सिरोही की अरावली पहाड़ियों में बरसाती झरनों का जादू, बारिश में उमड़ रही पर्यटकों की भीड़ सिरोही जिले की अरावली पहाड़ियों में बने कई झरने बारिश के मौसम में पूरी रंगत में आ जाते हैं और जिले के साथ-साथ बाहर से भी हजारों पर्यटकों को खींच लाते हैं, हालांकि यहां उतरने से पहले सावधानी जरूरी है। राजस्थान के सिरोही जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच बने कुछ झरने मानसून के मौसम में मानो जिंदा हो उठते हैं। साल के बाकी महीनों में सूखी पड़ी ये जगहें बारिश शुरू होते ही सैलानियों से गुलजार हो जाती हैं। जिले के लोग तो यहां पहुंचते ही हैं, दूर-दराज से आने वाले पर्यटक भी इन झरनों की खूबसूरती देखने खिंचे चले आते हैं। हालांकि फिसलन भरी चट्टानें और तेज बहाव को देखते हुए इन झरनों में उतरने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है। गंगाजलिया महादेव मंदिर के पास बहता झरना पिंडवाड़ा तहसील के काछोली गांव के करीब अरावली की वादियों में गंगाजलिया महादेव मंदिर बना हुआ है। मंदिर के ठीक पास ही एक खूबसूरत झरना बहता है, जो बारिश के दिनों में अपने पूरे रौब में नजर आता है। आसपास के गांवों के लोग तो यहां रोज पहुंचते ही हैं, लेकिन बारिश के मौसम में दूर के इलाकों से भी लोग सिर्फ इस झरने और यहां की वादियों का नजारा देखने आते हैं। पुष्कर राज मंदिर के रास्ते में झरनों का सफर पिंडवाड़ा तहसील के ही फूलाबाई का खेड़ा गांव के पास अरावली की पहाड़ियों में एक दुर्गम जगह पर पुष्कर राज मंदिर स्थित है। मंदिर तक जाने वाले रास्ते में और मंदिर के आसपास कई सुंदर झरने बहते हैं। बारिश के मौसम में जब यह झरने पूरे वेग से बहते हैं, तब यहां पहुंचने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। हालांकि तेज बारिश में कई बार रास्ता बंद हो जाता है, जिससे यहां पहुंचना मुश्किल काम बन जाता है। माउंट आबू के सदका भवानी मंदिर का झरना माउंट आबू से वन्यजीव क्षेत्र की तरफ बने प्राचीन सदका भवानी मंदिर के पास भी बारिश के मौसम में एक खूबसूरत झरना बहने लगता है। यहां तक पहुंचने के लिए पैदल सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, या फिर माउंट आबू की तरफ से आने वाले रास्ते का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। झरने और आसपास फैली हरियाली का आनंद लेने बड़ी तादाद में लोग यहां पहुंचते हैं। गुरु शिखर के पास बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर का ट्रैक राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर से उतरेगी तक जाने वाली पैदल पगडंडी के पास बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर बने हुए हैं। इस मंदिर तक के रास्ते में कई झरने और मनमोहक नजारे देखने को मिलते हैं। बारिश के मौसम में लोग ट्रैकिंग करते हुए मंदिर में दर्शन करने के साथ-साथ इन झरनों का लुत्फ उठाने भी पहुंचते हैं। आबूरोड के पास हाथी कुंड और झरना जिले के आबूरोड शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर ऋषिकेश मंदिर के पास जंगल में हाथी कुंड बना हुआ है। इसी कुंड के करीब एक सुंदर झरना भी बहता है, जिसे देखने के लिए बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। मानसून के दौरान यह जगह किसी पिकनिक स्पॉट जैसी नजर आने लगती है, जहां परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। इसका आप पर असर • भारत में: मानसून में घूमने के शौकीन पर्यटकों के लिए राजस्थान के अरावली क्षेत्र में सिरोही के झरने एक और नई और सस्ती वीकेंड गेटअवे लोकेशन बनकर सामने आते हैं। • सिरोही में: बारिश के मौसम में उमड़ने वाली पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय दुकानदारों, टैक्सी वालों और खाने-पीने के स्टॉल संचालकों की कमाई बढ़ती है, लेकिन फिसलन और तेज बहाव के खतरे को देखते हुए प्रशासन के लिए सुरक्षा इंतजाम मजबूत करना जरूरी हो जाता है। सवाल-जवाब 1. सिरोही जिले में झरने देखने का सबसे अच्छा समय कौन सा है? मानसून का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि तभी ये झरने अपने पूरे वेग के साथ बहते हैं। 2. गंगाजलिया महादेव मंदिर वाला झरना कहां स्थित है? यह पिंडवाड़ा तहसील के काछोली गांव के पास अरावली की वादियों में स्थित है। 3. पुष्कर राज मंदिर के पास झरने देखने में क्या दिक्कत आ सकती है? तेज बारिश के दौरान रास्ता बंद हो जाने से यहां पहुंचना मुश्किल हो सकता है। 4. सदका भवानी मंदिर के झरने तक कैसे पहुंचा जा सकता है? यहां पैदल सीढ़ियां चढ़कर या माउंट आबू की तरफ से आने वाले रास्ते से पहुंचा जा सकता है। 5. हाथी कुंड झरना आबूरोड से कितनी दूर है? यह आबूरोड शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर ऋषिकेश मंदिर के पास स्थित है। 6. गुरु शिखर के पास किन मंदिरों का ट्रैक झरनों से होकर गुजरता है? राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर के पास बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर जाने वाला ट्रैक झरनों से होकर गुजरता है। https://trendkia.com/travel/sirohi-ki-aravalli-pahariyon-men-barasati-jharanon-ka-jadu-barisha-men-umara-rahi-paryatakon-ki-bhira-6715 TrendKia — Har trend, sabse pehle.