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  "type": "article",
  "title": "अमृतसर से चंडीगढ़ पहुंचे राकेश त्रिहान अब बांटेंगे मुफ़्त आईफोन, जानिए पूर्व व्यसन से क्रिप्टो कमाई तक का पूरा सफर",
  "summary": "चंडीगढ़ में मुफ़्त ईंधन और नकदी बांटकर चर्चा में आए राकेश त्रिहान उर्फ 'राजा द किंग' ने अब मुफ़्त आईफोन बांटने का ऐलान किया है। 2019 तक नशे की गिरफ्त में रहे राकेश ने अपनी संपत्ति, पारिवारिक विवाद, पुलिस कार्रवाई और क्रिप्टो निवेश से जुड़े सवालों पर खुलकर बात की।",
  "content": "चंडीगढ़ के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में पिछले कुछ दिनों से एक नाम लगातार सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। अमृतसर के मूल निवासी राकेश त्रिहान, जिन्हें लोकप्रिय रूप से 'राजा द किंग' के नाम से जाना जाता है, अपनी अनोखी जनसेवा पहलों के कारण सुर्खियां बटोर रहे हैं। शहर के सड़कों पर कभी मुफ़्त में पेट्रोल और डीजल बांटते नजर आने वाले तो कभी जरूरतमंदों के बीच सीधी नकदी वितरित करने वाले राकेश त्रिहान ने अब एक नया और बड़ा दावा किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह जल्द ही आम लोगों के लिए मुफ़्त आईफोन बांटने का एक विशेष आयोजन करने जा रहे हैं। अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सार्वजनिक सेवा में लगाने का दावा करने वाले इस शख्स की गतिविधियों ने जहां आम लोगों का ध्यान खींचा है, वहीं उनके अतीत और धन के स्रोतों को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े कर दिए हैं।\n\n \n\nअमृतसर से चंडीगढ़ तक का सफर और सामाजिक पहलों की शुरुआत\n\nराकेश त्रिहान मूल रूप से पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर से ताल्लुक रखते हैं। अमृतसर में लंबे समय तक रहने के दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक सेवा कार्यों और लंगर आयोजनों का संचालन किया। हालांकि, वहां उनका जीवन केवल सेवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके नाम के साथ कई तरह के विवाद भी जुड़े रहे। शहर में उनके समर्पित प्रशंसकों और समर्थकों का एक बड़ा वर्ग था, तो दूसरी ओर उनके तौर-तरीकों का विरोध करने वाले आलोचकों की भी कोई कमी नहीं थी। इसी पृष्ठभूमि के बीच उन्होंने अपना ध्यान चंडीगढ़ की ओर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।\n\nचंडीगढ़ आगमन के बाद उन्होंने एक नए अंदाज में सार्वजनिक वितरण अभियानों की शुरुआत की। सोशल मीडिया पर प्रसारित विभिन्न वीडियो और तस्वीरों में वह सड़कों पर वाहनों में मुफ़्त ईंधन भरवाते और राहगीरों के बीच नकदी बांटते दिखाई दिए। जब उनसे अमृतसर छोड़कर चंडीगढ़ आने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अमृतसर में उनके चाहने वालों के साथ-साथ विरोधी भी सक्रिय थे। वह अपने सेवा कार्यों का विस्तार एक नए वातावरण में करना चाहते थे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके। उनके इस कदम ने चंडीगढ़ के नागरिकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखने वालों के बीच कौतूहल और चर्चा का माहौल बना दिया है।\n\n \n\n2019 का मोड़: नशे के गर्त से धार्मिक मार्ग तक का कायाकल्प\n\nराकेश त्रिहान की मौजूदा छवि और उनके अतीत के बीच एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिलता है। इंटरनेट पर उपलब्ध उनकी कुछ पुरानी वीडियो में वह नशे और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के बारे में चर्चा करते नजर आते थे। जो व्यक्ति कभी गलत राह पर था, वह आज सार्वजनिक रूप से धार्मिक जयकारे लगाते हुए और 'जय माता दी' का उद्घोष करते हुए सेवा कार्य कर रहा है। इस बड़े बदलाव के पीछे की कहानी बताते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि वर्ष 2019 तक वह गंभीर नशे और कई प्रकार की हानिकारक आदतों के शिकार थे।\n\nउनका दावा है कि वर्ष 2019 में उनकी मुलाकात कुछ संतों से हुई, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। उन्होंने बताया कि संतों के सानिध्य में आने और उनके हाथों से चिलम पीने का वह दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी क्षण साबित हुआ। उस घटना के बाद उन्होंने नशे की सभी आदतों को पूरी तरह से त्याग दिया। आज वह अपना अधिकांश समय लंबे कार्य घंटों, ईश्वर भक्ति और जनसेवा के कार्यों में बिताते हैं। उनका कहना है कि संतों के आशीर्वाद ने उन्हें एक नई जीवन दिशा दी है, जिसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान सकारात्मक और कल्याणकारी कार्यों पर केंद्रित कर लिया है।\n\n \n\nपारिवारिक जायदाद का क्लेश और कानूनी अधिकारों की प्राप्ति\n\nसार्वजनिक वितरण और सेवा कार्यों के बीच राकेश त्रिहान का नाम पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े गंभीर विवादों में भी उछलता रहा है। परिवार में पैदा हुए मतभेदों पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों ने उनकी मां को उनके खिलाफ भड़काने का काम किया था। इस वजह से घर के भीतर गहरा पारिवारिक क्लेश उत्पन्न हो गया और शुरुआती समय में उन्हें उनकी पैतृक संपत्ति का वैध हिस्सा देने से वंचित कर दिया गया।\n\nइस पारिवारिक संकट से निपटने के लिए उन्होंने अदालत और कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लिया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार उन्हें संपत्ति में उनका जायज हिस्सा प्राप्त हुआ। राकेश त्रिहान का तर्क है कि अपनी कानूनी रूप से हासिल की गई संपत्ति और अपनी निजी मेहनत की कमाई से यदि वह जरूरतमंदों की मदद करते हैं या मुफ़्त वितरण आयोजित करते हैं, तो किसी भी बाहरी व्यक्ति या विरोधी को इस पर आपत्ति जताने का कोई अधिकार नहीं है। वह अपनी कमाई का इस्तेमाल अपनी मर्जी के अनुसार जन कल्याण में करने को पूरी तरह से सही ठहराते हैं।\n\n \n\nचंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई, बारिश का वाकया और नए नियम\n\nचंडीगढ़ में उनके हालिया जनसंपर्क अभियानों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी स्थितियां पैदा हुई हैं। दो दिन पहले शहर में हुई भारी बारिश के दौरान एक दिलचस्प वाकया सामने आया। मूसलाधार बारिश के बावजूद राकेश त्रिहान पैदल ही लोगों के बीच निकल पड़े। जैसे ही लोगों को उनके आने की खबर मिली, उनके आसपास एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ की अत्यधिक संख्या के कारण क्षेत्र में यातायात बाधित होने और अव्यवस्था फैलने का गंभीर खतरा बन गया।\n\nशांति व्यवस्था बनाए रखने और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें एहतियातन स्थानीय पुलिस थाने ले गई। पुलिस थाने में उन्हें काफी समय तक रखा गया, जहां अधिकारियों ने उनसे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पहलुओं पर चर्चा की। इस घटना के बाद राकेश त्रिहान ने स्वीकार किया कि भविष्य में वह बिना प्रशासनिक मंजूरी के कोई भी सार्वजनिक आयोजन नहीं करेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि आगामी 21, 22 और 23 अगस्त को वह किसी भी प्रकार का लंगर या वितरण कार्यक्रम आयोजित नहीं करेंगे। आगे के सभी कार्यक्रम केवल चंडीगढ़ प्रशासन की लिखित अनुमति मिलने के बाद ही आयोजित किए जाएंगे।\n\n \n\nआईफोन बांटने का महत्वाकांक्षी दावा और क्रिप्टो निवेश का जरिया\n\nपेट्रोल और नकदी बांटने के बाद राकेश त्रिहान ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी योजना की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया है कि वह जल्द ही मुफ़्त आईफोन बांटने के लिए एक विशेष वितरण प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं। इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक समर्पित ग्रुप तैयार किया जाएगा, जिसमें इच्छुक लोगों के नाम दर्ज किए जाएंगे। तय की गई प्रक्रिया के तहत जिनका नाम सबसे पहले सूची में आएगा, उन्हें आईफोन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि इस वितरण में कम उम्र की लड़कियों और बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।\n\nइस बड़े आयोजन के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में विशेष लंगर कार्ड भी छपवाए हैं, जिन्हें आम जनता के बीच वितरित किया जाएगा। राकेश त्रिहान का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था केवल नागरिकों की सुविधा के लिए बनाई गई है। यदि चंडीगढ़ का स्थानीय प्रशासन उन्हें इस आयोजन की अनुमति देने से इनकार करता है, तो वह हार नहीं मानेंगे। ऐसी स्थिति में वह पड़ोसी शहरों जैसे पंचकूला या मोहाली में इस आईफोन वितरण कार्यक्रम को आयोजित करने का प्रयास करेंगे। जब उनसे इतने बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करने के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने क्रिप्टो परिसंपत्तियों में निवेश किया था, जहां से हुए वित्तीय लाभ का इस्तेमाल वह इन सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की फंडिंग के लिए कर रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nपाठकों के लिए प्रभाव:\n\n• भारत में: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मुफ़्त वितरण कार्यक्रमों में भाग लेने से पहले सुरक्षा और प्रशासनिक मंजूरी की पुष्टि करना जरूरी है।\n• चंडीगढ़ में: स्थानीय निवासी 21 से 23 अगस्त तक लंगर गतिविधियों के निलंबन का ध्यान रखें और किसी भी नए स्थल के लिए पुलिस अनुमति की स्थिति जांचें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राकेश त्रिहान उर्फ 'राजा द किंग' कौन हैं?\nवह मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता और क्रिप्टो निवेशक हैं, जो चंडीगढ़ में मुफ़्त पेट्रोल, डीजल, नकदी और आईफोन बांटने के दावों के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।\n\n2. राकेश त्रिहान का 2019 का मोड़ क्या था?\n2019 तक वह गंभीर नशे की लत से जूझ रहे थे, लेकिन संतों से मिलने और उनके हाथों से चिलम पीने के बाद उन्होंने सभी बुरी आदतें छोड़कर खुद को धार्मिक आस्था और जनसेवा में लगा लिया।\n\n3. चंडीगढ़ पुलिस ने हाल ही में राकेश त्रिहान को थाने क्यों ले जाया था?\nभारी बारिश के दौरान उनके बाहर निकलने पर अत्यधिक भीड़ जमा हो गई थी, जिससे यातायात और सुरक्षा की समस्या पैदा हो गई थी। इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा के लिहाज से थाने ले गई थी।\n\n4. मुफ़्त आईफोन बांटने की क्या योजना है?\nउन्होंने एक विशेष ग्रुप बनाकर और लंगर कार्ड के जरिए प्रक्रिया के तहत पात्र लोगों को आईफोन देने की योजना बनाई है, जिसमें लड़कियों और बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।\n\n5. यदि चंडीगढ़ प्रशासन अनुमति नहीं देता तो राकेश त्रिहान क्या करेंगे?\nयदि चंडीगढ़ में अनुमति नहीं मिलती है, तो वह पंचकूला या मोहाली में इस आईफोन लंगर कार्यक्रम को आयोजित करने का प्रयास करेंगे।\n\n6. राकेश त्रिहान की कमाई का मुख्य जरिया क्या है?\nउन्होंने दावा किया है कि उनकी कमाई का मुख्य जरिया क्रिप्टो परिसंपत्तियों में किया गया निवेश है, जिसका इस्तेमाल वह जनसेवा के लिए कर रहे हैं।",
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  "publishedAt": "2026-08-20",
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