सूरज ढलते ही जाग उठता है झीलों का शहर, रोशनी में नहाए घाट और महल देखकर ठहर जाती हैं सांसें उदयपुर की असली खूबसूरत तस्वीर रात में खुलती है, जब गणगौर घाट से लेकर लेक पैलेस तक रोशनी में जगमगा उठते हैं और पानी में उतरती रंग-बिरंगी परछाइयां सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। राजस्थान का उदयपुर दिन में जितना सुंदर दिखता है, रात ढलते ही उसका रूप उससे कहीं ज्यादा जादुई हो जाता है। शहर के घाट, झीलें और ऐतिहासिक महल जब रंग-बिरंगी रोशनी में नहा उठते हैं, तो यह नजारा देखने वालों की सांसें थाम लेता है। यही वजह है कि अब बहुत से सैलानी मानते हैं कि उदयपुर को असल में देखना है तो दिन नहीं, रात चुनिए। गणगौर घाट की रात वाली चमक उदयपुर की पहचान बन चुके गणगौर घाट की सुंदरता रात के समय कई गुना बढ़ जाती है। झील के किनारे जलती रंग-बिरंगी रोशनी पानी पर एक खूबसूरत परछाई बनाती है, जो यहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति को बांध लेती है। शाम ढलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और देशी-विदेशी पर्यटक यहां जुटने लगते हैं। घाट की सीढ़ियों पर बैठकर पिछोला झील का शांत माहौल और ठंडी हवा का अहसास मन को गजब का सुकून देता है। आमराई घाट से दिखता है लेक पैलेस रात के वक्त आमराई घाट भी लोगों की सबसे पसंदीदा जगहों में शामिल हो जाता है। यहां से पिछोला झील, जगनिवास महल और आसपास के इलाकों में जगमगाती रोशनी का नजारा बेहद आकर्षक लगता है। झील के बीचों-बीच बसे ऐतिहासिक लेक पैलेस और आसपास की इमारतों की अनोखी चमक पूरे दृश्य को और खास बना देती है। यही वजह है कि कई पर्यटक यहां घंटों बैठकर रात के इस शांत माहौल का लुत्फ लेते हैं और अपनी यात्रा की यादगार तस्वीरें कैमरे में कैद करते हैं। जगदीश चौक की देर रात तक रहती है रौनक शहर के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र जगदीश चौक की रौनक भी रात में देखते ही बनती है। रंग-बिरंगी लाइटों से सराबोर यह इलाका अपने आप ही पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है। आसपास फैले पारंपरिक हस्तशिल्प बाजार, रूफटॉप कैफे और ऐतिहासिक इमारतें रात के समय एकदम जीवंत माहौल बना देती हैं। यही कारण है कि यहां देर रात तक स्थानीय लोगों और सैलानियों की चहल-पहल बनी रहती है। पूरे शहर में बिखरती है रोशनी इनके अलावा सिटी पैलेस का इलाका, फतेहसागर झील का किनारा, हाथीपोल, घंटाघर और पुराने शहर के अंदरूनी हिस्से भी रात होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठते हैं। झीलों के किनारे चलती ठंडी हवा के झोंके और खूबसूरती से सजे रास्ते उदयपुर की इस रात्रिकालीन खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ सुकून के पल बिताने और इन ऐतिहासिक जगहों की चमक निहारने के लिए बड़ी संख्या में लोग रात के समय यहां पहुंचते हैं। दुनिया से अलग पहचान देती है हेरिटेज लाइटिंग उदयपुर की यही नाइट व्यूइंग और शानदार हेरिटेज लाइटिंग इस शहर को दुनिया के बाकी पर्यटन स्थलों से बिल्कुल अलग बनाती है। यही कारण है कि देश ही नहीं, विदेश से आने वाले सैलानी भी रात में शहर की खूबसूरती निहारना अपनी यात्रा का सबसे जरूरी हिस्सा मानते हैं। रोशनी में नहाए ये महल, खूबसूरत घाट और लहरें मारती झीलें पर्यटकों को इस कदर लुभाती हैं कि वे बार-बार यहां लौटने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: घूमने के शौकीनों के लिए उदयपुर अब सिर्फ दिन की नहीं, बल्कि रात की सैर वाली डेस्टिनेशन बन गया है, इसलिए ट्रिप प्लान करते वक्त शाम और रात के लिए भी समय रखें। • उदयपुर में: स्थानीय लोगों और दुकानदारों के लिए गणगौर घाट, जगदीश चौक और रूफटॉप कैफे की देर रात तक चलने वाली चहल-पहल कारोबार और रोजगार के नए मौके खोलती है। सवाल-जवाब 1. उदयपुर को रात में घूमना बेहतर क्यों माना जाता है? रात में शहर के घाट, झीलें और ऐतिहासिक महल रंग-बिरंगी रोशनी में जगमगा उठते हैं और पानी में बनती परछाइयां पूरे नजारे को बेहद खूबसूरत बना देती हैं। 2. गणगौर घाट पर रात में क्या खास दिखता है? झील के किनारे जलती रंग-बिरंगी रोशनी पानी पर खूबसूरत परछाई बनाती है, और घाट की सीढ़ियों पर बैठकर पिछोला झील का शांत माहौल और ठंडी हवा सुकून देती है। 3. लेक पैलेस का नजारा कहां से सबसे अच्छा दिखता है? आमराई घाट से पिछोला झील के बीचों-बीच बसे ऐतिहासिक लेक पैलेस और जगनिवास महल की जगमगाती चमक बेहद आकर्षक दिखाई देती है। 4. जगदीश चौक रात में क्यों खास है? यह धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रंग-बिरंगी लाइटों से सराबोर रहता है और आसपास के हस्तशिल्प बाजार, रूफटॉप कैफे व ऐतिहासिक इमारतों की वजह से यहां देर रात तक रौनक बनी रहती है। 5. उदयपुर में रात के समय और कौन सी जगहें रोशनी में जगमगाती हैं? सिटी पैलेस का इलाका, फतेहसागर झील का किनारा, हाथीपोल, घंटाघर और पुराने शहर के अंदरूनी हिस्से भी रात होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठते हैं। https://trendkia.com/travel/suraja-dhalate-hi-jaga-uthata-hai-jhilon-ka-shahara-roshani-men-nahae-ghata-aura-mahala-dekhakara-thahara-jati-hain-sansen-2539 TrendKia — Har trend, sabse pehle.