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  "type": "article",
  "title": "रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिए खास हैं पाली और जोधपुर के ये ऐतिहासिक मंदिर",
  "summary": "रामदेवरा की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु पाली और जोधपुर हाइवे पर स्थित कई प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। इन स्थलों में ॐ बन्ना धाम, सोनाणा खेतलाजी और मसूरिया पहाड़ी का मंदिर शामिल हैं।",
  "content": "पाली-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाली से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर चोटिला गांव के समीप विख्यात ॐ बन्ना धाम बना हुआ है। इस स्थल की विशेषता यह है कि यहां किसी पारंपरिक देवता की मूर्ति की पूजा नहीं होती, बल्कि 350cc रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल की आराधना की जाती है। जनश्रुति के अनुसार ओम सिंह राठौड़ की आत्मा सड़क पर सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा करती है और यहां प्रार्थना करने से आवागमन सुरक्षित और निर्विघ्न पूरा होता है।\n\nसोनाणा खेतलाजी के दरबार में टेका जाता है माथा\nपाली जिले के देसूरी-सारंगवास इलाके के पास स्थापित श्री सोनाणा खेतलाजी का मंदिर क्षेत्रपाल देवता के रूप में काफी प्रसिद्ध है। इस रास्ते से गुजरने वाले मुसाफिर और स्थानीय नागरिक किसी भी नए काम की शुरुआत या धार्मिक यात्रा पर निकलने से पहले खेतलाजी का आशीर्वाद जरूर मांगते हैं। भाद्रपद और चैत्र के महीनों में यहां भारी जनसैलाब उमड़ता है और ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र स्थल पर हाजिरी लगाने से सभी प्रकार के संकट और रुकावटें समाप्त हो जाती हैं।\n\nशांति और वास्तुकला का प्रतीक कापरड़ा जैन तीर्थ\nपाली से जोधपुर के रास्ते पर बिहाड़ा-कापरड़ा के निकट स्थित कापरड़ा जैन तीर्थ अपनी उत्कृष्ट कारीगरी और शांत परिवेश के लिए अपनी एक अलग पहचान रखता है। सड़क मार्ग के बेहद नजदीक होने के कारण रामदेवरा की तरफ बढ़ने वाले पैदल यात्री और वाहन चालक यहां कुछ पल विश्राम करने और भगवान पार्श्वनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए जरूर रुकते हैं। इस परिसर का सुकून भरा वातावरण लंबी ड्राइव या पदयात्रा की थकान को छूमंतर कर देता है और मन को गहरी आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर देता है।\n\nओसियां के प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर\nजोधपुर से आगे रामदेवरा के रास्ते में थोड़ा सा मार्ग बदलकर ओसियां के प्रतिष्ठित सच्चियाय माता मंदिर और पुराने जैन मंदिरों के दर्शन भी किए जा सकते हैं। थार मरुस्थल के मुहाने पर बसा ओसियां आठवीं से बारहवीं शताब्दी के दौरान निर्मित अपनी भव्य नक्काशीदार इमारतों के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है। रामदेवरा की यात्रा पर निकलने वाले तमाम जातरू अपनी इस धार्मिक यात्रा को सफल और पूर्ण बनाने के लिए मां सच्चियाय के चरणों में माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं।\n\nमसूरिया पहाड़ी पर गुरु बालीनाथ का ऐतिहासिक धाम\nजोधपुर शहर की सीमा में कदम रखते ही मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव जी के गुरु स्वामी बालीनाथ जी का प्राचीन मंदिर स्थापित है। रामदेवरा की मुख्य यात्रा पर आगे बढ़ने से पहले मसूरिया मंदिर में गुरु बालीनाथ के दर्शन करने की परंपरा सदियों पुरानी चली आ रही है। ऐसी गहरी मान्यता है कि गुरु के दर्शन किए बिना रामदेवरा की यह यात्रा अधूरी ही मानी जाती है, जिसके चलते देश के कोने-कोने से आने वाले लाखों भक्त पहले मसूरिया धाम पहुंचकर अपना शीश नवाते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी जानकारी है जो समय प्रबंधन और दर्शन की योजना बनाने में मदद करती है।\n\n• भारत में: देश भर से रामदेवरा जाने वाले पदयात्रियों और वाहन चालकों को इन प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी मिलती है जिससे वे अपनी यात्रा को अधिक व्यवस्थित और आध्यात्मिक बना सकते हैं।\n• पाली और जोधपुर में: स्थानीय निवासियों और हाइवे से गुजरने वाले मुसाफिरों को इन सिद्ध मंदिरों के दर्शन और विश्राम स्थलों की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे यात्रा की थकान कम होती है और सुरक्षा बढ़ती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पाली से कितनी दूर स्थित है ॐ बन्ना धाम?\nॐ बन्ना धाम पाली से लगभग 20 किलोमीटर दूर चोटिला गांव के पास पाली-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।\n\n2. ॐ बन्ना धाम की क्या मुख्य विशेषता है?\nयहां किसी पारंपरिक मूर्ति के स्थान पर 350cc रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक की पूजा की जाती है।\n\n3. सोनाणा खेतलाजी का मंदिर कहां बना हुआ है?\nयह मंदिर पाली जिले के देसूरी-सारंगवास क्षेत्र के पास स्थित है।\n\n4. सोनाणा खेतलाजी के दरबार में कब बड़ा मेला लगता है?\nभाद्रपद और चैत्र माह के दौरान यहां श्रद्धालुओं का विशाल मेला भरता है।\n\n5. कापरड़ा जैन तीर्थ किस मार्ग पर पड़ता है?\nकापरड़ा जैन तीर्थ पाली से जोधपुर मार्ग पर बिहाड़ा-कापरड़ा के पास स्थित है।\n\n6. ओसियां क्यों प्रसिद्ध है?\nओसियां थार मरुस्थल के प्रवेश द्वार पर बसा है और अपनी आठवीं से बारहवीं शताब्दी के भव्य नक्काशीदार मंदिरों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।\n\n7. मसूरिया पहाड़ी पर किसका ऐतिहासिक मंदिर है?\nमसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव जी के गुरु स्वामी बालीनाथ जी का ऐतिहासिक मंदिर स्थित है।\n\n8. रामदेवरा जाने से पहले मसूरिया मंदिर जाना क्यों जरूरी माना जाता है?\nमान्यता है कि गुरु बालीनाथ के दर्शन किए बिना रामदेवरा की यात्रा अधूरी मानी जाती है।",
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  "category": "यात्रा",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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    "रामदेवरा यात्रा",
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