बालों में पहली बार कलर कराने जा रहे हैं? इन पांच बड़ी गलतियों से बचना है बेहद जरूरी बालों में पहली बार कलर कराने से पहले सिर्फ मनपसंद शेड चुनना काफी नहीं है। सही देखभाल, बालों के टेक्सचर और कुछ आम गलतियों से बचकर आप अपने बालों की सेहत और चमक दोनों को लंबे समय तक बरकरार रख सकते हैं। बालों में हल्का सा रंग भी आपके पूरे लुक और अंदाज को पूरी तरह बदल सकता है। यही कारण है कि पहली बार बालों को कलर करने का विचार आते ही नया शेड आजमाने की इच्छा काफी बढ़ जाती है। हालांकि केवल अपनी पसंद का रंग चुन लेना ही पर्याप्त नहीं होता है। बालों का प्राकृतिक टेक्सचर, रंग-रूप, जीवनशैली और कलर के बाद उनकी सही देखभाल भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती है। खासतौर पर पहली बार कलर करवाने वाले लोग कुछ ऐसी अनजाने में गलतियां कर बैठते हैं, जिनका बुरा असर बालों की चमक और सेहत दोनों पर पड़ सकता है। इसलिए पार्लर जाने से पहले कुछ बुनियादी बातों को समझ लेना ज्यादा समझदारी भरा कदम है। इससे न केवल आप अपने बालों के हिसाब से सही शेड का चुनाव कर पाएंगे, बल्कि लंबे समय तक उस रंग को अच्छी तरह संभाल भी सकेंगे। पहली बार बालों में रंग कराने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि किसी तरह का नुकसान न हो। बालों की मौजूदा स्थिति को समझें पहली बार बालों में रंग करवाने से पहले सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपने बालों की वर्तमान स्थिति का आकलन करें। अगर आपके बाल पहले से ही काफी रूखे, कमजोर हैं या किसी प्रकार के रासायनिक उपचार से गुजरे हैं, तो बिना सोचे-समझे कोई भी रंग चुनना भारी पड़ सकता है। स्ट्रैक्स प्रोफेशनल की हेड रोशेल छाबड़ा के अनुसार हेयर कलर का चयन करते समय त्वचा के रंग, बालों के प्राकृतिक टेक्सचर, जीवनशैली और उनकी देखभाल करने की क्षमता जैसे तमाम पहलुओं पर ध्यान देना अनिवार्य होता है। एक ही शेड अलग-अलग इंसानों पर बिल्कुल अलग नजर आ सकता है। यही वजह है कि पहली बार बाल रंगने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना हमेशा फायदेमंद साबित होता है। गलती 1: केवल पसंद के आधार पर शेड चुनना किसी सेलिब्रिटी या सोशल मीडिया पर देखा गया हेयर कलर आप पर भी बिल्कुल वैसा ही खिलेगा, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है। बालों का मूल रंग, त्वचा का टोन और प्राकृतिक बनावट किसी भी शेड के अंतिम रूप को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इसलिए केवल ट्रेंड देखकर रंग चुनने के बजाय यह समझना बुद्धिमानी है कि कौन सा शेड आपके मौजूदा बालों और आपकी निजी पर्सनैलिटी के साथ सबसे बेहतर तालमेल बिठाएगा। गलती 2: हर बार सिर के सभी बालों पर कलर कराना बालों की जड़ों में नई ग्रोथ नजर आने पर हर बार पूरे बालों को दोबारा रंगना आवश्यक नहीं होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रूट टच-अप आमतौर पर करीब 4 से 6 सप्ताह के अंतराल पर किया जा सकता है, जबकि बीच की लंबाई और सिरों को लगभग 8 से 12 सप्ताह बाद संवारने की जरूरत पड़ सकती है। यह पूरा अंतर बालों की वृद्धि की गति, उनकी सेहत और उपयोग किए गए रंग की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। बार-बार पूरे बालों पर रंग लगवाने से बालों में जरूरत से ज्यादा प्रोसेसिंग हो सकती है जो नुकसानदेह है। गलती 3: रंग लगवाने से ठीक पहले बाल धोना हेयर कलर कराने से ठीक पहले सिर धोना यानी शैम्पू करना भी एक बहुत आम गलती मानी जाती है। कलरिंग प्रक्रिया से 1 से 2 दिन पहले बाल न धोने की सख्त सलाह दी जाती है, ताकि स्कैल्प पर प्राकृतिक तेल की सुरक्षात्मक परत बनी रहे। हालांकि यदि बालों में बहुत अधिक गंदगी, तेल या विभिन्न प्रोडक्ट्स की परत जम चुकी है, तो विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही अपनी तैयारी करें। गलती 4: कलर के बाद बालों की देखभाल की अनदेखी बालों को रंगने के बाद उनकी चमक और खूबसूरती बनाए रखने के लिए अपनी हेयर केयर रूटीन में थोड़ा बदलाव करना जरूरी हो जाता है। बहुत अधिक गर्म पानी से बाल धोने के बजाय हमेशा गुनगुने पानी का ही उपयोग करें। बार-बार हीट स्टाइलिंग करने से भी परहेज करना चाहिए। ब्लो ड्रायर, स्ट्रेटनर या कर्लिंग टूल्स का इस्तेमाल करते समय हमेशा हीट प्रोटेक्टेंट का उपयोग करना एक बेहतरीन आदत है। बालों को तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने की जगह माइक्रोफाइबर तौलिए की मदद से हल्के हाथों से सुखाना चाहिए। गलती 5: रंगे हुए बालों पर हर घरेलू नुस्खा आजमाना नींबू, दही या अन्य देसी नुस्खे आमतौर पर घरेलू उपायों के रूप में काफी इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन पेशेवर रूप से रंगे हुए बालों पर इन्हें बिना सोचे समझे लगाना बिल्कुल ठीक नहीं है। इस तरह के प्रयोग बालों का सूखापन काफी बढ़ा सकते हैं और रंग की चमक को फीका कर सकते हैं। कलर किए हुए बालों के लिए हल्के सीरम का उपयोग किया जा सकता है। फ्रिज़ की समस्या को कम करने और बालों को आसानी से संभालने के लिए ऐसे उत्पादों का चुनाव करें जो विशेष रूप से आपके बालों की जरूरतों के अनुकूल हों। इसका आप पर असर पहली बार बाल रंगवाने जा रहे लोगों के लिए सही जानकारी होना और गलतियों से बचना बहुत जरूरी है ताकि बालों की सेहत सुरक्षित रहे। • बालों की सुरक्षा: गलत शेड या बिना सोचे-समझे किए गए केमिकल ट्रीटमेंट से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं। सही देखभाल अपनाने से बालों की प्राकृतिक चमक और मजबूती बरकरार रहती है। • खर्च और समय की बचत: रूट टच-अप और सही समय पर अंतराल रखने से बार-बार सैलून जाने का खर्च और समय दोनों बचते हैं। इससे बालों पर अनावश्यक केमिकल प्रोसेसिंग का बोझ भी नहीं पड़ता। • लंबे समय तक रंग टिकना: गुनगुने पानी का इस्तेमाल और हीट प्रोटेक्टेंट लगाने से कलर लंबे समय तक फेड नहीं होता है। इससे आपके बालों का नया लुक लंबे वक्त तक आकर्षक बना रहता है। ऐसा क्यों हुआ बालों को रंगना आज के समय में बेहद आम हो चुका है, लेकिन इसके पीछे की तकनीकी बातें और बालों की संरचना को समझना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। • रासायनिक प्रभाव: बाल कई प्रकार के प्रोटीन और प्राकृतिक तेलों से बने होते हैं जो बाहरी केमिकल्स और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने पर अपनी नमी खो देते हैं। • ग्रोथ चक्र: बालों की जड़ें एक निश्चित जैविक गति से बढ़ती हैं, जिसके कारण रूट टच-अप की आवश्यकता 4 से 6 सप्ताह के अंतराल पर ही उत्पन्न होती है। • विशेषज्ञ सलाह: अलग-अलग लोगों के बालों का टेक्सचर और स्किन टोन अलग होने के कारण एक ही प्रोडक्ट हर किसी पर एक जैसा परिणाम नहीं देता है। सवाल-जवाब 1. पहली बार हेयर कलर कराने से पहले क्या देखना चाहिए? पहली बार कलर कराने से पहले अपने बालों की मौजूदा स्थिति, स्किन टोन, नेचुरल टेक्सचर और लाइफस्टाइल को समझना जरूरी है। 2. रूट टच-अप कितनी अवधि के बाद कराना चाहिए? रूट टच-अप आमतौर पर करीब 4 से 6 सप्ताह बाद किया जा सकता है। 3. मिड-लेंथ और सिरों को कब रिफ्रेश करना चाहिए? मिड-लेंथ और सिरों को करीब 8 से 12 सप्ताह बाद रिफ्रेश करने की जरूरत पड़ सकती है। 4. कलर कराने से कितने दिन पहले बाल धोने से बचना चाहिए? कलरिंग से 1 से 2 दिन पहले बाल धोने से बचने की सलाह दी जाती है ताकि स्कैल्प पर नेचुरल ऑयल बना रहे। 5. रंगे हुए बालों पर किस तरह के पानी का इस्तेमाल करना चाहिए? बहुत गर्म पानी से बाल धोने के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। https://trendkia.com/trends/avoid-these-5-common-mistakes-before-getting-your-hair-colored-for-the-first-time-38634 TrendKia — Har trend, sabse pehle.