लेनी चाहिए।

## इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम
बेतला के इस नए सफारी सर्किट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पर्यटकों को एक ही यात्रा में दो अलग-अलग अनुभव प्रदान करता है। एक तरफ जहां सैलानी जंगल के बीच रोमांच महसूस करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे पलामू किले की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू होते हैं। इसके साथ ही कमलदह झील की प्राकृतिक छटा प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। कुल मिलाकर यह नया सर्किट वन्यजीव प्रेमियों, इतिहास के जानकारों और प्रकृति की गोद में समय बिताने वालों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बनकर उभरा है।

## इसका आप पर असर
पलामू टाइगर रिजर्व में नए सफारी सर्किट के शुरू होने से पर्यटकों और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

- **झारखंड में:** पर्यटकों के लिए बेतला में घूमने के नए विकल्प खुल गए हैं, जिससे राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
- **पलामू में:** स्थानीय ड्राइवरों, गाइडों और इको विकास समिति से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर और आय के साधन बढ़ेंगे।
- **यात्रा शुल्क:** सैलानियों को इस नए सर्किट के लिए 1950 रुपये का शुल्क देना होगा, जिसमें गाइड और वाहन का खर्च शामिल है।
- **समय सीमा:** सफारी का संचालन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच किया जाएगा, जिसके लिए समय पर बुकिंग करनी होगी।
- **वन्यजीव दर्शन:** हाथियों, तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों को देखने की संभावना बढ़ेगी, हालांकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक स्थिति पर निर्भर करेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
पलामू टाइगर रिजर्व में नए सफारी सर्किट और ओपन गाड़ियों की व्यवस्था पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए की गई है।

- **पर्यटन का विस्तार:** पारंपरिक मार्गों पर निर्भरता कम करने और पर्यटकों को ऐतिहासिक स्थलों तक सीधी पहुंच देने के लिए नया सर्किट बनाया गया है।
- **बुनियादी ढांचे में सुधार:** वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
- **प्रशिक्षण और प्रबंधन:** सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ड्राइवरों और गाइडों को पेशेवर रूप से प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. पलामू टाइगर रिजर्व के नए सफारी सर्किट की दूरी कितनी है?
नए सफारी सर्किट की दूरी लगभग 9 से 10 किलोमीटर है।

### 2. इस नए सर्किट का पूरा चक्कर लगाने में कितना समय लगता है?
इस सफर को पूरा होने में लगभग एक से दो घंटे का समय लगता है।

### 3. नए सर्किट में कौन-से प्रमुख ऐतिहासिक स्थल दिखाई देते हैं?
इस रूट पर पर्यटकों को नया किला, पुराना किला और कमलदह झील देखने का अवसर मिलता है।

### 4. जंगल सफारी का नया शुल्क कितना रखा गया है?
इस नए सर्किट पर जंगल सफारी का शुल्क 1950 रुपये तय किया गया है।

### 5. सफारी शुल्क में गाइड के लिए कितने पैसे मिलते हैं?
तय शुल्क में से 300 रुपये गाइड को दिए जाते हैं।

### 6. सफारी का संचालन किस समय से किस समय तक होता है?
पर्यटको के लिए सफारी का समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बताया गया है।

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