रंग-बिरंगी दीवारों से सज उठा ऋषिकेश, गंगा किनारे स्ट्रीट आर्ट बनी घूमने की नई वजह गंगा और मंदिरों के लिए मशहूर ऋषिकेश की गलियों में अब रंग-बिरंगी स्ट्रीट आर्ट पर्यटकों को खींच रही है, जो शहर की संस्कृति और गंगा संरक्षण का संदेश देती है। ऋषिकेश का जिक्र होते ही ज्यादातर लोगों के जेहन में गंगा का किनारा, प्राचीन मंदिर और रिवर राफ्टिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज़ की तस्वीर उभरती है। लेकिन अब इस पहाड़ी शहर को एक नई पहचान भी मिल रही है, जो दीवारों पर उकेरी गई रंग-बिरंगी स्ट्रीट आर्ट से जुड़ी है। शहर की गलियों और सार्वजनिक जगहों पर बनी ये कलाकृतियां सिर्फ सजावट भर नहीं हैं, बल्कि यहां की संस्कृति, आध्यात्म और आधुनिक सोच को बेहद खूबसूरती से सामने लाती हैं। यहां पहुंचने वाला हर यात्री इन दीवारों को देखे बिना आगे नहीं बढ़ता। हर दीवार पर अलग कहानी ऋषिकेश की कई सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारें अब भित्ति चित्रकारी से सज चुकी हैं और यही इस शहर की अलग पहचान बन गई है। कहीं दीवार पर भगवान शिव की विशाल तस्वीर उकेरी गई है, तो कहीं योग की अलग-अलग मुद्राओं को आकर्षक रंगों में दिखाया गया है। हर दीवार मानो अपनी अलग कहानी कहती नजर आती है। इन चित्रों में स्थानीय संस्कृति, लोक जीवन और प्रकृति के प्रति सम्मान साफ झलकता है, यही वजह है कि यहां पहुंचने वाले पर्यटक इन जगहों पर रुककर तस्वीरें लेना कभी नहीं भूलते। गंगा को बचाने का संदेश देती पेंटिंग्स इस स्ट्रीट आर्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें गंगा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिया गया है। कई दीवारों पर ऐसी पेंटिंग बनाई गई हैं जो लोगों को सफाई बनाए रखने और नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रेरित करती हैं। रंगों के जरिए दिया गया यह संदेश लोगों तक बहुत आसानी से पहुंच जाता है। यही वजह है कि यह कला सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी जरिया बन जाती है। कलाकारों की मेहनत और कल्पनाशक्ति ऋषिकेश की यह स्ट्रीट आर्ट स्थानीय कलाकारों की मेहनत और उनकी कल्पनाशक्ति का बेहतरीन नमूना है। साधारण-सी दिखने वाली दीवारों को उन्होंने इतनी जीवंत तस्वीरों में बदल दिया है कि हर राहगीर कुछ पल के लिए वहीं रुक जाता है। इन कलाकृतियों में रंगों का संतुलन और उनकी बारीकियां देखने वालों को खासा प्रभावित करती हैं। यह कला शहर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक शानदार मंच भी देती है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए खास जगह जिन लोगों को फोटोग्राफी का शौक है, उनके लिए ऋषिकेश की यह स्ट्रीट आर्ट कैमरे के लिए एक शानदार बैकग्राउंड साबित हो सकती है। सुबह की हल्की धूप हो या शाम की सुनहरी रोशनी, हर वक्त ये रंगीन दीवारें अलग ही अंदाज में नजर आती हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इन दीवारों की तस्वीरें तेजी से वायरल होती रहती हैं। कई ट्रैवल ब्लॉगर भी अपनी यात्रा के दौरान इन खूबसूरत दीवारों को अपनी फोटो और वीडियो में जरूर शामिल करते हैं। परंपरा और आधुनिकता का संगम इस स्ट्रीट आर्ट की एक और खास बात यह है कि इसमें आधुनिक कला और पारंपरिक भारतीय संस्कृति का बेहद सुंदर मेल देखने को मिलता है। कहीं आध्यात्मिक प्रतीक नजर आते हैं, तो कहीं प्रकृति और जीवन से जुड़े रंग-बिरंगे दृश्य दिखाई देते हैं। यह मिश्रण हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींचता है। बच्चे इन चटख रंगों को देखकर खुश हो जाते हैं, जबकि बड़े लोग इन तस्वीरों के पीछे छिपे संदेश को समझने की कोशिश करते हैं। पर्यटकों की नई पसंद बनीं रंगीन गलियां ऋषिकेश घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अब यह स्ट्रीट आर्ट एक नया आकर्षण बन चुका है। पहले जहां लोग सिर्फ घाटों और मंदिरों तक ही सीमित रहते थे, वहीं अब वे शहर की रंगीन गलियों और दीवारों को भी खोजते हैं। कई पर्यटक अपनी ट्रैवल लिस्ट में इन जगहों को खास तौर पर शामिल करते हैं। अगर आप भी कुछ अलग और यादगार तस्वीरें लेना चाहते हैं, तो इन खूबसूरत दीवारों तक पहुंचना बिल्कुल न भूलें। ऋषिकेश का यह रंगीन स्ट्रीट आर्ट साबित करता है कि कला सिर्फ किसी गैलरी की दीवारों तक सीमित नहीं होती। जब शहर की सड़कों की दीवारें ही कैनवास बन जाएं, तो हर रास्ता खुद एक नई कहानी सुनाने लगता है। यहां की हर पेंटिंग रंगों के जरिए संस्कृति, आध्यात्म और प्रकृति का संदेश देती है। अगली बार जब भी ऋषिकेश जाएं, तो सिर्फ घाटों और मंदिरों तक ही सीमित न रहें, इन रंगीन दीवारों को भी अपनी यात्रा का खूबसूरत हिस्सा जरूर बनाएं। इसका आप पर असर • भारत में: देश भर से आने वाले पर्यटकों के लिए ऋषिकेश की ट्रैवल लिस्ट में अब घाटों और मंदिरों के अलावा रंगीन स्ट्रीट आर्ट भी एक नया अनुभव जोड़ रही है। • उत्तराखंड में: ऋषिकेश के स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिल रहा है, जिससे शहर में पर्यटन और स्थानीय कमाई को बढ़ावा मिल सकता है। सवाल-जवाब 1. ऋषिकेश की स्ट्रीट आर्ट में क्या खास दिखाया गया है? दीवारों पर भगवान शिव की विशाल तस्वीर, योग की मुद्राएं और स्थानीय संस्कृति व प्रकृति से जुड़े रंग-बिरंगे दृश्य उकेरे गए हैं। 2. यह स्ट्रीट आर्ट कहां देखी जा सकती है? ऋषिकेश की कई सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर यह भित्ति चित्रकारी की गई है। 3. इन पेंटिंग्स के जरिए क्या संदेश दिया जा रहा है? कई दीवारों पर बनी पेंटिंग्स गंगा को प्रदूषण से बचाने और सफाई बनाए रखने का संदेश देती हैं। 4. पर्यटक इन दीवारों के पास क्यों रुकते हैं? रंगों का संतुलन, स्थानीय संस्कृति की झलक और आकर्षक कलाकारी की वजह से पर्यटक यहां रुककर तस्वीरें लेना पसंद करते हैं। 5. फोटोग्राफी के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है? सुबह की हल्की धूप और शाम की सुनहरी रोशनी में ये दीवारें अलग-अलग खूबसूरत अंदाज में नजर आती हैं। 6. इस स्ट्रीट आर्ट को किसने बनाया है? यह स्थानीय कलाकारों की मेहनत और कल्पनाशक्ति का नतीजा है, जिन्होंने साधारण दीवारों को जीवंत कलाकृतियों में बदल दिया। https://trendkia.com/travel/rnga-birngi-divaron-se-saja-utha-rishikesh-ganga-kinare-strita-arta-bani-ghumane-ki-nai-vajaha-7063 TrendKia — Har trend, sabse pehle.